हाय दोस्तो, मेरा नाम अंजलि अरोड़ा है, मेरी उमर 32 साल है, मैं एक शादीशुदा महिला हूँ, मेरे पति बाहर रहते हैं, कभी कभार ही आते हैं, घर में बस मैं, मेरी सास और मेरे ननद रहती है।मेरा फिगर पहले से अब सेक्सी हो गया है, मेरा फिगर 36 30 40 है, रंग एकदम गोरा, चूत गुलाबी, चुदवा चुदवा कर मेरे चूतड़ बहुत सुडौल और भारी हो गए हैं, चूचे एकदम तने तने रहते हैं।
सबसे पहले में उन सबको दिल से शुक्रिया करती हूँ जिन पाठकों ने मेरी कहानी को पढ़ा और मुझे ढेर सारे मेसेज किए।मैं एक बार फिर अपनी एक नई मस्त चुदाई की कहानी के साथ आप सभी के लंड खड़े करने आ गई हूँ।यह घटना अभी हाल ही की है। इस कहानी को हिन्दी में लिखने के लिये मेरे एक प्रशंसक परीक्षित जी ने मेरी मदद की है।
तो हुआ यूँ कि मैं शॉपिंग करने गई थी दीवाली की, मैं एक माल में घुसी, वहाँ ढेर सारी शॉपिंग की।मैं जब बिल करवा रही थी तो मेरी नज़र बराबर में एक लंबे चौड़े आदमी पर गई, वो अफ़्रीकन था और मेरी तो चाहत शुरू से रही है अफ़्रीकन लन्डों की, क्योंकि दुनिया में सबसे लम्बे मोटे लण्ड अफ़्रीकन ही होते हैं, 12 इन्च तक के !
क्योंकि मेरा बिल हो गया था पर वो लाइन में था, मैं इन्तजार कर रही थी कि उससे किसी बहाने से बात की जाए।मैंने उससे अन्ग्रेजी में बात शुरु की, जो यहाँ हिन्दी में लिख रही हूँ।
मैंने कहा- प्लीज आप मेरी हेल्प कर सकते हो? मुझे जेंट्स गारमेंट्स लेने हैं?तोउसने नॉर्मली हाँ कहा और हम लोग जेंट्स गारमेंट्स सेक्शन में जाने लगे।उसने पूछा- क्या लेना है?मैं बोली- जीन्स एंड शर्ट्स और कुछ गर्म कपड़े!
हम लोग देखने लगे और बात करते रहे।उसने बताया कि वो यहीं पास में रहता है, फ्लैट है रेंट पर और वो एक आर्किटेक्ट है, उसके साथ तीन और मित्र हैं, वो सब भी जॉब करते हैं।मैंने पूछा- क्या जॉब करते हो? तुम तो विदेशी हो?उसने बताया कि उन सबने अपनी पढ़ाई यहीं से की है और अब यहीं मन लगता है।
मैं- इंडियन्स के बीच अलग महसूस नहीं होता?बोला- नहीं नहीं बल्कि इंडियन्स तो मुझे बहुत पसंद हैं।मैं- मतलब?वो- मेरे काफ़ी फ्रेंड्स है इंडिया में!
तो मैंने शरारत भरी मुस्कान उछालते हुए पूछा- हम्म… फ्रेंड्स या गर्लफ्रेंड्स?वो- नहीं, नो गर्लफ्रेंड्स!मैं- क्यूँ? बनी नहीं या इंडियन्स फीमेल पसंद नहीं?वो- नहीं, इंडियन्स तो बहुत सेक्सी स्मार्ट होती हैं।
मैं- नही, ऐसी बात नहीं है, अब मुझे देखना, मैं क्या स्मार्ट हूँ?वो- नो मेम, आप तो रियली बहुत ही सेक्सी हो!मैं हंसते हुए बोली- नहीं, सबको तो मैं डर्टी लगती हूँ।तो वो बहुत तेज़ हंसा और बोला- आर यू जोकिंग?मैं- कहाँ से स्मार्ट लगती हूँ?वो- आप फेयर हो, फिगर भी बहुत सेक्सी है।
तो मैं हंसने लग गई, मैंने उसका नाम पूछा उसने अपना नाम बताया- डार्लिंग्टन क्वाडो…और मैंने अंजलि अरोड़ा बताया।और फिर उसने पूछा- आप अपने बायफ्रेंड के लिए कपड़े खरीद रही हो?तो मैं बोली- नहीं हसबैंड के लिए!तो वो बोला- ओह, आर यू मैरिड?मैंने कहा- हाँ क्यूँ?
