लव रोमांस सेक्स कहानी में मैंने एक लड़की से दोस्ती की, बातों से उसको इतना गर्म किया वह चुदाई करने को कहने लगी. उसने मुझे अपनी सहेली के कमरे में बुलाया.
दोस्तो, आपके क्या हाल हैं, उम्मीद करता हूँ कि आप सब मजे ले रहे होंगे.
आज मैं आपके साथ एक सेक्स कहानी साझा करना चाहता हूँ.मैं गारंटी लेता हूँ कि इस लव रोमांस सेक्स कहानी को पढ़ते-पढ़ते आपका पानी निकल जाएगा, चाहे वह कोई लड़का हो या लड़की!
मैंने उसे कैसे पटाया, कैसे मनाया, उसमें समय खराब न करते हुए, सीधे बताता हूँ कि मैंने उसे कैसे लिटाया और कैसे चोदा.
फोन पर बात करके मैंने उसे चुदने के लिए राजी किया था.लेकिन मैंने उसका मूड इतना ज्यादा बना प्रिया कि वह खुद ही बोलने लगी- कब लोगे मेरी!
उसकी लेने के लिए मेरे पास रूम नहीं था और उसे घर ला नहीं सकता था.होटल वह जाना नहीं चाहती थी क्योंकि वह कहती थी कि उधर कैमरे लगे होते हैं.
लेकिन उसका चुदवाने के लिए बहुत मन हो रहा था.तो वह खुद ही कमरे का जुगाड़ करने में लग गई थी.
आखिर उसने सफलता पा ली और अपनी एक सहेली का रूम एक रात के लिए ले लिया.
उसकी सहेली एक रूम में किराए से रहती थी और उन दिनों वह अपने घर गई थी.इसलिए उसको कमरे का जुगाड़ हो गया था.
अब बस बारी थी उसकी सील तोड़ने की!
वैसे तो मैंने अब तक 4 लड़कियों की सील तोड़ी है और उन्हें खूब पेला है.लेकिन इसकी सील तोड़ने का मज़ा ही अलग आने वाला था, क्योंकि ये अभी 18 की हुई ही थी.
मैंने चुदाई का दिन तय होते ही उससे कह प्रिया था कि चूत पर बाल नहीं होने चाहिए!उसने धीमे से हंस कर कहा- अभी आए ही नहीं हैं!
यह सुनकर मेरी तो समझो लॉटरी निकल पड़ी थी.
उस रात का मैं बड़ी बेसब्री से इंतजार करने लगा था और सही समय पर उसकी सहेली के कमरे पर पहुंच गया.वह पहले से वहां थी और मेरे आने का इंतज़ार कर रही थी.
मैंने उसे देखते ही पता लगा लिया कि इसको मुझसे जल्दी चुदने की पड़ी है.
उसने उस वक्त सिर्फ़ एक टी-शर्ट पहनी थी और अन्दर कुछ नहीं पहना था.
मैंने उसे पहले ही बता प्रिया था कि मैं चार सील पैक लड़कियों को चोद चुका हूँ और मेरा लंड बहुत बड़ा है!वह मुझे देखती ही खिल उठी.
मैं अन्दर आ गया, तब रात के 8 बज रहे थे.हम दोनों ने पहले ही देर रात में चुदाई करने का प्लान बनाया था इसलिए हम दोनों को चुदाई की कोई जल्दी नहीं थी.
मैं आ गया और उसे अपनी बांहों में लेकर प्यार करने लगा.वह भी उत्तेजित हुई पड़ी थी और मेरे होंठों से अपने होंठों को लगा कर चूमने लगी, जीभ मुँह में घुसेड़ कर मुझे गर्म लार का मजा देने लगी.
जब घड़ी ने रात के 11 बजने का समय बताया तो मैंने कहा कि अब तो रात गहरा गई है, क्या ख्याल है!लव रोमांस सेक्स के लिए उससे खुद भी इंतज़ार नहीं हो रहा था, उसने कहा- जो तुम्हें ठीक लगे.
मैं समझ गया कि साली अपने मुँह से नहीं कहेगी कि चोद दो!
मैंने उसकी टी-शर्ट उतार दी और उसके बूब्स देखने लगा.उसके दूध एकदम टाइट थे, पर ज्यादा बड़े नहीं थे.वह शर्माने लगी और अपने दूध अपने हाथों से छिपाने लगी.
उसी वक्त मैंने नीचे हाथ करके उसकी स्कर्ट का हुक खोल प्रिया.उसने पैंटी नहीं पहनी थी. इसलिए वह स्कर्ट उतरते ही नंगी हो गई.
उसकी एकदम गुलाबी चूत मेरे सामने आ गई.वह सच कह रही थी कि उसकी चुत पर झांटें अभी आनी शुरू ही नहीं हुई थीं.
