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चाची की चुदाई पठन समय: 22 मिनट पढ़ा गया: 908 बार

बुआ के घर में बुआ की चूत चुदाई

सैम 14

20 Jul 2018 को प्रकाशित

बुआ के घर में बुआ की चूत चुदाई
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न्यूड आंटी हार्डकोर सेक्स का मजा मेरी बुआ ने प्रिया. मैं उनके घर अचानक पहुँच गया तो मैंने देखा कि बुआ पूरी नंगी होकर अपनी चूत गाजर से चोद रही थी.

डियर फ्रेंड्स, मैं सैम आप लोगों के लिए अपनी ज़िंदगी की सच्ची घटना की एक और कड़ी लेकर हाज़िर हुआ हूँ.आपने मेरी पिछली सेक्स कहानीदीदी की जेठानी और उसकी बहन को चोदामें पढ़ा था कि मैं अपनी दीदी की ससुराल बंगलोर पहुंच गया था.उधर दीदी की जेठानी और उसकी बहन नैना के साथ चुदाई का मजा ले लिया था.

अब आगे न्यूड आंटी हार्डकोर सेक्स का मजा:

दूसरे दिन सुबह जल्दी उठ कर मैंने जिम करके नाश्ता किया और दीदी से बुआ के घर का पता पूछा.

मेरी बुआ का नाम तृप्ति है.दीदी- बुआ का घर यहां से कुछ 8 किलोमीटर दूर है.

मैं- मुझे यहां से रिक्शा मिलेगा ना!दीदी- मैं ड्राइवर की बोलती हूँ, वो तुझे ड्रॉप कर देगा.

मैं- ड्राइवर कब आएगा, मुझे फिर जल्दी वापस भी आना है.दीदी- हां पता है, तुझे यहां मज़े करने जो मिल रहे हैं. इसी लिए जल्दी आना है!मैं- सब आपका आशीर्वाद है.

हम बातें ही कर रहे थे कि ड्राइवर हॉल में आ गया.

दीदी ने उससे अपनी सासू मां व जेठ जी के लिए नाश्ता और चाय, एक बड़े से बैग में पैक करके प्रिया.

मैंने झुक कर दीदी के चरण स्पर्श किए और ड्राइवर के साथ जाने लगा.

दीदी ने मुझे पुकारा ओर बोला- अरे बुआ का पार्सल तो लेता ज़ा.मैं- अरे हां, वो तो रूम में ही पड़ा है.

मैं तुरंत अपने रूम में आया और पार्सल लेकर टर्न हुआ तो दीदी मेरे पीछे ही खड़ी थीं.दीदी- अगर हो सके तू बुआ की निशा से भी मिल लेना और दोस्ती कर लेना. वो तेरे टाइप की ही है.

मैं- क्या बात कर रही हो दीदी? कितनी बड़ी है वो?दीदी- तेरे से दो साल बड़ी है और उससे छोटी तृषा भी अभी जवान हो गयी है. वो भी 18 साल की होगी.मैं- ठीक है देखता हूँ.

फिर मैं ओर ड्राइवर दोनों निकल गए.दीदी ने ड्राइवर को बुआ के घर का लोकेशन समझा प्रिया था.

मैं 25 मिनट में बुआ के बंगले के बाहर था.

मैंने गेट पर लगी घंटी को दबाया तो उनके घर में एक पुराने कर्मचारी थे, उसने गेट खोला.मुझसे पूछा तो मैंने अपना नाम बताया.

सब उन्हें काका कहते थे.

मैंने उनको प्रणाम किया और चरण स्पर्श भी किए.इससे वे बहुत खुश हुए.

काका- अरे बेटा, कैसे हो?मैं- मैं ठीक हूँ काका, आप कैसे हो?

काका- मैं भी ठीक हूँ. निशा बिटिया और तृषा अभी कॉलेज के लिए गई हैं और बीबी जी अपने कमरे में आराम कर रही हैं. साहब कुछ दिनों के लिए विदेश गए हैं.मैंने कहा- ओके काका.

