पिछला भाग पढ़े:-दोस्त के साथ मिल कर उसकी साली को चोदा-1
अमित और उसकी साली का रोमांस शुरू हो चुका था। अब आगे-
बीना बोली: अरे जीजू, आप जब भी आते हो मेरे साथ कांड करके चले जाते हो। दीदी को पता चलेगा तो क्या बोलेगी?
अमित बोला: छोड़ो मुर्दा औरत को। साली सेक्स तो करती नहीं है। मेरी भी तो कुछ ज़रूरत है।तू उसे रंडी का नाम मत ले। तू यह ले मेरा लंड पकड़।
कह कर अमित ने बीना को अपना लंड पकड़ने का इशारा किय। बीना ने अमित का लंड उसके कच्छे से निकाला, मगर यह मेरी हैरानी थी कि उसका लंड शायद साढ़े चार इंच का होगा।
वो ठीक से बीना के हाथों में भी नहीं आ रहा था। बीना उसके लंड को धीरे-धीरे हिलाने लगी। अब अमित उसके स्तनों के ऊपर टूट पड़ा और उन्हें बारी-बारी से चूसने लगा। मेरा मन था कि अमित को अभी साइड में हटा दूं, और खुद ही बिना के ऊपर चढ़ जाऊं।
बीना अब उसे गद्दे पर अपने हाथ और पैरों को फैला कर लेट गई थी और सारा भार उसने अमित के ऊपर छोड़ दिया था। अमित अपने दोनों हाथों से बड़े-बड़े निप्पल मसल रहा था और बीना दर्द में कराह भी रही थी और मजा भी ले रही थी। वह धीरे-धीरे अपनी शराब भी खत्म कर रही थी।
अमित का धीरे-धीरे हाथ नीचे की ओर फिसलने लगा। उसने बीना से कहा कि वह अपनी पैंट को उतार कर साइड कर दे। बीना ने बिना कुछ समय गवाए ही अपनी पजामी को उतार के साइड फेंक दिया। वह एक नीले कलर की पारदर्शी कच्छी पहनी हुई थी, जिसमें वह बला की खूबसूरत लग रही थी।
अमित ने अपनी उंगलियां बीना की चूत पर रखी और उन्हें रगड़ने लगा। बीना के मुंह से ससकारियां निकल रही थी। वह इस चुदाई का खूब आनंद ले रही थी। अब अमित कुछ देर तक बीना की चूत को यूं ही गर्म करता रहा। बीना भी अब बहुत ज्यादा गर्म हो चुकी थी।
वह बोली: जीजू अब और मत तड़पाओ। जल्दी से उठ कर मेरी जोरदार चुदाई कर दो।
अमित बोला: पहले तू तो मुझे थोड़ा शांत कर।
कह कर अमित वहीं बिस्तर पर लेट गया और बीना के सर को पकड़ कर अपने लंड के पास ले आया। बीना ने समय ना गंवाते हुए अपने जीजा का लंड अपने मुंह में डाल लिया। यह देख कर तो मैं हैरान हो गया क्योंकि गांव के अंदर मैंने कई लड़कियों को ये करने के लिए कहा था, मगर सारी की सारी लड़कियों ने मना कर दिया था।
बीना ऐसी जगह पर बैठी थी कि वह लंड चूसते हुए मुझे देख पा रही थी। उसकी आंखों में मेरे लिए हवस साफ दिखाई दे रही थी। मानो वो मुझे बुला रही हो, मगर मैं बैल बुद्धि वहीं बैठ रहा। वह लंड तो अपने जीजा का चूस रही थी, मगर मुझे बराबर घूरे जा रही थी। मुझसे भी अब रह ना गया। मैंने भी अपनी पेंट के अंदर हाथ डाल करके अपने लंड को शांत करने की कोशिश की। यह देख कर बीना के चेहरे पर मुस्कान आ गई और वह और जोर से अपने जीजा के लंड को चूसने लगी, मानो वह बता रही हो कि देखो अब अगली बारी तुम्हारी है।
