होम पर वापस जाएं
Group Sex Story पठन समय: 13 मिनट पढ़ा गया: 406 बार

मामा ने मेरी आपा को चोदा

सलीम अनवर

14 Feb 2022 को प्रकाशित

मामा ने मेरी आपा को चोदा
कहानी सुनें

ऑडियो प्लेयर (Play Audio)

स्वर: लोड हो रहा है...

0:00
0:00

माँ बेटी सेक्स कहानी में मैंने अपने सामने अपनी अम्मी को उनके मुंहबोले भाई से चुदाई करवाती देखा. फिर मेरी बड़ी बहन को भी मेरे मामा के नंगी करके मेरी अम्मी के सामने ही चोदा.

सभी लंड वालों को और चूत वालियों को मेरा सलाम!मैं सलीम अनवर आपके सबके लिए लाया हूँ अपनी कहानियों की शृंखला में अगली कड़ी.

मेरी पिछली कहानीठेकेदार ने मेरी अम्मी की चुदाई कीमें आपने पढ़ा था कि मेरी अम्मी को बिहारी और बबला ने रगड़ रगड़ के चोदा. मेरी रण्डी माँ मेरे सामने ठेकेदार और मजदूर से चुदी!

अब आगे माँ बेटी सेक्स कहानी:

शाम को मैं और मेरी बहन महजबीं और अम्मी काम से घर जाने लगे.

रास्ते में हाफिज मामा की दुकान पर सामान लेने के लिए मैं और अम्मी रुक गए.महजबीं घर चली गयी.

हाफिज मामा- आओ आपा बैठो!अम्मी- आज तो थक गई भाई जान काम पे!

हाफिज मामा इशारों में बात करते हुए- क्यों आज डबल मजदूरी कर ली क्या?मैं छोटा था तो कुछ समझ नहीं पा रहा था.

अम्मी- हां भाई जान, आज दो दो मिल के मार रहे थे.हाफिज मामा- फिर तो आज मुझे नहीं मिलेगी क्या?अम्मी- नहीं भाई जान! आज के लिए तो माफ कर दो, सूज के पाव रोटी हो गयी है!

हाफिज मामा- वो सब मुझे नहीं पता, मुझे तो आज ही चाहिए!अम्मी- अच्छा बाबा आप जीते में हारी!

फिर हाफिज मामा ने अम्मी को चुम्मा और सामान दे प्रिया.मुझे भी आइसक्रीम दे दी.हम घर आ गए.

घर पर आज आसमां ने खाना पहले से तैयार रखा था.

अम्मी ने मुझे हाफिज मामा को बुलाने को कहा.मैं- अम्मी, मैं अकेला नहीं जाऊंगा, आसमां आपा को भेजो मेरे साथ!अम्मी- ठीक है, जाओ जल्दी आ जाना!

हाफिज मामा दुकान बंद कर रहे थे.

आसमां- हाफिज मामा, अम्मी ने खाने के लिए बुलाया है.हाफिज मामा- तेरी अम्मी तो आज लेने नहीं देगी तो आज तुझे देनी पड़ेगी फिर से!मैं बीच में बोला- आसमां आपा को क्या देनी पड़ेगी? और अम्मी क्या नहीं लेने दे रही?

हाफिज मामा- बेटा, रजाई की बात कर रहा हूँ.मैं- तो क्या हुआ, आज आप मेरी ले लेना!

इस पर आसमां आपा और हाफिज मामा जोर जोर से हँसने लगे.

हाफिज मामा- नहीं बेटा, तेरी छोटी है, फट जाएगी.

आसमां- अम्मी की कब से ले रहे हो?हाफिज मामा- बहुत वक़्त से … यह सलीम मेरा बेटा है.मैं- हां मामू, मैं आपका ही बेटा हूँ.

आसमां- ठीक है मामा, कोशिश करूँगी! पर अम्मी जाग गई तो क्या होगा?हाफिज मामा- क्या होगा … दोनों की ले लूंगा साथ में! आज सोने नहीं दूंगा दोनों को!

आसमां- ठीक है. अब चलें, खाना ठंडा हो रहा है।

हम घर आ गए तो अम्मी ने खाना लगा प्रिया.

सब लोग खाना खाकर सोने के लिए चले गए.महजबीं और आसमां दूसरे कमरे में सोने चली गई।

मैं अम्मी साथ में सोने चला गया।हाफिज मामा बाहर सोने चले गए।

मैं- अम्मी, मुझे मामा के पास जाना है उनके पास सोना है.अम्मी- नहीं बेटा, मुझे अकेले में डर लगेगा.