काका- मैं बीबी जी को बुलाता हूँ.मैं- आप यहीं रूको, मैं बुआ को सरप्राइज देता हूँ.

मैं पार्सल लेकर फर्स्ट फ्लोर पर गया.काका ने बताया था कि तीसरा बेडरूम बुआ का है.

जिस समय मैं उनके बेडरूम में पहुंचा, तो देखा कि बुआ बेड पर पूरी नंगी लेटी हुई हैं और न्यूड आंटी के शरीर पर एक भी कपड़ा नहीं था.उनके हाथ में एक गाजर थी, जिसे वो बड़ी ज़ोर ज़ोर से अपनी चूत में अन्दर बाहर कर रही थीं.

मैंने आज तक कभी भी अपनी बुआ के फिगर के बारे में सोचा नहीं था.बुआ पूरे घर का काम अकेले करती थीं जिसके कारण उनकी बॉडी एकदम टाइट थी.

बुआ अपने काम में व्यस्त थीं.मैं भी बेडरूम के दरवाजे पर खड़े होकर सब देख रहा था.

मैंने धीरे से बुआ के कपड़े जो बेड की साइड में पड़े थे, उठा लिए और उन्हें बेडरूम से बाहर फेंक प्रिया.कुछ मिनट पश्चात बुआ शांत हुईं और उनकी आंख खुली.

जब बुआ ने मुझे बेडरूम के दरवाजे पर खड़ा देखा तो वो सकपका गईं और अपने कपड़े ढूँढने लगीं.उन्हें कपड़े नहीं मिले तो बेडशीट से अपने शरीर छुपा लिया और बैठ कर बेडशीट को अपने शरीर पर लपेट लिया.

बुआ को इस हाल में देख कर मेरा लंड एकदम खड़ा हो गया था.

मैं बुआ के पास गया और उनके बाजू में बैठ कर उन्हें अपनी बांहों में भर लिया.बुआ ने कुछ नहीं कहा और उठ कर जाने की कोशिश करने लगीं.

मैंने उनके गाल पर किस किया और उन्हें एक बार फिर बेड पर लिटा प्रिया.बुआ उस समय चुप थीं.

मैंने बुआ के हाथ से बेडशीट को निकाल प्रिया और बेडशीट को उनके शरीर से हटा प्रिया.उनके बूब्स का साइज़ 36 इंच का था और उनके मम्मे एकदम टाइट थे.

मैंने अपने होंठों उनके एक बूब पर रखे और चूसना शुरू कर प्रिया.

कुछ ही पलों में बेडरूम में बुआ की मादक सिसकारियां गूँज रही थीं- आह आह और चूस … और थोड़ा … बहुत दिनों से प्यासी हूँ … चूस ले आज सारा रस पी जा!मैं बुआ के बाजू में था तो उनके मम्मों को चूसते हुए ही मैंने अपना एक हाथ नीचे चूत पर रख प्रिया और गीली चूत की फांकों में फेरने लगा.

फिर धीरे से अपनी बीच वाली उंगली को बुआ की चूत में प्रवेश करा प्रिया.अब मेरा ध्यान चूत पर ज़्यादा था.

मैंने मम्मों को चूसना बंद किया और नीचे की ओर सरक कर सीधा चूत को चाटने लगा.

बुआ- नहीं सैम, ये सब ग़लत हो रहा है. तुम मेरे बेटे के बराबर हो!मैं- तुम जो गाजर से कर रही थीं बुआ, वो सही था?

बुआ- फिर भी तू मेरे भाई का बेटा है.मैं- जब मनुष्य के शरीर में वासना की आग भड़कती है, तो वो ये नहीं देखता कि जो चूत उसके सामने है वो किसकी है. मनुष्य अपने शरीर की आग को शांत करके ही रहता है. आज आपकी चूत लंड के लिए तरस रही है.

बुआ- तेरे अंकल तो आज कल सिर्फ़ बिजनेस के पीछे भागते रहते हैं. उन्हें मेरी तरफ देखने की फुर्सत ही नहीं है.