तो बोला- नो नथिंग, लेकिन यू आर टू यंग!मैं- हम्म, माय एज इस 32…वो- मी इस जस्ट 27…मैं फिर मजाक़ में बोली- अभी तो एज है तुम्हारी एंजाय करने की, करते क्यूँ नहीं हो?वो- मतलब?मैं- गर्लफ्रेंड बनाओ।वो- कैसे?मैं- क्यू बात करो लड़कियों से, फ्रेंडशिप करो।
तो बोला- मुझे पता है कि इन्डियन लोग काले लोगों को पसन्द नहीं करते ! मुझे आता भी नहीं ये सब, कैसे बनाते हैं, कैसे बनेगी और रियल में मुझे एक इंडियन गर्ल चाहये।मैं बोली- क्या करोगे ऐसा उसके साथ?तो वो मुस्कुरा गया।मैं बोली- हम्म, समझ गई मैं!तो बोला- हम्म… ए लव डेट!
मैं भी नॉटी स्माइल देते हुए बोली- काश मैं शादीशुदा ना होती तो मज़े करती!तो बोला- कैसे?मैं- बायफ़्रेंड बनाती!वो- लेकिन यू आर मैरिड, तुम तो हसबैंड के साथ हो?मैं- बट वो आउट ऑफ कंट्री रहते हैं।
वो- ओह सॉरी!मैं बोली- नहीं नहीं सॉरी क्यूँ? मैं तो अब भी एंजाय करती हूँ।वो- मीन्स यू हैव बायफ्रेंड?मैं बोली- नो, बत लव टू फक फ्रॉम स्ट्रेंजर्स! ( मुझे अनजान लोगों से चुदना पसन्द है।)
अब वो यह सुनकर थोड़ा मुस्कुराया और बोला- नॉटी गर्ल, यू आर टू वाइल्ड ह्मम्म!!!मैं बोली- अभी मेरी वाइल्डनेस देखी कहाँ है?तो मेरे करीब आकर बोला- यु वान्ट टू शो?तो मैं भी उसकी पैंट पर हाथ फेरते हुए बोली- हाँ!
तो बोला- फ्लैट पर आना पसंद करोगी? डोंट वरी, मैं अकेला हूँ।तो मैं बोली- मैं तुम सबको अपनी वाइल्डनेस दिखाना चाहती हूँ।अब तो वो मेरे गर्दन पर फूंकता हुआ बोला- वी विल टियर युवर पुसी आंड आस अपार्ट! (हम तुम्हारी चूत और गाण्ड फ़ाड़ कर रख देंगे!)
अब मैं आगे बढ़ी और बोली- अपना नम्बर दो!तो बोला- अभी चलोगी?मैं बोली- हाँ!
हम दोनों अब माल से बाहर आए और उसने कार निकाली और मैंने अपनी कार निकाली और उसके पीछे चलने लगी।उसने फ्लैट पर ले जाकर डोरबेल बज़ाई।अब मेरी चूत गीली सी होने लगी।दरवाज़ा एक और काले सांड ने खोला जो बहुत मोटा तगड़ा था।
हम दोनों अंदर गये और जाते ही उसने मुझे अपनी गोद में उठा लिया और चिल्ला कर बोला- कम ऑन गाइस, फक हर… शी वांट्स टूशो अस हर वाइल्डनेस! (आओ दोस्तो, चोदो इसे… यह हमें अपना असली रूप दिखाना चाहती है।)और बेड पर पटक प्रिया।
तो मैं बोली- प्लीज़ गाइस, जस्ट वेट, पहले कुछ अल्कोहॉल हो जाए?वहाँ चार लड़के थे, चारों काले लंबे, वो बियर लाए और मैं तो दो बोतल डकार गई और साथ में पीते हुए एक और बोतल उठाई और फिर तो सब एक साथ खुद पूरे नंगे हो गये।
मैं बेड से ज़मीन पर आ गई और मेरे चारों ओर लौड़े थे जिन्हे मैं गपागप चूसे जा रही थी।फिर उन्होंने मुझे खड़ा किया और किस करने लगे और एक ने मुझे झुका प्रिया बेड के सहारे, मेरी चूत में बहुत बुरी तरह घुस कर चाटने लगा।मैं अचानक पागल हो गई और एक मेरे सामने लण्ड लाकर चूसाने लगा कि तभी एक लन्ड मेरी चूत में घुसा और मैं हल्के से आगे हुई तो उसने गांड को पकड़ा और मेरी गांड को बहुत तेज़ अपने लंड पर मारा।मेरी हालत खराब हो गई और मैं चीखने लगी और बोली- नहीं!
