पिछला भाग पढ़े:-मेरे मामा की बीवी-1
नमस्कार दोस्तों, पिछली कहानी में बहुत सारे फीडबैक आए। बहुत सारी भाभियों का, मामियों का और शादी-शुदा औरतों का, सिंगल लड़कियों और आदमियों के भी बहुत से मैसेज आए। फीडबैक के लिए आप सभी का बहुत-बहुत धन्यवाद।
जैसा कि मै पिछले भाग में आपको बताया कि गाड़ी में मैंने मामी की पूरी चूचियों को बहुत देर तक सहलाया, बाद में दबाया और उनके पेट को भी बहुत सहलाया था।
मामी मेरी बहुत मस्त सेक्सी माल है।उसकी उम्र तो 45 साल है लेकिन देखने में वह 35 साल के आस-पास ही लगती है।
गाड़ी में जब मेरा हाथ मामी की चूचियों पर पहुंचा, उसके बाद मेरा लंड बहुत टाइट हो गया था। मेरा लंड 6 इंच का है। मामी की चूचियां सहलाते समय मेरे लंड का सुपाड़ा खुद बा खुद बाहर आ गया था।
एक हाथ से मैं अपने लंड को हिला रहा था और एक हाथ से मामी की मोटी गोल फूली हुई चूचियां सहला रहा था। मामी खुद से ही अपने पल्लू को साइड करके मेरे हाथ को अपनी चूचियों के पास जाने की जगह दे रही थी।
थोड़ी देर में अंधेरा ज्यादा हो गया और मैं बहुत जोश में आ गया तो मैं बहुत कस-कस के पूरा मजे से मामी की चूचियों को दबाने लगा। जब मैं चूचियों को दबा रहा था तो मामी ने अपना हाथ बिल्कुल ऊपर कर लिया था और मामी की कांख बिल्कुल चिकनी थी। मामी ने बगल के कांख के बाल साफ किए हुए थे।
मामी की कांख से पूरा पसीना आ रहा था और मैं साइड से हाथ उनके ब्लाउज में घुस चुका था। मैं बहुत कस-कस के चूचियों को दबाए जा रहा था और अपना लौड़ा भी हिला रहा था। मामी भी हल्की-हल्की आह भर रही थी। उसकी सिसकारियां सुनाई दे रही थी मुझे। वो पूरा मजा ले रही थी।
अब आप सोचिए कि उसका पति यानि मामा गाड़ी चला रहा था और वह औरत यानि मामी पीछे बैठ कर मुझसे अपने चूचे दबवा रही थी। मामी का शरीर पूरा गर्म हो गया था। उसके शरीर की गर्मी पूरी मुझे पता लग रही थी। मेरा भी शरीर बहुत गर्म हो गया था। बस फिर हमारा घर आ गया।
घर आने के बाद मामी गाड़ी से उतरी। मैं मामी को नमस्ते किया तो वह मुझे सब के सामने गले लगा ली और कान में मुझे चुपके से बोला कि, “तुम मेरे घर आना मैं बहुत अकेली रहती हूं।” उसने यह भी बोला कि, “मैं तुम्हें कॉल करूंगी।” बस फिर वह लोग चले गए।
रात में मैं अपने लंड को मामी के बारे में सोच कर, गाड़ी में जो हुआ उसे सोच के देर तक हिलाया। मैं चुदाई बहुत करता हूं दोस्तों, इसलिए मैं मुठ बहुत कम मारता हूं। लेकिन उसे दिन मैंने कई महीना बाद दो बार मुठ मारी थी।
अगले दिन मामी ने मुझे कॉल किया और नॉर्मल बात करने लगी। मुझे समझ नहीं आ रहा था कि मामी इतना नार्मल कैसे थी। एक दिन पहले ही तो मैं मामी के बूब्स को मैंने नंगा महसूस किया था, फिर भी वह इतना नॉर्मली कैसे बात कर रही थी?कॉल पर यह सब बातें हुई-
मामी: कैसे हो बेटा?
मैं: बिल्कुल ठीक, बस आपको याद कर रहा था।
मामी: क्या याद?
मैं: अरे आपको याद पूरी रात आपको याद किया।
Cinema hall me chudi meri maa-11
मामी: कोई बात नहीं, जल्द मिलूंगी।
मैं: कल गाड़ी में सही से बैठी थी आप?