मैं- बुआ तुम्हें लंड का सुख चाहिए, वो मैं तुम्हें दूँगा … और अगर वो सुख तुम्हें घर में नहीं मिला, तो तुम घर के बाहर उसे ढूँढ लोगी. तुम इतनी जवान और खूबसूरत हो कि कोई भी तुम्हें चोदने के लिए रेडी हो जाएगा.

बुआ- तू बड़ा जवान हो गया है!मैं- जब मैं तुम्हारे बेटे जैसा हूँ, तो मेरी हर चीज़ तुम्हारी है.

मैंने चूत को चाटना फिर से आरंभ कर प्रिया.बुआ सिसकारियां लेने लगीं और वो अपने दोनों हाथ से मेरा सिर अपनी चूत पर दबाए जा रही थी.

मैं चूत के एकदम अन्दर तक जीभ डाल कर चाटने लगा.तो बुआ ज़ोर ज़ोर से चूत उछालने लगीं.

मैं समझ गया कि अब सही समय है; उसी पल मैंने खड़े होकर अपने कपड़े उतार दिए.जब मैंने अपनी अंडरवियर को उतारा, तो मेरा खड़ा लंड देख कर बुआ की बांछें खिल गईं- आह तेरा लंड तो बहुत बड़ा और मोटा है!मैं- ये लंड तो जन्मा ही तुम्हारे लिए है बुआ जान.

कुछ समय ऐसी ही रंगीन बातें करने के बाद मैंने अपने लंड के सुपारे को चूत के मुँह पर रखा और एक ज़ोरदार झटके से उसे अन्दर तक धकेल प्रिया.

लंड के अन्दर जाते ही बुआ एकदम से हिल गईं, न्यूड आंटी हार्डकोर सेक्स के दर्द से कराहती हुई मराठी में बोलीं- काए कारटोये, बाहेर काड़ याला, मला लाई तरस होतोए. (निकालो, यह मुझे परेशान दर्द दे रहा है)मैं- काही नहीं होनार तुला, थोड़ाच वाइड थाम सागड़ा काए बरा होईल.[कुछ नहीं होगा बुआ, थोड़ा हिम्मत रखो.]

कुछ समय शांत रहने के पश्चात मैं अपने लंड को आगे पीछे करने लगा.इससे बुआ को भी मज़ा आने लगा.

बुआ भी ज़िंदगी का सुख भोग रही थीं.

कुछ समय पश्चात मैंने अपने धक्के तेज़ कर दिए और अपनी पूरी ताक़त से चोदने लगा.दस बारह मिनट बाद मेरा लंड एकदम कड़क हो गया और मेरे लंड ने एकदम से पिचकारी छोड़ दी.

बुआ ने आह भरते हुए रस से अपनी चूत की सिंचाई करवाई और लम्बी सांस भर्ती हुई बोलीं- तू तो बहुत जवान हो गया है. कितनी गर्लफ्रेंड्स हैं तेरी?मैं- एक थी, उससे भी ब्रेक-अप हो गया है.

बुआ- क्यों?मैं- उसे सेक्स में रूचि नहीं थी, हम जब भी मूवी देखने जाते, वो सिर्फ़ मूवी देखती थी. जबकि मेरे सारे फ्रेंड्स अपनी गर्लफ्रेंड्स के साथ सब कुछ एंजाय करते थे.बुआ- उस गधी को इस सबकी इंपॉर्टेन्स शादी के बाद पता चलेगी.

हम दोनों बुआ के बेड पर पूरे नंगे एक दूसरे से बात कर रहे थे.

फिर बुआ उठीं और वॉशरूम में जाने लगीं.मैं बुआ की गांड देख रहा था.ये देखते हुए बुआ ने मिरर में से देख लिया था.

बुआ- क्या देख रहा है सैम?मैं- कुछ नहीं बस ऐसे ही.बुआ- ऐसे ही क्या?

