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माँ की चुदाई • पठन समय: 19 मिनट • पढ़ा गया: 227 बार

मेरी माँ की चुदाई मेरे बिस्तर पर

वरुण अग्निहोत्री

13 Nov 2009 को प्रकाशित

मेरी माँ की चुदाई मेरे बिस्तर पर
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दोस्तो, मेरी सेक्स कहानी मेरी और मेरी माँ के बीच की है. मेरे मेरी माँ के साथ सेक्स सम्बन्ध कैसे बन गए, यह मैं आपको बता रहा हूँ मां की चुदाई की इस कहानी में!

मैं वरुण हूँ, यह मेरा रियल नाम है. मैं जयपुर से हूँ और 23 साल का युवा हूँ, सॉफ्टवेयर इंजीनियर हूँ. इस वक्त मैं एक मल्टीनेशनल कम्पनी में नॉएडा में हूँ.

मेरे मेरी माँ के साथ सेक्स सम्बन्ध अक्टूबर 16 की दीवाली की रात से शुरू हो गए थे.

चलिए पहले मैं आपको अपने परिवार के बारे में कुछ बता देता हूँ. माँ डैड और मुझे मिला कर हम 3 लोग ही हमारे परिवार में हैं. डैड का जयपुर में एक बिजनेस है और मैं नॉएडा में रहता हूँ. मेरा हर हफ्ते जयपुर आना होता रहता है.

मेरी माँ का नाम सविता है, उनकी उम्र 45 साल की है. माँ एक गृहणी हैं. लेकिन वे अपनी जिस्मानी खूबसूरती को लेकर बेहद संजीदा हैं, इसलिए जिम और योगा सेंटर बिना नागा रोज जाती हैं. मेरी माँ ने अपनी देहयष्टि को बेहद आकर्षक बना रखा है. उनकी खूबसूरती को चार चांद लगाने में उनके लम्बे बाल पूरी शिद्दत से उनका साथ देते हैं

माँ की गांड भरी और उठी हुई है और उनके मम्मे भी 36डी साइज़ के हैं. उनकी फिगर 36-32-35 की बेहद दिलकश है… और उनकी चाल तो, देखने वाले को पगला देती है.

अगस्त 2016 के पहले तक माँ के साथ मेरा कोई भी सेक्स सम्बन्ध नहीं था. इस बात की शुरुआत तब हुई, जब मुझे उनकी बदलती फितरत ने आगाह किया. मतलब मेरी माँ अब कुछ ज्यादा ही मेकअप करने लगी थीं और उनकी ड्रेस भी काफी हॉट होती जा रही थीं. उनको देख कर मुझे शक सा होने लगा कि चक्कर क्या है.

मैं उन पर निगाह रखना शुरू किया. मैंने उनके आने जाने पर ध्यान प्रिया तो पाया कि आजकल वे कुछ ज्यादा ही बाहर आने जाने लगी थीं जबकि पहले ऐसा कुछ नहीं था.

उनके कपड़े भी दिनों दिन उनकी शरीर की हर गोलाई और हर कटाव को दिखाने लगे थे. उनकी टाईट होती जींस और गहरे गले का टॉप, जो उनकी चूचियों को लगभग आधा दिखाने लगा था.

जब वे साड़ी पहनतीं तो उनकी नाभि से नीचे साड़ी का बंधना और बिना आस्तीन के ब्लाउज जिनकी पीठ पर कपड़े का उपयोग होता ही नहीं था, उनकी पूरी पीठ लगभग नंगी दिखती थी. आगे से चूचियों का क्लीवेज हाहाकार मचाने वाला होता था.

मुझे कुछ संदेह हुआ और मैं अब ये जानने को उत्सुक हो उठा था कि मामला क्या है. मैं उनके पर्स और मोबाइल को चैक करने लगा था.बस मुझे कुछ ऐसा मिल गया, जिसने कहानी बदल दी.