मैं- तो अम्मी मामा को यहां बुला लूं क्या?अम्मी- ठीक है बाबा, बुला ले!

मैं मामा को बुलाकर लाया.अम्मी- भाईजान, आप यहीं सो जाओ. सलीम ने जिद पकड़ ली है.हाफिज मामा- ठीक है आपा.

फिर सब सो गए.

रात को 12 बजे आसमां मामा के पास आई और वहीं उनको पकड़ कर लेट गई।

हाफिज मामा ने उसको कस के पकड़ लिया और आसमां के होठों को चूसने लगे।आसमां भी उनका पूरा साथ दे रही थी।

मैं ये सब रजाई के अंदर से देख रहा था.

अब मामा ने मेरी बहन की कुर्ती को निकाल अलग कर प्रिया और उसकी चूचियों से खेलने लगे।

आसमां भी मामा के लंड को पजामे के अंदर से मसलने लगी।

अब मामा सलवार के अंदर से आसमां की चूत पे हाथ फेरने लगे।आसमां सिसकारियां लेने लगी।

आसमां फुसफुसाती हुई- अब जल्दी से कर ले! वरना तेरी रंडी उठ जाएगी.मामा- तू भी तो मेरी रंडी है।आसमां- हां मेरे आका, मैं भी आपकी रंडी हूँ। अब जल्दी करो मेरी जान, आग लगी हुई है मेरी चूत में!

मामा- साली हरामखोर, दिन में तो अच्छे से बजा के गया हूँ।आसमां- क्या करूँ मेरे राजा, तेरा लंड ही इतना मस्त है कि बार बार लेने का मन करता है।

अब मेरी बहन मामा का पजामा खोलकर उसके लंड को चूसने लगी.मामा मजे से लंड चुसवाने लगे- आह मेरी रांड, तू तो रंडी की तरह चूस रही है. आह मेरी जान, मजा आ गया।

अब मामा जोर जोर से मेरी बहन का मुंह चोदने लगे.

इतने में अम्मी जाग गई और बहन को मामा के साथ नंगी देखा तो बोली- भाई जान, ये क्या कर रहे हो? ये तो आपकी बेटी जैसी है. आपको शर्म नहीं आती? ये सब कब से चल रहा है?

अम्मी ने आसमां को एक थप्पड़ मार प्रिया।आसमां रोते हुए अम्मी से- मुझे पता है आप और मामा रोज चुदाई करते हो. मैंने आप दोनों को कई बार चुदाई करते हुए देखा है। आप तो कई लंड खा चुकी हो मुझे सब पता है।

अम्मी रोते हुए- हां मैं तो रंडी हूँ, 100 लंड से ज्यादा खा लिए हैं। पर तू भी कोई पाकसार लड़की नहीं है। मैंने भी तुझे मोहल्ले के कई लड़कों से चुदाई करते हुए देखा है। कल ही तो बबला कारीगर का लंड खा के आई है ना? कम से कम हाफिज को तो छोड़ देती मेरे लिए! तेरे अब्बू के जाने के बाद से यही मेरा खसम है।आसमां गुस्से से- तो क्या हुआ? मेरी सील भी मामा ने तोड़ी है। ये मेरे भी खसम हैं।

इस पर अम्मी ने आसमां को 2 थप्पड़ और लगा दिए।आसमां ने भी अम्मी को 1 थप्पड़ लगा प्रिया।

मामा दोनों को शांत करवाने लगे- आज से तुम दोनों मेरी बीवियां हो, अब मैं तुम दोनों के बिना नहीं रह सकता। अगर मेरी बात दोनों को मंजूर हो तो बोलो. वरना मैं दुकान मकान बेच के कहीं दूर चला जाऊंगा.

इस बात से दोनों घबरा गई और दोनों एक साथ मंजूर बोल पड़ी।

अम्मी- ठीक है, आज से आप हम दोनों के खसम हो. एक रात इसके साथ, एक रात मेरे साथ गुजार लेना।आसमां- अम्मी जब हम दोनों का एक ही खसम है तो बारी बारी से क्यों आज से हम दोनों मिल के अपने खसम को मजा देंगी।

यह भी पढ़ें (Recommended)

Nakhra Chadhti Jawani Ka – Episode 8

अम्मी बहन को गले लगा के रोने लगी- मुझे माफ़ कर दे बेटी, मैंने तुझे मारा!आसमां ने भी रोते हुए कहा- अम्मी, मुझे भी माफ कर दे, मैंने भी आप पे हाथ उठाया.