मैं- आपका फिगर तो बहुत सेक्सी है. मेरे ख्याल आपका फिगर 36-30-42 का होगा. आपकी गांड का शेप तो एकदम फिल्म ऐक्ट्रेस नगमा के जैसा है.बुआ- तुझे नगमा का शेप कैसे याद है?

मैं- उसकी एक्सएक्सएक्स देख देख कर हाथ की लकीरें लंड पर उतारी हैं बुआ.बुआ- अच्छा तो आज के बाद मेरे भी नाम की मुठ मारेगा?

मैं- अरे नहीं ऐसा नहीं है.बुआ- चल झूठा.

मैं- तुम बहुत हॉट हो.बुआ- चल पहले कुछ नाश्ता करते हैं. फिर बाद में बात करेंगे.

मैं- ओके तुम पहले शॉवर ले लो बुआ. मैं बाद में लेता हूँ.बुआ- क्यों साथ में शॉवर लेने में शर्म आती है?

मैं- शॉवर लेते लेते फिर से कहीं तुम्हारी ले लूँगा तो?बुआ- तुझे रोका किसने है?

इतना बोल कर बुआ जल्दी से बाथरूम में चली गईं.मैं भी झट से बुआ के पीछे बाथरूम में चला गया.

बुआ और मैं एक दूसरे पर शैम्पू लगा रहे थे. बुआ मेरे सीने पर बॉडी जैल लगाते लगाते नीचे को सरकीं और मेरे लंड को अपने हाथ में लेकर मसलने लगीं.फिर बुआ अपने घुटनों के बल बैठ गईं और ज़ोर ज़ोर से लंड को मसलने लगीं.

मैंने धीरे से बुआ के हाथ को हटा प्रिया और लंड को बुआ के मुँह के पास ले गया.मैं लंड को बुआ के होंठों पर टच करने लगा.

बुआ ने भी लंड पर लगे साबुन को पानी से साफ़ किया और लंड को मुँह में लेकर लॉलीपॉप की तरह चूसने लगीं.मुझे ऐसा लग रहा था कि मैं स्वर्ग में हूँ.

बुआ ने कुछ मिनट तक लंड चूस कर मेरे औजार को एकदम कड़क कर प्रिया.मैंने तुरंत बुआ को बाथटब के पास डॉगी स्टाइल में खड़ा किया और लंड पीछे से आगे वाले छेद में डालने लगा.

जैसे ही लंड ने बुआ की चूत में प्रवेश किया, मैंने बुआ को हचक कर पेलना शुरू कर प्रिया.

मेरे चोदने की क्षमता दूसरे राउंड में 25 से 30 मिनट की थी.बुआ भी 38 वर्ष की थीं और काफ़ी गठीला बदन था.

बुआ ने मुझे रोकने का सिग्नल प्रिया और पलट कर मुझे कमोड पर बैठने को कहा.

मैं कमोड पर जैसे ही बैठा, बुआ लपक कर खुद मेरी गोद में बैठ गईं.लंड चूत में लेकर बुआ खुद ऊपर नीचे होने लगीं ओर चुदाई का भरपूर आनन्द लेने लगीं.

बुआ को इतना मज़ा आ रहा था कि उनकी आह आह करने की आवाज़ तीव्र से तीव्रतम होती जा रही थी.मेरा लंड एकदम टाइट हो गया.

बुआ समझ गईं कि मेरा पानी निकलने वाला है.तो बुआ ने झट से मेरा लंड बाहर निकाला और उसे हाथ में लेकर ज़ोर ज़ोर से हिलाने लगीं.

जब लंड का सुपारा एकदम लाल हो गया तो बुआ ने लंड अपने मुँह में ले लिया और लंड ने सारा पानी उनके मुँह में छोड़ प्रिया.बुआ ने लंड का सारा पानी पी लिया.

कुछ पल बाद मैं और बुआ शॉवर लेकर नीचे हॉल में आकर बैठ गए.जैसे ही हम दोनों हॉल के डाइनिंग टेबल पर आकर बैठे, काका ने हमें चाय और नाश्ता प्रिया.