एक दिन मैंने माँ का हैंडबैग चैक किया तो उसमें कुछ कंडोम के पैकेट मिले. मैं उन कंडोम को देख कर हक्का बक्का रह गया. अब मैं पक्के में समझ गया था कि मेरी माँ के किसी दूसरे के साथ जिस्मानी ताल्लुकात हैं.

हालांकि मुझे उनके किसी के साथ सम्बन्ध बन जाने से कोई आपत्ति नहीं थी क्योंकि मैं मानता हूँ कि हर एक को अपनी जिन्दगी अपने हिसाब और मर्जी से जीने का अधिकार है लेकिन तब भी मुझे न जाने क्यों ऐसा लग रहा था कि मुझे माँ के विचार जानना ही चाहिए कि इस तरह के किसी गैर मर्द से शारीरिक सेक्स सम्बन्ध बनाने के पीछे उनका क्या सोच है और कहीं वो किसी गफलत में आकर अपना नुकसान न कर लें.

इस सब पर बहुत सोचने के बाद मैंने वरुण अग्निहोत्री के नाम से एक फर्जी फेसबुक अकाउंट बनाया और उनको फ्रेंड रिक्वेस्ट भेज दी, जोकि माँ ने चार दिन बाद एक्सेप्ट कर ली.

मैंने उनको अपना परिचय प्रिया और उनसे दोस्ती बढ़ा ली. कुछ ही दिनों में हम दोनों अपने बारे में अपने परिवार के बारे में एक-दूसरे को बताने लगे. माँ ने मुझे अपनी पसंद नापसंद के बारे में भी बताया और अब तो वे मुझसे बहुत ज्यादा खुल गई थीं और हम दोनों देर तक चैट करते रहते थे. ऐसे ही एक रात को करीब ग्यारह बजे मैं माँ से चैट कर रहा था.

मैं- आज क्या हो गया है आपको… इतनी रात तक कैसे बातें कर रही हो?माँ- आज मेरे पति बाहर गए हैं, घर पर नहीं हैं, तो मुझे किसी का कोई डर नहीं है.मैं- इसका मतलब ये हुआ कि जब भी आपके पति घर पर नहीं होंगे, हम देर रात तक बातें कर सकते हैं?माँ- हां… कर सकते हैं.

मैं- सच मैं मुझे आपसे बात करना बहुत अच्छा लगता है, टाइम का पता ही नहीं लगता.माँ- एकदम सही, मुझे भी तुमसे बातें करना अच्छा लगता है, टाइम का पता ही नहीं चलता है.

मैं- क्या हम बेस्ट फ्रेंड बन सकते हैं?माँ- फ्रेंड्स तो हम हैं ही!मैं- ऐसे वाले नहीं… बेस्ट फ्रेंड्स जिनके साथ हम कुछ भी शेयर कर सकें… अपनी प्रॉब्लम्स, अपनी फीलिंग्स… चाहें वो कैसी भी हों!माँ- कैसी भी फीलिंग शेयर करने के लिए तुम अभी बच्चे हो.मैं- चलो, जब आपको ये लगे कि बच्चा नहीं हूँ तब कर लेना. आप मुझ पर भरोसा कर सकती हैं कि हमारी बातें हमारे बीच ही रहेंगी.माँ- मुझे ट्रस्ट है तुम पर.

मैं- मेरे कुछ दोस्त मुझे कुछ नॉनवेज जोक्स भेजते हैं, क्या मैं आपको ऐसे जोक्स भेज सकता हूँ?माँ- हां, मुझे मजा आता है, प्लीज़ भेजो.मैंने कहा- ठीक है… मैं भेजता हूँउस रात कुछ खास बात नहीं हुई.

अब मैं मौके की तलाश में था जब डैड कहीं बाहर टूर पर जाएं. इस बीच मैंने माँ को खूब सारे नॉनवेज जोक्स भेजे और उन्होंने भी मुझे नॉनवेज जोक्स भेजे.

