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लड़कियों की गांड चुदाई पठन समय: 17 मिनट पढ़ा गया: 1,025 बार

मेरी बीवी ने सहेली के पति से गांड मरवा ली

अज्ञात

27 Feb 2017 को प्रकाशित

मेरी बीवी ने सहेली के पति से गांड मरवा ली
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वाइफ गांड चुदाई कहानी में पढ़ें कि मेरी बीवी की सहेली उसके पति के साथ हमारे घर आई। मस्ती करते हुए हमारा मूड बन गया और फिर वो हुआ जो मैंने कभी नहीं सोचा था।

प्रिय पाठको, मेरा नाम मिहिर है। मैं कानपुर से हूं और 42 वर्ष का हूं। मेरी हाइट 5.6 फीट है और शरीर से साधारण हूं।

मेरे लंड का साइज 5 इंच है। मेरी पत्नी का नाम कुसुम है और उसकी उम्र 39 साल है।उसकी हाइट 5’4″ फीट है और फिगर 33-30-36 का है। वो देखने में काफी सेक्सी लगती है।

हमारा एक बेटा भी है जो हॉस्टल वाले स्कूल में पढ़ता है।

हमारी सेक्स लाइफ काफी अच्छी चल रही है।सप्ताह में 2-3 बार तो हम सेक्स कर ही लेते हैं।

लेकिन अक्सर मुझे घर से बाहर जाना पड़ता रहता है क्योंकि मैं एक सेल्समैन का काम करता हूं।

आज जो मैं वाइफ गांड चुदाई कहानी आपको बताने जा रहा हूं ये पिछले साल के मार्च महीने की है।

मेरी बीवी की सहेली मनीषा हमारे घर अपने पति के साथ आई थी।

मनीषा ने कमीज काफी टाइट पहनी थी जिससे उसके बूब्स काफी उभरे हुए दिख रहे थे। उसका फिगर 34-30-36 का है।उसने नीचे लैगी पहनी हुई थी और इस वजह से उसकी गांड काफी मोटी और बाहर निकली हुई दिख रही थी।

उसके पति का नाम युवान था। वो एक अच्छी बॉडी वाला आदमी था। उसकी हाइट करीब 5′ 10″ फीट के करीब थी।

शाम के 4 बजे वो लोग पहुंचे थे।फिर कुसुम चाय पकौड़े ले आई और सबको परोसने लगी।हम चाय नाश्ता करने लगे।

इस वक्त युवान की नजर कुसुम के बूब्स पर टिकी थी।

मनीषा ने युवान की नजर देख ली और बोली- ये मिहिर का माल है, इस पर नजर मत डालो।युवान झेंप गया।

मैं बोला- जब दोनों सहेलियां एक जैसी हैं तो दोनों ही दोस्तों का हक भी तो दोनों पर एक जैसा बनता है।इस पर सब हंसने लगे और मनीषा ने भी मुझे देखकर शरारती मुस्कान दी।

फिर बातों ही बातों में पता लगा कि वो लोग कानपुर में 3-4 दिन रहेंगे और यहां घूमेंगे फिरेंगे।

खाने पीने और मजाक मस्ती में शाम के 6 बज गए।मैंने युवान को कहा- बाजार चलते हैं।

वहां से हमने मटन लिया और व्हिस्की ले ली; लेडीज के लिए कोल्ड ड्रिंक ले ली।

कुसुम मटन बनाने लगी और मनीषा उसकी मदद करने लगी।

युवान और मैंने बैठकर पीना शुरू कर दिया।इतने में वो दोनों भी मटन बनाकर ले आईं।

हमें पीते हुए आधा घंटे पहले ही बीत चुका था।अब चारों खाना पीना कर रहे थे।

फिर कुसुम कुछ लाने के लिए किचन में गई तो मनीषा भी उसके पीछे चली गई।

मुझे और युवान को एक शरारत सूझी कि हमने उनके कोल्ड ड्रिंक हल्की सी दारू मिला दी ताकि पार्टी का मजा और बढ़ जाए।

