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Lesbian Sex पठन समय: 7 मिनट पढ़ा गया: 674 बार

पड़ोसियों की बेटी की चुदाई-2(Padosiyon Ki Beti Ki Chudai-2)

thor

05 Oct 2009 को प्रकाशित

पड़ोसियों की बेटी की चुदाई-2(Padosiyon Ki Beti Ki Chudai-2)
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पिछला भाग पढ़े:-पड़ोसियों की बेटी की चुदाई-1

नमस्कार दोस्तों, मैं आपका Thor अपनी लेस्बियन सेक्स कहानी का अगला पार्ट लेके आया हूं। जैसे कि मैंने पिछले पार्ट में बताया कि ये कहानी रीमा नय्यर और दिशा भाटिया की है।

पिछले पार्ट में आपने पढ़ा कि रीमा की शादी और बच्चे तो हो चुके थे, लेकिन उसको आज तक वो जिस्मानी सुख नहीं मिल पाया था। इसका कारण ये नहीं था कि उसका पति चुदाई में परिपक्व नहीं था। बल्कि ये था कि रीमा एक लेस्बियन थी। फिर एक दिन उसकी जिंदगी में उम्मीद की एक किरण आई, और वो किरण थी दिशा, जो कि एक जवान लड़की थी।

दिशा को अपने कमरे में लड़कियों वाली मैगजीन हाथ में लेके फिंगरिंग करते देख रीमा को शक हुआ, कि कहीं वो भी तो लेस्बियन नहीं थी। और अगर ऐसा था, तो रीमा उसके साथ अपनी प्यास को बुझा सकती थी। फिर रीमा ने ये पता लगाने के लिए तरकीब सोची। अगले दिन वो दिशा की मम्मी के पास गई, और उसको माल जाने के लिए पूछा। वो मान गई। तभी दिशा आई, तो रीमा ने उसको भी साथ लेके जाने के लिए उसकी मम्मी को मना लिया। अब आगे की कहानी की तरफ बढ़ते है-

अब रीमा, अनिता (दिशा की मम्मी), और दिशा तीनों टेक्सी में बैठ कर माल जा रही थी। अनिता और रीमा ने साड़ी पहनी हुई थी, और दिशा ने जींस और टॉप पहना था। दिशा बीच में बैठी थी, और रीमा और अनिता आस-पास बैठी हुई थी। दिशा के साथ रीमा बार-बार टच हो रही थी।

इधर दिशा का टॉप बिना बाजू वाला था, और उधर रीमा का ब्लाउज भी बिना बाजू वाला था। इसलिए दोनों की नंगी बाजुएं आपस में रगड़ रही थी। इससे रीमा काफी उत्तेजित हो रही थी। वो बार-बार दिशा के चेहरे की तरफ देख रही थी, ताकि वो टच होने पर उसके हाव-भाव देख सके। लेकिन अभी तक उसको ऐसा कुछ नज़र नहीं आ रहा था जिससे उसको उम्मीद की कोई किरण मिले।

फिर वो मॉल पहुंच गए, और अनिता बोली कि उसको राशन का सामान लेना था। रीमा चाहती थी कि दिशा के साथ उसको अकेले में वक्त मिले, तो वो बोली-

रीमा: हां तुम राशन लो जा कर, और मैं और दिशा उधर औरतों वाले सेक्शन में जाते है। चल दिशा।

ये कह कर रीमा चालाकी से दिशा को अपने साथ ब्रा और पैंटी देखने लेके चली गई। फिर वो दोनों एक शोरूम में गए। वहां जाके रीमा ने अपने लिए कुछ ब्रा और पैंटी देखी। उसने वो हाथ में ली, और ट्रायल रूम में ट्राई करने के लिए चली गई। दिशा भी उसके साथ गई, और ट्रायल रूम के बाहर खड़ी रह कर उसका इंतेज़ार करने लगी।

रीमा अंदर गई, और अपने सारे कपड़े उतार कर नंगी हो गई। उसकी बॉडी काफी फिट थी, और वो खुद को ट्रायल रूम में चारों तरफ लगे शीशों में देखने लगी। फिर उसने अपने साथ लाई हुई पैंटी पहनी। वो पैंटी काफी टाइट थी, और उसका कपड़ा रीमा की गांड में घुस रहा था। वैसे उसने जान-बूझ कर ही अपने साइज से छोटी पैंटी ली थी, क्योंकि इसके पीछे उसका एक प्लान था।

फिर रीमा ने ब्रा उठाई, और उसको पहनने लगी। उसने ब्रा भी एक नंबर छोटी ली थी, क्योंकि उसका प्लान ब्रा से ही शुरू होने वाला था। अब क्योंकि ब्रा छोटी थी, तो उसका हुक कैसे लग सकता था आसानी से? तभी रीमा ने बाहर खड़ी दिशा को आवाज लगाई-

रीमा: दिशा ज़रा अंदर आ कर मेरी मदद करोगी?

