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रक्षिता की भाभी और उनकी सहेलियाँ

रोहित जयपुर

01 Nov 2009 को प्रकाशित

रक्षिता की भाभी और उनकी सहेलियाँ
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आप सभी दोस्तों को प्यार जिन्होंने मुझे मेल किया.. मेरे लंड को चाहने वाली सभी लड़कियों, भाभियों और आंटियो की गरम मस्त चूत को मेरे 7.5 इंच के लंड का प्रणाम … आशा करता हूँ कि सभी चूत और लौड़ों को मेरी यह कहानी भी पहले वाली कहानियों की तरह ही पसंद आएगी।

आपने कुछ दिनों पहले मेरी और रक्षिता कीजयपुर में पतंगबाजीऔररक्षिता और उसकी भाभीपढ़ी होगी,आज मैं उसके आगे की कहानी वहाँ से शुरू करता हूँ जब रक्षिता की भाभी विशाखा ने कहा था कि रोहित तू कल आना में अपनी सहेलियों को बुला कर लाऊगी ….

अगले दिन यानि 16 जनवरी, 2010 को मैं भाभी के घर गया। वहाँ पहले से उनकी दो सहेलियाँ बैठी थी जो मेरा ही इंतजार कर रही थी …..

भाभी ने उनका परिचय कराया- एक का नाम श्रुति था, वो भाभी की तरह ही मस्त फिगर वाली थी..

दूसरी मुस्कान ! उसका रंग सांवला था पर बदन अच्छा था ..

भाभी बोली- आज तुझे हम तीनों को चोदना है…

मैं बोला- फिर तो आज बहुत मजा आएगा !

श्रुति बोली- यार विशाखा ! रोहित तो बहुत मस्त है ! लगता है कि बहुत मजा आने वाला है …

मैं बोला- क्यों नहीं जानेमन ! बहुत मजा आएगा..

फिर श्रुति उठी, टीवी चालू किया और डी वी डी प्लयेर में ब्लू फिल्म लगा कर बोली- अब चुदाई में दुगना मजा आएगा…

फिर मैंने बारी बारी से तीनों को चूमा और साथ में स्तन भी दबाता चला गया…

फिर मैंने कहा- पहले किसे चोदूँ?

श्रुति बोली- पहले मुझे चोदो लेकिन हम सबको एक साथ नंगा करो…

फिर मैं कहाँ रुकने वाला था… मैं भी था कमीना, इन सारी रांडों को चोदने का इससे अच्छा मौका कब मिलेगा … मैंने समय ना गंवाते हुए सबसे पहले सबसे सेक्सी श्रुति को चूमते हुए उसका ब्लाउज उतार फेंका और उसके चूची को मुँह में चूसने लगा…

तभी भाभी उठी और बाहर चली गई..

मुस्कान उठी और मेरी तरफ आई, पहले तो उसने मुझे चूमा, फिर मेरी जींस की जिप खोली और मेरे लंड को बाहर निकाल कर बोली- श्रुति, देख क्या मस्त लंड है इसका !

जैसे ही श्रुति ने देखा, मुझसे छुटी और मेरे लंड को चूसने लगी, बोली- रोहित, तेरा तो वाकई में मोटा, मस्त लंड है ! आज तो मस्त चुदाई होने वाली है…

तभी भाभी आ गई, बोली- अभी तुम्हें इतना मजा आ रहा है, सोचो, बाद में कितना मजा आएगा !

फिर मैंने श्रुति की साड़ी उतारी और उसका पेटीकोट उतार कर फेंक दिया … अब वो सिर्फ पैन्टी में थी। मैं पैन्टी में से ही उसकी चूत को रगड़ने लगा…

उसके मुँह से आह आऽऽह की आवाजें आने लगी…

फिर मैंने ऐसे ही मुस्कान और भाभी के सारे कपड़े उतार दिए। अब वो तीनों रंडियाँ सिर्फ पैंटी में ही थी …तीनों मुझसे चुदवाने के लिए ऐसे तड़प रही थी जैसे बरसों की प्यासी हों…

तभी श्रुति उठी और डी.वी.डी बदल दी। उसमें एक लड़का चार औरतो को चोदता है …

मैं समझ गया कि ये तीनों भी इसी की तरह चुदवाएँगी।

वो तीनों मेरे पास आई और तीनों मिलकर ऊपर से नीचे तक मुझे चाटने लगी..