उसने अपने जीजा के अंडों को भी चाटना शुरू किया, और देखते ही देखते अमित का लंड थूक में नहा रहा था। फिर बीना ने अपनी कच्छी को निकाल करके साइड कर दिया। उसकी चूत पर एक भी बाल नहीं था ऐसी शानदार चिकनी चूत मैंने जिंदगी में कभी नहीं देखी थी।
वह अपने जीजा के मुंह पर बैठ गई और अपनी चूत उसके मुंह पर रगड़ने लगी। उसके जीजा ने भी अमृत समझ कर उसकी चूत को चाटना शुरू कर दिया था। बीना अपनी चूत चुसवा रही थी और मुड़ कर मुझे देख रही थी और मुस्कुरा रही थी।
अपनी चूत चुसवाई के बाद अब वह अपनी चरम सीमा पर पहुंच चुकी थी, और उसके मुंह से मदहोश कर देने वाली आवाज निकल रही थी। वह अपनी कमर को जोर से आगे-पीछे हिला रही थी। जाहिर था कि अब वह अपने चरम सुख पर थी।
थोड़ी देर के बाद उसका शरीर कांपने लगा। उसकी चूत ने पानी छोड़ दिया था, जिसे अमित ने एक भी बूंद भी ज़ाया ना जाने दिया और सारा का सारा माल गटक गया। अमित यूं ही लेटा रहा। बीना उसकी तरफ पीछे आई और उसके लंड अपनी चूत के अंदर घुसा लिया और उसके लंड की सवारी करने लगी।
पहले तो वह धीरे-धीरे सवारी कर रही थी और अपने स्तन को दबा रही थी। अमित भी उसके बूब्स को दबा रहा था। थोड़ी देर के बाद बीना ने अपनी गति बढ़ाई और तेजी से उसके लंड के ऊपर कूदने लगी। करीब 5 मिनट की लंड खुदाई के बाद अब अमित बोला मेरा झड़ने वाला है। अमित ने बीना को अपनी बाहों में भरा और नीचे से तेज झटके उसकी चूत के अंदर करने लगा।
बीना एक-दम मदहोश हो गयी थी और दर्द में बोली: और जोर से, रुकिएगा मत जीजू, अह्ह्ह्हह अह्ह्ह्हह्ह्ह्ह मइईईई भी गयी अह्ह्ह्हह्हह।
कह कर वो अपने जीजा की काम अग्नि को और बढ़ा रही थी। जीजा ने कुछ धक्के और लगाए और अपना पूरा माल उसने बीना के अंदर डाल दिया।
माल डालते के साथ ही वह बीना से अलग हटा और एक-दम ने निढाल पड़ गया।वह चलने की हालत में भी नहीं था। गिरता पड़ता आया वह कुर्सी के पास आकर बैठ गया। बैठते ही उसके खराड़ों की आवाज शुरू हो गई। वह बहुत ज्यादा थक गया था और नींद में जा चुका था।
यह सब मेरी आंखों के सामने हो गया और मैं वहीं दूर एक मूक दर्शक की तरह बैठा रहा। बीना की आग शायद अभी भी शांत नहीं हुई थी। वह गद्दे पर लेटी हुई थी। उसने अपनी टांगों को चौड़ा किया, अपनी चूत के अंदर उंगली डाली और मुझे इशारा किया अपने पास आने का।
मगर मैं वहीं बैठा रहा, मगर बीना बिल्कुल भी ना शरमाई और घुटनों के बाल चलते हुए मेरे पास आकर रुकी। बीना ने मेरे नरम होठों को अपने होठों से छुआ और ना जाने कब मैं हवस के समंदर में गोते लगाने लगा। उसके लाल होठों का मुलायम स्पर्श पाते ही मेरे तन बदन में बिजली से कौंध गई और मैं तुरंत बीना को लपक कर अपनी गोद में बैठा दिया।
