मेरी उम्र 29 साल है। मेरी मामी की उम्र 45 साल है। यह बिल्कुल सत्य कहानी है। मेरा नाम अंकित है। मेरी मामी का नाम संगीता है। मैं आपको शुरू से बताऊंगा कैसे-कैसे मैंने सब कुछ किया। यह कहानी कुछ भागों में होगी, इसलिए पूरा पढ़ें। क्योंकि मैं नया लेखक हूं, इसलिए गलतियां के लिए क्षमा करें। कहानी शुरू करते हैं।
मेरे मामा-मामी की शादी को कई साल हो गए। उनके दो बच्चे हैं। मेरी मामी का ब्रा साइज 38″। वह बहुत भरी हुई औरत है। आपने पियर शेप फिगर सुना होगा। वह बिल्कुल पियर शेप फिगर की हैं। उनका फिगर 38-36-42 है।
इस सब की शुरुआत सन 2020 से हुई। मामी को सेट करने में काफी समय लगा। शुरुआत में मेरे और मामी में वैसे ही मधुर संबंध था, जैसे एक आम मामी और भांजे में होता है। इस सब की शुरुआत मैंने व्हाट्सएप चैटिंग और कॉलिंग से करी।
शुरुआत में सिंपल कॉलिंग और चैटिंग करते थे। हेलो, हाय, गुड मॉर्निंग, गुड नाइट, कैसी हैं, क्या हो रहा है बस यही सब बातें होती थी। ऐसा करीब एक-दो महीने चला। उसके बाद थोड़ी पर्सनल बातें भी शुरू कर दी।
दरअसल मामा और मामी के बीच काफी लड़ाई झगड़े होते रहते हैं। क्योंकि मामा मामी को समय नहीं देते और अपने काम में बहुत व्यस्त रहते हैं। कभी-कभी ऐसा भी होता था कि मामा-मामी में लड़ाई हुई रहती थी और मैं कॉल करता था तो मामी मुझे भी डांट दिया करती थी। लेकिन इस सब से मैं रुका नहीं, मैं आगे बढ़ता गया।
इस प्रकार धीरे-धीरे कॉलिंग और चैटिंग होती रही। पहले कॉल 10 दिन में एक बार करते थे। फिर 5 दिन में एक बार करते थे। फिर लगभग लगभग रोज बात होने लगी। शुरू में थोड़ा समय लगता था चैटिंग में रिप्लाई आने में, बाद में उनका रिप्लाई भी जल्दी-जल्दी आने लगा। इस तरह से मैंने उनको अपना दोस्त बनाया।
अब मैं आपको उस घटना के बारे में बताता हूं जो मामी और मेरे बीच पहली बार हुई। यह घटना आपके लिए भले ही साधारण हो, लेकिन एक मामी और भांजे के रिश्ते के लिए या घटना बिल्कुल भी साधारण नहीं है। इसलिए इसको आप ध्यान से पढ़िए।
एक दिन मामा-मामी मेरे घर आए थे। मामी ने लाल साड़ी पहन रखी थी और अंदर काला ब्लाउज था। वह ब्लाउज पूरी तरह से स्लीवलेस था। उसकी स्लीव्स बहुत छोटी थी। जब मामी हाथ पूरा उठाती, तो उनका साइड से बूब्स दिखाई देने लग रहे थे। ये सब मुझे बाद में पता लगा। मैं आपको पहले ही बता दे रहा ताकि आपको सही से सब समझा आ सके।
अब हम लोग बाहर कहीं घूमने गए थे। मामी गाड़ी में मेरे बगल बैठी थी। गाड़ी में भीड़ थी क्योंकि और लोग भी थे, इसलिए हम लोग काफी चिपक के बैठे थे। पहले हम सब आपस में बातें कर रहे थे। मैंने भी काली शर्ट पहन रखी थी तो मामी ने यह भी बोला कि मेरा ब्लाउज और तुम्हारा शर्ट का रंग सेम है। मैं भी मुस्कुरा कर मामी को थैंक यू बोल दिया।
गाड़ी में भीड़ बहुत ज्यादा होने के कारण हम सब लोग काफी चिपक कर बैठे थे और बातें किए जा रहे थे। बातों-बातों में मेरा हाथ मामी के पेट से लगने लगा और मुझे भी थोड़ा सा अच्छा लगने लगा। मुझे मजा आने लगा। मेरी कोहनी पहले तो मामी के पेट से लग रही थी। फिर मुझे जोश आया तो मैं कोहनियों को ऊपर ले गया और मामी की चूचियों को बगल से सहलाने लगा।
