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भाई बहन पठन समय: 7 मिनट पढ़ा गया: 273 बार

मौसी की लड़की की चुत की चुदाई का मजा

राहुल

21 May 2013 को प्रकाशित

मौसी की लड़की की चुत की चुदाई का मजा
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मेरा सभी खड़े लंडों को और प्यासी चूतों को नमस्कार। मैंने अब तक बहुत सी लड़कियों संग सेक्स किया है। यदि आपको मेरी कहानी पसंद आई तो मैं अपने लंड से चुदी सभी चुत वालियों संग चुदाई की कहानी भेजूँगा।आज पहली बार मैं भी आपके सामने एक चुदाई की कहानी लेकर हाज़िर हूँ, यह मेरे जीवन की सच्ची घटना है।

मेरा नाम राहुल (बदला हुआ) है, मैं रोहतक हरियाणा में रहता हूँ। इस वक्त मैं क्लर्क के पद पर हूँ। मेरा 7 इंच का लंड है।यह कहानी मेरी और मेरी मौसी की लड़की की है, वो देखने में एकदम कयामत है। उसका साइज 32-30-36 का है। उसको तो देखते ही चोदू किस्म के लंड खड़े हो जाते हैं।

बात उस समय की है, जब चार साल पहले मेरी उम्र 25 साल की थी, मेरी मौसी की लड़की अमिता जून की छुट्टियों में हमारे घर आई हुई थी, वो 19 वर्ष की थी। मैं उसके कभी-कभी मम्मों पर या कहीं भी हाथ लगा देता, वह कभी मेरा विरोध नहीं करती थी।

मेरी मौसी हमारे घर पर आकर उसे 15 दिनों के लिए छोड़ कर चली गईं।

उन दिनों मैं छत पर सोता था.. वो नीचे मेरी मम्मी के पास सो जाती थी। अमिता ओर मैं शाम को ऊपर छत पर बैठ कर लैपटॉप चलाते हुए बातें करते रहते थे। मैं उसे किस भी कर लेता था.. और वो भी कभी-कभी ऊपर छत पर बने कमरे में लेटने का बहाना करके मेरे साथ मजा ले लेती थी।

मैं उसको अपनी तरफ खींच लेता, तो वो अपनी चुत को मेरे लंड से सटा देती। फिर मैं उसको अपनी बांहों में भरता तो वो कुछ देर मुझसे यूं ही चिपक जाती और फिर उठ जाती।

वैसे तो अमिता नीचे मेरी मम्मी के साथ सोती थी। एक दिन मैंने सिर में तेज दर्द होने की बात मम्मी से कह दी और उन्हें बोला- मम्मी अमिता को बोल दो.. वो मेरा सर दबा देगी।

मम्मी के कहने पर वो मेरा सिर दबाने लगी। कुछ ही देर में मम्मी चली गईं तो मैं ऊपर अपने कमरे में सोने चला गया। मुझे नींद नहीं आ रही थी तो मैंने मम्मी से बोला- आप अमिता को भेज दो.. सिर दबा देगी।

वो ऊपर आ गई और सिर दबाते हुए सो गई। मैंने उसे अपनी ओर खींचा तो वो सोते में से उठ गई और ‘सोने दो..’ का नाटक करने लगी।

उस वक्त रात का एक बज चुका था, सब सो चुके थे। मैंने अपनी मौसेरी बहन को किस किया तो उसने कोई विरोध नहीं किया।जब मैं उसकी सलवार का नाड़ा खोलने लगा तो वो उठ गई और उसने नाड़ा खोलने नहीं दिया।वो दूसरी तरफ मुँह करके सो गई।कुछ देर बाद मैं उसकी सलवार के ऊपर से चुत को सहलाने लगा। अब वो भी गर्म हो चुकी थी। फिर मैं उसकी सलवार में हाथ डाल कर बहुत देर तक चुत सहलाता रहा। साथ ही मैं उसे किस करने लगा.. तो अमिता भी मेरा साथ देने लगी।

