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चुदक्कड़ बहन ने थ्रीसम चुदाई का मजा दिलवाया

देल्ही सेक्स चैट

11 Mar 2023 को प्रकाशित

चुदक्कड़ बहन ने थ्रीसम चुदाई का मजा दिलवाया
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मल्टीपल सेक्स एन्जॉय कहानी में मैं अपनी सौतेली बहन की चुदाई करने ही वाला था कि घरवाले आ गए। लेकिन वह फ्रेश होने के बहाने से मेरे कमरे में आई और मेरा लंड चूत में लेने लगी।

फ्रेंड्स, मैं आपको अपनी सेक्स स्टोरी बता रहा था।पिछली कहानीसौतेली बहन के साथ मस्ती भरे पलमें मैंने बताया था कि कैसे मैं अपनी बाइसेक्सुअल सौतेली बहन कविता की चुदाई कर रहा था।हम भाई-बहन की इस चुदाई को ऑनलाइन देसी इंडियन कैम गर्ल तनुजा ने लाइव आकर और ज्यादा मजेदार बना प्रिया।

कविता ने सच में इस सेक्स को बेहद नमकीन बना प्रिया था।मेरा तो उसकी चूत में लौड़ा देने से मन ही नहीं भर रहा था।

अब आगे मल्टीपल सेक्स एन्जॉय कहानी:

इतने में मेरा सौतेला बाप काम से घर लौट आया था।वह कविता को अपने साथ शॉपिंग के लिए ले जाना चाहता था।

उसी वक्त हमारी कामवाली माधवी भी आ गई।

अब सारा ही काम खराब हो गया।मैं कविता की चुदाई नहीं कर सकता था।तो मेरे लिए उसके लौटने का इंतजार करने के सिवाय कोई चारा नहीं था।

मैं अपने आंडों का दर्द कम करने के लिए ऊपर चला गया जो मेरा वीर्य नहीं निकल पाने के कारण हो रहा था।

अपने कमरे में बैठकर मैं उन सभी जगहों को फिर से टच करना चाहता था जहां-जहां कविता की जीभ गई थी।और मैं उसकी मस्त सेक्सी गांड के घर वापस लौटने का इंतजार करना चाह रहा था।

तभी एकदम से दरवाजा खुला और कविता अपने गीले बालों के साथ कमरे में आ धमकी।

कविता तौलिया नीचे गिराकर घूमते हुए- मेरे घर से निकलने से पहले मुझे चोद दो!मैं तो हक्का-बक्का रह गया … दिमाग में कुछ नहीं आया।

एकदम से मैंने उसे दरवाजे पर सटाया और अपना लंड उसकी चूत में उतार प्रिया।

मैंने हाथ से उसका मुंह बंद कर प्रिया और महसूस किया कि उसकी गीली गांड मेरी जाघों पर धमाधम आकर लग रही है।

कविता दबी सी आवाज में कराही और उसने मुझे कस कर पकड़ लिया।उसकी चूत में लंड देकर मैं उसकी आंखों में देखना चाहता था कि उसके भाव कैसे हैं।इसलिए मैंने उसे अपनी तरफ घुमा लिया।

मैंने उसे दीवार से सटाकर एक गहरी किस कर दी।कविता मजे में फुसफुसाती हुई- आह्ह … चोद दो … अंदर तक!

मैं अब उसकी चूत में जोर-जोर से धक्के लगाने लगा और दीवार पर धम-धम की आवाज होने लगी।

इतने में दरवाजा फिर से खुला.देखा तो सामने हमारी कामवाली माधवी थी!

हम दोनों रंगे हाथ पकड़े गए!मेरा लंड कविता की गीली चूत से बाहर फिसल आया।

कविता ने बड़े ही आराम से उसे अंदर खींच लिया और एकदम से दरवाजा बंद कर प्रिया।माधवी- आप दोनों कर क्या रहे हो?!कविता- चुप कर!

कविता ने एकदम से कामवाली को दीवार से सटा प्रिया और मेरे खड़े-फनफनाते लंड को फिर से अपनी चूत में उतरवा लिया।उसने माधवी को हाथ से दीवार की तरफ धकेला हुआ था और चुदती हुई मादक सिसकारियां ले रही थी- आह्ह … स्स … आह्ह।

कविता को चोदते हुए मैं भी माधवी की आंखों में आंखें मिलाकर देख रहा था।अब कविता ने अपने नंगे बदन को माधवी के पसीने से भरे बदन से सटा प्रिया और सिसकारती रही।

फिर उसने माधवी की आंखों में देखा और उसके होंठों पर होंठ कस दिए।कुछ पल होंठ चूसने के बाद कविता ने उसके सिर को पीछे की ओर लाकर दबाते हुए उसने अपनी गांड की तरफ नीचे धकेल प्रिया।

माधवी का खुला मुंह अब कविता की पीठ को चाटते हुए नीचे जा रहा था।मेरा लंड कविता की चूत को जड़ तक ठोक रहा था।

इतने में माधवी उठी और फिर से कविता के होंठों पर टूट पड़ी।

इससे पहले मैं कुछ और नोटिस कर पाता, माधवी का ब्लाउज खुल चुका था और कविता उसकी चूचियों में मुंह देकर चाट रही थी।माधवी सिसकारती हुई- तुम दोनों बहुत ही गंदे बच्चे हो!