जब वह पूरी नंगी हो गई तो मैंने उसे वासना से देखना शुरू कर प्रिया.
उसने मुझसे नजरें मिलाईं और शर्म छोड़ कर अपना हाथ आगे बढ़ा प्रिया.उसका हाथ सीधे मेरी टांगों के बीच आया और उसने पैंट के ऊपर से मेरे लंड को सहलाया और दबा प्रिया.
मैंने आह की आवाज निकाली, जिससे वह उत्तेजित हो गई और अगले ही पल उसने मेरा लंड बाहर निकाल लिया.
वह मेरे कड़क लौड़े को हाथ में लेकर सहलाने लगी और उसे बड़ी मुहब्बत से देखने लगी.
मैंने उससे लंड चूसने को कहा लेकिन उसे तो बस चुदने की आग थी!
वह बार-बार बोल रही थी- जल्दी अन्दर घुसा दो और मुझे चोद दो पहले!
अंतत: उसके मुँह से चुदने की ख्वाहिश बाहर आ ही गई.परंतु मैं भी यूं ही अपना लंड उसकी चुत में घुसाने वाला नहीं था.
मैंने पहले उसे लिटाया और उसकी चूत पर लंड रगड़ा, ताकि वह और गर्म हो जाए.
मुझे पता था कि मेरा मोटा लंड उसकी संकरी चुत में तेल या चिकने कंडोम के बिना अन्दर जाएगा नहीं!
क्योंकि जब मेरा मूसल किसी चुद चुकी लड़की के अन्दर आसानी से नहीं घुसता है, तो ये तो अभी ताजी ताजी जवान हुई लौंडिया थी और वह भी सील पैक!
फिर भी मैंने उसे दिखाने के लिए लंड पेलने की कोशिश की.लेकिन लंड अन्दर नहीं घुसा.
वह बोली- थूक लगाकर करो, मैंने सेक्स वीडियो में देखा है, उससे घुस जाएगा!मैंने कहा- थूक से नहीं जाएगा, पहले लंड चूसो, तब घुसेगा!
उसने ओके कहा और लंड मुँह में लेकर चूसने लगी.
मैं मस्त हो गया और उसके दूध मसलते हुए लंड चुसवाने का मजा लेने लगा.
फिर उसने लंड मुँह से निकाला और उस पर अपने हाथ से ज्यादा सा थूक लगा कर उसे चिकना किया.
वह बोली- लो अब हो गया चिकना … अब पेलो!मैंने ओके कहा और उसकी चूत पर सैट कर प्रिया, फिर ज़ोर से एक झटका दे प्रिया.
उसकी चुत एकदम कसी हुई थी तो लंड असफल होकर फिसल गया और ऊपर चला गया.वह हंस कर बोली- यह तो थूक से भी नहीं घुसा, अब क्या करें? कंडोम तो है भी नहीं!
मैंने कहा- कोई तेल रखा होगा, वह देखता हूँ.वह चुप रही.
उधर तेल की शीशी रखी थी. मैंने उसे उठाई और लौड़े पर तेल टपका कर उसे मसल कर चिकना कर प्रिया.फिर जरा सा तेल उसकी चूत के छेद पर भी मल प्रिया.
तेल से काफी चिकनाई हो गई थी.मैंने अपने हाथ की एक उंगली पेल कर देखी तो सट से चली गई थी और उसकी भी मीठी आह निकल गई थी, तो उसे भी समझ में आ गया था कि अबकी बार चुत में सही चिकनाई हो गई है.
मैंने लौड़े को चुत पर सैट किया और धक्का दे मारा.मस्त चिकनाई हो गई थी तो लंड रपटता हुआ सीधे चुत में घुस गया और एक ही बार में पूरा लंड अन्दर तक चला गया.
वह तड़फ उठी और बिन पानी की मछली के जैसे मचल उठी!
इतना बड़ा लंड उसकी सील पैक चूत में जाएगा, तो दर्द तो होगा ही!मैंने बस अन्दर डाला और बिना हिलाए रुका रहा.
उसे बहुत ज्यादा दर्द हो रहा था, वह हाथ पैर फटकार कर मुझसे छूटने की कोशिश कर रही थी.
लेकिन मैं उसे किस कर रहा था, तो उसकी आवाज बाहर निकल ही नहीं पा रही थी.
कुछ देर बाद जब लंड ने चुत में अपनी जगह बना ली तो उसका दर्द कम हो गया.मैंने उसके मुँह से अपना मुँह हटाया और उसे ठीक से सांस लेने दी.
वह मुझसे कह रही थी- तुम बहुत गंदे हो.मैंने शॉट मारने शुरू कर दिए और उससे कहा- जान, एक न एक बार तो तुम्हें यह दर्द सहना ही था. अब बस मजे लेने का समय आ गया है.