वो दोनों आईं तब तक हमने दारू मिला दी थी।टीवी चल रहा था सामने … उसमें एक रोमांटिक सीन आ रहा था जिसमें दो कपल आपस में किस कर रहे थे।

फिर कपल ने एक दूसरे पार्टनर को बदल लिया और किस करने लगे।कुसुम को इससे शर्म आने लगी तो वो चैनल बदलने के लिए कहने लगी।मनीषा बोली- बहुत अच्छा सीन है चलने दो।

युवान भी चाह रहा था कि कुसुम ये सीन देखे और गर्म हो जाए।

कुछ देर के बाद मनीषा कहने लगी- हम भी आज पार्टनर बदल कर देखते हैं।कुसुम इस पर भड़क गई और मना करने लगी।

इधर युवान भी मनीषा की तरफदारी करते हुए कहने लगा- एक बार तो आजमा कर देखना ही चाहिए।फिर उसने मनीषा को इशारा किया को वो कुसुम को मनाये।इस पर मनीषा कुसुम को रूम में ले गई।

15 मिनट के बाद दोनों बाहर आईं और मनीषा कहने लगी कि कुसुम मान गई है लेकिन उसने कुछ शर्तें रखी हैं।शर्तें बताते हुए वो कहने लगी कि बिना कॉन्डम के सेक्स नहीं होगा और दोनों कपल अलग अलग रूम में सेक्स करेंगे।

सबको ये बात मनीषार थी।मनीषा काफी बोल्ड थी और वो मेरे पास सोफे पर आकर बैठ गई।

उधर टीवी में सेक्स सीन शुरू हो गया था। कपल अब ओरल सेक्स करने लगे थे।

इधर मनीषा ने मेरी पैंट की जिप पर हाथ रखा और फिराना शुरू कर दिया।लंड तो मेरा पहले से ही तना हुआ था लेकिन मनीषा के हाथ रखे जाने के बाद जैसे फटने को हो गया।

अब मेरे हाथ भी उसके बूब्स पर पहुंच गए।

ये देखकर युवान कुसुम की बगल में बैठ गया और उसकी कमर को सहलाने लगा।मैंने मनीषा के टॉप को उतार दिया और ब्रा के ऊपर से उसके बूब्स को दबाने लगा।मैं उसके होंठों को चूसने लगा।

कुसुम अभी भी शर्मा रही थी।इतने में मनीषा ने मेरी पैंट की चेन खोलकर मेरे लंड को बाहर निकाल लिया और नीचे झुककर उसको चूसने लगी।कुसुम हम लोगों को देखे जा रही थी।

अब युवान ने उसकी साडी का पल्लू हटा दिया और ऊपर से ही उसके बूब्स को दबाने लगा।इधर मनीषा मेरी पैंट को निकालने लगी, उसने मुझे नीचे से नंगा कर लिया।

मैंने भी मनीषा को ब्रा-पैंटी में कर लिया।अब युवान ने कुसुम का हाथ पकड़ कर अपनी पैंट की जिप पर रखवा लिया और लंड पर मसलवाने लगा।कुसुम शर्माती हुई उसके लंड पर हाथ फिराती रही।

इतने में उसने कुसुम की साड़ी उतार कर उसके ब्लाउज को खोल दिया।कुसुम ने नीचे से ब्लैक रंग की ब्रा पहनी हुई थी।

युवान की बांहों में वो ब्रा में बैठी बहुत सेक्सी लग रही थी।

इससे पहले युवान कुछ और करता वो बोली- अब जो भी करना है वो रूम में करेंगे।फिर युवान उसको उठाकर रूम में ले गया।मैं और मनीषा वहीं पर बैठे रह गए।

उनके जाते ही मनीषा मेरे लंड पर टूट पड़ी।उसने मेरी शर्ट उतारकर फेंक दी और मुझे सोफे पर लिटाकर जोर जोर से मेरे लंड को चूसने लगी।मैं जैसे स्वर्ग की सैर करने लगा।