मामी: हां, मैं तो सही थी। बस गर्मी लग रही थी। काफी गरम (मामी ने बस यही बोला काफी गरम बोल के मामी ने हिंट दिया)।
उसके बाद इधर-उधर की बातें होने लगी। फिर हम लोगों ने फोन रख दिया। उसके बाद हम लोग लगभग हर रोज चैटिंग और कॉलिंग पर बात किया करते थे। कुछ ना कुछ बातें हमेशा होती थी। मैं बहुत फ्लर्ट करता था, कभी-कभी वह भी फ्लर्ट करती। कभी-कभी वह बहुत नॉर्मली बिहेव करती, इसलिए मुझे मामी का समझ में नहीं आ रहा था कि आखिर वो चाहती क्या थी?
कुछ दिन बाद मामी फिर से मिली। मिलते ही उन्होंने मुझे गले से लगाया। पहले जब मैं मामी से मिलता था तो हम बस दूर से ही नमस्ते किया करते थे। अब वह मुझे गले लगाने लगी थी।
जब जब मामी मुझे गले लगाती, तो मैं भी बिल्कुल चिपक जाता था और अपना मोटा 6 इंच का लंड मामी के पेट पर महसूस करवाता था और उसकी पूरी पीठ को, उसके ब्रा के स्ट्रैप को सहलाता था। मामी की चूचियों को अपने सीने से कस के दबाता था। मामी की आवाज बिल्कुल धीमी हो जाती थी। वो हल्की-हल्की सिसकारी भी लेती थी।
मामी सब समझती थी और वह भी मुझसे दूर नहीं हटती थी। हम लोग एक-दो मिनट तक गले लगे रहते थे। मैं उसके गर्दन पर अपनी गर्म सांसे भी महसूस करवाता था। कभी-कभी वह मुझसे खुद ही कसके लिपट जाया करती थी। अपनी चूचियों को मेरे सीने से रगड़ती थी और मेरे लौड़े को अपने पेट पर खूब महसूस करती थी। कभी-कभी मैं अंडरवियर भी नहीं पहनता था।
एक बार मामी मेरे घर आई तब घर पर कोई नहीं था। आते ही हम दोनों गले लगे। मैं मामी से गले लगा तो मेरा लोड़ा मेरे शॉर्ट से बाहर आ गया और मेरा टोपा मामी के पेट पर लग रहा था। मेरा टोपा मामी की नाभि पर पूरा महसूस हो रहा था और मैं और मामी गले लगे हुए थे।
हम दोनों बहुत देर तक गले लग रहे। कम से कम चार-पांच मिनट हम लोग ऐसे ही गले लग रहे। ना वह कुछ बोली, ना मैं कुछ बोला। हम दोनों गले लग रहे और एक-दूसरे को रगड़ते रहे।
जब औरत गर्म होती है तो उसके शरीर से मादक महक बहुत ज्यादा आने लगती है। उस दिन जब हम दोनों गले लगे थे तो मामी के भी शरीर से मादक महक आने लगी थी। जब हम दोनों अलग हटे तो मैं मामी को गाल पर एक किस्स किया।
उसके बाद मैं खुद को रोक नहीं पाया। गाल पर किस्स करने के बाद मैं मामी के होंठ पर अपने होंठ रख दिया और हम दोनों एक-दूसरे को चूमने लगे। मैं मामी को चूमें जा रहा था। उनके होठ चूसे जा रहा था। मामी भी मेरा साथ दे रही थी वह भी मुझे चूम रही थी और मेरे भी होंठ चूसे जा रही थी। मामी शर्मा भी रही थी।
इसके बाद क्या हुआ मैं आपको अगले पार्ट में बताऊंगा। दोस्तों यह कहानी बिल्कुल हकीकत है इसलिए काफी धीमी-धीमी चल रही है। मैं यह नहीं चाहता कि जल्दी-जल्दी कहानी खींच कर खत्म कर दूं। मुझे आप लोगों को अपना एक्सपीरियंस बताना है ताकि आप लोग भी कर सके।
आपको किसी भी तरह की बात करनी हो या रियल में मिलना हो या कोई सेक्सुअल हेल्प चाहिए तो आप मुझे ईमेल कर सकते हैं।आप मुझे फीडबैक भी दे सकते हैं। मेरी email: “”support@mohakkisse.com””जल्द मिलते है अगले पार्ट में…..
अगला भाग पढ़े:-मेरे मामा की बीवी-3