तभी दरवाजे की घंटी बजी।देखा.. तो चिंकी थी.. पर ये क्या.. फिर से चिंकी ने गुलाबी साड़ी पहनी हुई थी।
मैंने चिंकी को अपने पास खींच लिया और दरवाजा बंद कर प्रिया ‘क्या मस्त लग रही हो जान.. आज तो सुहागरात तो हो ही जाए’तो चिंकी बोली- हाँ हाँ.. इसी लिए तो आई हूँ.. अभी मौका बचा है..
मैंने उसके होंठों को किस किया और ब्लाउज़ के ऊपर से ही मम्मों को दबा प्रिया।चिंकी बोली- अभी नहीं.. रात में तुमको कॉल कर दूँगी.. ओके.. तुम छत का दरवाजा खोल के रखना।मैंने कहा- मैं रात में दरवाजा खुला रखूंगा, 11 बजे आ जाना, ओके..फिर वो खाना बना के घर चली गई।
चिंकी के जाने के बाद मैंने खाना खाया और आराम करने लगा।11 बजे रात में मैं छत पर चिंकी का इन्तजार कर रहा था कि वो 10 मिनट बाद आई। चिंकी ने ब्लू कलर की नाईटी पहन रखी थी, क्या मस्त माल लग रही थी यार… मन तो किया कि अभी ही चोद डालूं पर मैंने सोचा चोदना है तो प्यार से चोदेंगे।
मैं- और मैडम जी, आज तो बहुत सेक्सी लग रही हो इस नाइटी में!चिंकी- सच में? थैंक यू जी!मैं- किसी ने देखा तो नहीं?चिंकी- नहीं यार, आज मैं ऊपर वाले रूम में सोई थी तो कोई प्रॉब्लम नहीं है।
फिर मैं धीरे से चिंकी के पास गया और चिंकी को लब चूमने लगा।चिंकी- बेबी यहीं सब करोगे क्या? चलो नीचे चलो।फिर क्या था, मैंने चिंकी को उठाया और सबसे नीचे वाले कमरे में ले गया जहाँ पहले भी चिंकी की जोरदार चुदाई करी थी।
अब मैंने चिंकी को बेड पर लाकर बैठा प्रिया, फिर मैं रसोई में गया और 2 गिलास दूध लेकर आया, एक गिलास चिंकी को प्रिया और दूसरे को मैंने अभी नहीं पिया। पहले मैंने वो ताकत वाली गोली ली और दूध पी गया।
अब मैंने चिंकी को अपने पास खींचा और उसके होठों पर अपने होंठ रख दिए और चूमा चाटी चालू।अब धीरे धीरे चिंकी की पीठ पर मेरे हाथ चलने लगे और चुम्बन करता हुआ चिंकी की पीठ को प्यार से सहलाना शुरु कर प्रिया।अब चिंकी को भी हल्का हल्का मजा आने लगा तो चिंकी लोअर के ऊपर से ही मेरे लण्ड को सहलाने लगी।
अब मैंने चिंकी की नाइटी को हल्के हल्के से ऊपर करना शुरु किया, मैं चिंकी की नाइटी को चिंकी की जांघ से सहलाते हुए ऊपर रहा था और मेरा हाथों का इतना प्यारा स्पर्श पा कर चिंकी को भी मजा आ रहा था।मैंने जैसे ही नाइटी को कमर तक करा तो देखा चिंकी ने काली पैंटी पहनी हुई है।
मैंने चिंकी की पैंटी के ऊपर से ही उसकी चूत को हल्का सा सहला प्रिया और अब मैंने चिंकी की नाइटी को उतार प्रिया, चिंकी ने सफ़ेद ब्रा पहनी है। चिंकी बस पैंटी और ब्रा में ही थी, पर क्या लग रही थी।
