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कोई मिल गया पठन समय: 6 मिनट पढ़ा गया: 190 बार

अहमदाबाद के होटल में

sagarsmart111

24 Aug 2011 को प्रकाशित

अहमदाबाद के होटल में
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प्रेषक : सागर पाण्ड्या

मैं एक सेल्स का जॉब करता हूँ तो मुझे पूरे गुजरात में घूमना होता है।

ऐसे ही मैं जब मेरी जॉब की वजह से पिछले महीने अहमदाबाद गया था तो मेरे साथ एक घटना घटी जो मैं आपके सामने रखने जा रहा हूँ।

मैं काम की वजह से अहमदाबाद गया और वहाँ पालडी के नजदीक एक होटल में रुका था। जब रात को मैं अपना काम निपटा कर होटल वापिस आया तो मैंने देखा कि मेरे सामने वाले कमरे का दरवाजा खुला था और इसमें करीब 35 साल की एक महिला टीवी देख रही थी तो मैं भी दो मिनट के लिए वहाँ खड़ा रहा और वो कौन सा चैनल देख रही है, यह देखने लगा।

तो वो भी मुझे देखकर बाहर आ गई। मैं शरमा कर वहाँ से जाने लगा तो वो मुझे पूछने लगी- क्या देख रहे थे?

तो मैंने डरते हुए कहा- आप जो चैनल देख रही थी, वो मैंने पहले कभी नहीं देखा था इसलिए देखने की कोशिश कर रहा था कि यह कौन सा चैनल है।

यह सुन कर वो मुस्कुराई और बोली- बड़े चालाक लगते हो ! कोई बात नहीं, अब आप मेरे कमरे में ही बैठो और वो चैनल देखो।

यह सुनकर मैं थोड़ा हिचकिचाया, पर चलो थोड़ा परिचय हो जायेगा, यह सोच कर उसके कमरे में चला गया। वहाँ जाकर मैंने देखा कि वो जो चैनल देख रही थी वो एक इंग्लिश चैनल था, उसमें एक रोमांस का दृश्य चल रहा था।

थोड़ी देर के बाद मैं उठा और अपने कमरे में जाने लगा तो वो बोली- जब आप यहाँ मेरी मर्जी से आये हो तो मेरी मर्जी से ही जा पाएँगे, मैं जब तक आपको जाने को नहीं बोलूँ, आपको यहाँ रुकना पड़ेगा।

यह सुनकर मुझे लगा कि शायद आज इसका चुदने का मन कर रहा है।

मैं मन ही मन खुश हुआ और वहाँ बैठ गया। कुछ देर बाद वो टीवी की आवाज कम करके मेरे साथ बातें करने लगी। धीरे धीरे वो मेरे पास आ गई और बोली- अब आपको पता चल गया कि यह कौन सा चैनल है?

तो वो बोली- तो आपको यह भी पता चल गया होगा कि इसमें क्या आ रहा है?

तो मैंने शरमाते हुए कहा- हाँ, वो भी पता चल गया।

तो वो बोली- तो आपको यह भी पता होना चाहिए कि ये सब कैसे होता है?

तभी मैं समझ गया कि आज तो मेरे लंड को इसकी चूत की खुजली मिटानी होगी। यह सोच कर मैंने बोला- हाँ, वो तो मुझे पूरी तरह से पता है।

तो वो बोली- चलो तो आज आपको मेरे कमरे में ही रुकना पड़ेगा और इस चैनल में जैसे आता है, ऐसा और उसके आगे का काम यानि चुदाई भी मेरे साथ करनी पड़ेगी।

तो मैंने थोड़ा आनाकानी करने का नाटक किया और बाद में मैं मान गया।

मेरी हाँ सुनते ही वो मेरे और नजदीक आ गई और मेरा हाथ पकड़ लिया। मैंने भी देर न करते हुए उसके चेहरे को पकड़ा और चुम्बन करने लगा, बाद में मैंने उसके होंठों पर अपने होंठ रख दिए और उसका अधर-रस पीने लगा, वो भी मेरा साथ दे रही थी और मेरे होंठों से खेल रही थी।

