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मम्मी पापा की लाइव चुदाई का नजारा

सनी लवर

19 Jun 2010 को प्रकाशित

मम्मी पापा की लाइव चुदाई का नजारा
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न्यूड मॅाम सेक्स कहानी में मैं मेरी सौतेली माँ और पिता के साथ एक रिसोर्ट में छुट्टियां मनाने गया. रात को हम एक ही कमरे में थे. उस रात मैंने वहां मामी पापा की चुदाई का नजारा देखा.

दोस्तो, मैं सनी हूँ.मेरे पापा बहुत स्मार्ट और हृष्ट पुष्ट थे.मेरी सगी माँ की मृत्यु मेरे जन्म के समय हो गयी थी तो उसके बाद पापा की शादी मम्मी की बहन से हो गयी थी.तो मेरी मौसी ने ही मुझे माँ की तरह पाला था.

पापा और नयी मम्मी की उम्र में 11 साल का अंतर था.अब मेरे पापा नहीं रहे पर उनकी यादें मेरे दिल दिमाग में हमेशा रहेंगी.

ऐसी ही एक याद जो मेरे लिए कभी ना भूलने वाली है आपके लिए लाया हूँ.आपको यह सच्ची रसीली न्यूड मॅाम सेक्स कहानी सुनाने आया हूँ.बिना किसी भूमिका के आप सीधे सेक्स कहानी का मजा लें.

तब पापा ठीक ठाक थे, हम सब मस्त जीवन जी रहे थे.

बहुत दिनों की प्लानिंग के बाद आखिर वह दिन आ ही गया, जब मैं मम्मी पापा के साथ छुट्टियां मनाने के लिए निकला था.हम लोग एक आलीशान रिसॉर्ट पर देर शाम को पहुंचे थे.

पहुंचते ही पापा ने हम दोनों से पूछा- रिसॉर्ट कैसा लगा‘अच्छा और बढ़िया लग रहा है.’ मम्मी ने जवाब दिया.

जोश में मैं भी बोल पड़ा- बढ़िया ही नहीं पापा … ये तो मजेदार जगह है.

मेरी मां एक बहुत ही सुन्दर औरत हैं. उस वक्त मां युवा वय की न होती हुई भी युवती ही थीं और मैं किशोर था.

पर जब हमारी दुनिया बदल गयी, तो जज्बात बदल गए.

वे किसी भी पुरुष के सपने के सच होने जैसी थीं. वे लम्बे कद, गेहुंआ रंग वाली एक पारम्परिक औरत थीं.मेरे पापा की ट्यूनिंग का ही कमाल था कि उनके मम्मे नेचुरल तरीके से बड़े और उभरे हुए बन गए थे.अपने उभरे हुए मम्मों पर उनको बहुत नाज़ भी था.

तो वापस उधर आते हैं, जहां से मेरी दुनिया ही बदल गयी थी.हम लोग उस आलीशान सुइट के अन्दर चले गए जो हमें दिया गया था.

यहां दो पलंग रखे गए थे और दोनों के बीच एक लकड़ी का जालीदार पार्टीशन लगा हुआ था.

पापा ने कहा- मैं तो काफी थक चुका हूँ. चलो सोते हैं, कल सुबह होने पर घूमने निकलेंगे.

उन्होंने मुझसे कहा- तुम यहां बाहर वाले पलंग पर सो जाओ, हम दोनों अन्दर वाले पलंग पर सो जाते हैं.मैंने भी हां में सर हिलाया.

लम्बे सफर से हम सभी थके हुए थे तो तुरंत हमने कपड़े बदले और पलंग पर लेट गए.पता ही नहीं चला कि कब आंख लग गयी.

लगभग आधी रात हुई होगी, मम्मी पापा के पार्टीशन में से अजीब सी आवाज आने पर मेरी नींद टूट गयी.मुझे ‘उम्म्म … आह्ह’ की आवाज़ के साथ ‘थप थप थप’ की आवाज़ भी सुनाई देने लगी थी.

मैं सोचने लगा कि ये कैसी आवाज़ें हैं.फिर मैंने देखा कि मम्मी जगी हुई थीं और पापा की दबी हुई ‘आह आह’ की आवाजें सुनाई दे रही थीं.