अब चिंकी ने भी थोड़ी मस्त होकर मेरी टीशर्ट भी उतार दी और लोअर को भी, अब मैं सिर्फ़ अंडरवीयर में था और चिंकी मेरे लंड को पकड़ कर सहला रही थी, मैं भी चिंकी के बूब्स से मजे लिए जा रहा था।मैंने चिंकी को लेटा प्रिया और उसकी ब्रा खोल दी और उसके चूचों को सहलाने लगा और एक को चूसने लगा।
इतने में चिंकी की सिसकारियाँ शुरू हो गई, मैं थोड़ी जोर से चिंकी के एक स्तन को दबा रहा था तो दूसरे को मुँह में लेकर चूस रहा था और चिंकी की मदमस्त आवाज मेरे कान में गूँज रही थी- आआऊऊ… ऊओह्ह… ह्ह्ह्ह्ह… ह्ह्ह्ह्ह ह्ह्हम्म ऊओ म्मम्म ह्ह्हयस यश बेबी ऐसे ही चूसो आआह्ह्ह्ह…
मैं आपको एक बात बता दूँ खास तौर पर सेक्सी लड़कियों और भाभियों को, मुझे लड़की हो या भाभी उनकी कमर को सहलाना और नाभि को चाटना और लबों को जोर जोर से चुम्बन करके काटना और चूसना और चूत को चाटना और मुझे ऐसी लड़की और भाभियाँ पसंद है जो शरमाये न और वाइल्ड सेक्स खुल के करें।
मैंने अब चिंकी की कमर को प्यार से सहलाने लगा, चूमने जिससे चिंकी को और भी मजा आ रहा था। फिर मैंने उसकी नाभि पर किस की और वो मस्ती से आवाजें निकल रही थी।
अब मैंने चिंकी की पैंटी और चिंकी ने मेरा अंडरवीयर उतार प्रिया। मैं बेड पर लेट गया और वो मेरे ऊपर ही लेट गई इस बार हमने 69 का पोज़ किया जिसमें चिंकी मेरे ऊपर लेटी हुई मेरे लंड को चूस रही थी, मैं उसकी चूत को चाट रहा था, चूस रहा था।
इस पोज़ मैं दोनों को बहुत मजा आया, हम दोनों ही एक दूसरे के गुप्त अंगों को प्यार कर रहे थे। जब मैं चिंकी की चूत चाट रहा था तो चिंकी की आवाज उसके मुँह में ही रह जाती थी क्योंकि मेरा लंड उसके मुँह में ही था।
और इसी बीच मैंने चिंकी की चूत में एक उंगली घुसाई और अंदर बाहर करने लगा और अब चिंकी मुँह में से लंड निकाल कर सिसकारियाँ भर रही थी, जब मैं उसकी आवाजें सुनता तो और जोर जोर से उंगली को चूत के अंदर बाहर करता जिससे चिंकी को मजा भी आ रहा था और उसकी चूत काफी गीली भी हो गई थी, और मेरा लंड भी तैयार हो चुका था पर मैंने सोचा क्यों न थोडा और तड़पाया जाये।
अब मैंने चिंकी की चूत में 2 उंगलियाँ डाली, चिंकी ‘आआह्हह्हह जोर जोर से और…’ जोर जोर से सिसकारियाँ ले रही थी।अब मैंने चिंकी को पीठ के बल लेटा प्रिया और उसकी दोनों टाँगों के बीच में आ गया और उसके चूचों को जोर से दबा प्रिया।चिंकी- ऊऊऊईई ईईईई मेरे यश, आराम से दबाओ न बेबी!
फिर मैं चिंकी की चूत पर अपनी जीभ को लगा कर उसके दाने को चाटने लगा। चिंकी को यह बहुत अच्छा लगा और वो अपनी गांड को हिला कर बोल रही थी- यस बेबी, ऐसे ही और जोर जोर से चाटो, हा हा ऊओह्ह्ह ह्ह्ह्ह्ह ह्ह्ह ह्ह्म्म म्मम्म आआह्ह हऊऊओ… बहुत मजा आ रहा है!