मम्मी का ग्रुप सेक्स(Mummy ka group sex)
तभी उस अफ्रीकन ने एक झापड़ मेरे चूतड़ पर मारा और दो तीन बार ऐसे ही झापड़ और मारे और पूरा लन्ड मेरी चूत में घुसा प्रिया और चोदना शुरू किया।मेरी आँखों में आँसू आ गये।
तो एक मुझे किस करने लगा और बेड पर बैठ गया और लंड को चुसवाने लगा।मैं चूसते हुए चिल्लाने लगी और वो पीछे से मेरी चूत बहुत तेज़ मरने लगा। जिसका लंड चूस रही थी वो मेरी गरदन को पकड़ केमेरे मुँह को चूत की तरह चोदने लगा, मुझे साँस आनी बंद होने लगी।
उधर वो चोदते हुए गांड पर पटक पटक के झापड़ पे झापड़ मरते हुए मुझे बेरहमी से चोदने लगा।
फिर वो हटा तो जिसने दरवाज़ा खोला था, वो मोटा काला आया और बेड पर लेट गया और मुझे अपने ऊपर लाकर चूसनेखाने लगा, उसने अपने दोनों हाथ मेरे चूतड़ों पर रखे और मसलने लगा और किस करने लगा।मुझे मज़ा आ रहा था और मैं भी उसके ऊपर चढ़कर अपनी चूची उसके मुँह में घुसाने लगी।
अब उसने मेरी चूत में लंड लगाया, उसका लंड सच में बहुत लंबा था और मोटा भी बहुत ज़्यादा था, उसने धीरे धीरे बड़े ही आराम से पूरा घुसा प्रिया और मैं भी आराम से ले गई।अब उसने बड़े ही प्यार से मुझे चोदना शुरू किया और मुझे बहुत ही मज़ा आ रहा था। मैं रग़ड़ रगड़ कर उसके लौड़े को चूत में लेने लगी और तीनों लोग भी मेरे पास आकर लौड़े चुसवाने लगे।
फिर उस काले सांड ने मेरी गांड को दोनों हाथों से पकड़कर ऊपर उठाया और मुझे पूरा गिरा प्रिया, मेरे चूचे चूसने लगा और उसके बाद उसने मेरी गान्ड चोदना शुरू किया, बहुत ही बुरी बेरहमी से चोदने लगा।
चुदते चुदते मुझे अच्छा लगने लगा तो मैंने उल्टी पड़े पड़े ही पेट के नीचे तीन तकिये लगाए और पैर खोल दिए, मेरी गांड पूरी खुल गई थी जिससे उसका लण्ड मज़ा दे रहा था।अब वो हट गया तो मैं बोली- प्लीज़ कम ओन, वांट मोर इन माय ऐस!
यह सुनकर उसने मेरे बाल पकड़े और चूमने लगा खाने लगा मेरे होठों को!अब वो नीचे लेटा और मुझे लौड़े पर बिठाया, मेरी कमर उसके चेहरे की तरफ़ थी और मैं अपनी गांड में उसके लन्ड को लेकर कूदने लगी।तभी वो रुका अरर मेरे दोनों पैर खोल कर एक से कहा- फक हर पुसी ऑल्सो!
