पहली बार चुदाई

मेरी चालू बीवी-31

लेखक: इमरान दिनांक: 03-08-2025 पठन समय: 3 मिनट

इमरानसलोनी ने मीनू का हाथ पकड़ कर खींच कर सीधे मेरे तने हुए लण्ड पर रख प्रिया और बोली- तू भी तो पागल है.. बदला क्यों नहीं लेती… तू भी देख ..कि कहीं तेरे भैया ने तो सूसू नहीं की.. हे हे हे हे…सलोनी के इस करतब से मैं भौंचक्का रह गया.. और शायद मीनू भी…हाथ के खिंचने से वो सलोनी के ऊपर को आ गई थी.. सलोनी ने ना केवल मीनू का हाथ मेरे लण्ड पर रखा बल्कि उसको वहाँ पकड़े भी रही कि कहीं मीनू जल्दी से हटा न ले…मीनू का छोटा सा कोमल हाथ मेरे लण्ड को मजे दे ही रहा था कि अब मीनू ने भी मेरी समझ पर परदा डालने वाली हरकत की…उसने कसकर अपनी छोटे छोटे हाथ से बनी जरा सी मुट्ठी में मेरे लण्ड को जकड़ लिया…मीनू- हाँ भाभी, आप ठीक कहती हो… क्या अब भी भैया सूसू कर देते हैं बिस्तर पर?सलोनी- हा हा… हाँ बेटा… तुझे क्या पता कि ये अब भी बहुत नालायक हैं.. ना जाने कहाँ कहाँ मुत्ती करते हैं… मेरे कपड़े तक गीले कर देते हैं…मैंने मीनू के हाथ को लण्ड से हटाने की कोई जल्दी नहीं की… लेकिन कुछ प्रतिवाद का दिखावा तो करना ही था इसलिए..मैं- तुम दोनों पागल हो गई हो क्या?? यह क्या बकवास लगा रखी है?तभी मीनू मेरे लण्ड को सहलाते हुए अपना हाथ लण्ड के सुपाड़े के टॉप पर ले जाती है.. उसको कुछ चिपचिपा महसूस हुआ… मेरे लण्ड से लगातार प्रीकम निकल रहा था…मीनू- हाँ भाभी.. आप ठीक कह रही हो… भैया ने आज भी सूसू की है.. देखो कितना गीला है…सलोनी- हा हा हा…मैं- हा हा… चल पागल…फिर तो तूने भी की है ..अपनी देख वहाँ भी कितनी गीली है…शायद सलोनी जैसी समझदार पत्नी बहुत कम लोगों को मिलती है… मेरा दिल कर रहा था कि जमाने भर की खुशियाँ लाकर उसके कदमों में डाल दूँ…मेरे लण्ड और मीनू की चूत के गीलेपन की बात से ही वो समझ गई कि हम दोनों अब क्या चाहते हैं… उसने बिना कुछ जाहिर करे मीनू को एक झटके से अपने ऊपर से पलटकर मेरी ओर कर प्रिया और खुद मीनू की जगह पर खिसक गई।फिर बड़े ही रहस्यमयी आवाज में बोली- ..ओह तुम दोनों ने मेरी नींद का सत्यानाश कर प्रिया… तू इधर आ और अब तुम दोनों एक दूसरे की सूसू को देखते रहो.. कि किसने की और किसने नहीं की सूसू…