ये सब चिंकी को बहुत अच्छा लगा और वो झड़ गई। अब मुझसे भी रहा नहीं जा रहा था क्योंकि ये सब करते हुए हमको एक घन्टा हो गया था, मैं अपना लंड उसकी चूत पर रगड़ने लगा तो चिंकी को बहुत मजा आ रहा था।
अब मैंने चिंकी की चूत पर अपना लंड रख कर एक जोर से झटका मारा, चिंकी जोर से चीख पड़ी- आआआ आःह्ह ह्ह्ह ह्ह्ह यश, आराम से जान!और चिंकी की चूत में मेरा आधा लंड चला गया था, चिंकी की चूत अभी भी टाइट थी।कुछ देर रुक कर मैंने चिंकी के लबों को चूमना शुरू किया और साथ ही उसके चूचे भी दबा रहा था।
अब चिंकी शांत हुई। जैसे वैसे ही मैंने लंड को थोड़ा सा बाहर निकाल कर एक और जोर से धक्का प्रिया, इस बार पूरा लंड चिंकी की चूत में चला गया और चिंकी का तो जैसे मानो दम ही निकल गया हो- ह्ह्ह्ह ह्ह्ह्ह्मम्म म्मम्म ऊईईई ईईई ह्ह्हहू ऊऊऊईईईईई!
कुछ देर ऐसे ही उसके ऊपर लेट गया। 5 मिनट हुए होंगे कि अब चिंकी अपनी गांड को हिला रही थी और लंड को अंदर ले रही थी। मैंने देखा कि चिंकी अब ठीक है तो फिर मैं उसकी चूत में हल्के हल्के से धक्का देने लगा था और चिंकी की आवाज निकल रही थी- ऊओइ आआआ आआःह्ह ह्ह्ह्ह्ह् ह्ह्हम्म म्मम्म ऊऊऊऊऊ!
करीब 5 मिनट आराम आराम से चोदने के बाद मैंने अपनी स्पीड थोड़ी तेज़ कर दी और जोर जोर से उसकी चूत में अपना लंड अंदर बाहर कर रहा था और जब मेरा लंड उसकी चूत से टकराता तो फच फच की आवाज और जोर जोर से चिंकी की चुदाई हो रही थी।
अब मैं बेड पर पीठ के बल लेट गया और मैंने देर न करते हुए चिंकी को वापस लेटा प्रिया फिर उसकी चूत पर लंड रख कर धक्का प्रिया आधे से ज्यादा लंड चिंकी की चूत में डाला इसमें चिंकी की आवाज निकल गई- ऊऊआआ आआआ यश, आराम से करो न, मैं कहीं भागी नहीं जा रही हूँ।
फिर मैंने लंड को हल्का सा बाहर किया और एक और जोरदार धक्का प्रिया और चिंकी जोर से चिल्ला दी- ऊऊऊओ यश आज तो तुम न, जान ही निकालोगे? बेबी आराम से करो न, यश दर्द हो रहा है।मैंने कहा- बेबी, आज ही तुमको अलग मजा दे देता हूँ।यह कहते ही मैं चिंकी के चूचों को जोर जोर से दबाने लगा।
चिंकी को भी मस्ती छाने लगी और वो भी मेरा साथ देने लगी, उसकी मदमस्त सिसकारियाँ मुझे और भी पागल कर देती तो चिंकी को और भी जोर जोर से चोदने लगा।
कुछ मिनट इस पोज़ में ही चुदाई करने के बाद मैंने चिंकी की एक टांग अपने कंधे पर रखी और चिंकी की चूत में लंड डाल कर जोर जोर से चिंकी की चुदाई करना शुरू किया और साथ में ही कभी कभी उसके चूचों को दबा देता और चिंकी और मेरी आवाज पूरे रूम में गूंज रही थी- बस ऊऊऊऊ ऊऊऊआआ आहआ यश चोदो… और जोर से जान ऊऊओआआःह्ह्ह ह्ह्ह्ह ह्ह्हम्मम्म म्मम्म!