वह कविता के बदन को अब जोर-जोर से चूसने चाटने लगी।मैं अब छूटने वाला था इसलिए मैं कविता की चूत में गहरे में माल गिराना चाहता था।

इतने में ही मेरे लंड से माल की पिचकारी कविता की चूत में गिरने लगी।

उसकी चूत में झटके देता हुआ मैं खाली होकर पीछे बेड पर जा गिरा।मैं बुरी तरह से हाँफ रहा था।

सांसें बहुत तेज चल रही थीं और पेट तेजी से ऊपर-नीचे हो रहा था।

कविता माधवी को मेरे करीब ले आई और माधवी मेरे लंड के टोपे को जीभ से चाटने लगी।उसकी जीभ की छुअन से मेरे लंड में झटके लग रहे थे।

कविता- हां गुड! आज काम की शुरुआत इसका लंड चाटकर साफ करने से करो।

माधवी मस्ती में मेरा लौड़ा चूसती हुई- यह बहुत गलत बात है आपकी!‘अम्म … आह …’ करके लौड़ा चूसते हुए उसने कहा.

कविता माधवी के चूचे हाथों में थामकर उसके निप्पल भींचती हुई- पर गलत कहकर भी तू तो उसका लौड़ा चूसे जा रही है?

माधवी का मुंह कविता ने मेरे लंड पर दबा प्रिया और तब तक दबाती चली गई जब तक कि मेरा लंड उसे गले में जाकर फंस न गया।कविता ने माधवी को नंगी होने के लिए कहा और मुझे किस करने लगी।

लेकिन तभी मम्मी-पापा ने कविता को नीचे बुला लिया।वह जल्दी से कपड़े पहन जाने लगी।

इतने में ही कामवाली माधवी को भी आवाज दी।कामवाली भी कमरे की दरवाजे की तरफ दौड़ी।

माधवी सीढ़ियों पर जाकर नीचे मेरे मम्मी-पापा को आवाज देती हुई- मालकिन, कविता बेबी ने मुझे उसके कमरे से सफाई शुरू करने को कहा है, तो मैं यहां का निपटा लेती हूं पहले!

वो निकल गए।

माधवी अंदर आ घुसी और मैंने दरवाजा बंद कर लिया।उस ने मेरी आंखों में गौर से देखा।

मैंने उसे अपनी तरफ खींचकर बांहों में जोर से कस लिया।उसने भी मुझे कसकर जकड़ लिया।

मैंने उसकी गर्दन चूमी और कॉलर बोन पर चूमते हुए उसके कंधे चूमे।

फिर उसके पसीने से भीगे कानों को बारी-बारी से होंठों में भरा जिससे माधवी की आहें निकलने लगीं।मैंने उसकी साड़ी हटा पेटीकोट खोलकर एक तरफ फेंक प्रिया।

उसके ब्लाउज को खींचकर चूचियों से अलग कर प्रिया।फिर पैंटी पर से ही चूत को जोर से भींच प्रिया और वो ‘आआ आआह …’ करके दर्द से कराह उठी।

मैंने उसे बेड पर पटका और उसकी चूत पर चिपक चुकी पैंटी को खींचकर उतार प्रिया।

कामवाली ने टांगें खोल दीं और उसकी चूत मेरी आंखों के सामने पानी छोड़ती हुई जैसे चुदने के लिए फड़क रही थी।उसके चेहरे और आंखों में लंड लेने की प्यास साफ देखी जा सकती थी।

माधवी- पक्का तुम मुझे चोदना चाहते हो?मैं उसके ऊपर आ गया और ‘हां’ में मुंडी हिलाकर होंठ उसकी तरफ बढ़ा दिए।

वह मेरे होंठों को चूसने लगी।मैंने नीचे से हाथ उसकी चूत के दाने पर रखकर उसे उंगलियों से रगड़ प्रिया जिससे माधवी सीत्कार उठी।

उसने मेरी उंगलियों को पकड़ा और अपनी चूत में डलवा लिया जैसे वह उंगलियों से बेसब्री से चुदना चाह रही हो।

उंगली चूत में लेकर वो गांड को चक्की की तरह चलाने लगी और उंगलियों का पूरा मजा चूत में लेने लगी।

ऊपर की ओर हम दोनों की जीभ एक दूसरे के मुंह में जाकर लार का आदान-प्रदान कर रही थीं।

मैं- अब मैं तेरी चूत मारने जा रहा हूं!माधवी- हां, चोद दो!मैं- मैं अपना गर्म-गर्म सारा माल तेरी चूत में छोड़ूंगा।माधवी- हां, जल्दी छोड़ो!

