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कोई मिल गया पठन समय: 7 मिनट पढ़ा गया: 276 बार

राहुल और नन्दिनी

राजू दरजी

24 Oct 2009 को प्रकाशित

राहुल और नन्दिनी
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दोस्तो, जैसा कि आपने मेरी कहानी

मेरा दोस्त और उसकी बहन

में पढ़ा कि कैसे मैंने पहले अपने दोस्त और उसकी बहन को उसी के घर में जम कर चोदा था और फिर तो उसकी सहेली मेघा को भी बुरी तरह से चोदा था।

मेरी कहानी पढ़ने के बाद आप सभी लोगों का बहुत प्यार मिला मेल के जरिये और इन्ही मेल में मुझे मेरी अगली चुदाई के लिए चूत और गाण्ड भी मिल गई।

हाँ दोस्तो, मुझे फिर एक चुदक्कड़ भाई-बहन मिल गए अपने ही शहर के।

मैं मेल पढ़ रहा था और भाई जिसका नाम राहुल है, वो मुझे ऑनलाइन मिला, हमने बातें की।

वो मुझसे पूछने लगा- क्या ये आपकी सच्ची कहानियाँ हैं?

मैं- हाँ, ये मेरी सच्ची कहानियाँ हैं।

राहुल- क्या आप मुझे और मेरी बहन को चोदोगे? मुझे पता है कि आप एक कॉल बॉय हो।

मेरे मन में तो लड्डू फ़ूट ही रहे थे, तो मैंने कहा- तुम्हारी बहन कैसी दिखती है?

राहुल- सर, मेरी बहन बहुत ही जालिम दिखती है। आप उसे देखोगे ना, तो आपका तो पैंट फाड़ कर ही बाहर आ जायेगा। उसका बदन एकदम गोरा है और मोटी गाण्ड है, मैं तो उसकी गाण्ड को देख कर ही झड़ जाता हूँ। उसका बदन 32-26-34 होगा।

मेरी हालत तो ख़राब होती जा रही थी।

मैं- तुम अपनी बहन को खुद क्यों नहीं चोदते?

राहुल- मुझे अपनी बहन को किसी और से चुदते हुए देखना पसंद है और वो मेरी भी गाण्ड चोदे उसके साथ ! हम दोनों ही तुम्हारी राण्ड बनने को तैयार हैं।

मैं- तो बोलो कब और कहाँ पर मिलना है?

राहुल- आज ही शाम को आप होटल में मिलते हैं।

उसने मुझे एक होटल का नाम बताया।

मैं शाम को वहाँ पहुँच गया और वहाँ पर एक लड़की के सिवा कोई नहीं था। मैं तो उस लड़की को देखता ही रह गया, वो तो रूप की मल्लिका थी।

यारो, मेरा लण्ड तो तन गया बुरी तरह से ! पर इतने में उसके पास एक लड़का आ गया और उसे लेकर होटल में चला गया।

मेरे तो खड़े लण्ड पर चोट वाला काम हो गया। मुझे यकीन था कि वो लड़की उस लड़के की गर्लफ़्रेन्ड होगी और वो उसए चोदने वाला है।

मैं राहुल और उसकी बहन का इंतजार कर रहा था कि कुछ ही देर में मेरे मोबाइल पर एक मेसेज आया- दूसरे दरवाजे से 204 नम्बर कमरे में आ जाना।

मैं अन्दर गया और कमरे की घण्टी बजाई तो दरवाजा उसी लड़की ने खोला जिसे मैंने नीचे देखा था।

मैं अन्दर गया तो अन्दर वही लड़का था।

हमने एक दूसरे को अपना परिचय दिया तब पता चला उसका नाम नंदिनी है।

फिर हम सेक्स की बातें करने लगे। इतने में राहुल की बहन मुझे चूमने लगी तो मैंने भी अपने दोनों होठ उसके होंठों पर रख दिए और उसे चूमता रहा, राहुल सामने बैठ कर नंगा होकर अपनी बहन और मुझे देख रहा था और अपना लौड़ा पकड़ कर मुठ मार रहा था। हम एक दूसरे को लम्बे समय तक चूमते रहे, फिर मैंने उसकी बहन को और उसने मुझे नंगा किया।

क्या बदन था नन्दिनी का !