5 मिनट ऐसे ही चुदाई की और चिंकी अब अकड़ने लगी और कहने लगी- यश मेरा होने वाला है।मैंने भी चिंकी की चूत चुदाई जारी रखी और 20 – 30 झटके मारते ही चिंकी ने आपन माल निकाल प्रिया मगर मैं चिंकी की चुदाई किये जा रहा था।
5 मिनट हुए ही होंगे कि चिंकी को मैंने अब पेट के बल लेटा प्रिया।चिंकी बोली- आप गांड में डालोगे न?मैंने कहा- हाँ!चिंकी ने कहा- तुम मानोगे तो नहीं! पर प्लीज आराम से करना।मैंने कहा- ओके, आपको पता भी नहीं चलेगा कि कब अपनी गांड में लंड डाल दूंगा, ओके।
मैंने वेसलिन ली और चिंकी की गांड में लगा दी, मैंने वेसलिन इसलिए ली थी क्योंकि वेसलिन ज्यादा मुलायम होती है।फिर मैंने अपने लंड पर भी लगाई। अब चिंकी तो पेट के बल लेटी हुई थी, मैंने चिंकी की गांड में ऊँगली करी और अंदर बाहर करने लगा और फिर अपना लंड चिंकी की गांड पर रखा धीरे से धक्का प्रिया तो सुपारा ही अंदर गया था और चिंकी की हलकी सी आवाज निकली- आआआह्ह्ह…
फिर मैंने एक और धक्का प्रिया, इस बार चिंकी की गांड में आधे से ज्यादा लन्ड जा चुका था और चिंकी की दर्द हो रहा था- आआहह्ह यश बेबी, दर्द हो रहा है आराम से!फिर देर न करते हुए एक धक्का और प्रिया पर इस बार थोड़ी जोर से धक्का मार था तो चिंकी चिल्ल्ला पड़ी- ऊऊऊ ऊऊओइ ऊऊईईईई आऊऊ ऊऊऊओईईईई यश…
अब मैं चिंकी के ऊपर ऐसे ही लेट गया और उसके चूचों को दबा रहा था और एक हाथ से उसकी बॉडी को सहला रहा था।ऐसे ही करते हुए 5 से 7 मिनट हुए होंगे कि चिंकी अब अपनी गांड को ऊपर नीचे करने लगी।मेरे लंड की तो ऐसी की तैसी हो रखी थी, मैंने सोचा था कि एक बार तो लंड गांड में चला गया है तो आराम से चला जायेगा पर चिंकी की गांड तो अभी भी टाइट ही थी।
अब मेरे नीचे चिंकी अपनी गांड हिला हिला कर मेरा साथ देने लगी और मैंने भी चिंकी की गान्ड चुदाई शुरू कर दी।कसम से दोस्तो, इस पोज़ में भी बहुत मजा आता है।फिर मैंने स्पीड बढ़ा दी, अब जोर जोर से चिंकी की गांड मार रहा था और चिंकी की बोल रही थी- ऊओईईऊऊ यस बेबी यस, चोदो और जोर जोर से चोदो! ह्ह ह्ह्ह्म्म् आआःह्ह्ह ह्ह्होईई ह्ह ह्हम्म म्मम्मा आआआईईई! यश आज फाड़ दो, मेरी गांड को चोदो और जोर जोर से!
ऐसे ही चुदाई करते हुए अब चिंकी फिर से अकड़ने लगी और झड़ गई पर हम दोनों ही थक गए थे तो दोनों लेट कर आराम करने लगे।चिंकी- यश बेबी, आपका हुआ नहीं अभी तक एक बार भी?मैं- नहीं जान, वो गोली खाने से जल्दी नहीं निकलता।चिंकी- यानि अब और चुदाई करोगे मेरी?मैं- हाँ अभी तो बहुत करनी है!
कहानी जारी रहेगी।दोस्तो, मेल भेजना न भूलें।support@mohakkisse.com