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कोई मिल गया पठन समय: 6 मिनट पढ़ा गया: 1,364 बार

मैं चूत को चाट के चोदता हूँ

करन

18 Dec 2025 को प्रकाशित

मैं चूत को चाट के चोदता हूँ
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मैं पुणे से आ रहा था, वो बाहर मुझे टकरा गई और गिर गई।

मैंने उसको उठाया और बिठाया और माफी मांगी।पता चला वो अपने पति को छोड़ने आई थी, जो कहीं बाहर रहता था।उसका नाम रीमा है और वो आगरा में अपनी बेटी के साथ अकेली रहती है। रीमा एक 33 साल की आकर्षक महिला है, उसकी चूची और गाण्ड मस्त हैं, उसको देख कर कोई नहीं कह सकता, वो एक बच्चे की माँ है।

मैं उसको छोड़ने दिल्ली स्टेशन गया और आगरा की ट्रेन में बिठा प्रिया।

इस तरह हमारी दोस्ती शुरू हुई और उसके बाद हम घंटों रोज फ़ोन पर बातें करने लगे।

धीरे-धीरे हम बात करते-करते खुल गए थे और उसने मुझे आगरा बुलाया। पहली बार मैं उसके घर मिलने आगरा गया।

उसकी बेटी छोटी थी तो वो कुछ समझती नहीं थी।

मैं उसके घर पहुँचा उसने दरवाज़ा खोल कर मेरा स्वागत किया।

मैं उससे बड़े ही मुक्त भाव से मिला और उसने भी मेरे साथ ऐसा व्यवहार किया जैसे वो मुझे बरसों से जानती हो।

उसके साथ बहुत देर तक बातें करने के बाद उसने मुझे रात का खाना खिलाया और उसको पता था मुझे पनीर पसंद है, उसने खाने में मुझे वही परोसा।

उसके बाद वो अपनी बेटी को सुलाने अन्दर चली गई।

मैं बाहर के कमरे में था, वो अपनी बेटी को सुला कर बाहर आ गई और हम दोनों बाहर फर्श पर ही बैठ गए और एक-दूसरे को देख मुस्कुराने लगे।

मैं यह जानता था कि पहल मुझे ही करनी पड़ेगी, सो मैंने उसको गले लगाने के लिए अपने हाथ फैलाए और वो मेरी बाँहों में आ गई।गले लगते ही दोनों को एक करंट सा लगा और एक-दूसरे को खूब चूमने लगे।आधे घंटे तक एक-दूसरे के होंठों को चूमते-चाटते रहे, फिर उसने मेरे कपड़ों को उतारना शुरू किया और मैंने उसके कुरते के बटन खोल दिए और उसकी जरा सी ब्रा मेरे हाथ में लगी।

हम दोनों इतने पागल हो गए कि उसने मेरा कच्छा फाड़ प्रिया और मैंने उसकी ब्रा फाड़ दी।

उसने दो साल से लण्ड नहीं लिया था, वो लण्ड की प्यासी थी। उसका पति उसको कभी चोदता ही नहीं था, उसके अनुसार वो दो साल पहले चुदी थी। उसके बाद अब मेरे साथ आज चुदाई कर रही थी।

कुछ ही देर में हम दोनों ही पूर्ण रूप से नंगे थे। उसकी चूत पर एक भी बाल नहीं था। उसकी बेटी ऑपरेशन से हुई थी, तो चूत भी खूब कसी हुई थी, उसकी चूत के आगे तो लड़कियों की बुर भी फेल है।

मैंने उसके उठे हुए मम्मे हॉर्न की तरह दबा कर खेल शुरू करने का संकेत प्रिया। वो मुस्कुरा उठी और पहले उसने मेरा लण्ड मुँह में लेकर चूसना आरम्भ किया और फिर मैं उसकी चूत के करीब जाकर चाटने लगा।

वो मचल उठी, उसकी चूत कभी किसी ने चाटी ही नहीं थी। चूत चटवाने से आज उसको स्वर्ग के आनन्द की प्राप्ति हो रही थी।

मैंने उसकी चूत खूब चाटी, उसका पूरा रस पिया।

मुझे चूत का रस पीना पसंद है और उसने भी मेरे लण्ड का रस पीना शुरू किया।

अब चूंकि दोनों एक बार झड़ चुके थे और एक लम्बी चुदाई के लिए तैयार थे।

फिर उसने मेरे साथ नहाने की बात कही और हम रात के 11 बजे बाथरूम में नहाने लगे।

चूंकि गर्मी का मौसम था सो पानी की बूँदें हमारी कामाग्नि को और बढ़ा रही थीं।

वो कभी लण्ड मुँह में लेती कभी मेरी ऊँगली अपनी चूत में घुमा लेती और मुझसे और जोर से चूत चटवाने को कह रही थी- तुमने आज मेरी चूत चटवाने की इच्छा पूरी कर दी, अब मेरी चूत में लण्ड भी डाल कर मेरी चुदाई भी कर दो।

फिर मैं अपनी जीभ उसकी चूत में डाल उसको गरम करने लगा और वो लण्ड हिला कर खड़ा कर रही थी।

बाथरूम से हम दोनों नंगे बाहर आ गए और मैंने उसको वहीं फर्श पर लिटा प्रिया, उसकी टाँगें खोल दीं, चूत पर लण्ड को रख धक्का मारा तो वो चिल्ला पड़ी।

अभी बस आधा लण्ड ही अन्दर था और उसकी दर्द भरी छटपटाहट इतनी बढ़ गई थी कि वो मेरे लौड़े को बाहर धकेल रही थी।

मैंने एक और धक्का और मारा और पूरा लण्ड उसकी चूत में अन्दर समा गया।

दोस्तो, उसकी चूत वाकयी बहुत कसी हुई थी, तो लण्ड को अन्दर जाने में भी बहुत मजा आया, ऐसा लगा कि कुंवारी लड़की की सील तोड़ दी हो।

उसकी आँखों में पानी आ गया और बोली- अब चोदो मुझे.. मैं बहुत प्यासी हूँ… मेरी चूत फाड़ दो..उसकी चूत मारने में पूरी रात लगा दी, वो चार बार झड़ी और मैंने भी पांच बार उसको चोदा, वो पूर्ण तृप्त हो गई, मैं भी उसकी हर चुदाई में लगभग 15 मिनट तक लगा देता था।

आज तक इतनी देर उसको किसी ने नहीं चोदा था, वो बहुत खुश थी।

उसके बाद तो वो मेरे लौड़े की मुरीद हो गई और सबसे ख़ास बात उसको मुझसे चूत चटवाने में बहुत मजा आता था। उसके साथ मैंने कई रातें गुजारीं।

अब वो अपने पति के पास हमेशा के लिए बाहर चली गई है। उसने मुझे अपनी हर रात में आठ से पन्द्रह हज़ार तक रुपए देने की पेशकश की थी पर मैंने मना कर प्रिया।मुझे तो चोदने का शौक है और चुदाई भी चूत को चाट कर करता हूँ।

आपको मेरी कहानी पसंद आई या नहीं, मुझे जरूर लिखिए, मेरा खड़ा लण्ड आपकी इमेल की राह देख रहा है।support@mohakkisse.com

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पाठकों की राय

2 टिप्पणियां

संजय चौधरी

1 month ago

सच में बहुत ही हॉट और उत्तेजक कहानी है भाई। मजा आ गया पढ़कर।

m

miths2525

1 month ago

कहानियों का ये संग्रह बहुत ही अच्छा है। आपका फैन हो गया हूँ।

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