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Hindi Sex Story पठन समय: 9 मिनट पढ़ा गया: 510 बार

ब्लू फिल्म में क्या होता है

sexyboy_rhere_1981

17 Jul 2010 को प्रकाशित

ब्लू फिल्म में क्या होता है
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हैलो फ्रेंड्स, मैं फिर से आपके समक्ष प्रस्तुत हूँ. मेरी ये वाली चुदाई की कहानी और भी अधिक कामुक और उत्तेजना से भरी हुई है.

मेरी एक गर्ल फ्रेंड थी, उसका नाम निशा था. हम दोनों एक ही इंस्टीट्यूट से कम्पूटर कोर्स कर रहे थे. वो हद से ज्यादा शर्मीली सी थी. हमेशा मुझसे पता नहीं किस बात से डरती रहती थी.

एक दिन मैं उसके घर गया, वो उस वक्त अपने घर में अकेली थी, उसके मम्मी पापा आदि सब बाहर गए हुए थे.

उसने मुझे घर पर आया हुआ देखा तो वो पहले तो जरा सकुचाई. फिर मैंने उससे कहा कि अन्दर आने के लिए नहीं कहोगी?

तो उसने मुझे अन्दर बुला कर बिठाया और फिर मुझसे पूछा क्या पियोगे.. सॉफ्ट ड्रिंक या कुछ गरम?मैंने कहा- मुझे तो हॉट ही पसंद आता है.. तुम मुझे कॉफ़ी ही पिला दो.

वो कॉफ़ी बनाने चली गई. मैंने टीवी ऑन कर लिया और देखने लगा. तभी टीवी के साथ एक डीवीडी प्लेयर लगा देखा तो तो मैंने सोचा कि डीवीडी प्लेयर को ऑन करता हूँ. प्लेयर ऑन किया तो उसमें पहले से ही एक डिस्क लगी हुई थी. मैंने उसे प्ले कर दिया. तो मैं फिल्म देख कर चकित रह गया क्योंकि उसमें तो ब्लू फिल्म चलने लगी थी.

मैंने उसे जल्दी से बंद कर दिया. दो मिनट बाद निशा आ गई और मैंने उसके साथ बैठ कर कॉफ़ी पी और जिस काम से उसके पास आया था उस विषय में उससे बात की और अपने घर चला आया.

मैंने सोचा कि निशा तो मुझसे डरती है. वो सेक्स के नाम से ही मुझसे बात नहीं करना पसंद करती है, तो फिर ये सब क्या है? क्या मैं उसके बारे में गलत था.यों ही सोचते हुए मैं उसके बारे में और अधिक जानने की फिराक में रहने लगा.

कुछ दिन बाद इंस्टीट्यूट पर उसने मुझे घर आने को कहा. मैं उसके घर गया, उस दिन भी वहां पर कोई नहीं था बस वो अकेली थी.

मैंने उससे कॉफ़ी बनाने को कहा. वो अन्दर चली गई.मैं भी उसके पीछे चला गया और पीछे से जाकर उसके चिपक गया. मैंने अपना खड़ा लंड उसकी गांड की दरार से चिपका दिया. वो घबराने लगी और आगे को होने लगी.

मैं फिर से उसे अपने लंड से चिपकाने लगा. वो कहने लगी- छोड़ो मुझे.. तुम ये क्या कर रहे हो?मैंने उसको पकड़ लिया और उसके होंठों पे किस करने लगा.उसने मुझे धक्का दे दिया और कहा- ये क्या है महेश.. तुम ये क्या कर रहे हो?

उसने मुझसे बाहर जाकर बैठने को कहा. मैं बाहर आ गया और कुछ देर बाद उसने कॉफ़ी लाकर दी तो मैं उसे देखते हुए कॉफ़ी पीने लगा.

मैंने उससे पूछा कि तुम मुझसे इतना क्यों डरती हो.. जबकि तुम तो ब्लू फिल्म की डीवीडी भी देखती हो?वो कहने लगी- कौन सी डीवीडी?मैंने कहा- कहा तो है कि ब्लू फिल्म की डीवीडी?वो बोली- ये कौन सी डीवीडी होती है?मैंने कहा कि कभी देखी नहीं क्या?तो बोली- नहीं.मैंने कहा- अच्छा ठीक है.

कॉफ़ी पीने लगा.

कुछ देर बाद वो बोली- तुमने कभी देखी है ब्लू फिल्म?मैंने कहा- हां देखी है.तो बोली- क्या होता है उसमें?मैंने कहा- कुछ नहीं.. जैसे दूसरी मूवी होती है, वैसी ही ये भी होती है.वो मुझसे पूछने लगी- क्या होता है बताओ ना?

वो बहुत जिद करने लगी.मैंने कहा- एक शर्त है.वो बोली- क्या?तो मैंने कहा- मैं तुम्हें ब्लू फिल्म कैसी होती है, वो करके बताऊंगा कि क्या होता है ब्लू फिल्म में.तो उसकी आँखें एकदम से नशीली सी हो गईं, वो कहने लगी- ओके करो.मैं समझ गया कि ये भी मुझसे लंड लेना चाहती है.

फिर मैं धीरे धीरे उसके पास आने लगा और फिर उसका हाथ पकड़ लिया.उसने मुझसे कुछ नहीं कहा.