फिर 28 अक्तूबर, 2016 को मुझे दिन में एक मैसेज मिला कि तुम आज रात क्या कर रहे हो?मैं- कुछ ख़ास नहीं लेकिन अगर आप चाहो तो मैं आपके लिए कुछ भी कर सकता हूँ.माँ- आज देर रात तक तुमसे बात करने का मन है.मैं- ये भी कुछ पूछने की बात है… आपका स्वागत है. क्या आपके पति आज आउट ऑफ टाउन जा रहे हैं?माँ- हा वे सात दिनों के लिए बाहर जा रहे हैं.

मैंने हंसी का स्माइली भेजते हुए लिखा- मतलब इन 7 रातों के लिए आप मेरी हो सकती हैं.माँ ने फट से जबाव दे प्रिया- पक्का.

उस वक्त मैं घर पर ही अपने कमरे में होकर माँ से चैट कर रहा था.

हम लोग चैट करते रहे और लम्बी चैट चली. हमने रात के दस बजे चैट शुरू की थी. काफी दिनों से सब कुछ खुल्लम खुल्ला बात होती रही थी तो माँ मेरे साथ काफी फ्रेंक हो गई थीं. इसी वजह से मैंने उनसे पूछा- एक बात बोलूँ… हंसना नहीं.माँ- बोलो.मैं- आज मुझे बड़ी आग सी लग रही है.माँ- हाहहाहा… क्यों क्या हुआ?मैं- बस दिन में एक पॉर्न मूवी देखी थी बस तभी से खड़ा है.माँ- अच्छा… खड़ा हो गया है.

मैं- हां क्या आपको पॉर्न पसंद है?माँ- हां मुझे बहुत पसंद है.मैं- और सेक्स स्टोरीस?माँ- ऊन्ह्ह… मैंने बहुत ज्यादा नहीं पढ़ी हैं.मैं- आपसे रिलेटेड एक बात बोलूं, आप बुरा तो नहीं मानोगी?माँ- पर्मिशन लेने की ज़रूरत नहीं है… जो कहना है साफ़ बोलो.मैं- आपके पति लकी हैं कि उनको आप जैसा हॉट मॉल मिला है.

माँ ने एक स्माइली भेजी और थैंक्स लिखा.

मैं- लेकिन मुझे एक और बात लगती है. हालांकि मुझे पक्का नहीं मालूम कि मैं सही हूँ या गलत हूँमाँ- क्या?मैं- मुझे लगता है कि आप अपने पति से खुश नहीं हैं.माँ- ऐसा तो कुछ नहीं है, तुम्हें ऐसा क्यों लगता है?मैं- बस ऐसे ही लगता है कि आपसेक्स की भूखीहैं और आपके पति आपको समय नहीं देते हैं.

माँ- सुनो… पहले प्रॉमिस करो कि ये बातें हमारे बीच में ही रहेंगी, किसी और को पता नहीं लगेंगी.मैं- पक्का प्रॉमिस… अब बताओ क्या आप सॅटिस्फाइड हो अपने पति से?माँ- नहीं, मैं उससे संतुष्ट नहीं हूँ.

मैं- एक हफ्ते में कितनी बार सेक्स करते हो आप लोग.माँ- हफ्ते में नहीं, महीने में हार्ड्ली एक बार कर पाती हूँ.मैं- ओह, कैसे रह पति होगी आप… अगर मैं होता तो डेली सेक्स करता.माँ- वही तो मुझे चाहिए है.

मैं- आप बाहर ब्वॉयफ्रेंड क्यों नहीं बना लेतीं… बस कंडोम यूज करो और मजा करो.माँ- मैंने ब्वॉयफ्रेंड बनाए हैं, लेकिन सेफ नहीं है.मैं- शादी के बाद कितनी ब्वॉयफ्रेंड बनाए?माँ- अच्छा पहले तुम ये बताओ तुम्हारी कितनी जीएफ रही हैं?मैं- दो.

माँ- और सेक्स कितनों के साथ किया है?मैंने माँ को गरम किया- तीन को चोदा है.माँ- क्या उम्र थी उनकी?मैं- एक 23 की थी एक 24 की और एक 42 साल की थी.