मैंने उसकी सलवार और पेंटी नीचे सरका दी। उस पर भी चुदास चढ़ गई थी.. सो वो मेरा पूरा साथ देने लगी थी। उसने मुझे अपने ऊपर खींच लिया और मुझे किस करने लगी। मैं भी उसे किस करने लगा और उसकी कुर्ती उतार कर उसकी चुची दबाने लगा।

वो मदहोश होने लगी और कहने लगी- सी.. सीअ.. अह भाई बहुत मजा आ रहा है अह उम्म्ह… अहह… हय… याह… अह उअह उउउ..वो कामुक आवाजें निकालने लगी।

अब मैंने उसकी सलवार और पेंटी पूरी उतार दी। इसके साथ ही मैं उसकी चुत पर हाथ फेरने लगा।

उसकी चुत पर छोटे-छोटे बाल थे। ऐसा लगता था कुछ ही दिन पहले चुत साफ की हो।फिर मैंने उसकी चुत में जैसे ही मेरी एक उंगली घुसाई.. तो उसके मुँह से ‘उम्म्ह.. अहह.. हय.. याह..’ निकल गई।

वो मुझसे कहने लगी- भाई अब बस मेरी चुत में अपना लंड घुसा दो.. अब रहा नहीं जाता।मैंने भी देर ना की और लंड उसकी चुत पर सैट करके एक झटका लगा दिया, पहली बार में तो मेरा लंड फिसल गया।

इस वक्त मुझे घर वालों का डर भी लग रहा था कि कोई जाग गया तो मुसीबत हो जाएगी। मैंने आराम से फिर से एक झटका मारा.. तो इस बार मेरा आधा लंड उसकी चुत में घुस गया।उसकी चीख निकल गई- आह अम्मी मर गई.. निकालो इसे बहुत दर्द हो रहा है!

पर मैंने लंड नहीं निकाला और उसे किस करने लगा। फिर कुछ पल बाद उसका दर्द थोड़ा कम हुआ तो फिर मैंने एक जोर से झटका मारा। इस बार मेरा 7 इंच का लंड पूरा उसकी चुत में घुस गया और उसकी चीख के साथ-साथ उसके आँसू भी आ गए।

शायद मेरा मोटा लंड उसके लिए पहली बार हो.. लेकिन वो चुदी हुई थी।

अब मैंने लंड अन्दर-बाहर करना चालू कर दिया, मैं लंड अन्दर-बाहर कर रहा था और वो जोर-जोर से ‘आह आह..’ कर रही थी। कुछ ही देर में चुत भड़क उठी और वो अपनी गांड उठा कर चुदवाने लगी।

वो बोल रही थी- अह.. जान मैं तेरी हूँ.. जल्दी-जल्दी पेल.. अब रहा नहीं जा रहा है।मैं भी धकापेल चुदाई कर रहा था। अब तक की चुदाई में वो झड़ चुकी थी.. पर मैं गरम सांड की तरह लगा रहा।

कुछ ही देर में वो दोबारा भी झड़ गई.. पर मैं अभी भी बाकी था। फिर थोड़ी देर बाद मैं भी झड़ने वाला था तो मैंने पूछा- कहाँ डालूँ?वो बोली- अन्दर ही डाल दे।

मैंने लगातार तेज धक्के मारे और सारा वीर्य अपनी बहन की चुत में डाल दिया। वो मुझसे काफी देर चिपकी रही।

फिर हम दोनों ने कपड़े पहने और लेट गए। लेकिन मन नहीं भरा था, सो कुछ ही देर में फिर से चुदाई शुरू हो गई।उस रात हम दोनों की तीन बार चुदाई हुई।अब भी वो कभी-कभार मुझसे चुदवा लेती है।

तो साथियो, यह थी मेरी बहन की चुत चुदाई की कहानी.. यह कहानी मैंने अपनी बहन को बता कर उसकी मर्जी से लिखी है। आपको पसंद आई या नहीं, मुझे मेल जरूर करें।support@mohakkisse.com

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