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गुरु घण्टाल पठन समय: 8 मिनट पढ़ा गया: 607 बार

नाप्रिया मैडम की चुदास

अक्की

24 Jul 2010 को प्रकाशित

नाप्रिया मैडम की चुदास
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दोस्तो, मेरा नाम अक्की है, अब मैं 30 साल का हूँ। यह घटना उस समय की है.. जब मैं 18 साल का था। इस कहानी में दो पात्र हैं.. एक मैं और दूसरी मेरी टीचर नाप्रिया।

नाप्रिया बहुत ही सेक्सी लेडी थी.. जिसे देखते ही होश उड़ जाते थे। जब मैं स्कूल में पढ़ता था.. उस समय वो 25 साल की थीं और तब उसकी शादी एक-दो वर्ष ही हुई थी। नाप्रिया टीचर का एक छोटा सा बच्चा भी था.. जो 8-9 महीने का था। उसका पति दुबई में जॉब करता था और उसका भारत आना-जाना बहुत कम रहता था। शायद साल में 3-4 बार के लिए विज़िट करता था।

मैं साइन्स और गणित में बहुत कमजोर था.. जिसके कारण टयूशन भी जाता था। नाप्रिया टीचर घर पर टयूशन पढ़ाती थीं और वहाँ पढ़ने करीब 12-15 लड़के और लड़कियाँ आते थे, वो होम वर्क भी देती थीं।

क्योंकि मैं पढ़ाई में बहुत कमजोर था.. तो मैं टयूशन के बाद थोड़ी देर और रुक जाता था और वो मुझे समझा देती थीं।

अब तक मेरे को कभी कोई सेक्स की फींलिंग नहीं हुई थी.. लेकिन एक दिन ऐसा हुआ कि मैं 3-4 दिन से टयूशन नहीं गया था और जिस दिन गया था.. उस दिन टयूशन पर हॉलीडे था और कोई नहीं आया था।

मैंने दरवाजा खटखटाया.. और नाप्रिया ने दरवाजा खोला।

नाप्रिया टीचर- आज तो छुट्टी है… कोई नहीं आया है।

मैंने- मुझे नहीं मालूम था.. सॉरी मेम..

नाप्रिया टीचर- चलो कुछ नहीं होता.. मैं भी बोर हो रही थी और तुम भी इतने दिनों से नहीं आए हो ना.. मैं तुमको गणित के सवाल समझा देती हूँ और तुम घर जाकर के सॉल्व कर लेना।

मैंने- ठीक है।

उसके बाद मैं उसके घर में अन्दर चला गया और नाप्रिया बोली- अक्की तुम पढ़ाई करते रहना.. मैं थोड़ा फ्रेश होकर आती हूँ..

थोड़ी देर बाद नाप्रिया नहा कर आई और उसने एक सफ़ेद शर्ट और स्कर्ट पहनी हुई थी जो उसके घुटनों तक की थी.. इस ड्रेस में वो बहुत ही सेक्सी लग रही थी…

हम दोनों सोफे पर बैठे थे… और वो मुझको समझा रही थी … अचानक से मेरा पेन नीचे गिर गया और मैं नीचे से पेन उठा ही रहा था कि मेरे नज़र उसकी स्कर्ट के अन्दर चली गई.. वो नीचे कुछ भी नहीं पहने हुई थी..

मैं तो पहली बार किसी की चूत देख रहा था.. मैं उसे देखते ही रह गया..

नाप्रिया ने मुझे देख लिया और वो समझ गई.. मैं क्या कर रहा था। पहले तो वो थोड़ा चिल्लाई- अक्की.. क्या कर रहे हो..!

मैंने बोला- कुछ नहीं..

वो बोली- चलो उठो और सवाल हल करो।

थोड़ी देर बाद उसका बच्चा रोने लग गया और वो वहाँ से चली गई और वो बच्चे को लेकर आई।

अब मैंने देखा कि वो अपने शर्ट के ऊपर के 2 बटन खोल कर उसके बच्चे को दूध पिला रही थी.. उसका दूध हल्का-हल्का बच्चे के मुँह से होते हुए नीचे गिर रहा था और नाप्रिया की सफ़ेद शर्ट थोड़ी गीली हो गई थी.. जिसकी वजह से उसके मम्मे दिख रहे थे।

अब वो बच्चे को दूसरे मम्मे से दूध पिलाने लगी.. मेरा ध्यान वहीं पर था.. क्योंकि ये सब मैं पहली बार देख रहा था, मैं बहुत उत्तेजित हो गया था और मेरा लण्ड खड़ा होने लगा था। मैंने शॉर्ट पहना था पर अंडरवियर नहीं पहना था और उसमें टेड़ा सा आकार आ गया था।

नाप्रिया ने मेरे शॉर्ट को देखा और हँस कर बोली- क्या हुआ अक्की.. लगता है.. तेरा ध्यान पढ़ाई में नहीं है?

मैंने कहा- हाँ.. और मैं आपसे पूछ ही रहा था कि क्या मैं घर जा सकता हूँ?