माँ- वो 42 वाली कौन थी?मैं- पड़ोस में आंटी थी, मम्मी की सहेली की चुदाई की थी!माँ- हम्म…

मैं- अब आप बताओ आपने शादी के बाद कितने ब्वॉयफ्रेंड बनाए?माँ- तुम गुस्सा तो नहीं करोगे.मैं- मैं गुस्सा क्यों करूँगा? आपकी लाइफ है, जैसे आपको अच्छा लगे, वैसे एंजाय करो.माँ- मैंने शादी के बाद 9 ब्वॉयफ्रेंड बनाए.मैं- ओ तेरी… और सभी के साथ सेक्स किया है?माँ- हां, तभी तो बनाए थे.

मैं- अभी कोई है ब्वॉयफ्रेंड?माँ- नहीं दो महीने से कोई नहीं है.मैं- फिर तो बॉडी में आग लगी हुई होगी.माँ- हां, दो महीने से अच्छे से सेक्स किया भी नहीं है.मैं- आपके उनकी साइज़ क्या हैं?माँ ने खुलते हुए कहा- मेरे चूचे 36डी साइज़ के हैं और नीचे 32 व 35 इंच की नाप है.मैं- वाह मस्त चूचे, नाइस आस…

माँ- तुम्हारा क्या साइज़ है?मैं- पूरा 8 इंच… जब खड़ा होता है.माँ- वॉववव काफ़ी लंबा लंड है तुम्हारा…मैं- एक आइडिया दूँ अगर आपको सही लगे तो सेफ भी है.माँ- हां बताओ न.मैं- घर में आपका बेटा है, जवान है, उसे पटा लो न किसी तरह.माँ- ये पासिबल नहीं है… मैं उसे यूज नहीं करूँगी.

मैं चुप रह गया.

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माँ- तुम बताओ तुम्हारी अर्चना कैसे लड़की के साथ सेक्स करने की है?मैं- सेकेंड तो आप.माँ- और फर्स्ट??मैं- माय माँ…माँ- रियली??मैं- यप, क्या कुछ ग़लत है इसमें?माँ- ग़लत नहीं है… अगर वे तुमको बिस्तर में पसंद करती हैं तो इसमें क्या गलत है. क्या तुम्हारी माँ तुम्हारी इस सोच से वाकिफ हैं?मैं- मुझे नहीं मालूम.

माँ- तुम्हारी माँ की उम्र और साइज़ क्या है?मैं- 44 साल और 36डी-32-34 की साइज़ है.माँ- वाह इस उम्र में भी वो खुद को इतना मेंटेन किए हैं. क्या उनका चालचलन ठीक है?मैं- मुझे पक्का नहीं मालूम, लेकिन अगर वे किसी के साथ एन्जॉय करती भी होंगी तो मुझे कोई दिक्कत नहीं है.

माँ- तुम अपनी माँ की फिगर साइज़ को इतने अच्छे से कैसे जानते हो?मैं- मैं माँ के साथ अक्सर खरीदी पर जाता हूँ. वे मेरे सामने ही ब्रा पेंटी भी खरीद लेती हैं.माँ- तुम्हारी माँ किस तरह की ब्रा-पेंटी पहनना पसंद करती हैं?मैं- उन्हें स्टाइलिश और डिज़ाइनर ब्रा पेंटी पहनना ही पसंद हैं.

माँ- तुम उनको एकाध सैट गिफ्ट कर सकते हो, जब भी कोई मौका हो या उनका बर्थ डे हो. वैसे उनका बर्थ डे कब होता है?मैं- बस आने वाला है… इसी 31 अक्टूबर को है.माँ- वाह… मेरा भी उसी दिन होता है.

मैं- वाह… उस दिन आपकी मेरे लिए क्या प्लानिंग है?माँ- कल तुम माँ के लिए एक सुंदर सी ब्रा पेंटी और एक नाईट गाउन खरीदोगे और उनको अपने हाथ से लिखी एक चिट्ठी के साथ गिफ्ट करोगे. चिट्ठी में तुम लिख देना कि इसको पहनने के बाद आपको ये गिफ्ट अच्छी लगे तो मैं आपको इसी को पहने हुए बर्थ डे का केक काटता देखना चाहता हूँ.मैं- आप मरवा दोगी… अगर माँ ने डैड को बता प्रिया तो वे मेरी फाड़ देंगे.

