Hindi Chudai Kahani

मेरे मामा की बीवी-3(Mere mama ki biwi-3)

लेखक: shikari दिनांक: 08-03-2018 पठन समय: 9 मिनट

पिछला भाग पढ़े:-मेरे मामा की बीवी-2

हेलो दोस्तों मैं हाजिर हूं आगे की सेक्स कहानी लेके। कहानी के लिए आपके फ़ीडबैक आ रहे हैं। मैं आपके फ़ीडबैक को पढ़ रहा हूं और रिप्लाई भी कर रहा हूं। काफी मैसेज होने के कारण कुछ मैसेज के रिप्लाई नहीं कर पा रहा हूं। लेकिन देर सबेर मैं सभी मैसेज के रिप्लाई जरूर करूंगा। मुझसे संपर्क करने के लिए मुझे email id: “support@mohakkisse.com” पर मैसेज करे।

जैसा कि मैं आपको पिछले भाग में बताया कि मैं और मामी गले लगे और मेरा लंड शॉर्ट्स से बाहर आके उनके पेट पे लग रहा था।

उसके बाद मामी बिल्कुल शांत हो गई। वह कुछ बोल नहीं रही थी, बस मुझे अपने अंदर खींचे जा रही थी। मुझे अपने से चिपकाए जा रही थी और अपनी चूचियां मेरे सीने से कस-कस के रगड़ रही थी। अपने आप को मामी खुद ही मेरे शरीर से मसल रही थी। मैं भी अपने हाथ से उनकी पीठ और उनकी गांड सहला रहा था। हम दोनों गले लगे हुए थे और मैं उनकी गरदन के पास था बिल्कुल। गले लगाते समय मैं मामी के गर्दन पर अपनी गर्म सांस छोड़ रहा था और मामी की सिसकारियां पूरी मुझे कान में सुनाई दे रही थी।

गले लगते-लगते ही मैं मामी की गर्दन पर चूमना शुरू कर दिया। मैं मामी की गर्दन चूम रहा था। वह जरा भी विरोध नहीं कर रही थी। वह बस मुझे अपने से चिपकाए जा रही थी और अपनी तरफ मुझे खींचे जा रही थी। वह पूरी गर्म हो चुकी थी। अब मैं थोड़ा आगे बढ़ा और उनके होंठ पर चुम्मा दे दिया।

मैं मामी के होंठ पर चूमे जा रहा था। मामी अभी मुझे रोक बिल्कुल नहीं रही थी। ना ही वह मुझे अपने से दूर हटा रही थी। मैं उन के होठों को और चूसे जा रहा था और उनकी पीठ सहला रहा था और उनकी गांड दबा रहा था। उनकी पीठ कस-कस के सहला रहा था और गांड भी दबाए जा रहा था। मामी की ब्रा और उनकी पैंटी मुझे कपड़े के ऊपर से पता लग रही थी। मैं मामी को करीब 1 मिनट तक चुम्मा दिया। लेकिन मामी ने मुझे एक भी बार खुद से अब तक किस्स नहीं किया था। वो बस मेरा मजा ले रही थी।

अचानक से मामा बाहर से दरवाजा खटखटाने लगे और मैं इतना जोश में था कि मामी का हाथ पकड़ कर अपने लंड पर रख दिया। अब मामी मेरा लौड़ा हल्का-हल्का हिला रही थी और मैं मामी की चूचियां दबाने लगा।

मैं बोला: मामी मुझे आप बहुत ज्यादा पसंद हो।

मैं आपके बारे में दिन भर रात भर सोचते रहता हूं।

मामी बोली: मैं तुमसे बहुत बड़ी हूं। मैं तुम्हारी मामी हूं। तुम्हारे मामा बाहर खड़े हैं मुझे जाने दो।

मामी यह सब बोलते टाइम मेरा लंड हल्का-हल्का सहला रही थी। मेरे लंड को हल्का-हल्का हिला रही थी। मेरा 6 इंच का लंड टाइट हो गया था। उस समय मैं इतना जोश में था कि ऐसे लग रहा था जैसे मेरा लंड बड़ा होकर 7 इंच का हो गया था।

मामी की चूचियां दबाते-दबाते मैंने अपना हाथ मामी के ब्लाउज के अंदर डालने की कोशिश की। मामी ने ब्रा पहनी हुई थी इसलिए समस्या हो रही थी। लेकिन थोड़ा दम लगाते हुए मैंने अपना हाथ उनकी ब्रा के अंदर सरका दिया। मामी की मोटी चूचियां बिल्कुल टाइट और गरम हो गई थी। उनका मोटा निप्पल टाइट हो गया था और गरम भी हो गया था।

मुझे साफ-साफ पता लग रहा था कि मामी का निप्पल मोटा होकर टाइट हो गया था और मामी की चूचियां भी बहुत टाइट और गरम हो गई है। दरअसल मामी भी बहुत गर्म हो गई थी क्योंकि मैं बहुत कस-कस के उनकी चूचियों को उनके निप्पल को ब्लाउज के अंदर हाथ डाल के दबाये जा रहा था और मामी भी मेरे लंड को बहुत अच्छे से जोर जोर से हिलाए जा रही थी।मामी की सिसकारियां अब कमरे में गूंज रही थी।