उसे देख कर तो मेरा लौड़ा काबू में नहीं रह रहा था, फिर राहुल को मैंने पास बुलाया और उसको लौड़ा दे दिया मुँह में और उसकी बहन को लेटा कर उसकी चूत चाटने लगा, उसके दाने को चूसने लगा, वो मदमस्त हो रही थी और आवाज निकल रही थी- आआह्ह्ह्ह …. ऊओ हो होहोहोहो ….. और अच्छे स्सस्सी करओ ….ऊओहो होहोहोहो …

फिर मैंने उसे बैठाया और मैं खड़ा हो गया तो राहुल लेटा हुआ उसकी चूत चाट रहा था और वो मेरा लण्ड चूस रही थी, मैं उसके चूचों के साथ खेल रहा था।

पूरे कमरे में हम तीनों की ही आवाज आ रही थी।

अब राहुल की बहन नन्दिनी से रहा नहीं जा रहा था तो राहुल और मैंने शुरुआत ही उसे दो लौड़ों से चोदने से की, राहुल चूत चोद रहा था और मैं मेरी पसंदीदा गाण्ड चोद रहा था।

पहले राहुल ने उसकी चूत में अपना टोपा डाल दिया और फिर मैंने भी मेरा टोपा उसकी गाण्ड में डाल दिया वो तो रांड कराहने लग गई और रोने लगी।

पर हम तो वासना के पुजारी थे, कहाँ सुनने वाले थे, हम दोनों ने साथ में ही धक्का मारा और हमारा लौड़ा उसकी चूत और गांड को फाड़ता हुआ घुस गया। वो अपनी चूत और गाण्ड की दुहाई दे रही थी हमसे पर हम थोड़ा रुक कर फिर धक्के मारना शुरू हो गए, वो दर्द के कारण बेहोश सी हो गई थी पर फिर भी हम तो मस्ती से चोद रहे थे।

फिर राहुल ने उसकी चूत से लण्ड निकाला और उसके मुँह पर झड़ गया, पानी की पिचकारी से उसे थोड़ा होश आया और वो चिल्लाने लगी क्योंकि उसकी गाण्ड से खून निकल रहा था और उसे बहुत दर्द हो रहा था।

वो भी दो बार झड़ चुकी थी, राहुल सामने बैठा हमारी चुदाई की क्लिप बना रहा था।

मैं उस रांड को इतना चोदना चाहता था कि वो उठ भी ना पाए और उसके हर गुप्त और वासना की जगह से खून निकले। मैं उसे चोदने में लगा रहा, वो चिल्लाती रही पर उसकी आवाज कौन सुनता और मैं उसे जंगलियों की तरह चोदता रहा।

वो अकड़ने लगी तो मैं समझ गया और रफ़्तार तेज कर दी और हम दोनों साथ में ही झड़ गए। मैं कुछ देर उसकी गांड में ही अपना लौड़ा रखे लेटा रहा फिर मैंने उसकी गांड से लौड़ा निकाला और उसके मुँह में दे दिया। वो तो मजे से चूस रही थी।

और फिर उठा तो राहुल मेरा लौड़ा चूस कर फिर से उसे तैयार करने लगा, फिर कुछ ही देर में मैंने उसे भी अपने लौड़े का शिकार बना लिया और उसकी भी जम कर गाण्ड मारी, उसकी तो गाण्ड मारते समय आँसू निकाल दिए। उसकी बहन तो अपने आप उठ भी नहीं पा रही थी, मूतने भी हम दोनों ले जाते !

फिर सुबह उसकी बहन ने मुझे चूमा किया लेटे लेटे ही क्योंकि वो अच्छे से खड़ी नहीं हो पा रही थी और मैंने भी उसके मम्मों को दबा कर मजे लिए और चुम्बन लिया। फिर राहुल ने मुझे मेरी फीस दी और कहा कि इतना मजा कभी नहीं आया।

आपका अपना कॉल बॉय

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पाठकों की राय

2 टिप्पणियां

उषा मस्तानी

1 week ago

सच में बहुत ही हॉट और उत्तेजक कहानी है भाई। मजा आ गया पढ़कर।

हिमांशु जायसवाल

1 week ago

कहानी बहुत ही शानदार थी, अंत तो लाजवाब था।

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