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जवान लड़की पठन समय: 8 मिनट पढ़ा गया: 628 बार

कमसिन लड़की की कामुकता और जिस्म की प्यास

सुदीप्ता

10 Jun 2022 को प्रकाशित

कमसिन लड़की की कामुकता और जिस्म की प्यास
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सरिता 18 साल की छरहरी बदन की गोरी देसी लड़की थी,अल्हड़ जवानीका रंग बदन में दिखाई पड़ रहा था. गाँव के एक अमीर किसान के घर पर काम करती थी, उनका नाम सुरेश था, करीब 45 साल का अधेड़ था, बदन गठीला था, काफी जमीन थी और पैसे की कमी नहीं थी, घर पर ही दिन भर रहता था.

सरिता की सब सहेलियों की शादी हो चुकी थी. गाँव में कम उम्र में शादी हो जाती है. पैसे के अभाव में सरिता की शादी नहीं हुई थी. सहेलियों से बात होने पर सुहागरात की बात सुनती थी.उसकी सहेली बताती थी कि मर्द जब चुदाई करते हैं तो बहुत मजा आता है.इस तरह की बात सुनने पर सरिता का मन भी मचल उठता था पर सोच नहीं पाती थी कि किससे बुर की चुदाई करवाये.

एक दिन की बात है, सुबह 9 बजे सुरेश आँगन में सिर्फ लुंगी पहन कर नहा रहा था. बार बार हाथ से पीछे पीठ रगड़ रहा था पर दिक्कत हो रही थी.यह देख कर सरिता बोली- चाचा हम रगड़ दें क्या?चाचा सुरेश- कोई देख लेगा?सरिता- तो बाथरूम में चलिये ना?सुरेश- ठीक है.

कह कर सरिता और सुरेश दोनों बाथरूम में चले गए.

सरिता ने एक पतली शमीज ही पहनी थी. बाथरूम में सरिता सुरेश के पीठ में साबुन लगाकर रगड़ रही थी और पानी से धो भी दे रही थी. इससे सरिता की शमीज भीग गई थी. सरिता का भी मन अब बेचैन हो रहा था और सोच भी रही थी कि आज उसे सुरेश चोद कर मजा दे.यह सोच कर जैसे ही सरिता उठने को हुई तो पैर फिसल गया और गिरने को हुई तो सुरेश पकड़ लिया. सरिता की शमीज पूरी तरह से भीग गई और उसकी चुची स्पष्ट दिखाई देने लगी. सुरेश का एक हाथ उसकी चुची पर था और दूसरा हाथ कमर पर था.

सुरेश ने भी काफी दिनों से चुदाई का मजा नहीं लिया था और 18 साल की सरिता को इस अवस्था में पाकर उसे चोदने का मन बना रहा था. वो बोला- तुम तो भीग गई हो? शमीज को उतार कर सुखा लो, घर जाओगी तो मम्मी पूछेगी.सरिता ने बिना झिझक के समीज उतार दी.

सुरेश अब उसके बदन से खेलने लगा तो सरिता बोली- बिछावन में चलिये.सरिता को विछवान पर लिटा कर सुरेश उसकी चुची को धीरे धीरे दबा रहा था.सरिता- थोड़ा ज़ोर से दबाइए.सुरेश- मजा आ रहा है ना?

गोरी गोरी चुची दबाने से उसकी घुंडी तन गयी थी. वह प्यार से दोनों हाथों से सुरेश को पकड़े हुए थी, वह ‘उम्म्ह… अहह… हय… याह… आह इह्ह ओह्ह ह्ह ओहह्ह चाचू आह्ह ह्ह्ह इह्ह… और ज़ोर ज़ोर से दबाओ’ बोल रही थी.

सरिता- मेरी सहेली बताती है की चुची को चूसने से और मजा आता है.और उसने अपनी एक चुची सुरेश से मुँह में लेने को कहा.सुरेश चुची के ऊपर अपनी जीभ फेरने लगा, उसके निप्पल को बारी बारी से चूस रहा था और एक हाथ से उसकी पैंटी के ऊपर से रगड़ भी रहा था.

थोड़ी देर में सुरेश को पता चल गया कि सरिता की बुर पनिया गयी है. सरिता ने एक पैर सुरेश की कमर पर चढ़ा प्रिया.सुरेश ने भी एक हाथ उसकी पैंटी के अंदर डाल कर एक अंगुली बुर के पास ले गया और बुर पर हल्के हल्के रोंयेदार बालों को सहलाने लगा तो सरिता भी कमर को इधर इधर कर बड़बड़ाने लगी- आह ह ह ह ह्हीईई आअह्ह्ह्ह!

तो सुरेश अंगुली से बुर के छेद को सहलाने लगा. सरिता की बुर रस से भर गया था. सुरेश ने बुर के अंदर एक उंगली डाली और वो चूसने के साथ साथ उंगली से सरिता को चोदने लगा.‘आह ह ह ह ह्हीईई आअह्ह्ह्ह… थोड़ा और डालो!’ इस तरह से सरिता बोलने लगी.ताव में आकर सुरेश ने अपनी बीच की अंगुली उसकी बुर में पूरा घुसा दी.

