होम पर वापस जाएं
चाची की चुदाई पठन समय: 6 मिनट पढ़ा गया: 324 बार

मामी नंगी मेरे सामने आ गई

आकाश

15 Aug 2012 को प्रकाशित

मामी नंगी मेरे सामने आ गई
कहानी सुनें

ऑडियो प्लेयर (Play Audio)

स्वर: लोड हो रहा है...

0:00
0:00

यह बात उस टाइम की है जब मैं गाँव में मामा-मामी के पास गया था।जिस दिन मैं गाँव पहुँचा.. ठीक उसी दिन वहाँ रात में एक मर्डर हो गया जिसमें मामा और एक आदमी को शक में पुलिस पकड़ कर ले गई।

वहाँ पुलिस स्टेशन में पूछताछ हुई तो दूसरे आदमी ने, जिसका नाम कैलाश था उसने जुर्म कबूल कर लिया। लेकिन मेरे मामा को मर्डर में साथ देने के झूठे इल्ज़ाम में उम्रक़ैद की सज़ा हो गई।

अब मामा जेल में हैं। उनके घर में मामी और उनकी 2 साल की एक लड़की है।मामी बहुत गोरी हैं और उनकी उम्र अभी 24 साल है।

मामा को जेल गए एक साल हो गए तो इतने दिनों में मामी की चूत चुदने के लिए प्यासी हो गई थी। मामा के जेल से छूटने की कोई बात बनते हुए नहीं दिख रही थी।अब मामी का धैर्य भी धीरे-धीरे टूट रहा था। इस तरह वो मेरी ओर आकर्षित होने लगी थीं।

मामा का घर दो कमरे का था, एक कमरे में मामी अपनी बच्ची के साथ रहती थीं और दूसरे कमरे में रहता था।जब मैं अपनी पढ़ाई कर रहा होता.. तो मामी मेरे पास आकर बैठ कर अपना दिल बहलाती रहती और प्यासी निगाहों से मुझको निहारती रहती थीं।

एक दिन मैं कॉलेज गया हुआ था। उस दिन मैं कुछ नोट्स घर पर भूल गया था। मैं घर वापस आकर अपने कमरे में आ गया। उस वक्त मामी बाथरूम में नहा रही थीं, मामी को मेरे आने की खबर नहीं हो पाई थी।

जब मैं अपना नोट्स लेकर निकल रहा था.. तो अचानक बच्ची के रोने की आवाज़ से मैं उनके कमरे में चला गया। उसी समय बच्ची के रोने की आवाज़ सुन कर मामी भी नंगी दौड़ते हुए कमरे में आ गईं।

मुझे अचानक उधर देख कर वो सकपका गईं और अपने हाथों से अपने को ढकने लगीं। लेकिन वो अपने पूरे शरीर को अपने हाथ से ढक नहीं सकती थीं, मैंने बिस्तर पर रखा चादर उठा कर नंगी मामी को दे दी।

वो चादर से खुद को ढकने के बाद मुझसे माफी माँगने लगीं और आकर मुझसे लिपट कर रोने लगीं।मैं भी उन्हें सांत्वना देने लगा।

चूँकि वो मुझसे लिपटी हुई थी इसलिए मैंने उनकी पीठ पर हाथ घुमाया। इससे वो मुझसे और अधिक चिपकने लगीं और ज़ोर-ज़ोर से रो-रो कर अपने मन की बात उजागर करने लगीं।

उन्होंने मुझसे खुद के प्यासे होने की बात भी कही.. तब मैं उनके माथे को चूमता हुआ उनको लिपकिस करने लगा।

फिर मैं कॉलेज चला गया। जब मैं कॉलेज से वापस आया.. तो रात में खाना के समय मैंने मामी से पूछा- आगे क्या करना है?तो मामी मेरे पाँव पकड़ कर बोलीं- आकाश तुम जैसा दोस्त और जीवन साथी कहाँ मिलेगा.. मुझे अपना लो।मैं बोला- मुझे कुछ टाइम चाहिए।

वो मुझसे लिपटने लगीं.. और हम दोनों पूरे खुल गए। हम दोनों एक-दूसरे को किस करने लगे, वो चुदने के लिए तड़प रही थीं।

मैंने उनकी साड़ी निकाल दी और उनके सभी कपड़े निकाल कर फेंक दिए। कुछ ही पलों में मेरी मामी पूरी तरह से नंगी थीं, मैं उनके मम्मों को मसल रहा था। वो मेरे लंड को सहलाने लगीं।

मैंने नंगी मामी को लिटा प्रिया और उनकी चूत को चाटना शुरू कर प्रिया।वो और ज़्यादा तड़पने लगीं।

यह भी पढ़ें (Recommended)

जब चुदी एकता मामी

अब मामी से सहन नहीं हो रहा था, वो मेरे लंड को पकड़ कर अपनी चूत में लगाने लगीं। फिर मैंने अपना लंबा और मोटा लंड मामी की चूत पर रखा और चूत के दाने पर रगड़ने लगा।इससे मामी बौखला गईं और उन्होंने अपनी टांगें पूरी खोल दीं।

