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माँ की चुदाई • पठन समय: 7 मिनट • पढ़ा गया: 340 बार

मां को चोदने की इच्छा पूरी हुई-1(Maa ko chodne ki iccha poori hui-1)

unknown786

23 Aug 2016 को प्रकाशित

मां को चोदने की इच्छा पूरी हुई-1(Maa ko chodne ki iccha poori hui-1)
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नमस्कार दोस्तों, कैसे हो आप? यह मेरी पहली कहानी है। मेरा नाम पंकज है और मेरी मां का नाम पूनम है। मैं उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले में रहता हूं। मैं 19 साल का हूं और मेरी मां 39 साल की हैं। मां बहुत हॉट और सेक्सी लगती है। मेरे घर में मां है, पापा है, और मैं हूं। पापा एक कंपनी में काम करते हैं इसलिए वो अक्सर बाहर ही रहते हैं। अब मैं कहानी पर आता हूं।

यह उस समय की बात है जब मेरी 12वीं की परीक्षा को कुछ ही दिन हुए थे, और मैं नतीजों का इंतजार कर रहा था। इसलिए मैं पूरा दिन घर पर ही रहा। एक रात मेरी मां अपने कमरे में थी, और अचानक मेरी नींद खुल गई। मुझे बहुत प्यास लग रही थी,‌ और मैं उस दिन अपने साथ पानी रखना भूल गया था। अब मुझे चिंता थी कि पानी कैसे पियूं। मैं सोच रहा था कि मोटर चलने लगेगी‌ तो आवाज़ होगी जिससे मां जाग जायेगी।

फिर मैंने थोड़ी देर चेक किया कि मॉम ने गेट लॉक किया था या नहीं। तो मैं अपने कमरे से बाहर आया और मां का गेट खोला, और देखा कि गेट खुला हुआ था। फिर मैंने बहुत देर तक सोचा कि मैं पानी लेने‌ जाऊं या नहीं। मैंने सोचा कि जो होगा देखा जायेगा। फिर मैंने गेट खोला और धीरे-धीरे अंदर चला गया। मैंने अंदर जाके बल्ब जलाया। फिर मां की तरफ देखा तो मैं देखता ही रह गया। क्योंकि मम्मी पेटीकोट और ब्लाउज में सो रही थी, और उनका पेटीकोट बिल्कुल ऊपर आकर इकठ्ठा हो गया था।

उनकी जांघें साफ-साफ दिखाई दे रही थी। अब यह सब देख कर मैं पानी पीना तो भूल गया। अब मैं धीरे-धीरे मम्मी के पास जाने लगा और मुझे डर भी लग रहा था कि कहीं मम्मी जाग ना जाए। लेकिन यह सब सीन देख कर मेरा मूड भी तो खराब हो गया।मुझसे बिना देखे कंट्रोल ही ना हो रहा था, इसलिए मैं बिना कुछ सोचे आगे बढ़ा और मम्मी के बेड के पास पहुंचा।

अब मैंने देखा कि मम्मी अपनी टांगो को आपस में बिल्कुल चिपका कर सो रही थी। इससे मुझे उनकी चूत बिल्कुल भी दिखाई नहीं दे रही थी। फिर मैंने उनके पास में एक पैंटी पड़ी हुई देखी। अब मैं समझ गया कि मम्मी ने अपनी चूत में उंगली की होगी इसीलिए पैंटी उतार के साइड में रख दी थी। अब मैं यह भूल गया कि वह मेरी मम्मी थी। अब तो मुझे उनकी चूत देखने की तलब थी।

मैं सोच रहा था कि मम्मी थोड़ी बहुत देर मैं करवट लेगी और उसकी टांगे खुल जाएंगी। फिर मैं वहां 20 मिनट तक ऐसे ही देखता रहा, लेकिन मम्मी वैसी की वैसी सोती रही। अब मैंने सोचा मुझे ही कुछ करना पड़ेगा। फिर मैंने मम्मी का एक पैर पकड़ा और धीरे-धीरे थोड़ा दूर किया। फिर क्या, मानो मैं तो पागल ही होने लगा। मुझे तो लग रहा था कि मैं कोई सपना देख रहा था।