मैंने अपने आप को संभाला और जाली में से देखने लगा.पापा बिस्तर पर लेटे हुए थे, मम्मी पूरी नंगी थीं और पापा के लंड को हाथों से सहला रही थीं.

मैं ये देख कर चौंक गया था.मम्मी पूरी नंगी थीं और वे अपने पैर मोड़ कर बैठी थीं.

जैसे जैसे वे पापा के लंड पर हाथ को ऊपर नीचे करती जा रही थीं, उनके मम्मे भी ऊपर नीचे उछल रहे थे.वह क्षण मेरे लिए बहुत ही कामुक था.इस तरह पापा के लंड के साथ मम्मी को खेलते हुए देखना मुझे उत्तेजित कर रहा था.

अंधेरे में पार्टीशन की एक बाजू में मैं कुछ इस तरह से हो गया कि उनको मैं जागा हुआ न दिखूँ.अब मैं उन दोनों की कामलीला का मजा लेने लगा.

इसी बीच पापा फुसफुसाते हुए मम्मी से कहने लगे- जानू, लंड के साथ खेलने में तुम बहुत माहिर खिलाड़िन हो!

मम्मी भी शरारती अंदाज़ में फुसफुसा रही थीं- हां, मुझे पता है. लेकिन धीरे बोलो, हमारा बेटा बगल में ही सोया है. तुम उसे कहीं उठा न दो!

पापा ने कहा- सनी भी थक कर गहरी नींद में सोया हुआ है … वह नहीं उठेगा जान!मम्मी ने यह सुन कर सर हां में हिलाया और वापस पापा के लंड से खेलने लगीं.

कुछ देर के बाद पापा ने कहा- अन्दर लेना है तो चूसना छोड़ो जानेमन … झड़ जाएगा तो खड़ा होना मुश्किल होगा.मम्मी ने कहा- क्यों मुश्किल होगा?

पापा- अरे यार थकान के मारे बदन टूट रहा है और तुम लंड झाड़ दोगी, तो मैं सीधा सो जाऊंगा.मम्मी- यदि ऐसा है तो फिर तुम झड़ कर सो ही जाओ क्योंकि आधी चुदाई में झड़ गए तो मुझे मजा नहीं आएगा.

पापा ने कहा- हां तुम ठीक कह रही हो डार्लिंग, अब देर न करो … जल्दी से लंड का दूध निकाल कर खेल को खत्म करो.मम्मी बोलीं- ऐसे खेल खत्म नहीं होने वाला मेरी जान … जब लंड चूस कर ही काम चलाना है तो पूरा मजा लेकर चूसूँगी!

पापा हंसने लगे और मम्मी की चूचियां मसलने लगे- चलो अपनी चूचियों को चूसने दो!

मम्मी पापा के मुँह में एक दूध देती हुई उन्हें अपने चूचे का रस पिलाने लगीं.पापा भी किसी तोतापरी आम के जैसे मम्मी के दूध को निचोड़ रहे थे.वे उनके निप्पल को अपने होंठों से दबा कर खींचते और छोड़ देते.

इससे मम्मी के आनन्द में चार चाँद लग रहे थे क्योंकि उनके मुँह से जो मादक सिसकारी निकल रही थी,वह उनकी मस्ती को जाहिर कर रही थी.

इस तरह से उन दोनों का खेल रुकने का नाम ही नहीं ले रहा था.

फिर मैंने मम्मी को फुसफुसाते हुए सुना- तुम्हारे लंड ने मेरीचूत में आगलगा दी है. पूरी गीली हो चुकी है. जानू, कल चूत की देखभाल करने की बारी होगी!इतना कह कर मम्मी हंसने लगीं.

इतनी सेक्सी आवाज़ सुनकर मैं तो पागल ही हो गया था.तभी पापा ने भी फुसफुसाते हुए जवाब दिया- ख़ुशी से मेरी जान. कल जब सनी पूल में होगा, तब हम दोनों ही यहां अकेले होंगे … और फिर तुम्हारी चूत मेरी होगी!

