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सबसे लोक़प्रिय कहानियाँ • पठन समय: 5 मिनट • पढ़ा गया: 1,185 बार

मई 2015 की लोकप्रिय कहानियाँ

Antarvasna

24 Jun 2009 को प्रकाशित

मई 2015 की लोकप्रिय कहानियाँ
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हैलो ऑल.. आपको आशीष जोशी का नमस्कार.. आशा है आपको मेरी पिछली दोनों कहानियाँचार लड़कियों के सामने नंगा होकर मुट्ठ मारीशीमेल और मेरी गाण्ड

पसंद आई होगी।

आज मैं तीसरी कहानी बताने जा रहा हूँ.. जो मेरी दूसरी कहानी से ही जुड़ी हुई है।

जैसे कि मैंने आपको बताया था कि उस दिन मेरा दोस्त और उसकी गर्ल-फ्रेण्ड मेरे घर पर आए थे और उन्होंने मुझे नंगा देख लिया था.. पर उसकी गर्ल-फ्रेण्ड शीतल की शरारती नज़र मुझे कुछ अजीब सी लगी थी। मैं उसी दिन से उसके बारे में सोच रहा था कि अगर मुझे इसकी रजा मिल जाए तो ये बंदी मुझे चोदने को मिल सकती है।

अब इसकी रजामन्दी कैसे ली जाए.. मैं उसके बारे में सोचने लगा.. तो मुझे ध्यान आया कि मेरी कहानी जो यहाँ प्रकाशित होने वाली है.. अगर मैं ये उसे पढ़ने के लिए दे दूँ.. तो मेरी बात बन सकती है।

पूरी कहानी यहाँ पढ़िए…

अभी भी सेक्स के प्रति हमारी धारणाएँ पुराने सामाजिक एवम् धार्मिक सिद्धान्तों पर आधारित है जो समाज में पाखण्ड को जन्म देती हैं।हमें अब सेक्स के प्रति सोच में आमूल परिवर्तन करना जरूरी है। इस बात को ध्यान में रखते हुए मैं किशोरों और युवाओं के लिए कुछ व्यावहारिक सुझावों को प्रश्नोत्तर के माध्यम से प्रस्तुत कर रहा हूँ।

प्रेम और सेक्स के प्रति किशोर मन में कई प्रश्न उठते हैं। फिल्म, मीडिया और गलत पुस्तकों ने नौजवानों के दिमाग को और उलझा प्रिया है। नतीजन प्रेम और सेक्स के प्रति उनका रुख ईश्वरीय सुख से भटक कर विकृति एवं अश्लीलता की ओर चला गया। इस वजह से समाज में अपराध और यौन उत्पीड़न बढ़ गए हैं।

आज की जीवन शैली को देखते हुए किशोरों को सेक्स के प्रति स्वस्थ और आलोकशील मार्ग दर्शन करने के लिए प्यार और सेक्स के बारे में हमारी सामाजिक मान्यताओं से परे परिवर्तन लाना आवश्यक है।

पूरी कहानी यहाँ पढ़िए…

यह कहानी है सपना की.. जो मेरी बहन के साथ स्कूल में पढ़ती है.. वो दिखने में एकदम दीक्षा चोपड़ा Deeksha Chopda जैसे लगती है।उसका मदमस्त जिस्म का नाप 32-26-34 का रहा होगा। हुआ ऐसे कि स्कूल जाने के लिए उसका फोन कभी-कभी मेरे पास आया करता था.. तो ऐसे ही हमारी बात होनी शुरू हो गई.. इसके अलावा कभी-कभी वैसे भी फोन पर बात हो जाती थी।

एक दिन रात को मैंने उसे मैसेज कर प्रिया बदले में उसका रिप्लाई आ गया।वो शनिवार की रात थी..

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मीनाक्षी को मालूम महीं था कि आशीष रूड़की में ही रहता है और अंकुर के कॉलेज का प्रिन्सीपल है।

आशीष भी मीनाक्षी को अपने सामने खड़ा देख कर चौंक गया, बड़ी कठिनाई से उसके मुख से निकला- आओ मीनाक्षी, बैठो, कैसी हो?

मीनाक्षी ने कहा- ठीक हूँ… अपने बेटे अंकुर को छुट्टी दिलाने आई हूँ। तुम कैसे हो? कब से आये इस कॉलेज में?आशीष ने चपरासी को अंकुर को कक्षा से बुलाने भेज प्रिया।

मीनाक्षी आशीष सर से बात कर रही थी कि उसी समय अंकुर रूम में घुसा, उसे देख कर आशीष सर बोले- यह तुम्हारा बेटा है? तभी…

आशीष के बात आगे बढ़ाने से पूर्व ही मीनाक्षी ने इशारे से उसे रोक प्रिया परन्तु प्रिन्सीपल सर के ये शब्द ‘यह तुम्हारा बेटा है? तभी…’ अंकुर के कान में पड़ गए, उस समय तो अंकुर कुछ नहीं बोला पर गेट से बाहर आते ही मॉम से पूछे बिना नहीं रहा- मॉम, मैं आपकी और आशीष सर की नाजायज़ औलाद हूँ?

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पड़ोस की लड़की अपने भाई भाभी की चुदाई देख वो खुद चुदने को तड़प रही थी तो वो मुझे चोदने का तरीका बताकर चुदवाने लगी।गरमी की छुट्टियों में घूमने जाने का प्रोग्राम बना तो मैं ने अपने घरवालों को उसी जगह जाने को राजी कर लिया जहाँ वो जा रही थी अपने भैया भाभी के साथ…

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गोरा लिंग लेने की लालसा-1

एक रिटायर्ड फौजी अफसर विजय का गोरा और सख्त लिंग पर अनायास नज़र पड़ी तो मेरा मन उस सुंदर लिंग को लेने के लिए बेचैन हो उठा और खुद पर काबू ना रख मैं विजय के बिस्तर पर चली गई और उसके लिंग से खेलने लगी..

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