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माँ की चुदाई • पठन समय: 10 मिनट • पढ़ा गया: 656 बार

मॉम और बेटा-2(Mom Aur Beta-2)

momkabeta

21 Oct 2015 को प्रकाशित

मॉम और बेटा-2(Mom Aur Beta-2)
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पिछला भाग पढ़े:-मॉम और बेटा-1

मॉम सेक्स स्टोरी के पिछले पार्ट में आपने पढ़ा कि मेरी मॉम मुझसे चुदना चाहती थी। फिर हमारे बीच काफी बातें हुई, हमने खाना खाया, और फिर हम सोने के लिए कमरे में आ गए। अब आगे-

मैं: मॉम आपके पास कोई अच्छे कपड़े नहीं है क्या? क्या दिन भर साड़ी पहनती रहती हो। कभी कुछ अच्छे कपड़े भी पहना करो।

मॉम: है तो सही बेटा, पर मुझे देखने वाला कौन है? इसलिए नहीं पहनती मैं।

मैं: मैं हूं ना मॉम, मैं देखूंगा आपको।

मॉम: ठीक है बेटा, मैं पहन कर आती हूं। तुम बताना मैं कैसी लग रही हूं।

मैं: उसके बाद मॉम टॉप और स्कर्ट पहन कर मेरे सामने आई।

मैं तो देखता ही रह गया मॉम की बड़ी-बड़ी जांघें, और उनका टाइट टॉप जिनमें उनके बूब्स बड़े-बड़े दिख रहे थे। वो ड्रेस उनको छोटी पड़ रही थी, पर उनका फिगर बिल्कुल अच्छे से दिख रहा था।

मॉम: अब बता बेटा कैसी लग रही हूं?

मैं कंट्रोल नहीं कर पाया और मैं बोल दिया: सेक्सी लग रही हो। अगर आप मेरी मॉम नहीं होती, तो मैं आपको अपनी गर्लफ्रेंड बना लेता।

मॉम: इतनी क्या अच्छी लग रही हूं मैं? वैसे भी यह ड्रेस तो छोटी पड़ गई है, बिल्कुल अच्छी नहीं लग रही हूं मैं।

मैं: बहुत मस्त लग रही हो मॉम। मन तो कर रहा है कि तुमको एक किस्स कर दूं।

मॉम: पूछ क्या रहा है बेटा? करदे ना किस्स।

मैंने मॉम के लिप पर किस्स कर दी। फिर मैं पीछे हटने लगा। तभी मॉम ने मुझे अपनी तरफ खींचा, और मॉम ने अपना मुंह खोल दिया, और एक-दम लिप लॉक किस्स करने लगी‌, जैसे गर्लफ्रेंड-बॉयफ्रेंड करते हैं वैसे। मैं भी पीछे नहीं हटा, और मैंने भी किस्स जारी रखी। लगभग 5 मिनट तक हमने ऐसे ही एक-दूसरे को किस्स करी।

मैं: कैसा लगा मॉम? आया मजा प्यार में?

मॉम: हां बेटा, रुक क्यों गया? प्यार करता रह ना अपनी मॉम को।

अब मेरे से रहा नहीं गया, और मैंने फिर से मॉम को किस्स कर दी। मैंने एक हाथ पकड़ा मॉम का, और पेंट के ऊपर से ही लंड पर लगा दिया। एक बार तो मॉम ने हाथ पीछे छुड़ा दिया। फिर मैंने दूसरी बार ट्राई किया, तो मॉम ने मेरा लंड पकड़ लिया, और पेंट के ऊपर से ही खेलने लगी। मेरा दिमाग खराब हो गया था। मैं एक-दम बावला सा हो गया था। मुझे बहुत मजा आ रहा था।

मॉम: अरे बेटा, यह क्या करवा रहा है? मैं तो किस्स कर रही थी। पर तूने मेरा हाथ कहां पर रख दिया। अच्छा नहीं लगता।