माँ- वो नहीं बताएगी… अगर वो गुस्सा भी होगी तो तुम्हें अलग से अकेले में समझाने के लिए बुलाएगी लेकिन तुम्हारे डैड को नहीं बताएगी, मुझे लिखवा लो.मैं- ओके आप बोलती हो तो ट्राई करता हूँ.माँ- ट्राई किए बिना तो वैसे भी कुछ मिलने वाला तो है नहीं.

मैं- अच्छा ये तो बताओ आपको अपने बेटे के साथ सेक्स करने में क्या प्राब्लम है?माँ- कोई प्राब्लम नहीं है… लेकिन मैं खुद उसे अप्रोच नहीं करूँगी… अगर वो खुद अप्रोच करेगा तो ठीक है. और अच्छा भी है, कम से कम बाहर का चक्कर तो खत्म हो जाएगा.

कुछ देर और चैट चली और मैं सो गया.

दूसरे दिन मैंने एक महंगे शोरूम से एक ब्राइडल ट्रांसपेरेंट ब्रा और जी-स्ट्रिंग पेंटी के साथ एक बेबी डॉल नाइटी खरीद कर पैक करवा ली. फिर मैंने एक नोट लिखा.

हैलो माँ,यह गिफ्ट आपकी बर्थडे के लिए है. मुझे उम्मीद है कि आपको ये पसंद आएगा. साथ ही आपको ये भी मालूम हो जाएगा कि ये आईडिया मुझे किसने प्रिया. आई लव यू माँ… आई एम क्रेज़ी अबाउट यू… एंड स्पेशली आपकी बॉडी का बहुत बड़ा फैन हूँ… जिसने मुझे पागल कर प्रिया है. आज की रात मैं आपको इस ड्रेस में देखना चाहता हूँ. साथ ही मैं आपके जिस्म की प्यास भी बुझाना चाहता हूँ. मुझ पर भरोसा रखिए, मैं बिस्तर में बहुत मजबूत हूँ.

चूंकि डैड घर में नहीं थे… इसलिए मैंने माँ को रात लगभग दस बजे ये गिफ्ट प्रिया और उन्हें हैप्पी बर्थ डे कहा.

माँ उत्सुकता से पैकेट को खोलने लगीं लेकिन मैंने कहा- आप मेरे जाने के बाद इसे आराम से अकेले में देख लेना.

हम दोनों बातें करने लगे. करीब 11.30 मैं अपने रूम में आ गया और माँ का इन्तजार करने लगा.

ठीक 12 बजे मेरे कमरे के दरवाजे पर दस्तक हुई.मैंने कहा- दरवाजा खुला ही है…

माँ रूम में आईं… मेरे रूम में रोमांटिक लाइट ब्लू कलर की लाइट रोशन थी.उन्होंने दरवाजा लॉक किया और मेरी तरफ घूमी. वो मेरे बिस्तर और कमरे का नजारा देख कर अचम्भित थीं.

मेरे कमरे में फूल बिखरे पड़े थे और मोमबत्तियां रोशन थीं. मैं भी बड़े हसीनतरीन अंदाज से माँ को निहार रहा था.

उन्होंने मेरा गिफ्ट वाला ड्रेस पहना हुआ था.मैंने माँ को आँख मारी और पूछा- कैसा लगा गिफ्ट?माँ ने कुछ नहीं कहा.

मैं भी बस उनको प्रेम और वासना से युक्त निगाहों से देखने लगा.

माँ ने तभी अपना गाउन उतारा और एक तरफ रख प्रिया और कहा- खुद ही देख लो…मेरा लंड एकदम से खड़ा हो गया.

मैं लपक कर माँ के पास गया और उनके होंठों पर अपने होंठों को रख कर लगभग चूसते हुए चूमा. उनका सहयोग से भरा हुआ जबाव पाकर मैंने उनको अपनी बांहों में भर लिया और उनकी उठी गांड को अपने हाथों से मसलने लगा. मुझे उस वक्त बड़ा ही सुखद अहसास हुआ जब माँ ने भी मेरे लंड को अपने हाथों में भर लिया.

