इंडियन बीवी की चुदाई

मेरी चालू बीवी-15

लेखक: इमरान दिनांक: 12-06-2025 पठन समय: 8 मिनट

इमरान

उसके बाथरूम में जाते ही सबसे पहले मैंने अपना रिकॉर्डर पेन ओन कर उसके पर्स में डाला…

और यह भी सोचने लगा कि यार कैसे आज इनकी उस शॉपिंग को देखा जाए…

मैंने एक बार फिर बिल पर से उस दुकान का पता नोट किया और सलोनी से उसका जाने के समय के बारे में जानने कि सोचने लगा…

तभी सलोनी भी बाथरूम से बिल्कुल नंगी नहाकर बाहर आ गई…

सलोनी में ये दो आदते हैं कि एक तो वो कपड़े हमेशा कमरे में आकर ही पहनती थी… इसलिए बाथरूम से हमेशा नंगी या केवल तौलिया लपेट कर ही बाहर आती थी…

और रात को सोते हुए मेरे लण्ड पर अपना हाथ रखकर ही सोती थी…

और ये दोनों आदतें मुझे बहुत पसन्द थी…

उसने हल्का सा गाउन ही डाला और हम दोनों ने नाश्ता किया… फिर मैं उसको चूमकर अपने मन में अच्छी तरह सब कुछ सोच विचार कर मैं घर से ऑफिस के लिए निकल गया…

ऑफिस में भी मन नहीं लग रहा था, दिल में कुछ अलग ही विचारों ने घर कर लिया था…

मैं किसी भी तरह आज सलोनी की उस दुकानदार के साथ मुलाकात को देखना चाहता था जिसने मेरी सुन्दरता की मूरत सलोनी को ना केवल नंगी ही नहीं देखा था… बल्कि उसकी गद्देदार, गुलाबी और रसीली चूत एवं गांड को सहलाया था…

उसकी चोटियों जैसी नुकीली चूचियों को दबाया और निप्पल तक को छुआ था…

उस दिन तो वो पारस के साथ थी… जो उस दुकानदार के लिए तो सलोनी का पति ही था…

शायद इसलिए वो ज्यादा हिम्मत नहीं कर पाया होगा… पर आज जब सलोनी उससे अकेले मिलेगी… तो पता नहीं क्या-क्या करेगा…

इसीलिए आज मैंने सलोनी के पर्स में वॉउस रिकॉर्डर तो रखा… परन्तु पैसे नहीं रखे… जिससे उसकी दुकान पर जाने का कार्यक्रम पता लग सके…

करीब बारह बजे मुझे सलोनी का फोन आया…

सलोनी- अरे सॉरी, मैंने आपको परेशान किया… वो आज आप शायद पैसे देना भूल गए… वो क्या है कि मैं बाजार आई थी तो…

मैं- ओह जान… यह आज कैसे हो गया… तुम चिंता ना करो… बताओ तुम कहाँ हो… मैं भिजवाता हूँ…

सलोनी- मैं कश्मीरी मार्किट में हूँ…

मैं- ठीक है… दस मिनट रुको…

मैं वहाँ पहुंचा और एक जानकार के हाथ उसको पैसे भिजवा दिए…

वो उस अंडरगार्मेंट्स की दुकान के बहुत पास थी…

और आज मेरी जान क्या लग रही थी… मैंने देखा हर कोई केवल उसे ही घूर रहा था…

उसने एक स्किन टाइट सफ़ेद कैप्री पहनी थी, जो उसके घुटनों से करीब 6 इंच नीचे थी… और गुलाबी कसी सिल्की शर्ट पहनी थी…

उसने अपने रेशमी बाल खुले छोड़ रखे थे और गोरे मुखड़े पर… गुलाबी फ्रेम का फैशनेबल गोगल्ज़ थे जो उसके चेहरे को हीरोइन की तरह चमका रहे थे…

उसने हाई हील की सफ़ेद कई तनी वाली सैंडल पहनी थी… कुल मिलाकर वो क़यामत लग रही थी…

मैंने बहुत सावधानी से उसका पीछा किया… उसने कुछ दुकानों पर इधर उधर कुछ-कुछ वस्तुओं को देखा…

मगर कुछ लिया नहीं… हाँ इस दौरान कुछ मनचलों ने जरूर उसको छुआ… वो उसके पास से उसके चूतड़ों को सहलाते हुए निकल गए…

दरअसल उसकी सफ़ेद कैप्री कुछ पतले कपड़े की थी… जिससे कुछ पारदर्शी हो गई थी…

उसकी कैप्री से सलोनी की गुलाबी त्वचा झांक रही थी जिससे उसका बदन गजब ढा रहा था…

इसके ऊपर मेरी जान का क़यामत बदन… जिसका एक-एक अंग सांचे में ढला था…

मैं अब सलोनी के काफी निकट था… मैंने ध्यान प्रिया कि उसकी कैप्री से उसकी पैंटी की किनारी का तो पता चल रहा था… मगर रंग का नहीं.. इसका मतलब आज उसने सफ़ेद ही कच्छी पहनी थी…