मगर वह अभी भी रोए जा रही थी और मैं उसकी रोती आंखों को अनदेखा करता हुआ उसे चोदे जा रहा था.कुछ देर में उसका रोना बंद हो गया.
अब मैंने उसकी दोनों टांगें अपने कंधों पर रख लीं और वापस चुदाई चालू कर दी.
अब मैं उसकी चूत के अन्दर अपना मोटा लंड आते और जाते हुए देख रहा था.
मैंने कहा- इस छेद को अब बड़ा करना है!अब वह भी चुदाई के मज़े लेने लगी थी.
वह पहली बार गंदी भाषा बोली- बड़ा तो कर ही प्रिया है, अब क्या भोसड़ा बनाओगे!मैंने कहा- भोसड़ा बनाने का काम तब होता है, जब इस चुत से ब/च्चा निकलता है!
वह हंस दी और बोली- अब मुझे घोड़ी बनाओ!तो मैंने घोड़ी बनाकर चोदना चालू कर प्रिया.
फिर बेड पर उल्टा लिटाकर, उसके पेट के नीचे तकिया लगाया और चुत का हाल देखा.
मैंने उसकी गुलाबी चूत का हुलिया ही बदल डाला था.जब मैं निकलने वाला था, तो उसने कहा- रस अन्दर चूत में डाल देना, मुझे देखना है कैसा फील होता है!
मैंने वीर्य चुत में ही डाल प्रिया और हम एक-दूसरे के ऊपर लेट गए.
मेरा लंड अभी भी उसकी चूत के ऊपर था और मैं उसे किस कर रहा था.फिर लगभग रात के 2 बजे, उसने बोला कि मैं एक बार और करना चाहती हूँ … पता नहीं दोबारा कब मिल पाएंगे हम!
मैं तो इसी बात का इंतज़ार कर रहा था!मैंने पूछा- गांड में डालूँ एक बार?उसने तो हां कर दी, पर गांड में घुसा ही नहीं, तेल से भी नहीं घुस सका.
दरअसलगांड मारने की एक विधिहोती है … और उसके लिए काफी प्रेक्टिस करनी पड़ती है.जब गांड मारना संभव नहीं हुआ तो मैंने उसकी चूत से ही काम चलाया.
इस बार मैंने उसे किचन में ले जाकर खाना बनाने की स्लैब पर बिठाया.फिर बिना तेल के डायरेक्ट लंड घुसाकर ऐसा चोदा कि भाई वह फिर से रोने लग गई!लेकिन इस बार मैं रुकने वाला नहीं था.
फिर उसे मैंने लंड पर बिठाकर चोदा.मैं लेट गया और उसे अपने ऊपर लेटाकर, गले लगाकर उसकी चूत में लंड डालकर नीचे से खूब चुदाई की.
उसके बाद मैंने उसे नीचे लिटाया और उसकी दोनों टांगों को अपने कंधों पर रख लिया.उसकी चूत को अपने अंगूठे से मसलते हुए उसे चोदने लगा.
वह बेहद मस्त हो गई थी और नीचे से अपनी कमर को उठा उठा कर लंड से लड़ रही थी.फिर मैंने उसे स्टडी टेबल पर बिठाया और चूत को थोड़ा नीचे करके, लंड घुसेड़ प्रिया.
वह आह आह करके लंड को गड़प कर गई और मुझे अपने दूध चुसवाती हुई चुदवाने लगी.मैंने भी उसके दूध चूसते हुए धक्के पर धक्के मारे और उसे एकदम ढीला कर प्रिया.
इस बार जब मेरे लंड से वीर्य निकलने को हुआ, तो मैंने उसे नीचे बिठाया और उसके मुँह में लंड डाल प्रिया.
मैंने उससे लंड चूसते हुए वीर्य पीने को कहा और उसने मेरी बात मान ली.
मैं उसके मुँह को चोदने लगा और अचानक से लौड़े से एक तेज धार निकली जो उसके कंठ से सीधे अन्दर उतरती चली गई.
वह उस वक्त किसी रंडी के जैसी लग रही थी जो मेरे वीर्य को पी रही थी.
उसने मेरे लंड को चाट चाट कर साफ कर प्रिया और मुस्कुराती हुई मेरी ओर देखने लगी.
उस समय मेरा निढाल लंड उसके मम्मों पर टिका हुआ था.तो दोस्तो, मेरा ख्याल है कि अब तक आप सभी का पानी भी निकल चुका होगा!
लव रोमांस सेक्स कहानी में आप बताइए कि हम दोनों ने जो किया वह आपको अच्छा लगा या बुरा!
मेरी इंस्टा आईडी- Baby_butterfly143ईमेल आईडी- support@mohakkisse.com