मैं भी आँखें बंद करके मजे लेने लगा…

मुस्कान तो मेरे लंड को छोड़ ही नहीं रही थी…

मैंने साथ में उन सबकी पैंटी भी उतार दी और चूत में ऊँगली डाल कर मसलने लगा…

तीनों ने मुझे तब तक नहीं छोड़ा जब तक लंड का पानी बाहर नहीं आ गया..

फिर थोड़ी देर रुक कर चुदाई शुरू कर दी…

सबसे पहले उन सब में सबसे सेक्सी रांड श्रुति की चुदाई की.. उसकी चूत में लंड डालना शुरू किया …चार पाँच इंच तक तो आराम से घुस गया लेकिन आगे उसकी चूत खुली नहीं होने के कारण थोड़ा जोर लगाना पड़ा …

श्रुति को भी थोड़ा दर्द हुआ और वो मुँह से आवाजें निकालने लगी- आह ओह्ह्ह …

फिर उसे भी और मजा आने लगा और उचक उचक कर, कमर हिला हिला कर चुदवाने लगी।

जब मैं उसकी चुदाई कर रहा था, तब हम दोनों के आगे-पीछे भाभी और मुस्कान आ गई और कभी मुझे चूमती, कभी मेरे बदन को चाटने लगती …

वो दोनों ऐसी लग रही थी कि जैसे बरसों की प्यासी रंडी को जवान बदन मिल गया हो…

मैं और तेज़ी से श्रुति को चोद रहा था कि तभी अचानक वहाँ रक्षिता आई और बोली- मेरे रोहित के आगे पीछे तुम तीनों रंडियाँ क्या कर रही हो? छोड़ो मेरे रोहित को…

श्रुति को गुस्सा आया और बोली- बहन की लौड़ी ! अभी मस्त चुदाई चल रही है … तुझे चुदवाना है तो चुदवा ! नहीं तो जा यहाँ से, हमारा मूड मत ख़राब कर …

रक्षिता समय की नजाकत को भांप कर बोली- अरे भाभी, आप भी गुस्सा हो गई, मैं तो सिर्फ मजाक में कह रही थी… आप तो बुरा मान गई ! मैं भी आप लोगों के साथ ही चुदवा लूंगी…

फिर क्या था ! दोनों हमारे पास से उठ कर रक्षिता के पास चली गई और उसके कपड़े उतारने के लिए टूट पड़ी…

दो मिनट में ही उसे पूरा नंगा कर दिया …तब तक हमारी चुदाई भी पूरी हो चुकी थी …

मैंने जैसे ही श्रुति से कहा कि मेरा पानी आने वाला है तो वो बोली- रोहित अपने लंड का अमृत मेरे मुँह में डालो !

और चूत से लंड निकाल कर मुँह में ले लिया और मैंने अपना सारा पानी उसके मुँह में डाल दिया जिसे उसने बड़े चाव से पी लिया..

फिर मैंने उन तीनों रंडियों को भी चोदा, साथ में सबकी गांड भी मारी ! पर इसकी पूरी कहानी अगले भाग में आपके मेल प्राप्त होने के बाद !

मुझे आशा है मेरी कहानी ने सभी चूतों में से पानी निकाल दिया होगा, सभी लंड मुठ मारने लग गए होगे।

जिस भी गर्म चूत वाली, मस्त बूब्स वाली आंटी, लड़की, भाभी को मेरी कहानी पसंद आये, अगली कहानी पढ़ने के लिए मुझे मेल जरूर करे…

प्यासी चूत तो जरूर मेल करे…आपके मेल की प्रतीक्षा मेंआपका रोहितsupport@mohakkisse.comsupport@mohakkisse.com

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पाठकों की राय

2 टिप्पणियां

समीर पठान

1 week ago

बहुत ही रोमांटिक और कामुक कहानी थी यार।

रितेश लहरी

4 weeks ago

क्या भाभी सच में मान गई थी? अगला भाग जल्दी लाओ!

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