नाप्रिया बोली- अभी रुक जा.. बाहर बहुत बारिश हो रही है.. मैं तेरे घर फोन लगाती हूँ और तेरी मम्मी को बोलती हूँ.. तू आज रात यहीं रुक जा.. कल सुबह मैं तुझे तेरे घर छोड़ दूँगी..

मैं बहुत खुश हो गया और हम दोनों ने रात में खाना खाया और ऐसे ही बात करते रहे और टीवी देखते रहे। अब वो मेरे पास चिपक कर बैठी थी और उसकी शर्ट के ऊपर के बटन खुले हुए थे। मेरा लण्ड खड़ा था और तभी अचानक उसने धीरे के अपना हाथ मेरे 7 इंच के लण्ड पर रख कर पूछा- ये खड़ा क्यों है?

मैं बिंदास बोला- जब आप अपने बच्चे को दूध पिला रही थीं.. ये तभी से खड़ा हो गया है।

वो नशीली आवाज में बोली- अक्की.. क्या तुझे भी दूध पीने का मन कर रहा है..?

मैं भी उसी तरह बोला- हाँ…

वो बोली- अच्छा ठीक है..

उसने अपनी शर्ट को पूरा उतार प्रिया.. मैं उसे देखता ही रह गया।हाय.. क्या मम्मे थे.. मैंने तुरंत उसके एक मम्मे को अपने मुँह में लिया और चूसने लगा.. मुझे बहुत मज़ा आ रहा था।

वो ‘आआह्ह.. आआआह्ह.. आआह्ह..’ की आवाज़ कर रही थी।

वो बोली- अक्की कैसा लग रहा है?

मैं बोला- बहुत अच्छा..

वो बोली- चल मैं तुझे और भी अच्छी चीज़ दिखाती हूँ।

वो फिर उठ गई और अन्दर जाकर आइसक्रीम लेकर आई और उसको अपने मम्मों पर लगा लिया और बोली- ले अब चूस ले अक्की.. खाजा इसे.. काट के खाजा.. मैं कब से तड़प रही हूँ.. मेरा दूध पी जा आआअहह.. आआआहह..

फिर अचानक उसने मेरे लण्ड पर आइसक्रीम डाल दी.. मुझे कुछ गुदगुदी सी लग रही थी। मैंने अपना लण्ड खुल्ला कर प्रिया।

इसके बाद वो फिर मेरे लण्ड को अपने मुँह में लेकर चूसने लगी थी, थोड़ी देर चूसने के बाद मैं उसके मुँह में ही झड़ गया और वो मेरा माल पी गई और मेरे लौड़े की आइसक्रीम खाने लगी।

इसके बाद हम दोनों एक-दूसरे को चूमने लगे.. फिर वो पूरी नंगी हो गई और आईसक्रीम अपनी चूत में डाल कर बोली- अक्की इसे चाट… खा जा इसे..

मैं उसकी चूत पर गिरी हुए आइसक्रीम को चाटने लगा और उसने मजे में आँखें बंद कर लीं और ज़ोर-ज़ोर से चिल्लाने लगी थी- आहहह.. अहहाहह.. आआहह..

थोड़ी देर बाद जब वो झड़ने वाली थी.. उसने मेरा मुँह अपनी चूत पर ज़ोर से दबा लिया और वो झड़ गई। उसका पानी मेरे मुँह में आ गया.. मैंने उसे पी लिया.. बहुत नमकीन माल था… और टेस्टी भी था.. वो निढाल हो कर 2 मिनट तक वैसे ही पड़ी रही, फिर खड़ी हुई और मेरे लण्ड को चूसने लगी..

अब मेरा लण्ड फिर से खड़ा हो गया और वो बोली- चल अक्की.. इसको मेरे अन्दर डाल दे और मेरी प्यास बुझा दे..

मैं अपने लण्ड को उसकी चूत में डाल कर अन्दर-बाहर करने लगा और थोड़ी देर बाद मैं अन्दर ही झड़ गया। हम दोनों एक-दूसरे को ज़ोर-ज़ोर से चूम रहे थे.. और वैसे ही पड़े रहे।उस रात में मैंने उसे 2 बार और चोदा था। हम दोनों बहुत खुश थे… वो मुझसे बोली- ये बात राज़ ही रखना..

इसके बाद मैं हर दिन वहाँ टयूशन पढ़ने जाता था.. सब लोगों के चले जाने के बाद मैं वहीं पर रुक जाता था और हर दिन उसकी चुदाई करता था।

थोड़े साल बाद वो भी दुबई चली गई और हम लोग कभी नहीं मिले.. अब उसका कोई नम्बर भी मेरे पास नहीं है।

दोस्तो, कैसी लगी मेरी ये सच्ची कहानी, मुझे ईमेल जरूर कीजिएगा।

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पाठकों की राय

3 टिप्पणियां

अगिर राज

2 months ago

बहुत ही गजब का लिखा है लेखक भाई। आपका लिखने का स्टाइल बहुत बढ़िया है।

हिमानी शर्मा कूल

2 months ago

अगला भाग जल्दी से अपलोड कर दो भाई, अब और इंतज़ार नहीं होता।

किशन काना सांगानेर

2 months ago

कहानियों का ये संग्रह बहुत ही अच्छा है। आपका फैन हो गया हूँ।

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