पांच मिनट तक लगातार उसने उसी स्पीड से मेरे लंड को चूसा और मैं मजे मजे में उसके मुंह में ही झड़ गया।

अब मेरी बारी थी।मैंने मनीषा को सोफे पर लिटा लिया। मैं उसके बदन को चूमने लगा।

ऊपर से नीचे की ओर आते हुए मैं उसकी पैंटी पर जीभ फिराने लगा।उसकी पैंटी पर चूत के रस का गीलापन आ गया था जिसको चाटने में बहुत मजा आ रहा था।

चूत पर मेरे होंठों की छुअन उसको भी खूब उत्तेजना दे रही थी।वो पैंटी निकालने की कोशिश करने लगी तो मैंने जल्दी से उसकी चूत से पैंटी खींच दी और उसकी चूत को नंगी कर लिया।उसकी फूली हुई चूत मेरे मुंह में पानी ला रही थी।

जल्दी से मैंने उसकी चूत पर होंठ रख दिए और उसकी फांकों को खींच खींचकर चूसने लगा।उसके मुंह से सिसकारियां फूट पड़ीं- आह्ह … स्स … उईई … अम्म … ओह्ह … चूसो … आह्ह और अंदर तक!

वो मेरे मुंह को चूत पर दबाने लगी।उसकी चूत पूरी क्लीन शेव थी, उससे अब रुका नहीं जा रहा था।

मनीषा बोली- प्लीज मिहिर … अब अपना लंड मेरी चूत में डाल दो।मेरा लंड अब उसकी चूत चोदने के लिए तैयार हो चुका था।मैंने लंड को चूत पर सेट करके लंड को अंदर धकेल दिया।

मेरा लंड बड़े आराम से उसकी चूत में उतर गया। चिकनी गर्म चूत में लंड अंदर तक जा घुसा और मैं उसे चोदने लगा।मैं तेजी से धक्के लगाने लगा और वो आह्ह … ऊह्ह … करते हुए चुदने लगी।

वह कभी मेरे होंठों को चूस रही थी तो कभी मेरी गर्दन को चूम रही थी।मैं भी उसकी ताबड़तोड़ चुदाई करने में लगा था।

फिर वो गांड उठा-उठाकर चुदवाने लगी।उसका जोश लगातार बढ़ रहा था।

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फिर उसने अपनी टांगें मेरी गांड पर लपेट लीं और नीचे से धक्के लगाते हुए चुदने लगी।

उसकी चुदाई चलते हुए दस मिनट हो चुके थे और अब मेरा माल झड़ने वाला था।कुछ ही धक्कों के बाद मेरा वीर्य उसकी चूत में छूट पड़ा और उसका भी पानी निकल गया।

फिर हम लोग वॉशरूम में गए; मनीषा ने अपनी चूत साफ की और हम दोनों ने काफी देर तक वहां किस किया।

अब हम युवान और कुसुम को देखने के लिए गए कि वो दोनों क्या कर रहे हैं।हम उनके रूम की ओर गए।

दरवाजा अंदर से लॉक नहीं था।हमने हल्का सा दरवाजा खोलकर देखा तो युवान ने कुसुम को पूरी नंगी कर लिया था और वो उसके ऊपर लेटा हुआ उसकी चूचियों को पी रहा था।कुसुम भी मदहोश सी लग रही थी।

युवान अंडरवियर में था।कुसुम का एक हाथ युवान के अंडरवियर में था और वो अंदर ही अंदर उसके लंड को सहलाने में लगी हुई थी।

फिर युवान उठा और उसने अपना अंडरवियर निकाल दिया।उसका लंड काफी लम्बा और मोटा था।

वो युवान के लंड को देखती रह गई क्योंकि मेरा लंड युवान के लंड का आधा ही था।फिर वो दोनों किस करने लगे और युवान ने उसका हाथ लंड पर रखवा दिया। वो युवान के होंठों को चूसते हुए लंड को सहलाने लगी।