मैं: शर्म आने वाली क्या बात है? हम दोनों बस एक-दूसरे को प्यार ही तो कर रहे हैं। अच्छा बुरा नहीं होता, प्यार में बस प्यार होता है‌‌।

उसके बाद मॉम और मैं अलग हो गए। मॉम ने अपने कपड़े बदल लिए, और साधारण साड़ी पहन कर आ गई। उसके बाद वह अपना काम करने लगी, और मैं भी अपने कॉलेज के काम में बिजी हो गया।

चौथा दिन:-

सुबह वैसे ही था। मेरे डैड ऑफिस जा चुके थे, और मॉम अपना काम कर रही थी। मैं भी नहा-धो कर रेडी हो गया था, और कॉलेज जाने वाला था। मैं मॉम को बाय बोलने आया।

मॉम: बेटा मुझे किस्स करने का मन कर रहा है, जैसी हमने कल करी थी।

मैं: मेरा भी कर रहा है मॉम, तो चलो करते हैं।

मैंने मॉम को अपनी बाहों में भर लिया, और उनको किस्स करने लगा। ऐसे ही हमारी किस्स चलती रही, और मॉम ने उनका हाथ मेरे लंड पर रख दिया, और मेरे लंड को मसलने लगी। मैं भी मूड में ही था। मेरा लंड पूरा कड़क हो चुका था, और मॉम मेरा पूरा लंड मसल रही थी, और मुझे किस्स कर रही थी।

मैं: मॉम आप तो हो किस्स करते-करते कहां पर पहुंच जाते हो।

मॉम: क्या करूं बेटा, पर मेरा मन नहीं मानता।

मैं: अच्छा तो एक बात बताओ। आपको साइज कैसा लगा मेरा?

मॉम: अरे बेटा यह तो मेरे सपनों में आता था। एक बार मिल जाए तो मजा ही आ जाए।

मैं: आपका ही तो है मॉम। आपकी मर्जी हो, वह करो इसके साथ।

फिर मैं कॉलेज चला गया और शाम को घर आया। तब मॉम ने बहुत पतली साड़ी पहन रखी थी, जिसमें मॉम के बूब्स साफ-साफ दिख रहे थे, और मॉम का फिगर भी मस्त लग रहा था। हम दोनों में हवस भरी थी, और हम दोनों एक-दूसरे को हवस भरी नजरों से देख रहे थे, कि मौका मिलते ही दोनों एक-दूसरे को खा जाएं।

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मैं: क्या सोच रही हो मॉम?

मॉम: कुछ भी नहीं बेटा, रहने दे।

मैं: अरे बताओ ना, मुझसे क्या शर्मा रही हो अब?

मॉम: अरे मैं नहीं बता सकती। तुझे अजीब सा लगेगा।

मैं: अरे मॉम, प्लीज बताओ ना। मुझे अजीब नहीं लगेगा। आपके मन में क्या चल रहा है?

मॉम: मैं तो बस कुछ सोच रही थी। अगर ऐसा होता तो मजा ही आ जाता लाइफ में।

मैं: क्या, बोलो?

मॉम: देख बेटा, मैं कंट्रोल नहीं कर पा रही हूं। मैं तो तेरे साथ सेक्स करना चाहती हूं। मैं चाहती हूं कि तू अपना लंड मेरे मुंह में दे, और मैं उसको कसूं। मुझे तेरा लंड बहुत पसंद आया बेटा। मैं तो सिर्फ ऐसे लंड का सपना ही देखी थी, पर वह लंड तो तेरे पास निकला। मैंने जब से तेरा लंड हाथ में लिया है, मैं तो तेरी दीवानी हो गई हूं। मैं दिन भर तेरे लंड को अपने हाथ में रखना चाहती हूं, और उसे हिलाना चाहती हूं।

मैं: बस इतनी ही इच्छा है क्या मॉम आपकी?

