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Hindi Chudai Kahani पठन समय: 10 मिनट पढ़ा गया: 1,048 बार

मैं बनी चपड़ासी के बच्चे की मां(Main bani chapdasi ke bachhe ki maa)

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01 Jan 2020 को प्रकाशित

मैं बनी चपड़ासी के बच्चे की मां(Main bani chapdasi ke bachhe ki maa)
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मेरा नाम काजल है। मैं पंजाब की रहने वाली हूं। उम्र 30 साल है मेरी। शादी हुए 7 साल हो गए है, पर अभी तक मां नहीं बन सकी मैं। मेरे पति बिस्तर पर ज़्यादा अच्छे नहीं हैं। 5-7 मिनट में उनका निकल जाता है और मैं तड़पती रह जाती हूं।

मेरा फिगर अभी भी एक लड़की के फिगर जैसा है 34-32-36। मैं दिखने मे भी बहुत सुन्दर हूं, और मेरा शरीर भी बहुत गोरा है। अब कहानी पर आती हूं। मैं एक बैंक में मैनेजर हूं। मेरे पति भी मैनेजर है। हम दोनों सुबह घर से अपने-अपने बैंक को चले जाते हैं, और देर शाम ही घर आते हैं।

मेरे बैंक मे बहुत से कर्मी मुझे खा जाने वाली नजरों से देखते रहते है। मुझसे बात करने का मौका देखते रहते है। पर मैं ज्यादा किसी से बात नहीं करती थी। एक दिन बैंक में ज्यादा काम होने के कारण मैं घर जाने को लेट हो गई थी।

बैंक में मैं और चपरासी (राजन) ही रह गए थे। मैं अपने काम मे व्यस्त थी। जब मैं पूरा काम करके फ्री हुई, तो देखा राजन कहीं नजर नहीं आ रहा था। मैं राजन को हर जगह देखने लगी, पर वो कहीं नहीं मिला।

फिर मैं लेडिज बाथरूम की तरफ गई, और दरवाजा खोला तो देख कर हैरान रह गई। राजन फोन में कोई गंदी फिल्म देख रहा था, और अपना लंड हिला रहा था। वो इतना व्यस्त था, कि उसको पता भी नहीं लग रहा था मैं उसको देख रही थी।

राजन का लंड मेरे पति के लंड से लम्बा और मोटा था। मेरी नजर भी उसके लंड से हट नहीं रही थी, और मैं तो एक टक राजन के हिलते हुए लंड को निहार रही थी।

मुझे भी याद नहीं रहा कि मैं कहां थी, और एक पराए मर्द को ऐसे देख रही थी।

मैं संभल पाती, उससे पहले ही राजन मेरे पास आ गया, और लंड को मेरे हाथ मे रख दिया। मेरा हाथ पकड़ कर वो लंड को हिलाने लगा। मेरे मुँह से कुछ बोला ही नहीं जा रहा था।

राजन फिर मुझे बोला: मैम मुझे पता है आपको बच्चा नहीं हो रहा है। आपके पति आपको खुश नहीं कर पाते है अच्छे से। आप बच्चे के लिए बहुत तड़पती रहती हो।

राजन बात तो ठीक बोल रहा था, पर मुझे ऐसा करना अच्छा नहीं लग रहा था। मैं एक-दम से बाहर आ गई। राजन भी मेरे पीछे आ गया।

वो मुझे बोला: मेरी बात गलत लगी हो तो मुझे माफ करना।

मैंने उसको कुछ नहीं बोला।

फिर राजन बोला: मैम एक काम कर दोगी मेरा?

मैंने उसको हां मे सर हिला दिया। उसने फिर से मेरा हाथ पकड़ कर लंड पर लगा दिया, और हिलाने लग पड़ा। कुछ देर के बाद ही मेरा हाथ लंड को पकड़ कर हिलाने लग गया।

राजन हल्की-हल्की सिसकारियां लेते हुए बोलने लगा: मैम आपके हाथ मे तो जादू है। कितने टाइम के बाद आज मेरा लंड इतना खड़ा हुआ है।

फिर कुछ देर के बाद राजन के लंड ने पानी की एक धार छोड़ दी। कुछ पानी मेरे हाथ पर भी गिर गया। मैं लंड को छोड़‌ कर अपना हाथ साफ करने जाने लगी, तो राजन बोला-

राजन: मैम मेरे पानी को चख कर तो देखो एक बार।

मैं कुछ नहीं बोल कर बाथरूम में चली गई। हाथ साफ करने के लिए राजन बाहर ही खड़ा रहा। मैंने राजन का थोड़ा सा पानी चाट लिया। फिर हाथ धो कर बाहर आ गई।

राजन मुझे पकड़ कर बोला: मैम यह बात किसी को मत बताना। नहीं तो मेरी नौकरी चली जायेगी।

मैं राजन के सिर पर हाथ फेर कर बैंक से बाहर निकल आई। घर आकर नहाने चली गई। नहाते टाइम मुझे राजन का लंड ही याद आ रहा था। फिर मैं राजन के लंड को ही याद करते हुए सो गई।

अगले दिन मैं बैंक बिना पेंटी पहने गई। जब बैंक पहुंची, तो राजन कोई काम कर रहा था। मैंने उसको देख कर एक स्माइल की। राजन भी मुझे देख कर स्माइल देने लगा। फिर मैं अपने केबिन में आ गई, और राजन मेरे लिए पानी लेकर आ गया।

मुझे फिर से माफ़ी मांगने लगा। मैं उठ कर उसके पास गई, और उसको देख कर बोली-

मैं: राजन तेरे लंड मे तो जादू है।

और पेंट के ऊपर से ही लंड को मैंने पकड़ लिया। राजन शांत हो कर खड़ा रहा। फिर दरवाजे पर किसी के आने की आहट हुई,‌ और मैं अपनी सीट पर आ गई। राजन भी बाहर चला गया। मुझे तो राजन का लंड ही याद आ रहा था। काम में भी दिल नहीं लग रहा था।

शाम 4:30 बजे तक कर्मी घर चले गये। राजन मेरे केबिन में आ गया। मेरे पास आ कर मेरे पांव के पास नीचे बैठ गया, और मेरी टांगो को सहलाने लगा।

मैंने राजन को बोला: क्या कर रहे हो नीचे बैठ कर?