करीब 15 मिनट की चुम्मा चाटी के बाद मैंने उसकी साड़ी उतार दी और उसके मम्मों से खेलने लगा तो वो गर्म होने लगी और बोली- उसको चूसो।

तो मैं एक हाथ से उसका मम्मा दबाने लगा और दूसरे मम्मे को मुँह में लेकर चूसने लगा और दूसरा हाथ उसकी जांघों पर फिराने लगा और उसकी पेंटी के ऊपर से सहलाने लगा। तो वो मेरा सात इन्च का लंड पकड़ कर उससे खेलने लगी।

बाद में मैं उसकी पेंटी में हाथ डालकर उसकी चूत को सहलाकर उसमे उंगली से चुदाई करने लगा तो कुछ देर में वो झड़ गई और मुझे कहने लगी- मजा आ गया, अब मुझे और तड़पाये बिना चोद दो।

यह सुनकर मैंने उसके पैर फैला दिए और उनके बीच में आ गया। जैसे ही मैंने लंड का सुपारा उसकी चूत पर रखा तो वो बोली- थोड़ा धीरे चोदना क्योंकि बहुत समय के बाद लंड नसीब हुआ है।

तो मैंने भी हां बोला और धीरे धीरे अपना लंड उसकी चूत में डालने लगा।

कुछ देर तक धीरे चुदाई कराने के बाद वो बोली- थोड़ा जोर लगाओ और बाद में पूरे जोर से चोद दो।

तो मैंने ठीक ऐसा ही किया। करीब 10 मिनट की चुदाई के बाद वो दोबारा झड़ गई और मैंने भी अपना वीर्य उसकी चूत में ही छोड़ प्रिया और हम दोनों निढाल होकर एक दूसरे के ऊपर पड़े रहे।

करीब आधा घंटे के बाद वो फिर से मेरे लंड से खेलने लगी और अचानक ही मेरे लंड को मुँह में लेकर चूसने लगी तो लंड राज फ़िर सात इन्ची हो गए और मैंने भी उसकी चूत चाटना शुरू कर प्रिया। करीब 15 मिनट के बाद एक दूसरे के मुँह में ही झड़ गए और एक दूसरे के रस को पी गए।

बाद में मैं जब जाने को तैयार हुआ तो वो उठकर मेरे पास आई और अपने बैग में से कुछ रूपये निकाल कर मुझे देने लगी, कहने लगी- आज आपने मुझे बहुत खुश किया, इसलिए ये पैसे मैं आपको गिफ्ट कर रही हूँ।

तो मैंने पैसे लेने के लिए मना कर प्रिया।

तो वो बोली- नहीं, ये आपको लेने ही पड़ेंगे और आज के बाद जब मैं आपको बोलूँ तब मेरे पास या मेरी सहेलियाँ जो गुजरात में अलग अलग शहरों में रहती हैं, उनके पास जाना पड़ेगा और उनको भी मजा देना पड़ेगा, वो भी आपको पैसा देंगी।

तो मैं उसकी यह बात सुनकर खुश हो गया और उससे पैसे लिए, जाते जाते एक चुम्बन किया और अपने कमरे में जाकर सो गया।

तो दोस्तो, यह है मेरी सच्ची कहानी। आपको कहानी कैसी लगी, बताने के लिए मुझे मेल जरुर कीजिये।

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पाठकों की राय

2 टिप्पणियां

राहुल सिंह सोलमेट

1 month ago

कहानी बहुत ही शानदार थी, अंत तो लाजवाब था।

निशा गुप्ता

2 months ago

अगला भाग जल्दी से अपलोड कर दो भाई, अब और इंतज़ार नहीं होता।

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