धीरे धीरे मैं उसके मम्मों को दबाने लगा. उसके चूचे काफी बड़े और सख्त थे. मुझे भी उसके चूचों को मसलने में काफी मजा आ रहा था.. और उसे भी अपने मम्मों को मुझसे दबवाने में मजा आ रहा था.. इसलिए आज वो भी मुझसे खुल कर मजा ले रही थी.

फिर मैं उसके होंठों पे किस करने लगा.. उसमें जोश आ गया था. वो मेरी शर्ट के बटन खोलने लगी, लेकिन उससे उत्तेजनावश बटन नहीं खुल रहे थे.

तो उसने मेरी शर्ट को फ़ाड़ दिया.

मैं भी पूरे जोश में आ गया था. मैंने भी उसका कुरता खींचते हुए उतारा. वो अपने मम्मों को छिपाने लगी.

मैंने धीरे से उसकी सलवार खोल दी. फिर उसके हाथ हटाते हुए उसकी ब्रा को भी खोल दिया. ब्रा हटते ही उसके मस्त चूचे एकदम से खुली हवा में उछलने लगे.

मैं उसके मम्मों को दबाने और चूसने लगा. वो मस्त हो चली थी और उसके कंठ से ‘आआआ.. उह्ह्ह ओह्हह आआआअ.. की आवाज निकलने लगी.

कुछ देर बाद मैंने उसे लिटा कर उसकी पेंटी भी उतार दी.

वो कहने लगी- इतनी देर में पेंटी खोल पाए.. चलो अब मैं तुम्हारी पेंट खोल देती हूँ.

उसकी चुदास सामने दिखने लगी थी. आज मुझे हैरानी हो रही थी कि इसकी शर्म किधर चली गई साली आज तो रांड जैसे बिहेव कर रही है.

उसने मेरी पेंट का बटन खोला और फिर ज़िप को खोलने लगी. मेरा लंड खड़ा हुआ था. वो मेरे लंड को सहलाने लगी और फिर मेरी आशा के विपरीत उसने मेरे लंड को अपने मुँह में भर लिया और चूसने लगी.

मैं समझ गया कि इसको ब्लू-फिल्म का रंग चढ़ गया है. उसके लंड चूसने से मुझे काफी मज़ा आ रहा था.

कुछ देर बाद वो अपनी चुत खोल कर लेट गई और कहने लगी- अब डालो भी.. और कितना लंड चुसवाओगे?

मैंने लंड उसकी चुत में डाला मगर उसकी चुत इतनी कसी हुई थी कि मेरा लंड अन्दर ही नहीं जा रहा था.वो बोली- एक काम करो, तुम अपनी एक उंगली को मेरी चुत में डालो.

मैंने वही किया, अपनी उंगली को उसकी चुत में डाल दिया और अन्दर बाहर करने लगा.कुछ देर बाद बोली- अब अपना लंड घुसेड़ दो.

मैंने लंड हाथ में पकड़ कर चुत की फांकों में घिसा और एकदम से पेल दिया. मगर मेरा लंड अब भी चूत में नहीं जा रहा था.

मैंने दो बार कोशिश की और तीसरी बार में जैसे तैसे अपना लंड उसकी चुत में डाल दिया. इस बार चूंकि झटका जोर से लगा था और उसको लग रहा था कि अबकी बार भी लंड नहीं घुस सकेगा तो वो मुझ पर हंसे जा रही थी. लेकिन जब लंड घुस गया तो वो जोर से चिल्ला उठी- आआआहह… उह्ह्ह्ह.. मर गई मम्मी रे.. फट गई.

मैं उसकी तेज चीख से डर गया. मैंने कहा- चिल्ला क्यों रही हो.. ऐसा तो होगा ही ना?तो बोली- नहीं महेश मुझे बहुत दर्द हो रहा है.. आह.. धीरे धीरे डालो.मैंने कहा- वही कर रहा हूँ.

फिर मैंने लंड डाला और जोर जोर से शॉट मारने लगा.वो चिल्लाने लगी- आआहह… ह्हह्ह स्सस्स ओह्हह्ह..मैं फिर उसके होंठों पे किस करने लगा ताकि उसकी आवाज़ ना निकले.

मैं उसे चूमते हुए जोर जोर से झटके देने लगा. दस बारह मिनट तक शॉट मारने के बाद मेरा माल बाहर निकल गया और मैं उससे चिपक कर ढेर हो गया.

वो मुझे सहलाते हुए कहने लगी- महेश, क्या ऐसा होता है ब्लू फिल्म में?तो मैंने कहा- हां जान, ऐसा ही होता है.वो बोली- मुझे बहुत मजा आया.. अब हम ये रोज करेंगे.मैंने उससे कहा कि जब भी तेरे घर पर कोई नहीं हुआ करे, तू मुझे बुला लिया करो.वो कहने लगी- ठीक है.. लेकिन तुम ये किसी को नहीं बताना कि हमने क्या किया.मैंने कहा- नहीं बताऊंगा.

कुछ देर की मस्ती के बाद मैं अपने घर चला आया. फिर हमारा ये सिलसिला चलता रहा.

अब उसकी शादी हो गई है और वो मुझसे जुदा हो गई.

दोस्तो, आपको मेरी चुदाई की कहानी कैसे लगी.. मुझे मेरी ईमेल आईडी support@mohakkisse.com पर मेल करें या मुझसे चैट करके मुझे बताएं कि आपको मेरी कहानी कैसी लगी.मैं फिर से जल्दी से एक कहानी लेकर आऊंगा.बाय

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