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गे सेक्स स्टोरी पठन समय: 5 मिनट पढ़ा गया: 995 बार

मेरे दोस्त का भाई मेरा पति बन गया

पंकज यादव

01 Jul 2012 को प्रकाशित

मेरे दोस्त का भाई मेरा पति बन गया
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हैलो फ्रेंड्स.. मेरा नाम पंकज उर्फ़ दिया है। मैं एक ‘गे’ हूँ.. मैं लखनऊ में अपने हज़्बेंड के साथ रहती हूँ। मुझे बचपन से ही CD यानि क्रॉस ड्रेसिंग यानि लड़कियों के कपड़े पहनने का शौक था, जब घर में अकेला होता था तो अपनी मम्मी, बहन के कपड़े पहन कर घूमता था, जब घर पर मैं अकेला होता था तो गांड में उंगली अन्दर-बाहर करता रहता था।

मेरा यह शौक उम्र से साथ-साथ और भी बढ़ गया। स्कूल में 12वीं के बाद मैं दूसरे शहर में आगे की पढ़ाई के लिए आ गया। वहाँ पर मैं अकेला रहता था।

एक दिन मेरे कॉलेज में एक नया लड़का आया.. उसका नाम अंकित था, वो देखने में बहुत आकर्षक था.. मैंने जल्दी ही उस लड़के से फ्रेंडशिप भी कर ली।

एक दिन अंकित मुझे अपने साथ अपने घर ले गया, वहाँ अंकित का बड़ा भाई भी था, जो उससे भी ज्यादा हैण्डसम था, उसका नाम रोहित था.. उसको देख कर मेरे अन्दर की औरत पूरी तरह जाग गई.. और मेरी किस्मत बहुत अच्छी थी कि रोहित ने भी मेरे अन्दर की लड़की को भांप लिया था।

एक दिन मैं फिल्म देखने गया तो वहाँ मेरे दोस्त का भाई रोहित मुझे मिल गया, हमने एक साथ टिकेट ली और वो मेरे बगल की सीट की पर बैठा। हम दोनों फिल्म देखने लगे।

फिल्म में एक हॉट सीन आया तो मैं उस सीन को बड़े गौर से देख रहा था.. तभी मुझे लगा कि कोई मेरी पैन्ट की ज़िप खोल रहा है। मैंने देखा तो वो रोहित था।मैं कुछ नहीं बोला और वो मेरा लंड निकाल कर हिलाने लगे।

फिर उन्होंने अपने पैन्ट की ज़िप भी खोल दी और मुझे अपने लंड पर झुका लिया।

मेरे अन्दर की औरत पूरी तरह से जाग गई थी, मैं उनका लंड पूरा मन लगा कर चूसने लगा, थोडड़ी देर में उन्होंने पानी छोड़ प्रिया, मैं वो पानी पूरा पी गया।उनके लंड का पानी पीने के बाद मुझे खुद में बिल्कुल औरत सा महसूस हो रहा था। इस मस्ती में मुझे पता ही नहीं चला कि कब फिल्म खत्म हो गई।

हम लोग बाहर आ गए और मैं औरतों की तरह शर्मा रहा था।रोहित बोले- शरमाओ मत.. चलो कहीं चलते हैं।मैं बोला- क्यों.. आपको घर नहीं जाना?वो बोले- नहीं..

मैं बोला- कहाँ चलेंगे?वो बोला- मेरे दोस्त के फ्लैट पर चलते हैं।मैं बोला- और वो दोस्त?वो बोला- मेरा दोस्त बाहर गया है, एक महीने बाद आएगा।

हम दोनों उस फ्लैट पर गए.. जैसे ही मैं फ्लैट में अन्दर गया.. रोहित ने मुझे पीछे से जोर से पकड़ लिया।मैं बोला- ये क्या कर रहे हो आप?वो बोले- कुछ नहीं.. जब से तुमको देखा है.. मैं तभी से तुम्हारी गांड मारना चाहता था.. आज मौका मिला है।

उन्होंने मेरे होंठों को किस करना शुरू कर प्रिया.. मुझे बहुत अच्छा लगा, कुछ ही पलों के बाद हम दोनों ने सारे कपड़े उतार दिए। रोहित ने अपना लंड मेरे मुँह में डाल प्रिया और मैं बड़े प्यार से उनका लंड चूसने लगा।

फिर थोड़ी देर बाद उन्होंने मुझे उल्टा किया और मेरी गांड में तेल लगाया। मैं बहुत खुश था कि आज मैं पूरी औरत बन जाऊँगा.. पर मुझे थोड़ा डर भी लग रहा था कि बहुत दर्द होगा।

पर यह दर्द उस खुशी के सामने कुछ भी नहीं था.. जो मुझे आज मिलने वाली थी।फिर रोहित ने अपना लंड मेरी गांड के छेद पर रखा। लंड रखते ही मेरे जिस्म में एक करंट सा दौड़ गया। फिर रोहित ने अपना लंड धीरे-धीरे अन्दर करना शुरू किया।मुझे बहुत दर्द हो रहा था.. उम्म्ह… अहह… हय… याह… पर मैं सहन कर रहा था।

रोहित ने पूरी ताक़त से लंड मेरी गांड में डाल प्रिया। मैं चिल्लाने लगा.. पर उन्होंने कुछ नहीं सुना। थोड़ी देर में मैं बेहोश हो गया।

जब मुझे होश आया तो मैंने देखा कि रोहित अभी भी मुझे चोद रहा था.. पर अब मुझे मज़ा आ रहा था। मेरी चुदाई काफी देर तक चली।

मैं उठ भी नहीं पा रहा था। रोहित ने ही मुझे सहारा देकर टॉयलेट तक लाया और मैंने सूसू किया।सुबह हो चुकी थी.. उन्होंने ही मुझे चाय लाकर दी।

फिर मैं अपने कमरे पर चला आया। पर उस दिन के बाद से मैं रोज़ ही उनसे चुदवाने लगा।

एक दिन उन्होंने मुझे शादी के लिए प्रपोज किया.. तो मैंने ‘हाँ’ कर दी।वो बहुत खुश हो गए, फिर हम दोनों ने चुपचाप मंदिर में जाकर शादी कर ली, वहाँ एक दूसरे को पति पत्नी मान लिया।

अब मैं हमेशा औरत बनकर ही रहता हूँ।

अब मैंने ऑपरेशन करा कर सेक्स चेंज करने का फैसला कर लिया है। ताकि मैं हमेशा अपने पति के साथ रह सकूँ और उन्हें औरत का पूरा सुख दे सकूं।support@mohakkisse.com

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14 मिनट 529

पाठकों की राय

2 टिप्पणियां

इश्क ज़ादे

2 months ago

क्या दीदी को पता चल गया था? अगला पार्ट जल्दी डालो यार।

अजय कुमार

2 months ago

बहुत ही उत्तेजक और रोमांचक कहानी लिखी है भाई। मजा आ गया।

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