हुआ यूं कि पहले मैं उंगलियों से हल्का-हल्का पेट को सहला रहा था। उसके बाद मेरी हिम्मत बड़ी तो मैं अपनी कोहनी से साड़ी के ऊपर से ही साइड बूब्स को प्रेस करने लगा। मुझे बहुत डर भी लग रहा था, लेकिन जोश इतना ज्यादा था कि मैं खुद को रोक नहीं पाया और यह बार-बार करते रहा।
Parivar mein chudai ka ek pyara sa kissa-1
थोड़ी देर बाद मैं कोहनियों से बहुत कस-कस के मामी की बगल से चूचियों को दबाने लगा। शुरू में साड़ी के ऊपर से बाद में पल्लू साइड करके मैंने कोहनी को ब्लाउज के बगल से साइड बूब्स सहलाया। मैं लगातार कोहनी से मामी के साइड बूब्स को दबाए ही जा रहा था। और पूरा-पूरा उनका साइड बूब्स मुझे पता लग रहा था।
मेरी कोहनी पर मामी की चूचियां बिल्कुल नंगी थी, क्योंकि मामी ने भी हाथ उठा दिया था और साइड से पूरा सब पता लग रहा था। मुझे बहुत मजा आ रहा था। मेरा लंड पैंट में ही फटने को तैयार था। थोड़ी देर में मामी के बगल से पसीना भी आ रहा था जबकि गाड़ी में ए.सी. फुल था। पहले तो मामी गाड़ी में बोल रही थी, बात-चीत कर रही थी। लेकिन बाद में जब मैं चूचियों को सहलाते रहा, तो वह बिल्कुल चुप हो गई थी।
मैं इतना गर्म हो गया कि फिर मैं अपने हाथ से उनकी चूचियों को सहलाने लगा। जी हां मैं इतना जोश में गरम हो गया था कि मुझे डर नहीं था। मैंने अपना हाथ साइड से मामी के ब्लाउज में डाल के चूचियों को बहुत मसला। पूरा ब्रा पता लगी लेकिन निप्पल नहीं पता लगे क्योंकि ब्लाउज भी ऊपर था। बाद में मैं उनके चिकने पेट को भी बहुत देर तक मसला हाथ से दबाया।
यह सब करते समय वह बस चुप थी और उन्होंने जरा भी विरोध नहीं किया। गाड़ी में बहुत अंधेरा था और लोग भी थे। यह सब पूरे रास्ते भर चला। मामी भी बहुत गर्म हो गई थी क्योंकि बार-बार पानी पी रही थी और आंखें लाल हो गई थी। वो बिल्कुल चुप हो गई थी, बहुत हल्की-हल्की सिसकारियां ले रही थी बहुत धीरे-धीरे आह उफ्फ कर रही थी और अपना हाथ दबा रही थी, अपना उंगली दांत से काट रही थी।
इस दौरान हम एक-दो बार रुके भी और जब हम रुकते तो मामी सिंपल बात-चीत करती। मैंने यह भी पूछा कि आप सही से बैठी हो ना। उन्होंने बोला हां मैं बिल्कुल ठीक हूं। उसके बाद फिर जब गाड़ी में बैठते तो मैं फिर यह सब करने लगता।
मामी को पहली बार बहुत सहलाया मैंने। शुरुआत में कपड़े के ऊपर से बाद में अंदर भी हाथ डाल दिया। इसके बाद हम सब घर पहुंच गए। मामा-मामी भी अपने घर चले गए। मैं घर आया और रात को मुठ मारी। हम शाम को घूमने निकले थे तो थोड़ा सा अंधेरा भी था, इसलिए मैं यह सब कर पाया वरना मुश्किल होता।
अगले दिन मैं बहुत घबराया हुआ था। उसके बाद मामी की कॉल भी आई। कॉल पर मामी बहुत नॉर्मली बात कर रही थी। ऐसे ही फिर से बात-चीत होने लगी। लेकिन अब वह मुझे यह कहने लगी थी कि हम लोग रोज बात करते हैं, यह बात किसी को बताना मत। मैं भी बोला कि हां यह सब कोई नहीं जान सकता। अब आगे क्या हुआ यह मैं अगले पार्ट में आपको बताऊंगा।
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अगला भाग पढ़े:-मेरे मामा की बीवी-2