मैं- मुझे लगता है कि तुम्हारे साथ टाइम लगने वाला है। मैं और भी कुछ करना चाहता हूं।

वह सोच में पड़ गई।

इतने में मैंने अपना लैपटॉप खोल लिया और dscgirls.live वेबसाइट खोल ली।मैंने सेक्सी इंडियन कैम गर्ल तनुजा को मैसेज किया।

उसका जवाब आया कि वह 10 मिनट में ऑनलाइन आ जाएगी।

तब तक मैंने माधवी को उसके चारों पंजों पर कर लिया और घोड़ी बनाकर उसकी चूत में मुंह देकर चाटने लगा।चूत से तेज गंध आ रही थी जैसे कि वह बहुत मेहनत का काम करके आई हो।

उसकी चूत को चाटने के लिए मेरे मुंह में पानी आ रहा था।चूत चाटते हुए जैसे मेरी प्यास बुझने लगी।साथ ही लंड बुरी तरह से फनफना रहा था।

उसकी चूत इतनी गर्म और फड़फड़ा रही थी कि मैं उसमें लंड देने के लिए मरा जा रहा था।

इतने में ही कैम गर्ल तनुजा भी ऑनलाइन आ गई।

माधवी- ये कौन है?तनुजा- मैं चुदाई के खेल में इनकी साथी हूं, ये मेरे साथ भी ऐसे ही मजे करते हैं जैसे तुम्हारे साथ कर रहे हैं।

माधवी का मुंह स्क्रीन की तरफ था।मैं उसके पीछे गया और उसकी गर्दन पर चूमने लगा।

इतने में मेरा हाथ पीछे की ओर जाता हुआ उसकी चूत के आस-पास सहलाने लगा।

मैंने तनुजा को नंगी होने के लिए कहा और वो तुरंत हमारे सामने नंगी हो गई।वह अपनी चूत को कैमरा के पास ले आई और उसमें उंगली चलाने लगी।

मैंने भी माधवी की चूत में उंगली दे दी और गहराई तक घुसाने लगा, मल्टीपल सेक्स एन्जॉय करने लगा.

वह अब रंडी की तरह आहें भरने लगी जैसे चुदने के लिए मरी जा रही हो।उसकी चूत मेरी उंगलियों को बार-बार भींच रही थी जो मुझे साफ महसूस हो रहा था।

तनुजा- इसे चोदो बेबी, मैं भी तुम्हें देखते हुए कैमरा पर चूत का पानी फेंकना चाहती हूं।माधवी- ओह्ह … बहुत अच्छे!

मैंने माधवी को डॉगी स्टाइल में कर लिया और अपने हाथ उसकी रीढ़ पर फिराने लगा।मैं हल्के से नाखून भी गड़ा रहा था उसकी नर्म त्वचा पर।

चुदासी होकर उसने घूमते हुए मेरे होंठों पर हमला कर प्रिया।वह मेरे मुंह में जीभ देकर जोरों से होंठों को पीने लगी।

इतने में मैंने उसकी चूत की बाहरी फांकों के सहलाना शुरू कर प्रिया।वह ऐसे उत्तेजित हो गई जैसे मेरे होंठों को काटकर खा जाएगी।मैंने होंठ वापस खींचना ही बेहतर समझा।

फिर चूत पर लंड लगाकर फांकों पर फिराने लगा।उसकी चूत से रस की नप्रियां बहने लगीं।

वह मचल उठी मेरा लंड चूत में लेने के लिए।इतने में ही मैंने उसके होंठों पर होंठ रखकर लंड का धक्का उसकी गीली चूत में दे प्रिया।

यह धक्का मैंने बड़े ही आराम से प्रिया था जिससे कि लंड सांप की तरह सरकता हुआ उसकी चूत के बिल में समाता चला गया।

नजारा इतना कामुक था कि माधवी और तनुजा, दोनों की ही सिसकारियां एकसाथ फूट पड़ीं।

मैंने कामवाली की गांड को दोनों हाथों से थाम लिया और लगा उसे पेलने!पसीने में भीगे उसके चूतड़ मेरे आंडों से टकरा रहे थे।

उसने हाथों से बेडशीट को कसकर खींचा हुआ था और ऐसे ही उसकी चूत मेरे लंड को भीतर खींच रही थी।

माधवी चुदास में बदहवास होकर बेड पर पसर गई ताकि मैं उसे बेहरमी से चोद पाऊं।

वह बोली- और अंदर मालिक! ओह्ह … हाए … आआआ ह … आह्ह आह्ह और अंदर … चोदते रहो मालिक … आआआह।तनुजा- हां मालिक! और अंदर! चोद दो इस रंडी को!

