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Hindi Chudai Kahani पठन समय: 9 मिनट पढ़ा गया: 828 बार

अजब सोसायटी: मां-1(Ajab society: Maa-1)

indianstories69

14 Mar 2017 को प्रकाशित

अजब सोसायटी: मां-1(Ajab society: Maa-1)
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हेलो दोस्तों, मैं राहुल आप सबके लिए एक सेक्स स्टोरी सीरीज लेकर आया हूं। उम्मीद करता हूं कि आपको पसंद आयेगी। ये स्टोरी सीरीज एक सोसायटी के इर्द-गिर्द घूमेगी। तो इसमें किरदार भी बहुत होंगे। जो कि आगे स्टोरी के साथ आते जायेंगे। तो बिना और समय गवाएं शुरू करते है।

तो ये स्टोरी है पंजाब के एक शहर की। यहां पर एक सोसायटी में काफी लोग रहते है। लेकिन पहले हम चलते है मेरे घर।

मेरे घर में 4 लोग है। मैं, यानी राहुल 23 साल का और जिम जाता हूं। मेरी मां वर्षा जिसकी उमर है 44 साल और काफी सही शरीर की मालकिन है। इसके शरीर का आकार कुछ इस प्रकार है 34-32-34। मतलब अंदाजा लगा सकते हो कि क्या माल होगी।

और इसके इलावा मेरे पापा, जो कि सरकारी मुलाजिम है। इसलिए ज्यादातर टाइम घर से बाहर ही रहते है। उनकी उम्र 46 है। और मेरी एक छोटी बहन है जिसकी उम्र, है 19।

तो रोज की तरह आज का दिन भी आम ही था। मैं अपने कमरे में सोया हुआ था, मुझे नीचे से मां की आवाज आई कि-

मां: राहुल पुत्तर उठ जा, सवेर हो गई है।

मैं: उठ गया माता जी, बस आ गया थल्ले (नीचे)। और मैंने फिर नहाया धोया, और कॉलेज जाना था इसलिए तैयार होकर सीधा नीचे चला गया।

मां ने डाइनिंग टेबल पर खाना लगाया, और मैं खाना खा कर कॉलेज चला गया रोज की तरह। उसके बाद कॉलेज में ऐसे ही दिन गुजरा। फिर जब मैं घर आया तो शाम को सोसायटी में घूमने निकला तो देखा सोसायटी के कुछ लड़के खड़े बाते कर रहे थे।

ये लड़के वैसे हमारी सोसायटी के नहीं थे, बल्कि ये सभी पास की सोसायटी के थे। मैं दूर खड़ा उनकी बाते सुनने लगा।

उनमें से एक बोल रहा था: वो देख जो नीले रंग के गेट वाला घर है, उसमें एक बहुत सेक्सी औरत रहती है। मां कसम साली के बूब्स और गांड देख कर लंड खड़ा हो जाता है।

एक और बोला: भाई, इस सोसायटी में सभी माल है। लेकिन जिसकी तू बात कर रहा है, वो तो कहर है। मतलब पूरी चोदने लायक है साली।

मुझे ये सब सुन कर गुस्सा आ रहा था। लेकिन पता नहीं क्यों मैं वहीं खड़ा ये सब सुन रहा था।

फिर से वो बोलना शुरू किए: भाई साली अभी सब्जी लेने निकलेगी। देखना कैसे सब्जी वाला और सोसायटी के बूढ़े और मर्द कैसे साली को ताड़ेंगे।

दूसरा बोला: भाई साली को पटाते है, मजा देगी पूरा। बहुत हॉट माल है बहन की लोड़ी।

फिर वैसा ही हुआ। मैं भी वहीं खड़ा देख रहा था। मैंने देखा कि मां सब्जी लेने के लिए बाहर आई और वो सब्जी वाला मां को घूर रहा था, और सोसायटी के मर्द भी मां को ताड़ रहे थे।

उसके बाद मां सब्जी लेकर घर चली गई। फिर भी सब मां को पीछे से ताड़ रहे थे, कि जैसे आंखों से ही कपड़े फाड़ देंगे।

फिर वो लड़को में से एक बोला: भाई अगर मैं इसका बेटा होता, तो साली को खुद भी चोदता और बाकियों से भी चुदवाता।

ये सब बाते सुन‌ कर मैं रात को घर आया, और सोच रहा था कि कैसे कैसे लोग है, और कैसी गंदी बाते करते है एक औरत के बारे में।

फिर पता नहीं मेरे दिमाग में क्या आया। मैंने सोचा क्यों ना इंटरनेट पर देखे कि लड़को को बड़ी औरते क्यों पसंद आती है। उसमें कुछ ऐसी चीजे थी, जिसे पढ़ कर मैं दंग रह गया और धीरे-धीरे समय के साथ मैं भी बड़ी औरतें पसंद करने लगा। लेकिन फिर भी कभी मां पर गंदी नजर नहीं डाली थी।

फिर ऐसे ही 2 महीने बाद हमारी सोसायटी में एक नया परिवार आया। इस परिवार में एक लड़का था, जो कि बहुत जल्दी ही मेरा काफी गहरा दोस्त बन गया। धीरे-धीरे वो मेरे घर आने लगा, और बाकी सोसायटी के लड़को से भी उसकी दोस्ती हो गई।