दो मिनट के बाद युवान लंड को उसके मुंह के पास ले आया और चूसने के लिए कहने लगा लेकिन कुसुम ने मना कर दिया।फिर वो रिक्वेस्ट करने लगा तो कुसुम ने उसकी बात मानते हुए लंड को धीरे धीरे चूमना शुरू किया।

इतने में युवान ने कुसुम के बूब्स के निप्पल जोर से मरोड़ दिए और हल्की चीख के साथ उसका मुंह खुल गया।युवान ने कुसुम के मुंह में एकदम से लंड घुसा दिया और उसका सिर पकड़ कर मुंह को चोदने लगा।

कुसुम ने इतना लम्बा और मोटा लंड पहली बार मुंह में लिया होगा।उसका चेहरा लाल हो गया लेकिन वो फिर भी उसको बर्दाश्त करने की कोशिश कर रही थी।

युवान का लंड बहुत टाइम से खड़ा हुआ था इसलिए 2-3 मिनट में ही वो कुसुम के मुंह में झड़ गया।वो शांत हो गया और कुसुम की चूत को सहलाने लगा।

धीरे धीरे उसने फिर से कुसुम के बूब्स को चूसना शुरू किया।कुसुम आह्ह … उफ्फ … आह्ह … करने लगी।

पांच-सात मिनट के बाद युवान का लंड फिर से खड़ा हो गया।

इस बार कुसुम ने अपने से ही लंड को मुंह में ले लिया और चूसने लगी।अब दोनों 69 पोजीशन में आ चुके थे और दोनों एक दूसरे के लंड चूत को चाट चूस रहे थे।

कुसुम अब बुरी तरह से तड़प चुकी और बोली- आह्ह … बस करो अब चाटना … चोदो अब … प्लीज … आह्ह … नहीं रुका जा रहा!फिर भी युवान उसकी चूत को चूसता चाटता रहा, जैसे उसको तड़पाना चाह रहा था।

बहुत मिन्नतों के बाद उसने कुसुम की चूत पर लंड का सुपारा रखा और धकेलकर अंदर फंसा दिया।अभी लंड का टोपा ही अंदर गया था जो काफी मोटा था।

कुसुम चूतड़ों को उठाकर लंड अंदर लेना चाह रही थी कि इतने में युवान ने उसकी चूत में धक्का दे दिया।

कुसुम की चूत में 4 इंच तक लंड फंस गया और उसकी बुरी तरह से चीख निकल गई।वो दर्द में आईई … ऊह्ह … उफ्फ … करने लगी।

लेकिन युवान चुपचाप लंड को डाले रुका रहा; उसने मेरी बीवी के बूब्स को धीरे धीरे मसलना शुरू कर दिया और उसको आराम देने लगा।

उसने कुसुम को बातों में लगा लिया और जब उसका दर्द कम हो गया तो उसने इसी बीच एक और धक्के में पूरा लंड उसकी चूत में फंसा दिया।

एक बार फिर कुसुम की जान निकल गई मगर अब लंड पूरा जा चुका था।वो मेरी बीवी के होंठों को कसकर चूमने लगा।

कुछ पल बाद कुसुम का दर्द कम हुआ तो युवान उसको चोदने लगा।धीरे धीरे कुसुम को भी मजा आने लगा और वो आह्ह … उम्म … अह्ह … करते हुए अब युवान के लंड से चुदने का मजा लेने लगी।युवान भी उसकी चूत में अंदर तक लंड को पेल रहा था।

पांच मिनट तक चोदने के बाद उसने कुसुम को घोड़ी बनने के लिए कहा और कुसुम बेड पर गांड उठाकर झुक गई।उसने पीछे से मेरी बीवी की चूत में लंड को पेल दिया और धक्के मारने लगा।

पांच मिनट और चोदने के बाद युवान ने मेरी बीवी की चूत में अपना वीर्य निकाल दिया।कुसुम थक कर बेड पर पड़ गई और उसकी खुली चूत से लंड का पानी रिस कर बाहर आने लगा।उन दोनों की चुदाई देखकर मैं और मनीषा फिर से गर्म हो गए।