फिर दोनों गले लगकर एक दूसरे को चूमने लगी।

अब दोनों गर्म होने लगी।

बहन तो पहले से नंगी थी, अब वह अम्मी को नंगी करने लगी।

अम्मी- बेटी, मुझे शर्म आ रही है।आसमां- ओहोओ आई बड़ी शर्माने वाली … आज से मैं तेरी बेटी नहीं सौतन हूँ।अम्मी- रांड पहला हक़ तो मेरा है भाई जान पे!

आसमां ने अब अम्मी का कुर्ता उतार प्रिया।तो अम्मी के बड़े बड़े बूब्स आजाद होकर लहराने लगे।

आसमां अम्मी के बूब्स चूसने लगी.अम्मी- आह आह हाय बेटी आराम से … दिन को हरामी बबला ने पकड़ पकड़ के सुजा दिए हैं।

अब मामा नीचे से मेरी बहन की चूत चाटने लगा।आसमां- हाय्य आह मेरे राजा … और जोर से चाट … मजा आ रहा है। आज तो चूत में आग लगी हुई है।

उधर अम्मी ने भी नीचे आकर मामा का लंड पकड़ा और मुँह में लेकर लॉलीपॉप की तरह मजे से चूसने लगी।

अब मामा आसमां की चूत और अम्मी मामा का लंड चूस रही थी।

आसमां से अब बर्दाश्त नहीं हो रहा था- साले कुत्ते के बच्चे भड़वे, अब तड़फा मत और फाड़ मेरी चूत को साले … अब नहीं सह सकती … जल्दी से लंड को डाल!

मामा ने अब लंड अम्मी के मुंह से निकाला और आसमां की चूत में एक झटके से डाल प्रिया।

आसमां की चीख निकल गयी- हाय मेरी मआआ आआ … मार प्रिया कुत्ते ने! फाड़ दी मेरी चूत … आआई ईईया मेरी माँ!

अम्मी मामा को डांटती हुई बोली- भाई जान आराम से करो. फाड़ोगे क्या मेरी सौतन की चूत?मामा- इसकी चूत तो कब की फाड़ दी थी। ये तो रंडी ऐसे ही नखरे कर रही है। अब तो इस घर में एक और चूत सील पैक है।

अम्मी- वो तो अपने भाई से सील खुलवायेगी।

मैं अपना नाम सुनकर खुश हो गया।

अब मामा धीरे धीरे आसमां को चोद रहे थे।

अम्मी अब अपनी चूत आसमां के मुँह पे रख के चटवाने लगी।आसमां चूत चाटती हुई- अब जोर जोर से चोद हरामी … दिखा अपना दम! आह और जोर से … एआईई ईई आईई ओआह आह आहह हहह … मैं तो गयी मेरी जाआन!

अम्मी सिईईई ईई आहहहह हहा करती हुई आसमां के मुंह मे झड़ गई.हाफिज मामा भी आसमां की चूत में झड़ गए।

अब सब हाँफ रहे थे।

थोड़ी देर में अम्मी तैयार हो गयी चुदाई के लिए- साली कुतिया तेरे को तो औजार का मजा आ गया. अब इसे दुबारा तैयार कर … मुझे भी औजार चाहिए … वरना शांति नहीं मिलेगी!

आसमां ने मामा का लंड चूस कर फिर से तैयार कर प्रिया.मामा अम्मी की चूत पे हाथ फेर रहे थे।

अम्मी की चूत का रस मामा के हाथ पे लगा तो मामा ने चाट लिया।मामा- रहमत मेरी जान, घोड़ी बन जा. पहले तेरी गांड मरूँगा. वरना जल्दी से झाड़ेगा नहीं.

अम्मी घोड़ी बन गई।मामा ने अपना लंड अम्मी की गांड में डाला और घपाघप चोदने लगा और अम्मी की गांड पे जोर जोर से थप्पड़ मारने लगा।

अम्मी आहें भरने लगी।पूरा कमरा धप धप की आवाज से गूंजने लगा।

अम्मी- आह आहह हह हहआ आआई ईईया … अब आगे की गर्मी शांत कर दो भाई जान!