रीमा की आवाज सुन कर दिशा ने हां बोला, और दरवाजा खोल कर अंदर चली गई। अंदर जाते ही दिशा ने जो देखा, उसका मुंह खुला का खुला रह गया। रीमा की पीठ उसकी तरफ थी, और उसके सामने वो सिर्फ ब्रा और पैंटी में थी। उसके मोटे बूब्स और टाइट पैंटी में फंसी हुई मोटी गांड क्या कमाल लग रही थी। उसको देख कर दिशा के मुंह में पानी आ गया। उससे रहा नहीं गया, और वो बोली-

दिशा: वाह आंटी, आप तो कमाल की लग रही हो। कोई भी लड़का अगर आपको ऐसे देख कर आपके पीछे पड़ जाए। उसके होश उड़ जाए।

रीमा: अच्छा जी? होश तो तुम्हारे भी उड़े लग रहे है मुझे। कहीं तुम्हें भी तो मैं पसंद नहीं आ गई (मजाक में बोला मैंने)?

दिशा मेरी बात सुन कर शर्मा गई। फिर वो बोली-

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दिशा: आंटी आपने कौन सी हेल्प के लिए बुलाया मुझे।

रीमा: हां वो मेरी ब्रा का हुक नहीं लग रहा मुझसे। ज़रा उसको लगाने में मेरी मदद कर दो।

फिर दिशा रीमा की मदद करने लगी ब्रा का हुक लगाने में। थोड़ा खींच तान कर दोनों ने ब्रा का हुक लगा दिया। फिर रीमा दिशा की तरफ घूम गई। उसकी ब्रा में बूब्स काफी कसे हुए थे। ऐसा लग रहा था कि बूब्स ब्रा फाड़ कर बाहर आ जाएंगे। टाइट ब्रा में मस्त क्लीवेज बन रही थी। दिशा की नज़र रीमा की क्लीवेज पर टिकी हुई थी।

फिर रीमा ने दिशा से पूछा-

रीमा: कैसी लग रही है ब्रा दिशा?

दिशा का ध्यान उसकी क्लीवेज पर ही था, और वो क्लीवेज देखते हुए ही बोली-

दिशा: अच्छी लग रही है आंटी।

रीमा: अरे ऐसे थोड़ी ना पता चलता है।

ये बोल कर रीमा ने दिशा के दोनों हाथों को अपने हाथों में लिया, और उसके दोनों हाथों को अपने बूब्स पर रख कर अपने बूब्स उसके हाथों से दबवा दिए। ऐसा करके दिशा हैरान हो गई कि रीमा ये क्या कर रही थी। फिर रीमा ने उसको कहा-

रीमा: ब्रा की फिटिंग ऐसे चेक होती है।

दिशा फिर रीमा के बूब्स को अच्छे से दबाने लगी। अब वो ब्रा चेक कर रही थी, या कुछ और ये रीमा नहीं जानती थी। लेकिन फिर भी उसने कहा-

रीमा: अरे अब बस भी करो। मैं तुम्हारी आंटी हूं। तुम्हारी मैगज़ीन वाली औरत नहीं हूं, जिसके साथ तुम फिलिंग ले रही हो।

रीमा के मुंह से मैगज़ीन वाली बात सुन कर दिशा के होश उड़ गए। वो सोचने लगी कि रीमा कैसे जानती थी उसकी मैगज़ीन के बारे में। फिर इससे पहले दिशा रीमा से कुछ बोलती या पूछती, रीमा ने कहा-

रीमा: मैं जानती हूं कि तुम एक लेस्बियन हो, और मैंने तुम्हें मैगज़ीन देखते हुए फिंगरिंग करते हुए देखा है। मैं भी एक लेस्बियन हूं। अगर तुम चाहो तो हम एक-दूसरे की प्यास बुझा सकते है।

दिशा बस रीमा को देखे जा रही थी। उसने क्या जवाब दिया, और आगे इस लेस्बियन सेक्स कहानी में क्या हुआ, वो अगले पार्ट में पता चलेगा। कहानी की फीडबैक support@mohakkisse.com पर दें, और मेरी कहानीAtmaram Ne Todi Sonu Ki Sealभी पढ़े।

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नमस्कार दोस्तों, मैं आपका Thor आप सब के लिए अपनी अगली सेक्स कहानी लेके हाजिर हूं। ये कहानी रीमा नय्यर, और दिशा भाटिया की है। तो चलिए शुरू करते है कहानी को रीमा नय्यर की जुबानी-

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