राजन बोलने लगा: मैम कल आपने मेरा लंड देखा था। आज मुझे भी अपनी चूत के दर्शन करवा दो।

मैं: राजन नहीं, यह मैं नहीं कर सकती।

राजन: मैम बस मुझे देखने दो, कुछ नहीं करुंगा मैं।

और बोलते हुए राजन ने मेरी सलवार का नाड़ा खोल दिया।

मैंने राजन को बोला: कोई आ गया तो हम दोनों को परेशानी हो जाएगी।

राजन ने मेरी कुर्सी को पीछे किया, और खुद टेबल के अंदर चला गया। फिर कुर्सी को अपनी तरफ खींच लिया।

वो मुझे बोला: अब कोई नहीं देख सकता है नीचे क्या हो रहा है।

राजन ने मेरी सलवार नीचे कर दी,‌‌ और मेरी गोरी चूत राजन के सामने आ गई। राजन ने जैसे ही मेरी चूत पर मुँह लगाया, मैं तो सिहर उठी। मेरा एक हाथ राजन के सर को सहलाने लगा गया। राजन जीभ मेरी चूत में डाल कर चाटने लगा। मेरी चूत के दाने को उंगली से सहला रहा था।

आज तक मेरे पति ने मेरी चूत नहीं चाटी थी। राजन चूत को अच्छे से चाट रहा था, और अब मैं गर्म हो गई थी । मैंने अपनी दोनो टांगो को पूरा खोल दिया, और राजन के सर को चूत मे दबाने लगी।‌ फिर मेरी चूत ने पानी छोड़ दिया। राजन मेरी चूत से निकलते हुए पानी को चाट कर पीने लगा।

पूरा पानी पीने के बाद राजन बाहर आ गया। मैं वैसे ही बैठी रही। फिर राजन ने केबिन से बाहर देखा बैंक में कोई नहीं था। तो राजन ने बैंक को अंदर से बंद कर दिया, और मेरे पास आ कर राजन ने अपने कपड़े उतार दिये। वो लंड को मेरे मुँह के पास लेकर खड़ा हो गया।

मैंने भी अपना मुंह खोल दिया, और राजन ने लंड मेरे मुँह में डाल दिया। मैं लंड को चूसने लग गई। राजन मेरा सर पकड़ कर लंड मुँह मे अंदर तक डालने लगा।

काफी देर तक मैं राजन का लंड चूसती रही। फिर मैं भी पूरी नंगी हो गई। राजन मेरे बूब्स चूसने और मसलने लगा। फिर राजन ने मुझे फर्श पर लिटा दिया, और मेरी टांगों को खोल कर चूत के मुँह पर लंड फसा दिया।

राजन ने अपने होंठ मेरे होंठो पर रख दिए, और लंड का एक झटका मारा। उसका लंड मेरी चूत चीरता हुआ अंदर चला गया। मैं तड़प उठी, पर राजन अब कहां रूकने वाला था। उसने मेरी चूत को चोदना चालू रखा।

चूत में पूरा लंड डाल कर राजन बोला: मैम आपकी चूत तो बहुत टाईट है। अभी तक साहब नहीं चोदते हैं क्या।

मैं बोली: चोदते होते तो कब की मैं मां बन चुकी होती।

राजन बोला: मैम, अब मैं हूं ना, मैं आपको अपने बच्चे की मां बनाऊंगा।

राजन मेरी चुदाई करते हुए मुझे किस करते हुए बोल रहा था।

फिर मैं भी राजन को बोलने लगी: बना दो मुझे अपने बच्चे की मां।

राजन ने अब मेरी टांगो को ऊपर उठा लिया, और जोर-जोर से मेरी चुदाई करने लगा। मैं एक बार फिर से झड़ चुकी थी, पर राजन चूत की चुदाई करने में लगा रहा। कुछ देर बाद राजन भी मेरी चूत के अंदर झड़ गया। राजन मेरे ऊपर ही लेट गया। फिर कुछ देर बाद हम दोनों अलग हुए। मैं बाथरूम में गई और फ्रेश हो कर बाहर आ गई। राजन वैसे ही नंगा लेटा हुआ था।

मैं बाहर आ कर राजन को बोली: राजन अब उठ जाओ, और बैंक बन्द करके घर जाओ।

राजन खड़ा हो गया। फिर मैंने राजन के लंड पर किस किया, और बैंक से बाहर आ गई। अब यह काम हम दोनों का रोज का हो गया। जब भी टाइम मिलता हम दोनों चुदाई का मजा कर लेते। कुछ महीनों के बाद मैं प्रेगनेंट हो गई। मेरे पेट के अंदर राजन का बच्चा था। मैं बहुत खुश हो गई।

अगली कहानी में बताऊंगी प्रेगनेंट होने की खुशी हम दोनों ने राजन के कमरे में कैसे मनाई, और उसी दिन राजन ने मेरी पहली बार गांड की चुदाई की। कैसी लगी मेरे जीवन की असली कहानी, जरूर बताना मुझे। support@mohakkisse.com

पिछला भाग पढ़े:-मैं बनी चपड़ासी के बच्चे की मां-2

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