मामा ने अब अपना लंड निकाल के बहन को चूसने को कहा।

आसमां- साले, इस पे तो अम्मी का गूं लगा हुआ है।पर मामा जबरदस्ती अपना लंड बहन के मुंह में डाल प्रिया।

मामा के लंड को बहन मजबूरी में चाट के साफ कर प्रिया।

अब मामा अम्मी की टांगें अपने कंधे पर रखकर जोर जोर से चोदने लगे।

अम्मी ज्यादा टिक नहीं पाई और झड़ गई.मामा ने अम्मी का रस पी लिया और फिर से चोदने के लिए चूत में लंड डालने लगे।

पर अब अम्मी ने मना कर प्रिया- अब मेरे राजा, मुझे माफ़ करो. मुझे कल काम पे जाना है।मामा- मेरी जान, मेरा पानी तो निकाल दे।अम्मी- लाओ हाथ से मुठ मार देती हूं।

मामा- दो दो रंडियाँ हों … फिर भी खसम को मुठ मारनी पड़े … यह तो शर्म की बात है।आसमां- अम्मी तुम सो जाओ, मामा के लंड को मैं सुला दूंगी।

अम्मी मामा के लंड को और आसमां को चूम के नंगी ही मेरे पास सो गई।

उधार आसमां मामा के लंड पे बैठकर मशीन की तरह ऊपर नीचे उछलने लगी।मामा माँ बेटी सेक्स का मजा ले रहा था.

इधर मैं भी अम्मी को नंगी देख कर अपना छोटा लंड निकालकर अम्मी की गांड में डालने की कोशिश करने लगा.पर अम्मी तो गहरी नींद में सो गयी थी।

मेरे लंड से पिचकारी निकल जाती है, वो अम्मी की गांड पे गिर गयी।

उधर मामा भी घपाघप आसमां को पेल रहे थे.कुछ देर में आसमां अकड़ने लगी- आहहह आहहह … जोर से … और जोर से चोद मामा … मेरा होने वाला है।

मामा भी स्पीड बढ़ा दी.आसमां- आआई ईईया एआई ईईई आहहह में ईईई!मामा- आह आह … मैं भी आया आय्य्यया आह!

तभी मामा का लावा आसमां की चूत में निकल गया।मेरी बहन भी मामा के साथ झड़ गई।

फिर बहन कपड़े पहन के महजबीं के साथ सो गयी।मामा भी बाहर सो गए।

मैं भी अपनी पेन्ट में लंड डाल कर सो गया.

अब आगे की घटना अगली कहानी में।आपकी क्या राय है इस माँ बेटी सेक्स कहानी पर?कमेंट्स में बताएं.लेखक के आग्रह पर इमेल आई डी नहीं दी जा रही है.

इससे आगे की कहानी:अम्मी दामाद के भाई से चुद गई

कहानी पर अपनी प्रतिक्रिया दें (React to Story)

इसी श्रेणी से अन्य कहानियाँ

ट्रेन में धकाधक छुकपुक-छुकपुक-3
Group Sex Story

ट्रेन में धकाधक छुकपुक-छुकपुक-3

प्रेषक : जूजा जीमुझे अभी भी याद था कि दो छेद मेरे लंड का बड़ी बेकरारी से इंतजार कर रहे हैं। मैंने रीमा की तरफ देखा तो मैडम अपनी चूत में ऊँगली अन्दर-बाहर कर रही थीं।मैंने कहा- आओ रानी लेटो इधर.. तुम्हारा चुदाई का ख्वाव भी पूरा कर देता हूँ।वो बोली, ...

9 मिनट 611
Mai bani apne baap ki rakhail-23
Group Sex Story

Mai bani apne baap ki rakhail-23

Namaste doston..! To bhaiyon se chudne aur unka sara cum apne andar lekar main aur Reema ghar wapas aaye. Meri haalat kisi chudi hui kutiya ki tarah ho gayi thi. Poora makeup utra hua tha, aur baal bikhre hue the. Tabhi chachi mere paas aayi aur b...

15 मिनट 717
Nakhra Chadhti Jawani Ka – Episode 8
Group Sex Story

Nakhra Chadhti Jawani Ka – Episode 8

Itni der me mall aa jata hai. Jagroop car parking me khadi karti hai jo underground hoti hai. Fir wo dono ek sath mall ke andar jati hai. Mall ke andar jyada rush nhi hota, kyoki dophar ka time tha. Lekin jitne bhi bande andar the, un sab ki ankh ...

10 मिनट 1,096

पाठकों की राय

2 टिप्पणियां

रवि डिमोंन

3 months ago

अगला भाग जल्दी से अपलोड कर दो भाई, अब और इंतज़ार नहीं होता।

दीपक शर्मा

3 months ago

कहानी बहुत ही शानदार थी, अंत तो लाजवाब था।

🔒 सुरक्षा कारणों से कॉपी करने की अनुमति नहीं है।