‘इह्ह्ह ओह्ह्ह ह्ह्हह्ह ओह्हह्ह आआ ओ ओ ओ इ इ’ कहते हुये सरिता ने सुरेश के हाथ को पकड़ लिया. सुरेश ने सरिता की पैंटी को उतार कर उसे नंगी कर प्रिया और अपना लुंगी खोल कर उसके हाथ को लंड पर रख प्रिया.सरिता- मेरी सहेली कहती है कि लंड को भी चूसने से मजा आता है पर आपका लंड बहुत ही मोटा और लंबा है.सरिता सच में उसका 7 इन्चा लंबा लंड अपने हाथ में लेकर सहलाने लगी. सुरेश का लंड काफी गर्म था और उसको हाथ लगाते ही सरिता की बुर के अंदर खुजली होने लगी.

सुरेश का लंड धीमे धीमे बढ़ रहा था और थोड़ी देर में तो उसकी लम्बाई 8 इंच से भी ज्यादा बढ़ चुकी थी.सुरेश- कोई बात नहीं, थोड़ा सा लंड को चूसो.और सरिता लंड की चमड़ी को हटाकर जीभ से चाटने लगी.

सुरेश ने सरिता के सर को पकड़ कर लंड को मुंह में डाल प्रिया. सरिता के मुख से ‘ग्ग्ग्ग ग्ग्ग्ग गी गी गी गोगो गोग…’ जैसे आवाज निकाल रही थी और सुरेश को स्वर्ग का सा मजा आने लगा- आह्ह्ह इह्ह ह्ह ओह ह्ह्ह ओह्ह… आह्ह ह्ह्ह्ह इह्ह..

तभी सुरेश को लगा कि उसके लंड की चुसाई की रीमा आ गई है और अभी चोदना पड़ेगा. उसने सरिता के कंधे पकड़े और सरिता ने लंड को मुहं से निकाला तो सरिता बोली- चलिये अब लंड से मेरी बुर को जल्दी से चोदिए क्योंकि मेरी बुर में पता नहीं क्या क्या हो रहा है.

सुरेश ने उसकी टाँगें पकड़ के अपने कंधों पे रख दी. ऐसा करने से लंड जैसे सरिता की बुर के अंदर घुसा तो और वो अब उतावली हो के सुरेश को बुर फाड़ने के लिए कहने लगी- और जोर से चाचा जी. जोर से चोदो मुझे. अपना लंड अंदर तक डाल के मुझे मजे दो… आह आह ओह ओह ओह…!

जब सरिता की मस्ती सुरेश को दिखी तो उसने एक और झटके के साथ लंड के बाकी के हिस्से को भी उसकी बुर में डाल प्रिया- उईईई माँ मर गई रे… उई उई उई ओहोहोहो ओहोह आह्ह्हह्ह आह्ह्ह्ह ओह्ह आह ओह आह्ह्ह… माँ… माँ… धीरे धीरे… बहुत दर्द हो रहा है.

उसके लंड ने जैसे सरिता की बुर की चमड़ी को पूरा छील प्रिया, उसे बहुत दर्द हो रहा था और वो अभी भी आह ओह ओहाआ आआअ अह्ह्ह्हह्ह कर के रो रही थी.चाचा सुरेश अपने लंड को बुर के अंदर बाहर करने में लगा हुआ था. सुरेश नीचे झुका और उसने सरिता की चुची को मुख में बारी बारी लेना चालू कर प्रिया. सरिता ने सुरेश के सिर को पकड़ के अपने सीने पे दबा प्रिया. सुरेश अपनी जबान को निप्पल के ऊपर चला रहा था.

सुरेश का लंड जैसे अब तो और भी अंदर तक आ रहा था और जब वो अपना लंड पूरा अंदर डाल के अपने शरीर का वजन उस पे देता तो सरिता को बड़ा ही मजा आता था. उसके मुख से आह ओह ओह आह निकल रहा था और सुरेश उसे मस्त पेलता गया. सुरेश के मुख से भी अब ‘आह आह’ की आवाजें और उनकी साँसों के बढ़ने की आवाज आने लगी थी.

सरिता बोल रही थी- ओह… ओह… चाचा कितना मजा आ रहा है ऊई… ऊई… सी… सी… इ… इ…और कमर उठा कर सरिता अपनीबुर की चुदाईकरवाने लगी.

सुरेश के लंड ने जब पिचकारी मारी तो सरिता की बुर वीर्य से भर गया और वह इस शानदार चुदाई से तृप्त हो गयी.

कैसी लगी यह देसी कहानी?support@mohakkisse.com

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पाठकों की राय

2 टिप्पणियां

साहिल सागर

1 month ago

कहानी बहुत ही शानदार थी, अंत तो लाजवाब था।

विजय श्योकन्द

1 month ago

अगला भाग जल्दी से अपलोड कर दो भाई, अब और इंतज़ार नहीं होता।

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