बात सन 2012 की है.. जब मैं कॉलेज में था, तब कॉलेज की बहुत सी लड़कियाँ मुझ पर मरती थीं।कॉलेज में बहुत सी खूबसूरत लड़कियाँ थीं.. पर उनमें से नेहा सबसे अधिक खूबसूरत थी।नेहा मेरे क्लास में ही थी और क्लास के कई लड़के नेहा पर मरते थे।
नेहा हर रोज कॉलेज अकेले आती थी.. अचानक एक दिन नेहा किसी के साथ बाइक पर आई थी। जब बाइक रुकी तो पता चला कि यह तो मेरा दोस्त पंकज है।तब मैं बाइक के पास ही खड़ा था.. तो पंकज ने मुझे आवाज दी।पंकज मेरे स्कूल का दोस्त था। उसने मुझे बुलाया तो मैं उसके पास गया और हम एक-दूसरे से स्कूल की बातें करने लगे।तब नेहा हमारे पास ही खड़ी थी.. वो हमारी बातें सुन रही थी। अब मुझे मालूम चला कि वो मेरे दोस्त की बहन थी।
कुछ दिनों बाद नेहा मुझे कॉलेज की लाइब्रेरी में दिखी.. तो नेहा मुझे देख कर मुस्कुराई.. तो मैं भी नेहा को देखकर मुस्कुरा प्रिया।इस तरह कुछ दिनों में हम अच्छे दोस्त बन गए।
एक बार नेहा ने मुझसे पूछा- तुम मेरे भैया को कैसे पहचानते हो?तो मैंने कहा- हम दोनों स्कूल के फ्रेंड हैं।नेहा बोली- ओके..
मुझे नेहा से कब प्यार हुआ.. पता ही नहीं चला।एक बार नेहा को मैंने मैसेज किया- मुझे तुमसे बात करनी है.. तुम मुझे कॉलेज के बाद मिल सकोगी?तो उसने मुझे जबाव प्रिया- हाँ.. मुझे भी तुमसे बात करनी है।
तब कॉलेज के बात हम दोनों मिले।मैं बोला- हाय नेहा..नेहा बोली- हाय..नेहा थोड़ी घबराई हुई सी थी.. तो मैंने पूछा- बोलो.. क्या कहना चाहती हो?नेहा बोली- तुम भी तो कुछ कहना चाहते हो ना?मैंने नेहा से कहा- नेहा मैं तुमसे बहुत प्यार करता हूँ… क्या तू मुझे प्यार करती है?तो नेहा ने एकदम चहकते और खुश होकर कहा- हाँ.. मैं तुमको बहुत प्यार करती हूँ.. और मैं भी यही कहने आई थी।
अब हम रोज कॉलेज के बाहर कॉफी पीते.. कभी मूवी देखते.. एक बार मैंने मूवी देखते-देखते नेहा को किस किया। नेहा मुझे देख कर शरमाई और मुस्कुराने लगी।बस शुरुआत हो गई और अब तो हर रोज घर जाने के बाद हम दोनों मैसेज से चैट करने लगे।
एक दिन नेहा ने कहा- मम्मी और पापा कुछ दिनों के लिए बाहर जा रहे हैं.. क्या तुम मेरे घर आओगे?तो मैंने कहा- तुम्हारा भाई तो घर में होगा.. तू उसे क्या बोलेगी..?नेहा बोली- भाई भी जॉब पर चला जाएगा.. तुम तब आना.. ओके..उस वक्त मुझे नेहा के तेवर कुछ अच्छे नहीं लग रहे थे।
दूसरे दिन मैं नेहा के घर चला गया।नेहा के घर जाते समय मैं एक कन्डोम का पैकेट ले गया था।
मैं नेहा के घर पहुँचा, डोर बेल बजाई, नेहा ने दरवाजा खोला, नेहा बहुत खूबसूरत लग रही थी, नेहा ने पिंक कलर का टॉप और ब्लू कलर की जीन्स पहनी हुई थी, नेहा बहुत मस्त लग रही थी।नेहा को मैंने पहली बार जीन्स और टी-शर्ट में देखा था, उसका फिगर 32-28-32 का था, वो बेहद कामुक लग रही थी।क्या बताऊँ दोस्तों.. उस वक्त नेहा को देखकर किसी बूढ़े आदमी का भी लण्ड उठ जाए.. वो इतनी हॉट लग रही थी।
नेहा ने मुझे अन्दर बुलाया और दरवाजा बंद कर लिया।नेहा ने कहा- क्या लोगे.. चाय.. कॉफी.. कोल्डड्रिंक?तो मैंने कहा- मुझे तो बस तुम चाहिए जानेमन..