काका- बेटा ऑमलेट बनाऊं तुम्हारे लिए?बुआ- हां काका, मैं तो आपको बोलना ही भूल गयी.

काका- हां सैम इतने दिनों बाद आया है तो आप इससे बातों में ही व्यस्त हो गई होंगी.

बुआ- ठीक है, आप जल्दी से एक डबल अंडे का ऑमलेट बना कर दे दो.

ब्रेकफास्ट के बाद हम दोनों टीवी लाउंज में बैठ कर बातें करने लगे.काका ने बुआ को आवाज़ दी और कहा- बीबीजी, मैं ड्राइवर को लेकर मार्केट हो आता हूँ.

बुआ- काका, पर पहले जरा यहां आना.काका- जी बीबीजी?

बुआ- काका, ये पैसे रखो और कुछ मटन या चिकन भी ले आना.काका- ठीक है बीबीजी.

बुआ ने काका से कुछ बोला, पर मुझे टीवी के साउंड में समझ नहीं आया.काका के जाने के बाद बुआ ने मेन गेट बंद किया और अपने रूम में चली गईं.

बीस मिनट बाद बुआ एक लाइट ब्लू कलर की साड़ी में अपने रूम से निकलीं.बुआ का बैक साइड मेरी तरफ था. बुआ के ब्लाउज का बैक साइड बहुत ज्यादा खुला हुआ था और उनकी पूरी पीठ नंगी थी.

उन्होंने घूमकर मेरी तरफ देखा और फिर सीढ़ियों से नीचे उतरने लगीं.

बुआ लॉबी में मेरे बाजू में बैठ गईं.मैंने अपना एक हाथ बुआ की पीठ पर रखा और सहलाने लगा.

बुआ थोड़ा सा आगे की ओर झुकीं, तो उनका पल्लू नीचे गिर गया.उनके ब्लाउज का फ्रंट साइड देख कर मेरा लंड एकदम से खड़ा हो गया.

मैंने टीवी का रिमोट साइड में रखा और बुआ के बूब्स को ब्लाउज के ऊपर से ही चूसने लगा.

कुछ ही पलों में मैंने बुआ के मम्मों को ब्लाउज में से बाहर निकाल लिया और चूसने लगा.बुआ भी ज़ोर ज़ोर से सीत्कार करने लगीं.वो मेरे सिर को अपने मम्मों पर दबा रही थीं और बोल रही थीं- आज बड़े दिनों बाद किसी ने मेरे इन दोनों को इतना प्यार किया है. सैम और प्यार कर इन्हें, ये तेरे प्यार के भूखे हैं … आह खा जा इन्हें, ये सिर्फ़ तेरे हैं.

बुआ के इन शब्दों ने मेरे अन्दर लगी आग को ओर भड़क प्रिया और मैं बुआ को अपनी गोद में उठा कर सीधा उनके बेडरूम की ओर चल पड़ा.

मैं बुआ को गोद में लेकर सीढ़ियों पर भी उनके मम्मों को चूसता रहा.बेडरूम में पहुंच कर मैंने बुआ को बेड पर लिटा प्रिया और उनके ब्लाउज को खोल कर उनके मम्मों को चूसने लगा.

बुआ के मम्मों को चूसते समय मैंने अपने एक हाथ से बुआ की साड़ी को उनके पेटीकोट से निकाल कर अलग कर प्रिया.इस समय बुआ सिर्फ़ पेटीकोट में थीं.

मैंने तुरंत बुआ के पेटीकोट का नाड़ा खोल प्रिया और उनकी पैंटी व पेटीकोट को एक साथ उनके शरीर से अलग कर प्रिया.बुआ की चूत एकदम साफ़ थी और उस पर एक भी बाल नहीं था.

मैं- तृप्ति डार्लिंग, मुझे क्लीन शेव्ड पुसी बहुत अच्छी लगती है और नंगी चूत पर इस जैसे क्लाइटॉरिस को चूसने में बहुत मज़ा आता है.

बुआ- सैम, तेरा लंड तो तेरे अंकल और अविनाश से भी बड़ा है.