आह आह उफ्फ उफ्फ आह हुहह्ह्ह्ह सी सी आह उफ्फ ओह्ह्ह ओह्ह्ह हुह्ह्ह्ह्हिह ऐसे मामी की आवाज मेरे कानों को सुनाई दे रही थी।

इतने में मामी का फोन बजा और हमने फोन पर देखा की बाहर खड़े हुए मामा का कॉल आ रहा है। मामी ने थोड़ा रुक कर वो का फोन उठाया, लेकिन अभी भी वह मेरे लंड को हिला रही थी और मैं ब्लाउज से उनके चूचों को दबा ये जा रहा था।

फोन उठाने पर मामा ने बोला: मैं इतना देर से दरवाजा खटखटा रहा हूं। तुम लोग खोल क्यों नहीं रहे?

मामी ने बोला: मैं किचन में हूं और अंकित अपने कमरे में है। 2 मिनट में आ रही हूं।

मामा ने ठीक है बोल कर फोन काट दिया।इधर मैं और मामी पूरा एक-दूसरे के आगोश में लगे हुए थे। मामी के हाथ में मेरा मोटा लगभग 7 इंच का लंड था और मेरे हाथ में मामी की मोटी भरी हुई गोल गोल चूचियां।

मैंने अभी मामी को नंगा नहीं किया था, ना ही उनका ब्लाउज या साड़ी उतारी थी। मामी ने मेरा मोटा असली मर्दों वाला लौड़ा अच्छे से देख लिया था। उसने मेरे लंड को सही से महसूस कर लिया था और अच्छे से हिला रही थी।

अब मैंने सोचा कि मैं भी कुछ आगे बढ़ू। तो मैं मामी के ब्लाउज खोलने के लिए उनका हक पर हाथ रखा। लेकिन मामी ने मेरा हाथ तुरंत हटा दिया। फिर मैं साड़ी के ऊपर से ही मामी की चूत सहलाने की कोशिश की लेकिन इतने में मामी ने मुझे धक्का दे दिया।

मामी बोली: तुम्हारे मामा बाहर खड़े हैं मैं अब कुछ नहीं कर सकती।

और वो अपने कपड़े सही करने लगी। मामी ने अपना बाल सही किये। अपने चूचे ब्लाउज के अंदर सही किये और अपनी साड़ी सही की।

मैं और मामी दूर खड़े थे लेकिन मेरा लंड अभी भी शॉर्ट्स के बाहर था, तो मैंने अपना मोटा लंड मामी को दिखा कर जोर से हिलाया।

मैंने बोला: यह लंड तुम्हारे अंदर बहुत जल्द ही जाएगा संगीता। तैयार रहो मुझे तुम्हारी चूत बहुत जल्द मारनी है। मैं तुम्हें चोदना चाहता हूं संगीता।

यह सब बोलते-बोलते मैं अपना लंड हिलाने लगा और मामी दूर से देखने लगी।बोलते-बोलते मैं झड़ने लगा। मेरे लंड का पानी निकलने लगा। एक तरह से मैंने मामी को दिखा कर उनके सामने ही मुठ मार दी थी।

मैंने सिसकारी लेनी शुरू कर दी: अग्ह्ह अग्ह्ह्ह अग्ह्ह्ह अग्ह्ह्ह हुआह्झ ओह्ह्ह संगीता संगीता।

यह कहते-कहते मैं झड़ गया और मेरा वीर्य मामी की साड़ी पर जाकर पड़ा। मामी इतना घबरा गई कि उसने मेरा वीर्य अपनी साड़ी से जल्दी-जल्दी में हाथ से ही साफ कर लिया और दरवाजे की ओर भाग गई।इधर मैं भी झड़ने के बाद थोड़ा घबरा गया और अपने कमरे की ओर भाग आया। मैं कमरे में आया और अपने बाथरूम में चला गया। मैंने अपने शॉर्ट्स बदले और थोड़ी साफ सफाई की। इसके बाद मैं अपने कमरे में आकर बैठ गया।

उधर मामी ने भी दरवाजा खोल दिया था तो मामा और मामी आपस में कुछ बात कर रहे थे। यह सब इतना जल्दी हुआ कि बाद में मैं थोड़ा डरा हुआ भी था। मैं शांति से बस कमरे में बैठा था। मैं सोच रहा था कि इतना जल्दी में क्या-क्या हुआ था और ये सब हो कैसे गया। मुझे कुछ समझ में नहीं आ रहा था और मेरा दिमाग हिल गया था। मेरी गांड फट गई थी इस सब के बाद।

उसके बाद क्या हुआ यह सब अगली कहानी में बताऊंगा। यह सारी बातें बिल्कुल सत्य हैं इसलिए मुझे थोड़ा समय भी लग रहा है। कोशिश करूंगा कि जल्द से जल्द पूरी बातें आप लोगों को बताई जाए।

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