मैंने नेहा को अपनी बाँहों में खींच लिया और उसे किस करना शुरू किया। मुझे लग रहा था कि नेहा इसीलिए मुझे अपने घर बुला रही थी।नेहा ने कहा- मैं तो तुम्हारी ही हूँ ना.. जो चाहे कर लो।बस मैंने नेहा को 10-15 मिनट तक किस किया.. नेहा अब गर्म हो चुकी थी।
अब मैंने उसको अपनी गोद में उठा लिया और उसे बेडरूम में लेकर गया, मैंने उसके कपड़े उतारना शुरू किए।अब नेहा भी मुझे किस करने लगी और मेरे भी कपड़े उतारने लगी।
गर्लफ़्रेंड की चूत चुदाई की दास्तान
कुछ ही पलों में नेहा सिर्फ़ ब्रा और पैन्टी में रह गई थी और मैं अंडरवियर में अपना लण्ड खड़ा किए हुए था।मैं नेहा को किस करते जा रहा था और नेहा और गरम होती जा रही थी।
अब मैंने नेहा की ब्रा की हुक खोले और उसके मम्मों को ब्रा के बंधनों से आज़ाद कर प्रिया और उसके चूचे एकदम से उछल कर किलकते हुए मुझे शुक्रिया कहने लगे, मैंने उसके गुलाबी निप्पलों को अपने होंठों से दबा लिया और चूस-चूस कर उन्हें लाल कर दिए।
नेहा की गर्म सिसकारियों से सारा कमरा गूँज रहा था ‘आहहह हहउ.. आआहह..’
वो कहने लगी- अब नहीं रहा जाता विकास.. प्लीज़ मेरी चूत में अपना लण्ड डाल दो।मैंने नेहा को बिस्तर पर लिटा प्रिया और उसके पैरों को फैलाकर बीच में आकर अपने साढ़े छह इंच के मोटे लण्ड पर कन्डोम चढ़ा लिया।
फिर मैंने नेहा की चूत पर अपने लौड़े को रगड़ा.. तो नेहा सिसकियाँ लेते बोली- विकास.. प्लीज़ जल्दी डालो ना.. अब मत तड़पाओ..मैंने एक धक्का लगाया और मेरा आधा लण्ड नेहा की रसीली चूत में घुसता चला गया। नेहा की ज़ोर से चीख निकली और मैंने तभी नेहा को किस किया।उसकी आँखों से आँसू आने लगे और वो दर्द से कराहते हुए कहने लगी- विकास बहुत दर्द हो रहा है।मैंने कहा- नेहा पहली बार दर्द होता ही है..
ये कहते हुए मैंने दूसरा धक्का लगा प्रिया।मेरा लण्ड नेहा की चूत मे जड़ तक घुस गया था।नेहा- आहहहह.. विकास दर्द हो रहा है..मैंने कहा- नेहा अभी दर्द होगा.. बाद में बहुत मजा आएगा..
कुछ देर के दर्द के बाद अब नेहा को मजा आने लगा था और वो कह रही थी- और ज़ोर से.. विकास फक मी.. विकास फक्क मी.. आहह्ह ह्ह्ह्ह..अब नेहा को चूत चुदाई का मजा आ रहा था और वो अपने चूतड़ों को उठाते हुए मचल रही थी- और ज़ोर से.. विकास फक मी.. विकास फक्क मी.. आहह्ह.. आह्ह ह्ह्ह..
लगभग 20-25 मिनट की धकापेल चुदाई के बाद नेहा झड़ गई।मैं कुछ देर बाद झड़ गया।
कुछ देर तक मैं नेहा के ऊपर ही लेटा रहा और बाद में मैंने नेहा को किस करने लगा.. वो फिर से तैयार हो गई और मैंने भी उसे दुबारा में खूब चोदा।इस तरह उस दिन मैंने नेहा को 3 बार चोदा। अब जब भी हमें टाइम मिलता.. हम चुदाई करते।
कुछ दिनों बाद नेहा अपने मामा के यहाँ पढ़ने के लिए चली गई.. तब से आज तक मैं नेहा की राह देख रहा हूँ।
दोस्तो.. आपको मेरे कहानी कैसी लगी मुझे ज़रूर ईमेल करनाsupport@mohakkisse.com