मैं बुआ की चूत का रसपान करता रहा.बुआ अपनी चूत उछाल उछाल कर बोलती रहीं- अब मुझे चोद दे मेरे राजा, मेरी चूत तेरे लंड को अपने अन्दर लेना चाहती है. मेरी चूत के अन्दर समा ज़ा और मेरी प्यास की हमेशा हमेशा के लिए शांत कर दे.मैं- मेरी जान, आज मैं तुम्हारी चूत को ऐसे चोदूंगा कि अगले 7 जन्मों तक तुम्हारी चूत सिर्फ़ मेरे लंड के गुण गाती रहेगी.

इतना बोलने के बाद मैंने बुआ की गांड को अपने हाथों में उठा कर उसके नीचे दो तकिया रख दिए.बुआ की चूत एकदम ऊपर की तरफ हो गई और मैंने अपने लंड पर थूक लगा कर चूत के अन्दर एक ही झटके में घुसा प्रिया.

लंड के एकदम से अन्दर जाते ही बुआ की चीख निकल गई.बुआ- आह मार डाला, ये लंड मेरी जान के लेगा … मुझे बहुत दर्द हो रहा है इसे एक बार बाहर निकाल … नहीं तो मेरी सांस रुक जाएगी.

मैं- मेरी जान कुछ नहीं होगा तुम्हें, मैं हूँ ना तुम्हारे साथ!इतना बोल कर मैंने अपना लंड धीमी रफ्तार से आगे पीछे करना शुरू कर प्रिया और अपने चोदने की स्पीड को धीरे धीरे तेज़ करने लगा.

बुआ भी हर झटके के साथ लंड एंजाय करने लगीं.अगले पांच मिनट बाद बुआ ने मुझे कस कर पकड़ लिया.मैं समझ गया कि अब बुआ झड़ने वाली हैं.

मैंने अपनी स्पीड जारी रखी और धकापेल बुआ को चोदे जा रहा था.अब मेरा लंड एकदम कड़क हो गया था.बुआ को बहुत मज़ा आ रहा था.

मैंने अपना पानी बुआ की चूत में छोड़ प्रिया.बुआ का पूरा शरीर पसीने में भीगा हुआ था और उनके मम्मों पर पसीने की बूंदें उन्हें और सेक्सी बना रही थीं.मैं बुआ के मम्मों पर टंके अनमोल मोतियों को चूमने लगा.

बुआ मेरे साथ उनके बेड पर पूरी नंगी अवस्था में थीं.मैंने बुआ की चूत को साफ़ किया और उनकी चूत के दाने को चूसने लगा.

बुआ बोली- तुझे ये सब इतना अच्छी से कैसे आता है?मैं- ये … मतलब क्या?

बुआ- यही, चोदना!मैं- पहले आप ये बताओ कि ये अविनाश कौन है?

बुआ- कौन अविनाश?मैं- वही, जिसका लंड अंकल से भी बड़ा है.

बुआ- तू किसी से बताएगा तो नहीं?मैं- यार बुआ, आज से हम दोनों दोस्त हैं … और मेरे सीने में कई दोस्तों के राज़ दफ़न हैं.

बुआ- वो निशा का ब्वॉयफ्रेंड है और कभी कभी घर आता है.मैं- मुझे निशा और तृषा से मिले तो छह साल हो गए हैं.

बुआ- हां, तेरी दीदी की शादी का समय दोनों के एग्जाम चल रहे थे. लास्ट टाइम जब हम मुंबई आए थे, तो तू दोस्तों के साथ गोवा गया हुआ था.

इतने में बुआ के घर का लैंडलाइन फोन बजा.

वहां कॉर्डलैस फोन था. बुआ ने फोन उठाया- हैलो, कौन है?

सामने से आवाज़ आई- बीबीजी मैं काका बोल रहा हूँ. गाड़ी का टायर पंचर हो गया है.बुआ- ठीक है, तुम कार ठीक करवा कर तृषा को कॉलेज से लेते हुए घर आना. मैं खाना बना लूँगी.