मैंने बीना को चूमना चालू किया। मैं ठहरा गांव का गवार आदमी, चूमना मुझे ढंग से नहीं आता था। मगर बीना ने मुझे चूमना सिखाया। वह मेरे निचले होंठ को अपने होठों में दबा कर उसके रस का आनंद ले रही थी। मैं भी यही तरकीब उसके ऊपर अपना लिया। उसे मजा आने लगा। अब उसने मेरा एक हाथ अपने एक स्तन के ऊपर रखा और दबाने का इशारा किया।मेरे मजबूत हाथ उसके स्तन को अच्छे से दबा पा रहे थे। मैं उसे ज़ोर से दबा रहा था। मुझे चूमते हुए मैं कभी-कभी दर्द में कराह देती थी। मैं रुकता था, मगर वो फिर से दबाने का इशारा कर देती।
Sage Bhai Se Chut Aur Gaand Chudwayi – Part 2
मैं उसे वापस गद्दे के पास लेकर गया उसे अपने नीचे लिटा दिया और उसके स्तनों को बारी-बारी से चूसने लगा। मैं इतनी जोर से चूस रहा था उसके स्तनों पर काट रहा था कि यहां वहां निशान बन गए। वह मुझे हटाने का प्रयास करती, मगर अब मेरे मुंह में खून लग चुका था। अब मैं किसी के रोके रुकने वाला नहीं था।
बीना एक और पैक बना रही थी। उसने वह नीट ही पी लिया। अब तो उसका दिमाग एक-दम से झन्ना गया। उसने मेरे सर को सीधा अपनी चूत के पास रखा और चाटने के लिए कहा। मैंने आज से पहले चूत को कभी भी नहीं चाटा था। बीना की चूत कुछ अलग थी। मेरा बहुत मन था उसकी चूत को चाटने का जब अमित उसकी चुदाई कर रहा था।
पहले तो मैं चूत के पास गया। उसमें से अलग तरीके की गंध रही थी। उस गंध को सहने के लिए मैंने भी आधा गिलास शराब निगल ली। उसके बाद मेरे भी दिमाग में अब अंधेरा छाने लगा। मैं अपने होश में नहीं था। मैंने उसकी चूत को चाटना शुरू किया।
बीना को मजा आने लगा और उसने अपनी टांगों को मेरे गर्दन के आस-पास एक सांप की तरह लपेट लिया और मुझे अपनी ओर खींचने लगी।
उसकी चुत चूस कर मैंने झाड़ दी थी। वह बोली: कुत्ते जल्दी अपना लंड निकालो और मेरी चूत के अंदर घुसा दे।
मैंने भी जरा देर नहीं की और अपने लंड पर हल्का सा थूक मला और बीना की चूत में अपने लंड को घुसा दिया। उसकी गरम चूत मैं क्या बताऊं। उसकी चूत मेरे लंड को काट रही थी और चूत के अंदर तक और धकेले जा रही थी।
मैंने धीरे-धीरे अपनी कमर को आगे-पीछे करना चालू किया। मेरे धक्कों की गति से उसकी सांसे भी बढ़ती जा रही थी। अब वह मेरी कमर पर अपने नाखूनों के निशान दे रही थी, जिससे कि मुझे दर्द हो रहा था और वही दर्द वापस में उसे धक्कों के रूप में दे रहा था, जिससे उसे मजा रहा था। यह साइकिल बड़ी देर तक चलती रही। उसे वहीं लिटा करके मैंने उसको काफी अच्छी तरीके से चोद दिया था।
