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भाई बहन पठन समय: 5 मिनट पढ़ा गया: 982 बार

खाला की लड़की की चुदने की चाहत

इमरान

01 May 2019 को प्रकाशित

खाला की लड़की की चुदने की चाहत
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दोस्तो, मेरा नाम क़ासिम है… दिल्ली एन सी आर में रहता हूँ.मेरी उम्र अभी 20 साल है।

मैं आपको अपनी पहली और सच्ची कहानी सुनाने जा रहा हूँ।

यह कहानी है 2 साल पहले की जब मेरी खाला(अम्मी की बहन) की लड़की आयशा मुझे पहली बार मेरे मामूजान के लड़के के निकाह में मिली थी।वो मेरी हम उम्र ही थी, कुछ माह ही बड़ी थी वो मुझसे!

गोरी, भरे बदन की मेरी बहन ने अपनी बड़ी बड़ी आँखों में उसने पायल लगाया हुआ था, गुलाबी लिपस्टिक लगाई हुई थी, माल लग रही थी।

उस लड़की का बड़ा मन था चुदाई करवाने का.क्योंकि उसने मुझे रात में अकेले में आकर कहा- आज रात को मैं तुम्हारे साथ सोऊँगी।

जैसे ही उसने ये कहा तो मैं अचानक से चौंक गया कि ये क्या कहना चाहती है।मैंने कहा- क्या मतलब?उसने कहा- मुझे अपने साथ सुलाओगे?तो मैंने उसके कूल्हों पर हाथ फ़ेरते हुए कहा- हाँ आयशा यार, तू मेरे साथ ही सोना!

कह कर मैंने उसके चूतड़ों को जोर से मसल प्रिया लेकिन तभी किसी के आने की आहट पाकर मैं उससे अलग हो गया।

मैं मन ही मन बड़ा खुश हुआ.लेकिन पूरी फैमिली और रिश्तेदार होने की वजह से मैं उसे चोद नहीं पाया।

लेकिन 3 महीने के बाद वो हमारे घर रहने के लिए आई।जब मुझे इस बात का पता चला तो मैं बहुत खुश हुआ, इतना खुश हुआ कि उसी टाइम उसके नाम की मुट्ठी भी मारी मैंने।

जिस टाइम वो हमारे घर आई थी, उसी टाइम मैंने उसके अकेले में लाकर कहा- आज तो तुम्हारी चुदाई पक्की है।उसने कहा- मैं भी चुदने के लिए रेडी हूँ।

जैसे ही रात हुई तो घर वाले सब सो गए थे।मैंने उसके फोन पर एसएमएस किया- आ जाओ. मैं अकेले ही लेटा हूँ अपने रूम में.उसका रिप्लाई आया- एक मिनट में अभी आती हूँ।

उसने दरवाजा खटखटाया.. मैंने कहा अन्दर आ जाओ.. दरवाजा खुला है।

उसने सलवार सूट पहना हुआ था उसके अन्दर आते ही सबसे पहले दरवाजा बंद करके उसकी जबरदस्त चुम्मी की.लगभग 15 मिनट तक उसे चूमता ही रहा, फिर उसके मम्मों को काफ़ी देर तक दबाया.

फिर मैंने उसकी शर्ट उतारा, उसने अन्दर गुलाबी ब्रा पहनी हुई थी, मैंने जल्दी से उसकी ब्रा हटा कर उसकी मोटी-मोटी चूचियों को पहले हाथों से मसला फ़िर एक आम को बेदर्दी से चूसने लगा और दूसरी चूची को ज़ोर-ज़ोर से मसकने लगा।

वो भी मस्ती में आकर अपने मम्मों को मिंजवा रही थी।

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उसके बाद मैंने सलवार को उतारा. उस साली की चुदास इतनी अधिक थी कि उसने अन्दर अपनी पैन्टी नहीं पहनी थी।उसकी चूत पर कोई बाल नहीं था, एकदम साफ़ शेविंग की हुई चूत थी।

मैंने उसकी चूत में एक उंगली डाली.तो उसकी चूत एकदम टाइट थी।

मैंने उसकी चूत से उंगली बाहर निकाली और उसकी चूत को चाटना शुरू कर प्रिया।

उसके मुँह से आवाज़ आ रही थी- आअहह… उउऊहह…और वो कहने लगी- भाईजान… अब और बर्दाश्त नहीं हो रहा है.. अब अपना लंड मेरी चूत में डाल भी दो।

फिर मैंने अपने सारे कपड़े उतार दिए और अपना 6 इंच का लंड उसकी चूत पर रखा और पेल प्रिया।उसके मुँह से एक चीख निकली- आऐयय ईइईए… मर गई रे… बहुत दर्द हो रहा है।

मैंने जल्दी से लंड बाहर निकाल लिया और उसे समझाया- कुछ नहीं होगा.. थोड़ी देर में तुम्हें भी मज़ा आने लगेगा।वो बोली- अबकी बार अपना लंड थोड़ा आराम से डालना.

मैंने उसके होंठों से अपने होंठ लगाए और अपना लंड उसकी चूत में आराम से डाला.उसने थोड़ी हरकत की लेकिन मैंने अभी उसे नहीं छोड़ा और धीरे-धीरे उसकी चूत में अपना लंड घुसड़ेना शुरू कर प्रिया।

वो दर्द से चीख रही थी लेकिन उसके मुँह से मैंने अपना मुँह नहीं हटाया था।

फिर एक जोरदार धक्का मारा और पूरा लंड उसकी चूत में जड़ तक पेल प्रिया।मैंने उसकीचूत की सीलको फाड़ डाला और धीरे-धीरे धक्के मारने लगा।

कुछ देर उसके चूचों को सहलाया तब उसका दर्द भी कम हो गया था और वो भी मेरा साथ देने लगी।

देर तक उसको दबा कर चोदने के बाद जब मैं झड़ने वाला था तो मैंने जल्दी से अपना लंड बाहर निकाल कर उसके आमों के ऊपर ही झाड़ प्रिया।कुछ देर हम दोनों मजे से लेते रहे एक-दूसरे को प्यार से चूमते रहे।

उसके बाद वो अपने कमरे में सोने चली गई।

दोस्तो, आपको मेरी यह कहानी कैसी लगी.. प्लीज़ कमेंट्स में ज़रूर बताइएगा।

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