मैं- निशा ओर तृषा कब घर लौटती हैं?बुआ- आज शनिवार है. तृषा ढाई बजे और निशा साढ़े चार बजे तक घर लौटेगी.

मैं- अभी तो सिर्फ़ 11 बजे हैं. हमारे पास तीन घंटे का समय है.बुआ- मुझे खाना भी बनाना है.

इतना बोल कर बुआ ने अपने कपड़े लेने झुकीं, तो मैंने कहा- खाना पकाना है, तो कपड़े पहनने की क्या आवश्यकता है?बुआ एकदम से हंसने लगीं.

फिर मैंने नीचे जाकर हाल के सब पर्दे बंद कर दिए.जब सब पर्दे बंद हो गए तो मैंने बुआ को आवाज़ लगा कर कहा- तुम बाहर आ सकती हो जान.

बुआ जब सीढ़ियों से नीच उतर रही थीं, तो उनके बूब्स और उनकी गांड बहुत खूबसूरत लग रहे थे.जब बुआ नीचे आ गईं तो मैंने झुक कर उनका किचन में वेलकम किया.

बुआ पूरी नंगी किचन में आकर खाना बनाने लगीं.

जब बुआ खाना बना रही थीं तो मैं किचन में कभी बुआ के बूब्स को दबाता या कभी उनकी चूत को सहला देता था.जब बुआ रोटी के लिए आटा मिक्स करने ज़मीन पर बैठीं तो मैं बुआ की चूत को चाटने लगा.

बुआ- मुझे काम नहीं करने देगा तू?मैं- तुम अपना काम करो, मैं अपना काम कर रहा हूँ.

बुआ ने झट से मेरा लंड पकड़ा और उससे मुँह में लेकर चूसने लगीं.

अब हम दोनों 69 की पोजीशन में आ गए.

पांच मिनट बाद मैं ज़मीन पर लेटा था और बुआ मेरे लंड को अपनी चूत में लेकर खुद ही ऊपर नीचे होने लगी थीं.

बीस मिनट बाद हम दोनों झड़ गए.मेरे लंड का और बुआ की चूत का पानी किचन की ज़मीन पर गिरा पड़ा था.

मैंने बुआ से कहा- तुम अपना काम करो … मैं इसे साफ़ कर देता हूँ.बुआ- ठीक है.

बुआ ने जल्दी जल्दी चपातियां बनाईं. फिर सब्ज़ी और एग करी बनाने लगीं.जब बुआ ने किचन का सारा काम खत्म किया, तो साढ़े बारह हो रहे थे.

मैं बुआ को अपनी बांहों में उठा कर उनके बेडरूम में ले गया.बुआ- तू मुझे इतना प्यार मत कर वरना तेरे जाने के बाद मैं बहुत दुखी हो जाऊंगी.

मैं- दुखी मत होना मैं हर 2 से 3 महीने में यहां आता रहूंगा.

फिर हम दोनों अपने अपने रूम में जा कर चेंज किया और रेडी होकर लॉबी में आ गए, टीवी देखने लगे.

बुआ ने वही साड़ी पहनी थी लेकिन इस बार ब्लाउज पूरी तरह से पैक था.जब हम लॉबी में पहुंचे तो पौने दो बजे थे.

कुछ समय बाद मेनडोर की घंटी बजी और बुआ ने दरवाजा खोला.सामने काका ओर तृषा थे.

दोस्तो, न्यूड आंटी हार्डकोर सेक्स कहानी में मजा आया होगा.प्लीज़ मेल करके जरूर बताएंsupport@mohakkisse.com

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पाठकों की राय

3 टिप्पणियां

रेनू शर्मा

2 months ago

कहानी बहुत ही शानदार थी, अंत तो लाजवाब था।

अंकिता सिंह

2 months ago

कहानियों का ये संग्रह बहुत ही अच्छा है। आपका फैन हो गया हूँ।

डी मालवीय

2 months ago

सच में बहुत ही हॉट और उत्तेजक कहानी है भाई। मजा आ गया पढ़कर।

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