लाइव सेक्स देखने का मजा और बढ़ता ही जा रहा था कि तभी मम्मी ने पापा का लंड मुँह में ले लिया और आइसक्रीम की तरह चूसने लगीं.लंड चूसते चूसते मम्मी ने कहा- आह्ह! तब तक इंतज़ार नहीं होगा … तुमने मुझे अभी ही बहुत गीला कर दिया है.

इतना सब देखते हुए मेरा लंड बहुत ही ज्यादा कड़क हो चुका था और मेरे गोटे भी भर कर दुखने लगे थे.मम्मी तो पापा का पूरा लंड मुँह में अन्दर तक लेकर चूसती ही जा रही थीं.

पापा फिर मम्मी से कहने लगे- आह और तेजी से चूसो मेरी जानेमन, मैं झड़ने ही वाला हूँ.इतना सुनते ही मम्मी ने और तेजी से चूसना शुरू कर दिया.

मैं और उत्तेजित होने लगा था और तभी मैंने देखा कि पापा का लंड पूरा पानी मम्मी के मुँह में गिरा रहा है.मम्मी को देख कर तो ऐसा लग रहा था, मानो उनकी मुराद पूरी हो गयी.

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चूत रस्म-1

मम्मी ने वीर्य को निगलते हुए पापा से कहा- स्वाद बहुत बढ़िया है जान. उम्मीद है … कल और भी मिलेगा!ऐसा कह कर वे पापा के लंड को फिर निहारते हुए अपनी जीभ से चाट कर साफ़ करने लगीं.

यहां मैं अपने लंड को हाथ में लेकर रगड़ रहा था और यही सोच रहा था कि कैसे पापा ने मम्मी के मुँह में अपना वीर्य भर दिया और मम्मी ने एक बूँद भी नहीं छोड़ी थी.

जैसे ही उनका खेल खत्म हुआ, पापा तो गहरी नींद में सो गए.

न्यूड मॅाम सेक्स के बाद उठीं और बाथरूम की तरफ जाने लगीं.मैं सोने का नाटक करने लगा.

उसी रात में कुछ देर बाद मैं अपने खड़े लंड के साथ बाथरूम में गया.पापा-मम्मी अब दोनों सो चुके थे. जैसे ही मैं अन्दर घुसा, मैंने बाथरूम का दरवाजा बंद कर दिया और मैंने सिंक पर मम्मी की ब्रा को देखा.

मैंने सोचा शायद वे इसे ले जाना भूल गयी हैं. मैंने ब्रा को हाथ में लिया और मुझे वह एकदम ऐसी मुलायम सी लगी, मानो मम्मी के मम्मों की तरह मुलायम हो.

उसको हाथ में लेकर तो लंड अब और भी ज्यादा कड़क हो गया था और उछलने लगा था.मैंने भी अपने शॉर्ट्स को उतारा और मुठ मारने लगा.

कुछ ही देर में मुझे लगा कि मैं भी झड़ने वाला हूँ तो दबी आवाज में आह आह करते हुए मैंने रस झाड़ दिया.

बढ़िया सी छुट्टियां गुजरने के बाद पूरी तरह थके हुए हम लोग वापस घर पहुंचे.

पूरी छुट्टियों में मां-बाप की चुदाई देख कर मैं मुठ मारता रहा.जितनी बार वे दोनों झड़े, उतनी ही बार मैं भी झड़ा.

पर मेरा जोश यहीं ठंडा नहीं पड़ा और अब मैं उनकी चुदाई चोरी छुपे देखने लगा.

जब जब उनको मौका मिलता चुदाई करने का, तब तब मैं उनका ये खेल देखने पहुंच जाता.

हर रात मैं उनके कमरे की तरफ जाता और लाइव शो का मजा लेने पहुंच जाता.

एक रात की बात है, दोनों नंगे बदन एक दूसरे को चूम रहे थे.

तभी मम्मी ने पापा का लंड हाथ में लिया और हिलाने लगीं.पापा ने कहा- जब तक चाहो आराम से मजे करो जानेमन!

कुछ देर लंड से खेलने के बाद मम्मी ने लंड को अपनी चूत में घुसेड़ लिया.पापा मम्मी को अब खड़े खड़े ही चोद रहे थे.