लेकिन यह सपना नहीं सच था। मम्मी की चूत पर एक भी बाल नहीं था। शायद उन्होंने आज कल में ही शेव की होगी। वाह क्या मस्त चूत दिख रही थी, और एक-दम बंद और टाइट लग रही थी। मैंने सोचा कि पापा पिछले 6 महीने से घर नहीं आए थे। इसलिए उसकी 6 महीने से चुदाई भी नहीं हुई होगी। अब तो ये बात सोच कर मैं आउट ऑफ कंट्रोल हो रहा था।

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मेरा लंड एक-दम खड़ा हो गया था। सोच रहा था कि अभी मम्मी की चूत में सीधा लंड घुसा दूं। लेकिन मैं ऐसा नहीं कर सकता था। क्यूंकी अगर कुछ हरकत करता तो मम्मी जाग जाती, और सब ड्रामा बन जाता। मेरी पिटाई होती और पापा के पास शिकायत भी पहुंच जाती। लेकिन मैंने हिम्मत करके चूत पर अपना हाथ पहुंचाया और सहलाने लगा। मानो मैं तो जन्नत की सैर कर रहा था। फिर मैं चूत मैं उंगली घुसाने लगा।लेकिन मम्मी की चूत बहुत ही टाइट थी।

उंगली उसमें आसानी से जाने वाली नहीं थी। क्योंकि उसकी 6 महीने से चुदाई नहीं हुई थी। अब मैं चूत के ऊपर अपना लंड रगड़ने लगा। वाह क्या आनंद आ रहा था। मैं सोच रहा था कि अभी अपने लंड पर थूक लगाऊं और सीधे एक धक्के में लंड अन्दर कर दूं। लेकिन ऐसा करने से कोई फायदा ना होता, क्योंकि एक ही झटके में मम्मी दर्द के मारे जाग जाती और सब व्यवस्था फेल हो जाती। ना तो चूत मिलती और मार और ब्याज में पड़ जाती।

इसलिए मैंने ऐसी कोई हरकत नहीं की। और लगभग 10 मिनट तक ऐसे ही चूत पर लंड रगड़ता रहा। फिर मैं उठा, और मैंने मां का ब्लाउज खोलना चाहा। लेकिन मैंने सोचा अगर खोल भी दिया तो लगाने में दिक्कत हो जायेगी। लगाते वक्त मम्मी जाग जायेगी। इसलिए मैंने ब्लाउज ना खोल कर मां के होठों पर अपना लंड रख दिया।‌ फिर 1 मिनट लगभग रगड़ने के बाद मैंने अपना फोन निकाला और एक छोटी सी वीडियो बना ली, जिसमे मम्मी की चूत दिखाई दे और अपने रूम मैं चला गया।

फिर ‌मैं सोचने लगा कि मम्मी 39 साल की होने के बाद भी एक-दम हॉट लगती थी, काश मुझे उनकी चूत मारने को मिल जाए तो मजा ही आ जायेगा। अब मेरा तो लंड बैठने का नाम ही नहीं ले रहा था। फिर मैं बाथरूम मैं गया और वहीं वीडियो देख कर मम्मी के नाम की मुठ्ठी मार ली। फिर आकर लेट गया। अब तो मम्मी की चूत का भूत मेरे सिर पर चढ़ गया। मैं कहने लगा कि मुझे अब बस मम्मी को कैसे भी करके चोदना था। उनकी टाइट और क्लीन शेव्ड चूत देख कर मैं पागल हो गया।

अब मैं सोचने लगा कि पापा के आने से पहले मुझे मां को कैसे भी करके चोदना था। क्योंकि अगर पापा आ गए तो मम्मी को रोज ताबड़-तोड़ चुदाई करके सब चूत ढीली कर देंगे। फिर तो मुझे सिर्फ एक चूत का टुकड़ा ही नसीब होगा बस। और मैं चाहता था कि मैं मम्मी की ऐसी चुदाई करुं कि उसकी चीखे निकल जाए। लेकिन ऐसा तो पापा के आने से पहले ही हो सकता था। अब मैं दिन और रात यही सोचता रहता कि मां को कैसे चोदा जाए।

मैंने फिर क्या किया, और आगे क्या हुआ, ये आपको कहानी के अगले पार्ट में पता चलेगा।

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