अब हम दोनों ही बड़ी बेताबी से एक दूसरे को चूमने चूसने और मसलने लगे… हमारी सारी शर्म खत्म हो गई थी. कुछ पल यूं ही माँ के साथ खेलने के बाद मैंने उनको अपनी गोद में उठा लिया और बेड पे ले गया.

मैंने उनकी ब्रा बोल कर मम्मों को आज़ाद कर प्रिया. आह उनके बहुत मोटे चूचे थे. मैं पागलों की तरह सक कर रहा था. थोड़ी देर के बाद माँ मेरे ऊपर आ गईं और उन्होंने मेरा बॉक्सर उतार कर फेंक प्रिया. मैंने भी अपने खड़े लंड को माँ के हवाले कर प्रिया, माँ मेरे लंड को सहलाने लगीं. मुझे लगा कि मैं उनसे कहूँ कि लंड चूसो, अभी मैं ये कहता कि उन्होंने अपने मुँह में लंड भर लिया और लंड चूसने लगीं. आह… मेरी माँ मेरा लंड चूस रही थीं, मुझे जन्नत का अहसास होने लगा था.

कुछ मिनट के बाद मैंने माँ को अपने नीचे लेटा लिया और उनकी जी स्ट्रिंग पेंटी उतार कर मम्मी की मदमस्त चूत पर अपनी जुबान फेरना शुरू कर दी.

मेरी माँ की चुत बहुत शानदार थी. मेरी माँ के मुँह से गरम सीत्कारें निकल रही थीं

दस मिनट तक लंड चुत की चुसाई चलती रही, फिर माँ ने कराहते हुए कहा- अब बर्दाश्त नहीं हो रहा है… प्लीज़ मुझे चोद दो.

मैंने सीधा हुआ तो माँ ने मुझे कंडोम प्रिया और बोलीं- इसे लगा लो और मुझे जल्दी से चोद दो.

मैंने लंड पर कंडोम चढ़ाया, उधर माँ चित होकर अपनी चुत खोले हुए बड़ी ही चुदासी मुद्रा में लेटी थीं. मैंने उनके ऊपर चढ़ कर अपना लंड घुसा प्रिया.पहला झटका जैसे ही प्रिया, माँ कराहीं- आह आराम से… बहुत दिनों बाद कोई मोटा लंड अन्दर जा रहा है.

मैंने धीरे धीरे अपना लंड पेला. एक बार पूरा लंड अन्दर घुस जाने के बाद मैंने माँ को रगड़ना चालू कर प्रिया.

करीब 10-12 मिनट तक जोरदार झटकों के साथ माँ की धकापेल चुदाई चालू हो गई. पूरा रूम में उनकी मादक कराहों और सीत्कारों से गूँज उठा- आह… फक्कक… मी… आह… बहुत मजा आ रहा है… आह…

उनकी आवाजें आ रही थीं. दस मिनट के बाद हम दोनों झड़ गए.

माँ ने मुझे कसते हुए कहा- मेरी ऐसी चुदाई कभी नहीं हुई. एक बात बताओ कि तुमने मेरी किस सहेली को चोदा था?मैंने बताया- रोमी आंटी को.‘साली छिनाल रोमी!’

हम दोनों हंस पड़े और चिपक कर लेट गए. करीब एक घंटे के बाद हम नहाने गए. फिर बाथरूम में एक बार फिर से मदमस्त चुदाई का दौर चला.

डैड को 5 दिन बाद आना था और इन 5 दिनों में हम दोनों माँ बेटे ने कई बार चुदाई की.

अब माँ ने बाहर के लंड लेना बंद कर प्रिया था. मैं ही माँ के लिए काफी था.

दोस्तो, मेरी माँ के साथ सेक्स सम्बन्ध की मेरी रियल स्टोरी कैसी लगी, प्लीज़ रिप्लाई जरूर करनाsupport@mohakkisse.com

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