मम्मी सिसकारियां भरती हुई पापा से कहने लगीं- आह और अन्दर घुसाओ ना जानू … आअह्ह … चोदते रहो उम्म्म … जोर जोर से चोदो मुझे आ … आ … आह … बहुत मजा आ रहा है राजा उम्म्म … रुकना नहीं, चोदते रहो!पापा भी ये सब सुनकर और जोश में आ गए और पूरा कमरा थप थप की आवाज से गूंज रहा था.

मम्मी की ठुकाई इतनी मजेदार हो रही थी कि तभी मैंने पापा को मम्मी से कहते हुए सुना कि जान, तुम्हारी चूत बहुत मजेदार है आह … मैं अपने आप को रोक नहीं पांऊंगा. मैं झड़ने वाला हूँ.मम्मी ने भी जवाब दिया- उम्म्म … मेरी … चूत में ही … आअह्ह … अपना पानी छोड़ो जानू. मैं भी झड़ने वाली हूँ.

वे दोनों एक साथ झड़े.

दोनों बहुत देर तक एक दूसरे से चिपके रहे और जोर जोर से आह भरने में लगे रहे.

हमेशा की तरह उनका खेल खत्म होने के बाद मैं अपने कमरे में गया और उनकी चुदाई को याद करके मुट्ठ मारने लगा.फिर मैं भी सो गया.

हर गुजरते दिन के साथ उनके चुदाई के तरीके भी मजेदार होते जा रहे थे.

समय गुजरता रहा और मैंने अब कॉलेज खत्म कर लिया था.

मम्मी चालीस साल की थीं, जब ख़राब स्वास्थ्य के चलते पापा का देहांत हो गया था.वे टूट चुकी थीं लेकिन उनसे ज्यादा साहसी औरत को मैंने देखा नहीं था.

उन्होंने उस दौर में अपने आप को अच्छे से संभाला.

अब तो वे और भी कमाल की लगने लगी थीं.मम्मी ने अपने आप को इस दौर से संभाला और दोबारा घरेलू कामों में जुट गईं.

ज्यादातर समय वे कुछ न कुछ काम करती रहती थीं.लेकिन मैंने महसूस किया था कि मम्मी हमेशा ख्यालों में गुम रहती थीं.

मैं नहीं जानता था कि वे किन परेशानियों से गुजर रही थीं.हो सकता है कि उन्हें चुदाई की कमी सता रही हो क्योंकि पापा के रहते उनकी सेक्स लाइफ बहुत जानदार थी … और अब सब वीरान था.

शायद यही कमी महसूस हो रही होगी.

बढ़ती उम्र के साथ मम्मी और जवान होती जा रही थीं.उनका गठीला बदन मुझे आकर्षित करने लगा था.

जब मम्मी कुछ काम करती रहतीं, तो मेरी नज़र हमेशा उनके मम्मों पर टिक जाती.

मेरे ख्वाबों ख्यालों में आजकल मम्मी ने ही घर जमा रखा था और जब भी मैं उत्तेजित होता था तो उनका नंगा बदन हमेशा मेरे सामने दिखाई देता.

मेरी कल्पनाओं में मैंने मम्मी को हर तरफ से देखा.अलग अलग अंदाज़ और अलग अलग कपड़ों में उनकी कल्पना की थी.

इस तरह के सपने देखने में बहुत मजा आने लगा था.पर मुझे लगा नहीं था कि एक दिन मेरा सपना सच भी हो जाएगा.

आगे क्या हुआ, यह जानने के लिए मेरी सेक्स कहानी के अगले भाग का इंतजार कीजिए.आपको न्यूड मॅाम सेक्स कहानी में मजा आ रहा होगा, प्लीज जरूर लिखेंsupport@mohakkisse.com

न्यूड मॅाम सेक्स कहानी का अगला भाग:मेरी विधवा माँ अपने ससुर और देवर से चुदती है

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पाठकों की राय

2 टिप्पणियां

पिन्की सेक्सी

2 weeks ago

कहानियों का ये संग्रह बहुत ही अच्छा है। आपका फैन हो गया हूँ।

प्रतीक जैन

2 weeks ago

सच में बहुत ही हॉट और उत्तेजक कहानी है भाई। मजा आ गया पढ़कर।

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