मैं मनीषा को रूम में ले गया और उसकी चुदाई कर डाली।फिर हम थक कर सो गए।

रात को करीब 1 बजे मेरी आंख खुली तो देखा कि मनीषा बेड पर नहीं थी।

उठकर मैं युवान के रूम की तरफ गया, मैंने देखा कि मनीषा भी वहीं पर थी और वो घोड़ी बनी कुसुम की चूत पर युवान का लंड सेट कर रही थी।तभी जोर से कुसुम की चीख निकली जिससे मेरी गांड भी फट गई।

ध्यान से देखा तो लंड कुसुम की गांड में घुसा हुआ था।मेरी बीवी की गांड चुदाई हो रही थी।

मैं देखकर हैरान था।कुसुम ने इससे पहले अपनी गांड नहीं मरवाई थी।

दो-तीन धक्कों में युवान का लंड कुसुम की गांड में पूरा घुस गया था।फिर वो उसकी गांड को चोदने लगा।

मनीषा अब कुसुम के जिस्म से खेलने लगी। वो कभी उसकी चूत को सहला रही थी तो कभी बूब्स को पी रही थी।

कुसुम को गांड चुदवाते हुए दर्द हो रहा था लेकिन फिर भी वो बर्दाश्त कर रही थी।

पांच मिनट तक चोदने के बाद उसने कुसुम की गांड से लंड निकाल लिया और मनीषा को घोड़ी बना लिया।अब उसने मनीषा की गांड में लंड डाला और चोदने लगा।मनीषा की गांड में लंड आसानी से चला गया।

युवान ने मनीषा की गांड बहुत चोदी हुई थी, ऐसा साफ पता चल रहा था।पांच-सात मिनट तक अपनी बीवी की गांड चुदाई करने के बाद वो झड़ गया।

इसके पश्चात वो तीनों आराम से पड़े रहे।मैं भी चुपचाप अपने रूम में चला गया। मैं जाकर सो गया.

सुबह 5 बजे मेरी आंख खुली।मैंने देखा कि मनीषा मेरे बगल में सोई थी और उसकी चूत खुली पड़ी थी।

मेरा लंड खड़ा हो गया और मैंने उसकी चूत में लंड को पेल दिया जिससे उसकी नींद टूट गई।वो भी मेरा साथ देने लगी।

दस मिनट तक चोदने के बाद मेरा वीर्य निकलने को हुआ तो मैंने पूछा- कहां निकालना है भाभी?वो बोली- मेरे मुंह में ही निकाल दो।मैंने उसके मुंह में अपना वीर्य छोड़ दिया।

फिर हम लोग युवान के रूम की ओर जाने लगे।वहां देखा कि युवान कुसुम को घोड़ी बनाकर उस पर चढ़ा हुआ था।

ताबड़तोड़ चुदाई करते हुए वो हमारी आंखों के सामने ही कुसुम की चूत में झड़ गया।

फिर हम वहां से आ गए।

आने के बाद मैंने स्नान किया और मनीषा भी नहा धोकर तैयार हो गई।

7 बजे युवान हमारे रूम में आया।मैंने कुसुम के लिए पूछा तो बोला- खुद ही देख लो जाकर।मैं उनके रूम में गया तो कुसुम बेड पर चूत खोले पड़ी थी और उसकी चूत से वीर्य टपक रहा था।

उसके बाद करीब 9 बजे के लगभग कुसुम नाइटी पहनकर आई।उसको चलने में तकलीफ हो रही थी।

वो आकर सोफे पर बैठ गई।मनीषा बोली- कैसी रही रात? युवान ने ज्यादा परेशान तो नहीं किया?कुसुम शर्माकर बोली- नहीं।मनीषा- मेरा पति अच्छा लगा या नहीं तुम्हें?

इस पर कुसुम ने मनीषा के हाथ पर चिकोटी काट ली और हम चारों हंस पड़े।वो लोग चार दिन तक कानपुर में रहे और चारों दिन हमने घमासान चुदाई की।

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