मगर उसकी शर्ट से कहीं भी ब्रा की किसी भी तनी का पता नहीं चल रहा था… यानि वो बिना ब्रा के ही शर्ट पहने थी…

तभी उसकी गोल मटोल चूची इतना हिल रही थी… और जालिम ने अपना ऊपर का बटन भी खोल रखा था जिससे गोलाइयों का पूरा आकार पता चल रहा था…

ज्यादातर लोग उससे टकराने का प्रयास कर रहे थे…

मैंने आज तक सलोनी की इस तरह से निगरानी नहीं की थी… यह एक अलग ही अनुभव था…

उसके पीछे चलते हुए, सलोनी के एक रिदम में हिलते डुलते चूतड़ देख मेरे दिमाग में बस एक ही ख्याल आ रहा था कि…

इस दृश्य को देख जब मेरा यह हाल था तो दूसरों के दिल का क्या होता होगा…

कुछ देर में ही सलोनी उसी दुकान में प्रवेश कर गई…

दुकान काफी बड़ी थी… मैं भी अंदर जा एक ओर खुद को छुपाते हुए… सलोनी पर नजर रखे था…

वो सीधे एक ओर जहाँ कोई मध्यम कद का एक लड़का खड़ा था… उस ओर गई..

मैं इधर उधर देखता हुआ, सलोनी से छिपता छिपाता… उस पर नजर रखे था…

उन दोनों की कोई आवाज तो मुझे सुनाई नहीं दे रही थी… मगर सलोनी उस लड़के से बहुत हंस हंस कर बात कर रही थी…

लड़का भी बार बार सलोनी को छू रहा था और उसकी चूचियों की ओर ही देख रहा था…

सलोनी बार बार अपनी शर्ट सही करने का बहाना कर उसका ध्यान और भी ज्यादा अपनी चूचियों पर आकर्षित कर रही थी…

इधर उधर नजर मारते हुए ही मैंने देखा कि एक लड़की बहुत कामुक ढंग से एक छोटी सी… डोरी वाली कच्छी को अपनी जीन्स के ऊपर से ही बांधकर देख-परख रही थी…

और दूसरी तरफ एक मोटी सी लड़की एक उम्रदराज अंकल को अपनी मोटी-मोटी छातियाँ उभारकर न जाने क्या बता रही थी…

कुल मिलाकर बहुत सेक्सी दृश्य थे…

तभी सलोनी एक और बने पर्दों के पीछे जाने लगी… मेरे सामने ही उस लड़के ने सलोनी के चूतड़ों पर हाथ रख उसे आगे आने के लिए कहा…

मैं अभी उस ओर जाने का जुगाड़ कर ही रहा था कि एक बहुत सेक्सी लड़की मेरे सामने आ पूछने लगी- क्या चाहिए सर?

मैं- व… वव… वो…

लड़की- अरे शर्माइये नहीं सर… यहाँ हर तरह के अंडरगार्मेंट्स मिलते हैं… आपको अपनी बीवी के लिए चाहिए या गर्लफ्रेंड के लिए…

मैं- अररर्र रे नहीं… व… वव वो क्या है कि…

लड़की- अरे सर, आप तो केवल साइज बताइये… मैं आपको ऐसे डिज़ाइन दिखाऊँगी कि आपकी गर्लफ्रेंड खुश हो जायगी… और आपको भी… हे हे…

मैं- अरे वो क्या है कि मुझे बीवी के लिए ही चाहिए… और वो अभी यहीं आने वाली है… मैं उसी का इन्तजार कर रहा हूँ !

लड़की- ओह… ठीक है सर… मैं वहाँ हूँ… आप कहें, तो तब तक मैं आपको भी दिखा सकती हूँ…

उसके खुले गले के टॉप से उसकी गदराई चूची का काफी भाग दिख रहा था…

लड़की अपना टॉप सही करते हुए- …क्या सर आप भी… अंडरगारमेंट और क्या…

मैं- ठीक है, अभी आता हूँ…

उस लड़की के जाने के बाद मैंने पर्दों की ओर रुख किया… तभी वो लड़का बाहर को आ गया…

मैंने एक कोने के थोड़ा सा पर्दा हटा… अपने लिए जगह बनाई…

चारों ओर देखा किसी की नजर वहाँ नहीं थी… यह जगह एक कोने में बनी थी…

और चारों ओर काफी परदे लगे थे… मैं दो पर्दो के बीच खुद को छिपाकर… नीचे को बैठ गया…

अब कोई आसानी से मुझे नहीं देख सकता था…

मैंने अंदर की ओर देखा… अंदर दो तीन जमीन पर गद्दे बिछे थे… एक बड़ी सी मेज रखी थी…

मेज पर कुछ ब्रा चड्डी से सेट रखे थे… और दो कुर्सी भी थीं, बाकी चारों ओर सामान बिखरा था…

सलोनी मेज के पास खड़ी थी ..उसके हाथ में एक बहुत नए स्टाइल की ब्रा थी… जिसे वो चारों ओर से देख रही थी…

फिर उसने ब्रा को मेज पर रखा ओर एक बार पर्दों को देखा… फिर अचानक उसने अपनी शर्ट के बटन खोलने शुरू कर दिए…

कहानी जारी रहेगी।

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