ऐसे ही एक दिन मैंने सुना कि वो लड़का जिसका नाम पुनीत था, वो बाते कर रहा था मेरे बाकी दोस्तों से-

पुनीत: यार तुमको तो पता ही है राहुल की मां वर्षा बहुत ज्यादा हॉट और सेक्सी है। दिल करता है साली को चोद दूं, और साली की चूत और गांड फाड़ डालूं, और साली के दूध देख कितने सेक्सी है, और गांड भी काफी निकली हुई है। वैसे तो राहुल का बाप बाहर रहता है, फिर भी साली का शरीर देख कर लगता नहीं कि इसका पति बाहर रहता है। मुझे लगता है साली बाहर से चुदवाती है।

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ये सब बातें सुन कर मुझे काफी गुस्सा आ रहा था, और उन लोगो ने भी मुझे देख लिया और बोले-

वो लोग: सॉरी यार राहुल, लेकिन सच में तेरी मां बहुत हॉट है, और हमे तो लगता है साली बाहर मुंह भी मारती है।

उन सब की बातें सुन कर मुझे गुस्सा तो आया, लेकिन फिर खयाल आया कि हां यार, पापा तो घर पर रहते नहीं, फिर भी मम्मी कैसे खुश रहती है। और मम्मी के चूचे बढ़े भी है दूध काफी, और गांड भी निकली हुई है। कुछ तो गड़बड़ है।

फिर मेरे दोस्तों ने बोला: भाई नजर रख क्या करती है तेरी मां। और हां, मैं अगर सच बताऊं तो अगर मैं तेरी जगह होता अब तक तो चोद डाली होती साली बहन की लोड़ी।

उनकी बाते सुन कर मैं घर आ गया, और घर आकर मैं यही सब सोच रहा था, कि क्या सच में मां-बेटे के बीच सेक्स हो सकता है? मैंने ये सब इंटरनेट पर देखा और पाया कि हां, काफी लोगों ने ये सब कर रखा था।

अभी मैं भी मां को दूसरी नजर से देखने लगा था। जैसे अगर सफाई करती तो उसके दूध और गांड को घूरता। सच में काफी सेक्सी और हॉट थी मेरी मां।

एक दिन रात को मैंने देखा कि 12 बजे होंगे रात के। मां के कमरे में से सेक्स की आवाजें आ रही थी। मैंने थोड़ा सा गेट खोला और पाया कि मां पापा से वीडियो कॉल पर बात कर रही थी, और नंगी पड़ी थी। ये पहली बार था जब मैंने मां को नंगा देखा था, और मेरा हाथ अपने आप मेरे लंड पर चला गया।

मां पापा से बातें कर रही थी, और अपने दूध दबा रही थी। क्या बताऊं क्या सीन था। गोरे-गोरे मम्मे थे मां के, और भूरे रंग की निप्पल थे।

मां फिर साथ-साथ एक उंगली अपनी चूत में डालती है, और फिंगरिंग करनी स्टार्ट कर देती है। ये सब देख कर मैं मुठ मारने लगता हूं।

मां पहले एक उंगली अपनी चूत में डालती है, फिर 2-3 डाल कर चूत में अंदर-बाहर करने लगती है, और मुंह से आवाजें निकालने लगती है। इधर ये सब देख कर मेरा बुरा हाल हो रहा था। ये सीन देख कर मैं 10 मिनट में ही जड़ जाता हूं, और बिना देरी किए अपने रूम में आ जाता हूं।

ये सब सीन मेरे दिमाग में रात भर चल रहा था। सुबह जब हम सभी कॉलेज गए वहां पर पुनीत, और बाकी दोस्तों ने पूछा-

वो लोग: साले क्या हुआ, आज बहुत शांत और खोया-खोया है?

मैं: अरे यार कुछ नहीं, ऐसे ही।

वो: कुछ तो है बेटा, बता।

मैं सोच रहा था कि उन्हें बताऊं या नहीं। फिर मैंने आखिर बता ही दिया कि मैंने कल रात को देखा मां फिंगरिंग कर रही थी पापा के साथ वीडियो कॉल पर, और अपने बूब्स भी दबा रही थी।

पुनीत: अच्छा बहनचोद, मतलब साली बाहर मुंह नही मारती, खुद ही फिंगरिंग करती है और बूब्स दबाती है। साले तेरी मां में आग है। उसे चाहिए कोई चोदने वाला। मेरी बात मान, चोद डाल।

मैं: अबे नहीनशं यार, देखते है अभी कुछ दिन।

पुनीत: देखता रह साले, जब साली बाहर मुंह मारेगी, फिर मत बोलना। और हां, अगर जब भी मन हो तो बताना। प्लान है मेरे पास।

मैं: ठीक है।

आज के इस पार्ट में इतना ही। मिलते है एक नए पार्ट में बहुत जल्दी। ये स्टार्ट है स्टोरी का, आगे बहुत मजा आने वाला है। एक लंबी सीरीज होगी, लेकिन बोरिंग नहीं।

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