मॉम: अरे बेटा बाकी मत बुलवा, शर्म आ जाएगी तुझे।

मैं: बोलो ना।

मॉम: मैं तो मैं तो तेरे लंड को मुंह में लेना चाहती हूं। उसको चूसना चाहती हूं। मैं तो तेरे लंड को देखने के बाद पागल हो चुकी हुं। मेरी चूत में आंख लग गई है। मेरी चूत तेरे लंड की दीवानी हो चुकी है। मैं तो तेरे साथ सेक्स करना चाहती हूं। मैं चाहती हूं कि तेरा लंड मेरी चूत में जाए, और तू रात भर मुझे चोदे और प्यार करें। मैं तो मेरी गांड में भी तेरा लंड लेना चाहती हूं, और तुझे रात भर चोदना चाहती हूं।

मैं: तो किस बात की देर कर रहे हो? मैं भी आपको चोदना चाहता हूं। मैं भी आपको रात भर चोदूंगा अगर आप मुझसे चुदवाएगी तो। मैं भी आपका दीवाना हूं। हम दोनों की आंख हम दोनों ही शांत कर सकते हैं।

उसके बाद मैंने मॉम को फिर से किस्स कर दी, और अपने दोनों हाथों से मॉम की गांड को दबा दिया, और उसके मजे ले रहा था।

मॉम: अब बेटा मुझे तेरा लंड मेरे मुंह में देदे। अब मुझसे रहा नहीं जाता।

मैंने अपना लंड निकाला, और मॉम के सामने रख दिया।

मॉम: अरे बाप रे, यह तो चड्डी में छोटा दिख रहा था। असली में तो उससे भी ज्यादा बड़ा है।

मैं: मॉम तो किस बात की देरी कर रही हो?

मॉम ने मेरे लंड को चूसना शुरू किया, और मॉम बिल्कुल रंडी की तरह मेरा लंड चूस रही थी। मैं बिल्कुल ही दीवाना हो गया था। मॉम ने 10 मिनट तक मेरा लंड चूसा।

मॉम: वह बेटा, कईं सालों बाद मुझे लंड चूसने को मिला। मजा ही आ गया। मेरा सपना पूरा हो गया।

मैं: अभी तो बहुत कुछ बाकी है मॉम। असली मजा तो बाकी है अभी।

मॉम: शुरू हो जा मेरे राजा बेटा। चोद दे अपनी मॉम को।

मैंने मेरे दोनों हाथ मॉम के बूब्स पर रख दिए, और उनको ऊपर से ही दबाने लगा। मुझे ऐसा लग रहा था कि मैं कोई मखमल का तकिया दबा रहा था। फिर मैंने मेरी मां का ब्लाउज खोला, और उसके बाद मेरी मां सिर्फ ब्रा में मेरे सामने खड़ी थी। उसके बाद मैंने बोला-

मैं: आपके बूब्स कितने बड़े हैं मॉम। दोनों हाथ में भी नहीं आएंगे पूरे।

मॉम: जब तू छोटा था, तो इसको ही पीता था। आज जवान हो गया है। फिर से मौका है, आज पी ले।

मैंने मॉम की ब्रा उतारी, और दोनों बूब्स आजाद कर दिये। दिखने में ऐसा लग रहा था कि दोनों बड़े-बड़े तरबूज हो। मैंने जैसे ही मॉम के बूब्स पर हाथ लगाया, मॉम में एक अजीब सा करंट आ गया, और मॉम ने मुझे हग कर लिया। यह सब हम बाहर हाल में ही कर रहे थे। फिर मॉम ने मुझे बोला-

मॉम: चल बेटा, बेडरूम में चलते हैं।

मैं: क्यों मॉम, बैडरूम में क्या है ऐसा?

मॉम: आज सुहागरात मनाते हैं बेटा। बेडरूम में चल, आज मैं तुझे जन्नत दिखाती हूं। आज मैं तुझे खुश कर दूंगी। तू भी सोचेगा कि एक औरत को चोदने में कितना मजा आता है।

आगे की सेक्स कहानी अगले पार्ट में।

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