कोई देख रहा है

नंगी नहाती चाची को देखने का मजा

लेखक: इमरान खान दिनांक: 07-03-2009 पठन समय: 6 मिनट

दोस्तो,मेरा नाम विनोद है और मैं अपनी फैमिली और चाचा की फैमिली के साथ रहता हूँ.मतलब हम सब एक ज्वाइंट फैमिली में रहते हैं.हमारे घर में मेरे मॉम-डैड, दो बहनें, एक छोटा भाई और चाचा-चाची रहते हैं.

ये घटना मेरी चाची पर आधारित है.

मेरी चाची का नाम दीपिका है. उनकी उम्र 32 साल है. वह दिखने में सांवली लेकिन बहुत हॉट हैं.

उनका पतला-सा शरीर देखने में बहुत अच्छा लगता है.उनके बूब्स छोटे हैं, लेकिन उनके निप्पल्स इतने हॉट हैं कि मन करता है उन्हें अपने होंठों से दबा कर निचोड़ लूँ.

चाची की लिटिल सी गांड भी बड़ी दिलकश और मस्त है.हम लोग एक साधारण परिवार से हैं.

हमारा घर काफी छोटा था और घर के ऊपर एक माला और बना था, जहां सिर्फ एक अटारी थी. उधर हम कबाड़ रखते थे.

एक दिन मेरी मां ने मेरी किताब अटारी में बनी टांड़ के ऊपर रख दी थी.

सुबह का समय था, मैं टांड़ पर चढ़ा और किताब ढूँढने लगा.लेकिन मुझे किताब नहीं मिल रही थी इसलिए मैं थोड़ा और आगे को गया.

दरअसल यह टांड़ अटारी के चारों तरफ बनी हुई थी तो मैं आगे बढ़ता गया.एक जगह ऐसी आ गई, जिधर का हिस्सा चाची के कमरे में बने बाथरूम के ऊपर तक पहुंच गया था.

तभी मैंने देखा कि चाची नीचे नहाने के लिए आ रही थीं.मैं वहीं जम गया और कोई हरकत नहीं की, वरना उन्हें पता चल जाता कि मैं ऊपर हूँ.

मैं एक कोने से चुपके से देखने लगा.चाची बाथरूम में आ गईं और वे अपनी साड़ी उतार रही थीं.

बड़ा ही कामुक नजारा था.

उस समय तो मेरा मन किया कि अभी बाथरूम में जाकर चाची को चोद दूँ.

चाची ने साड़ी उतार दी.अब वे सिर्फ़ पेटीकोट और ब्लाउज़ में थीं. उनका शरीर लाइट में चमक रहा था.

फिर उन्होंने पेटीकोट का नाड़ा खोला और उसे उतार प्रिया.अब वे नीली पैंटी में थीं और इतनी हॉट लग रही थीं कि क्या ही कहूँ.

फिर उन्होंने अपना ब्लाउज़ उतारा तो वे ऊपर से नंगी हो गईं क्योंकि चाची ब्रा नहीं पहनती थीं.

उस वक्त चाची किसी पॉर्न एक्ट्रेस के जैसी दिखने लगी थीं.

सच बताऊं तो ऐसा लग रहा था मानो कोई साउथ की पॉर्न एक्ट्रेस केवल चड्डी में मेरे सामने खड़ी हो.मस्त नजारा था.

मैंने अपनी जिंदगी में पहली बार किसी औरत को नंगी देखा था.उनके बूब्स के चूचुक एकदम खड़े थे.

चाची सच में एक गर्म माल लग रही थीं.वे सिर्फ़ नीले रंग की चुस्त पैंटी में थीं और उनकी चुत उस पैंटी में बिल्कुल हॉट और फूली हुई दिखाई दे रही थी.

मेरा लंड अकड़ कर खड़ा हो गया और सलामी देने लगा.मन कर रहा था कि बाथरूम में जाकर उनकी चुत चोद दूँ.

चाची ने पहले चड्डी में कैद अपनी चुत पर हाथ फेरा और नहाना शुरू कर प्रिया.

वे पानी डालने के बाद अपने शरीर पर साबुन लगाने लगीं.

दीवार पर टंगे पीठ रगड़ने वाले ब्रश से अपनी पीठ रगड़ने के बाद उन्होंने अपने बूब्स पर साबुन लगाया.

अब वे अपने बूब्स को खूब मसल रही थीं और निप्पल्स को भी खींच खींच कर अपनी कामुकता जाहिर कर रही थीं.

मैंने एक हाथ अपनी चड्डी में डाला और मुठ मारने लगा.साबुन लगाने के बाद उन्होंने अपने पेट से होते हुए पैंटी में हाथ डाला और अपनी चूत पर साबुन लगाने लगीं.

फिर उन्होंने पैंटी उतार दी.चाची की चूत की दोनों फांकें एकदम चिपकी हुई थी.चुत पर बहुत सारे बाल भी थे, जैसे जंगल उगा रखा हो.

ये मेरे जीवन का सबसे मस्त अनुभव था.

चाची ने अपने ऊपर पानी डाला और शरीर धोया.वे अपने बूब्स और चूत को साफ कर रही थीं.

ये सब होने के बाद उन्होंने कपड़े पहने और बाहर चली गईं.

मैंने भी अपनी मुठ मारी और जल्दी से नीचे उतर गया ताकि चाची को शक न हो.

नीचे आने के बाद मैं नहाने गया.मैंने देखा कि चाची की पैंटी वहीं पड़ी थी.

मैंने दरवाज़ा बंद किया, पैंटी उठाई और देखने लगा.

मैंने पहले कभी ऐसा नहीं किया था.पैंटी के चूत वाले हिस्से पर सफ़ेद-सफ़ेद कुछ लगा था.

मैंने छुआ तो चिपचिपा था.

मैंने पैंटी को अपनी नाक के पास ले जाकर सूंघा.बड़ी ही मादक ख़ुशबू थी.

मैंने उसे सूंघा और चाटने लगा.मैं मदहोश हो गया.

मुझे समझ नहीं आ रहा था कि मैं क्या कर रहा हूँ.मैंने अपना लंड निकाला और मुठ मारने लगा.अपने लंड का सारा माल चाची की पैंटी पर छोड़ प्रिया.

फिर मैं नहाकर कॉलेज के लिए निकल गया.

इसके बाद जब भी मुझे मौका मिलता, मैं चाची को नहाते हुए देख लेता.

एक बार तो मैंने उनकी वीडियो भी बनाई थी.उस वक्त वे अपनी चूचियों को मसलती हुई अपनी चुत में उंगली कर रही थीं.

उनके मुँह से हल्की हल्की आवाज निकल रही थी.उसी समय उनके मुँह से मदहोशी में मेरा नाम निकला, तो मैं एकदम से सकपका गया कि क्या चाची ने मुझे देख लिया है!

मगर नहीं … वे अपनी वासना में आखें मूँदे हुए मुझे याद कर रही थीं.

यह जानकर मैं हैरान था कि चाची मुझे पसंद करती हैं और मुझसे चुदवाने की ख्वाहिश रखती हैं.

मैं भी नीचे उतर आया और अपने बिस्तर में लेट कर सोचने लगा कि क्या चाची वाकयी मुझे अपनी चुत के साथ खेलने का अवसर देंगी.यही सोचते हुए मुझे नींद आ गई.

दोस्तो, अभी तक चाची ने मुझसे कुछ कहा नहीं है मगर मैं खुद को एक गहन विचार मंथन में घिरा हुआ पा रहा हूँ कि यदि ऐसा हुआ, तो मैं क्या क्या करूंगा.