मैं उसको किस्स भी कर रहा था। उसके वह मुलायम होंठ मेरे होंठों से छूते ही मेरे शरीर में अजीब सा कंपन दौड़ गया। ऐसा लगा कि उसके होंठ मानो किसी गुलाब की पंखुड़ियां की तरह बहुत ही मुलायम हो जिन्हें मैं अपने दांतों से काट कर अलग कर दूं।
उसे किस्स करते-करते और उसके चेहरे को देखने के लिए अपने सर को ऊपर उठाया। उसने मेरी आंखों में देखा। मैंने उसकी आंखों में अपने लिए थोड़ा सा प्यार पाया। ऐसा लगा कि मैं अपनी माशूका को चोद रहा था। यह सोच कर अब मैं और ज्यादा खतरनाक तरीके से उसकी चूत मारना शुरू किया।
वह बोली: और जोर से चोदो, मजा आ रहा है। अह्ह्ह्हह्हह अह्ह्ह्हह्ह्ह्ह तुम तो जीजा से भी अच्छा चोदते हो अह्ह्ह्हह्हह। हां मैं तो मरी जा रही हूं। रुकना मत ऐसे ही करते रहो। बिल्कुल मत रुकना इइइइइइइ आईईईई आईईईई अह्ह्ह्हह्ह्ह्हह।
मेरे धक्कों की गति तो कम थी, मगर उनकी तीव्रता बहुत ज्यादा अधिक थी। हर धक्के पर उसकी चीख निकल रही थी। इसी तरीके से मैंने उसे करीब 15 मिनट तक चोदा और उसका पानी निकाल दिया। मेरा भी पानी अब निकलने वाला था। मैंने अपने लंड को बाहर निकाल लिया, मगर यह मेरी मूर्खता थी। क्योंकि उसने मुझे जमीन पर गिरा दिया और खुद अपने घुटनों के बल पर वह मेरे लंड को चूसने लगी।
उसने मेरे लंड को अपने होठों पर लगाया और चूसने लगी। मेरी तो एक-दम बांचे ही खिल गई थी। इतने मुलायम होंठ, चूत से भी अच्छा महसूस हो रहा था। थोड़ी देर के बाद ही मैं बहुत सारा माल उसके मुंह में ही गिरा दिया।
उसके मुंह में लंड डालते ही ऐसा लगा मेरे प्राण निकल गए। इतनी ज्यादा परमानंद की प्राप्ति हुई कि मैं क्या बताऊं। वह भी मेरे अंडों के पास सर रख कर सो गई। मुझे भी नींद आ गई। थोड़े वक्त बाद जब मेरी आंखें खुली तो दारू की बोतल हट चुकी थी। सब कुछ समेटा जा चुका था। बीना ने अपने कपड़े पहन लिए थे।
बीना बोली: क्या जीजू आप लोगों ने फालतू का शराब पिला करके मेरा फायदा उठा लिया।
उसका जीजा बोला: फायदा तो तूने हमारा उठा लिया शराब पी करके। तेरी बहन को पता चलेगा तो मुझे जान से मार डालेगी।
बीना ने अपने जीजा के कंधे पर हाथ रखा और कहा: बट जीजू यह तो हमारा सीक्रेट है ना?
अब बिना मेरे पास आई और बोली: तुम यह बात किसी को मत बताना, समझे।
मैंने मासूमों की तरह अपनी गाय जैसी शक्ल लेकर गर्दन हिला दी।
बीना ने अपने जीजा से कहा: आई लाइक हिम। इसको कभी-कभी मेरे पास भेज दिया कीजिए।
उसके जीजा ने डांट मारते हुए कहा और यह बोला कि: बीना तुम किसी से भी चुदवा लेती हो, कोई ऊंचा-नीचा नहीं दिखती हो।
कह कर वह हंसने लगा। मुझे यह बात पसंद नहीं आई, लेकिन मालिक के सामने क्या कह सकते हैं। फिर हम बीना के घर से निकल गए।
तो कैसी लगी आपको मेरी यह कहानी? अगर यह कहानी अच्छी लगी है तो मुझे मेल करके जरूर बताइएsupport@mohakkisse.com