मैंने ज़ोर से एक धक्का मारा तो मेरा आधा लंड मामी की चुत को फाड़ता हुआ अन्दर घुस गया, उनके मुँह से चीख निकली.. उम्म्ह… अहह… हय… याह… वो दर्द से छटपटाने लगीं।

मैं कुछ देर रुका और फिर पूरी ताक़त से एक और धक्के में पूरा लंड अन्दर पेल प्रिया। वो फिर से चीख पड़ीं और उनका दर्द बढ़ गया। लेकिन अब मैं रुका नहीं.. मामी को ज़ोर-ज़ोर से चोदने लगा।

कुछ ही देर के दर्द के बाद वो भी मस्ती में आ गईं और अपनी कमर उठाने लगीं।

मामी को मज़ा आने लगा था, वो बोल रही थीं- आह्ह.. चोद दो.. मेरे राजा.. अहह.. ओह माँ.. मर गईईईई.. आकाश.. तुम्हारा लंड तो बहुत बड़ा है.. मैं इसकी रानी बनना चाहती हूँ.. आह्ह.. चोदो मुझको.. चोद दो.. आआहह.. उन्न्नह.. आई लव यू आकाश.. आह्ह.. लव यू।‘आई लव यू टू मामी..’‘नहीं आकाश.. मुझे सिर्फ़ राधिका बुलाओ..’‘ओके राधिका.. आई लव यू..’

इसके बाद ताबड़तोड़ चुदाई का दौर चला, धकापेल चुदाई के दौर में राधिका दो बार झड़ गईं।

लम्बी चुदाई के बाद मेरा भी लंड पानी छोड़ने वाला था। मैंने स्पीड और बढ़ाई और हम दोनों एक साथ चरम पर आ गए। मैं मामी की चूत के अन्दर झड़ गया।झड़ते ही हम दोनों एक-दूसरे से लिपट कर सो गए।मामी की बच्ची भी सो गई थी।

सुबह मैंने ‘गुड मॉर्निग’ विश के साथ राधिका मामी को एक सरप्राइस प्रिया।मैंने कहा- राधिका मैं तुमसे शादी करूँगा।उसकी आंखों में आँसू आ गए।

मैंने राधिका मामी को अपने सीने से लगा लिया। कुछ दिन चुदाई का दौर चलता रहा। अब हम एक ही कमरे में एक ही बिस्तर पर सोने लगे।

मेरे इम्तिहान खत्म होने के बाद हम दोनों ने शहर बदल लिया, अब हम दोनों मुंबई आ गए। यहाँ आकर एक मंदिर में जाकर पूरे विधि-विधान से मैंने राधिका के गले में मंगल सूत्र डाला और माँग में सिंदूर भर प्रिया.. अग्नि को साक्षी मान कर सात फेरे लिए।

वो बहुत खुश दिख रही थी और लाल जोड़े में बहुत प्यारी लग रही थी।

मैंने यहाँ आकर एक छोटी सी नौकरी कर ली। अब 3-4 महीनों की रोज चुदाई के बाद राधिका ने मुझे सरप्राइस प्रिया कि मैं बाप बनने वाला हूँ।

हम दोनों बहुत खुश हैं। हम एक-दूसरे से बहुत प्यार करते हैं।

आपको मेरी पहली आपबीती यह सेक्स कहानी कैसी लगी, अपने कमेंट मुझे ईमेल जरूर करें।support@mohakkisse.comअगली कहानी तक के लिए गुडबाय।

कहानी पर अपनी प्रतिक्रिया दें (React to Story)

इसी श्रेणी से अन्य कहानियाँ

बड़ी चाची की चुदाई देख छोटी को चोदा-3
चाची की चुदाई

बड़ी चाची की चुदाई देख छोटी को चोदा-3

अभी तक आपने पढ़ा कि मुझे छोटी चाची ने बड़ी चाची की चुदाई देकते पकड़ लिया और अपने कमरे में ले गयी. वहां मैं छोटी चाची की प्यासी जवानी को शांत कर रहा हूँ.अब आगे:

12 मिनट 1,359
आपको माँ बना देता
चाची की चुदाई

आपको माँ बना देता

हेल्लो दोस्तो!मेरा नाम रमीज़ है, 24 साल का हूँ, हैदराबाद में रहता हूँ और मैं एक अच्छा बॉडी बिल्डर हूँ क्योंकि मैं रोज़ जिम जाता हूँ।यह कहानी मेरी और मेरी सेक्सी चाची की है।

9 मिनट 629
जब चुदी एकता मामी
चाची की चुदाई

जब चुदी एकता मामी

प्रेषक – नन्द कुमार

16 मिनट 997

पाठकों की राय

3 टिप्पणियां

ठरकी छोकरो

2 months ago

यार पड़ोसन आंटी वाला पार्ट 2 कब पोस्ट कर रहे हो? बेताबी से इंतज़ार है।

N

Neeraj Patel

2 months ago

गजब की आंटी है भाई, पढ़ते हुए मजा आ गया।

कन्नू कनोज

2 months ago

पड़ोसन आंटी की तो बात ही अलग है। बहुत ही गरमा-गरम कहानी!

🔒 सुरक्षा कारणों से कॉपी करने की अनुमति नहीं है।