चक्रेश यादवदोस्तों नमस्कार, सुनाइए कैसे हैं आप?इस बार काफी दिनों बाद आपसे रुबरू हो रहा हूँ।यह कहानी मेरे एक दोस्त की है तो आगे उसी की जुबानी…
मेरा नाम रवि है, मैं गोरे रंग का एक छरहरे बदन का युवक हूँ। बात तब की है जब मैं इण्टर में पढ़ रहा था।मुझे खेल में काफी रुचि थी जिससे मेरा शरीर एकदम फिट रहता था। स्कूल में मेरा बड़ा सम्मान था, सभी मेरी इज्जत करते थे। तमाम लड़कियाँ मुझसे किसी न किसी बहाने बात करती थी मगर मेरी उनमें कोई खास दिलचस्पी न थी।
मुझे जो लड़की पसंद थी वो मेरे गाँव की थी, उसका नाम ममता था, वह मुझसे एक कक्षा पीछे थी।
चुत की खुजली और मौसाजी का खीरा-1
ममता छोटे कद की एक गोरी और स्वस्थ शरीर की खूबसूरत लड़की थी जिस पर स्कूल के कई लड़के मरते थे लेकिन ममता किसी को भी लाइन नहीं देती थी।मैं उसे पसंद तो करता था मगर एक समस्या ये थी कि मेरे और उसके घर से कुछ दिन पहले झगड़ा हुआ था जिसके चलते बोलचाल बंद थी।अपनी तरफ से बोलने की मेरी हिम्मत भी नहीं होती थी, डर था कि कहीं यह अपने घर में मेरी शिकायत न कर दे।वो गाँव की अन्य लड़कियों के साथ पैदल जाती थी और मैं सायकिल से जाता था।