होम पर वापस जाएं
कोई मिल गया पठन समय: 4 मिनट पढ़ा गया: 805 बार

मैं एक कॉल बॉय हूँ-2

संदीप त्यागी

21 Nov 2015 को प्रकाशित

मैं एक कॉल बॉय हूँ-2
कहानी सुनें

ऑडियो प्लेयर (Play Audio)

स्वर: लोड हो रहा है...

0:00
0:00

प्रेषक : कुलदीप कुमार

हाय दोस्तों मैं यानि कुलदीप एक कॉल बॉय फिर आपको अपनी कहानी पढ़ने के लिए प्रेरित करता हूँ …

मेरा कद ६.१ इंच का है और बॉडी भी ठीक है … लण्ड का साइज़ ६.५ है …

मुझे लड़कियों की चोदाई में बहुत ही मज़ा आता है …

जैसा कि पहले भी मैंने अपने बारे में बताया था कि मैं दक्षिणी दिल्ली में साकेत पीवीआर एरिया में रहता हूँ … मुझे मेरी पहली कहानी ( मैं एक कॉल बॉय हूँ ) का बहुत ही अच्छा रेस्पोंस मिला …

अब मुझे अपनी कहानी लिखनी चाहिए …

बात ऐसी है कि एक दिन मैं अपने किसी काम की वजह से जा रहा था। मैंने बस पकड़ी रूट नम्बर ४६३ मेहरौली से ओखला की। साली बस तो कम थी क़यामत ज्यादा थी। जब मैं उस बस में चढ़ा तो मैंने देखा कि बस में इतनी भीड़ थी की पूछो मत। मैंने बड़ी मु्श्किल के एक कोना पकड़ा और उसे पकड़ कर खड़ा रहा कि कब यह सब भोसड़ी के उतरेंगे और मुझे थोड़ा आराम मिलेगा … साली रंडी की बीज बस भी तो बहुत ही धीरे चल रही थी।

यह भी पढ़ें (Recommended)

कामना की सुमन-2

तभी अचानक बस रुकी और स्टाप पे से बिहारी और मजदूर लोग चढ़ने लगे। उन में कुछ औरतें भी थीं। उन औरतों में एक औरत ऐसी थी कि देख कर किसी का भी टल्ली हो जाए .. मैंने उसे देखा तो देखता ही रह गया। फिर अचानक बस खानपुर वाले स्टाप पर रुकी और और भरने लगी तभी उन मजदूर लोगों में से एक बूढ़ी औरत ने उस औरत को मेरे पास खड़े होने को कहा। मुझे अचानक कुछ महसूस होने लगा तो वो उसकी चिकनी गांड का कमाल था। उस औरत ने शायद लाल रंग की पैंटी पहन रखी थी। मैंने अपनी जांघ उसकी गांड से टकरा दी। एक बार तो मैं डर ही गया कि कहीं बस वाले मुझ देख न लें … लेकिन ऐसा हुआ नही !

फिर मैंने धीरे धीरे उसकी गांड का मज़ा लेना शुरू कर प्रिया। क्या गांड थी उसकी। मैं यह बात ज्यादा सोच रहा था कि वो महिला मुझे रोक क्यूँ नहीं रही थी। भोसड़ी की पूरा मजा दे रही थी और ले भी रही थी। फिर क्या था मैंने धीरे से अपने आप को संभाल कर सीधा किया और उसकी गांड का छेद ढूँढने लगा। जैसे ही मैं सीधा हुआ उन सभी लोगों ने मेरी तरफ़ देखा। तो मैं डर गया और वापस अपने पुरानी वाली पोसिशन में आ गया। लेकिन उस औरत को यह बात पसंद नही आई और ख़ुद ही इस पोसिशन में हो गई कि मुझे उसकी गांड का छेद आसानी से दिख जाए। मैंने धीरे धीरे से उसकी गांड की तरफ़ हाथ बढ़ाया और मजा लेने लगा। फिर उसे क्या हुआ उसने अपनी गांड को इतनी जोर से पीछे किया कि मेरे लण्ड पर उसकी वार हुआ।

फिर क्या था मैंने बस में ही उसकी गांड मारनी शुरू कर दी … यारो क्या मजा था उस बस का। मेरा लण्ड धीरे धीरे उसकी गांड में उसकी पैंटी को चीरता हुआ जाने लगा था और वोह औरत धीरे धीरे मजा ले रही थी। जब मेरा झड़ने को आया तो मैंने उसकी गांड मारनी बंद कर दी। ऐसा होता देख उस औरत ने मेरी तरफ़ अजीब सी नजरों से देखा लेकिन मैंने उसे कहा कि मेरा स्टाप आ गया है और मुझे अब उतरना है। तो उस औरत ने मुझे एक प्यारी सी मुस्कान दी। और उसके बाद उसने मुझे अपने इशारों में ही कह प्रिया था कि उसका मज़ा भी अब पूरा हो गया था यानि की वो बस में ही झड़ गई थी।

मैं अब भी उस जैसी औरत की प्यास बुझाने के लिए उस नम्बर की बस में सफर कर लेता हूँ …

तो दोस्तों यह कैसी लगी मेरी कहानी ? … भगवान् आपका भला करेगा … हा हा हा

कहानी पर अपनी प्रतिक्रिया दें (React to Story)

इसी श्रेणी से अन्य कहानियाँ

कुछ सुहागरात सा-1
कोई मिल गया

कुछ सुहागरात सा-1

मैं एक प्राईवेट स्कूल में पढ़ाती हूँ। उसका एक बड़ा कारण है कि एक तो स्कूल कम समय के लिये लगता है और इसमें छुट्टियाँ खूब मिलती हैं। बी एड के बाद मैं तब से इसी टीचर की जॉब में हूँ। हाँ बड़े शहर में रहने के कारण मेरे घर पर बहुत से जान पहचान वाले आकर ठहर...

11 मिनट 958
बारिश की एक रात-1
कोई मिल गया

बारिश की एक रात-1

मेरा नाम तनिषा है, मैं यहाँ अपनी कहानी पहली बार बताने जा रही हूँ, यह मेरी सच्ची कहानी है।

10 मिनट 908
कामना की सुमन-2
कोई मिल गया

कामना की सुमन-2

गौर से देखने पर मुझे अहसास हुआ कि कामना ने टॉप के नीचे कोई अधोवस्त्र नहीं पहना था, क्योंकि उन पहाडि़यों की ऊपरी चोटी पर स्थित अंगूर के दाने का अहसास हो रहा था, ऐसी अनुभूति हो रही थी जैसे वर्षों से प्यासे किसी राही को एक छोटे से जल स्रोत का पता चल ...

11 मिनट 1,078

पाठकों की राय

3 टिप्पणियां

राहुल कूल

1 month ago

सच में बहुत ही हॉट और उत्तेजक कहानी है भाई। मजा आ गया पढ़कर।

विजय पाल सिंह

1 month ago

बहुत ही गजब का लिखा है लेखक भाई। आपका लिखने का स्टाइल बहुत बढ़िया है।

राज सेक्स बॉय

2 months ago

अगला भाग जल्दी से अपलोड कर दो भाई, अब और इंतज़ार नहीं होता।

🔒 सुरक्षा कारणों से कॉपी करने की अनुमति नहीं है।