मैंने उसके बदन को कसकर पकड़ लिया और पूरी ताकत से उसकी चूत में खाई खोदने लगा।

मैं माधवी के ऊपर लेट चुका था और पूरा बदन उसके बदन से सट गया था।सिर्फ मेरे चूतड़ ऊपर-नीचे हो रहे थे जिसके साथ ही लंड उसकी चूत में तेजी से अंदर-बाहर हो रहा था।

मेरा पसीना छाती से टपकता हुआ उसकी पीठ को भिगोने लगा था।यह चुदाई देखकर तनुजा भी जोर से आहें भरते हुए चूत में उंगली किए जा रही थी।

तनुजा सिसकारियां लेती हुई- ओह गॉड! तुम दोनों कितने भीग चुके हो पसीने में! मैं भी अपनी चूत का पानी तुम दोनों के जिस्मों पर फेंकना चाहती हूं, आह्ह … आ रही हूं … आह्ह आह्ह मेरी चूत … आ गईई … आह।

देखते ही देखते तनुजा की चूत ने पानी फेंकना शुरू कर प्रिया जिसके कुछ छींटें उसके कैमरा पर भी फैल गए।यह सीन देखकर मैं तो पागल सा हो गया और पूरी ताकत के साथ कामवाली की चुदाई में जुट गया।

ताकत इतनी थी कि कामवाली का बदन कांपने लगा और वो कराहते हुए चीखने लगी।इतने में ही मेरे बदन में झटके लगने लगे और मैं कांपता हुआ माधवी की चूत में झड़ने लगा।

खाली होकर मैं उसके ऊपर गिर पड़ा, मेरी सारी ताकत उसकी चूत ने निचोड़ ली थी।वह घूमी और हम दोनों के होंठ मिल गए।

हम होंठ पीते रहे और फिर माधवी हल्की मुस्कान के साथ उठकर मेरे ऊपर आ गई।

तनुजा- ओह् माय गॉड! इतनी हॉट चुदाई!

माधवी- हां (हांफते हुए) … बहुत ही … हाह … ज्यादा! अब मुझे सफाई का काम शुरू करना है, तो मालिक … आपके लंड से ही शुरू कर रही हूं!मैं- फिर से कहो।

माधवी- मुझे अपने लंड को साफ करने दीजिए … मालिक!तनुजा- सच में बहुत हॉट सेशन था, अब मुझे दूसरी कॉल को अटेंड करना है। तुम लोग जल्दी ही मुझे दोबारा बुलाना!

माधवी ने मेरे बदन पर आया सारा पसीना चाट लिया और फिर बड़े ही प्यार से मेरे लंड को चूसने लगी जिसमें गुदगुदी के कारण झटके लग रहे थे।फिर वह मेरे तने हुए लंड को हाथ में लिए हुए ही मेरे ऊपर लेट गई।

कविता का इतने में मैसेज आया कि वे सब घर देर से पहुंचेंगे, और मैं तब तक माधवी के साथ ही इंजॉय करूं।

मैंने अपनी डर्टी कामवाली को गले लगा लिया और उसके चिपचिपे बदन को अपनी बांहों में समा लिया।

दोस्तो, तनुजा जैसी हॉट इंडियन कैम गर्ल इस तरह की स्थिति में माहौल बहुत ही हॉट बना देती है।मैं तो उसको अक्सर अपनी सेक्स फैंटेसी पूरी करने के लिए बुलाता रहता हूं।

आपको यह मल्टीपल सेक्स एन्जॉय कहानी कैसी लगी?

अगर आप लोगों में से भी कोई एक प्राइवेट प्लेगर्ल के साथ मजा करना चाहता है जो आपकी गंदी कामवासनाओं की भरपूर पूर्ति कर सके.तो यहाँ पर क्लिक करके अभी DSC वेबसाइट पर पहुंचें।

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Dosto, Main Shalini aaj main fir se aap ke liye apni ek aur nayi kahani le kar aayi hoon. Mujhe umeed ye kahani pad kar apne lund ka pani jaruu nikalgen. Toh main aaj jayda time na late hue sidhe apni kahani par aati hoon.

19 मिनट 513

पाठकों की राय

1 टिप्पणी

शाश्वत सिंह

4 months ago

जीजा साली की नोक-झोंक और फिर ये रोमांस! लाजवाब कहानी।

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