तो वो आया और मेरी चूत में लौड़ा घुसा कर चोदने लगा।मैं बहुत ही ज़्यादा मजे मे सिसकारियाँ भरने लगी, दोनों के लौड़े अब मुझे वो मजा दे रहे थे जिसके लिए मैं हमेशा पागल रहती हूँ।इतने में दो लन्ड और मुँह में चूसने को मिले, मैं पूरी रांड कुतिया बन कर चुदवाने लगी और दोनो के लंड मुझे धकाधक ऐसे चोद रहे थे जिसमें हर धक्के में मेरी आह ही आह निकल रही थी, एक चूत में जाता तो एक गांड में।अब दोनों की स्पीड बहुत ही तेज़ होने लगी और मैं बहुत तेज़ तेज़ चिल्लाने लगी और लौड़े चूसने लगी।
थोड़ी देर में दोनों के दोनों झड़ गये और मेरी चूत गांड में वीर्य ही वीर्य भरा पड़ा था।
मैं थक के चूर हुई पड़ी थी लेकिन अभी तो शायद काफ़ी कुछ बाकी था, अब दोनों हटे और जिनके लन्ड मैं चूस रही थी, वो दोनों आ गये, एक ने मुझे अपने ऊपर बिठाया, अब मेरा चेहरा उसके चेहरे की तरफ़ था और लन्ड चूत में घुसा प्रिया और पूरा अपने ऊपर लिटा कर चूचे और होंठ चूसने लगा।
दूसरे ने अपना काला लम्बा लन्ड मेरी गीली गांड में घुसाया और ऐसे बहुत देर तक चोदा।\अब मेरी हालत वाकयी ख़स्ता हुई पड़ी थी और मेरी चूत गांड में मुझे सूजन महसूस होने लगी और दर्द के साथ साथ मजा भी आ रहा था, मैं भी अपनी कमर को थिरका थिरका कर दोनों लोड़े ले रही थी और उस काले सांड के बड़े बड़े होंठ चूम रही थी।
थोड़ी देर की ख़तरनाक चुदाई के बाद दोनों ने मुझे खड़ा किया, अब पोज़िशन बदली अब गांड वाले ने मेरी चूत में घुसा कर मुझे गोदी में उठा लिया और दूसरे ने गांड में…और दोनों के हाथ मेरी गांड को नीचे से सहारा देते हुए मुझे उछालने लगे।इस पोज़िशन में बहुत ही मजे से चुदवा रही थी क्यूंकि उछल कर जब नीचे आती तो दोनो के लंड पूरे घुस जाते!
मैंने अपना एक हाथ एक की गर्दन पर और दूसरा हाथ दूसरे की गर्दन पर रखा और पूरी रांड की तरह चुदवाने लगी।अब तो मैं जन्नत के मजे ले रही थी और पूरे जोश में चुदवा रही थी।अब दोनों ने मुझे उछालना बंद किया और ऐसे ही बस तेज़ी से आअहह करते सांस छोड़ते हुए झड़ गये, उनका वीर्य ज़मीन पर गिरने लगा और मुझे बेड पर लिटा प्रिया और लंड को चुसवाने लगे।
मैं तो थक हार कर सो गई, आँख खुली कई घन्टे बाद सीधा रात को।मुझे जाना था घर… जब मैं उठी तो ना तो चला जा रहा था ना ही पैर मोड़े जा रहे थे।
चारो तो उठ चुके थे, खाना ऑर्डर कर प्रिया था।मैं किसी तरह बाथरूम गई, नहाई और चूत गांड ढंग से धोई, चूत तो बिल्कुल लाल हुई पड़ी थी और गांड फूली हुई साफ दिख रही थी।
मैंने खाना खाया, कपड़े पहने, जाने लगी तो बोले- प्लीज आज रात और रुक जाओ!तो मैं बोली- कल आ जाऊँगी।उन्होंने मुझे बिल्कुल फोर्स नहीं किया।
मैंने उनका फ़ोन नंबर ले लिया और चली आई।
तो दोस्तो, मेरी यह कहानी कैसी लगी, अपनी राय इमेल्स करके ज़रूर बताएँ।support@mohakkisse.com