चुदाई की कहानी

मिशन चुदाई- 7

लेखक: सनी वर्मा दिनांक: 02-09-2022 पठन समय: 11 मिनट

न्यूड वाइफ फक स्टोरी में तीन दोस्तों ने मसूरी के होटल में एक दूसरे की बीवी को नंगी कर के चोदा. यह प्रोग्राम बीवियों ने ही बनाया था.

कहानी के छठे भागदोस्त की बीवी को चोदने का मजामें आपने पढ़ा कि तीन युगल आपस में अदल बदल कर एक दूसरे की बीवी को चोदने के प्लान से मसूरी गए. वहां होटल के डांस फ्लोर पर ही उन्होंने बीवियां बदल ली.

अब आगे न्यूड वाइफ फक स्टोरी:

अब देखते हैं तीसरे कमरे में जो अलग था.सुमन ने क्या गुल खिलाये.

उसकी पकड़ में सतीश आया.सुमन और सतीश की वैसे भी आपस में पटती थी.सतीश को वो हॉट माल लगती थी.

असल में सुमन फ्लैट में अपने पति के साथ अकेले रहती थी तो उनकी सेक्स लाइफ कुछ ज्यादा ही वाइल्ड थी.

वो बिना कपड़ों के और जो मन में आया वोही बकवास करके या रोल प्ले करके सेक्स करते थे.

तो सुमन रूम का डोर बंद होते ही लिपट गयी सतीश से और चूमती हुई बोली- सीमा अक्सर तुम्हारी चुदाई के किस्से मुझे सुनाती थी तो मेरी भी गीली हो जाती थी उसकी बात सुन सुन कर. मन में था कि एक बार तुमसे चुदूं. और देखो सीमा की प्लानिंग से आज ये रात आई है. मैं चाहती हूँ आज हम दोनों जम कर चुदाई का मजा लें. कुछ ऐसी चुदाई करें जो अपने पार्टनर्स के साथ न की हो.

सतीश ने मुस्कुराते हुए सुमन का गाउन खोल प्रिया.वो तो अंदर निपट नंगी थी.कुछ भी नहीं पहना था उसने.

सतीश ने मुस्कुराते हुए कहा- अरे तुमने तो कुछ नहीं पहना था.न्यूड वाइफ फक के लिए आतुर हो रही थी, बोली- जब उतारने ही थे तो पहनने से फायदा क्या? मेरा बस चलता तो गाउन भी नहीं पहनती.

दोनों हंस दिए.

सतीश ने सुमन को लिपटा लिया.सुमन ने भी टांग फंसा कर सतीश का बरमुडा उतार प्रिया.टीशर्ट तो सतीश ने पहले ही उतार दी थी.

सतीश ने अपने होंठ सुमन के होंठ से मिला दिए.सुमन तो मानो इंतज़ार में थी … वह सूखी बेल की तरह लिपट गयी सतीश से.

सुमन के मम्मे भारी थे, सतीश की छाती से भिड़े हुए थे.

सतीश ने नीचे झुककर उसके निप्पल मुंह में ले लिए और हल्के से दांत से काट लिए.अब तो सुमन मचल गयी.

उसने सतीश का लंड पकड़ कर मसलना शुरु किया और फिर नीचे बैठ गयी और मुंह में लेकर चूसने लगी.

सुमन ने अपने होंठ और जीभ से ऐसा दबाब बनाया कि सतीश की तो जान निकल गयी.

सतीश ने कसमसा कर अपना लंड सुमन के मुंह से निकाल लिया.पर सुमन ने उसे नहीं छोड़ा, वो अपने हाथ पर ढेर सारा थूक लगा कर उसे मसलने लगी.

सतीश बोला- ये अभी खलास हो गया तो तेरी चूत में क्या जाएगा.सुमन मुस्कुराती हुई बोली- खाली को खड़ा करना मुझे आता है.

सतीश बोला- तो फिर आओ 69 हो जाएँ. मुझे भी तो कुछ चूसने को मिले.सुमन मुस्कुराई और बोली- एक मिनट में वाश रूम होकर आती हूँ.

सुमन दो मिनट में ही आ गयी.सतीश बेड पर लेटा था.

सुमन इठलाते हुए बेड पर उसके बगल में लेट गयी और टांगें फैला दीं, मानो कह रही हो की आओ और मेरी चूत चूसो.

सतीश उलटा होकर उसके माथे, होंठों, मम्मों को चूमता हुआ सुमन की चूत तक पहुंचा.सुमन ने बीचे में उसका लंड पकड़कर पहले तो थूक में भिगोया फिर उसे चूसने लगी.

सतीश ने सुमन की फांकें चौड़ायीं और जीभ घुसा दी उसकी रेशमी चूत में.सतीश को जीभ घुसाते ही मीठा मीठा चिपचिपा अहसास हुआ.

उसने मुंह घुमाकर सुमन की ओर देखा.तो सुमन हंसी और बोली- तुम्हारे लंड से मलाई निकलेगी तो मैंने अपनी चूत से चोकलेट निकाल दी है.

उसने वाशरूम में जाकर अपनी चूत में चोकलेट लगा ली थी.

अब सतीश ने साड़ी चोकलेट जीभ से निकाली और फिर घूमकर सुमन के होंठ से होंठ भिड़ाकर चोकलेट उसके मुंह में भी डाल दी.

दोनों की जीभों ने आपस में टकराकर चोकोलेट निबटाई, पर इस सबमें दोनों के चेहरे पर चोकलेट लग गयी.अब इसकी परवाह किसे थी.

सतीश वापिस घूम गया और दोबारा सुमन की चूत चूसने लगा.

उसने फांकें पूरी चौड़ा ली थीं ताकि जीभ अंदर तक जा सके.

अब दोनों की चुदास भड़क गयी थी.कुछ नया करने का मन था.

सतीश ने सुमन की टांगें पकड़ीं और उसे सर की और मोड़ कर टांगें चौड़ा दीं.

अब सुमन की चूत ऊपर थी.सतीश ने अपनी टांगों को फैलाया और ऊपर से सुमन की चूत में अपना लंड पेल प्रिया.सुमन के लिए यह नया अनुभव था.

सतीश ऊपर से लंड पेल रहा था, सुमन अपने हाथों से अपने मम्मे दबा रही थी.इस पोज़ में सुमन की सांस घुट रही थी तो उसके इशारे पर सतीश ऊपर से हट गया और सुमन की टांगें सीधी करके उसकी चूत में थूक लगा कर अपना लंड एक ही झटके में पेल प्रिया.

सुमन चीखी- आराम से करो!तो सतीश हंसा- जब फाड़ना है तो आराम से थोड़े ही फटेगी.

अब सतीश के दमदार धक्के चालू थे.सुमन अपने हाथ में थूक लगा कर अपने मम्मे मसल रही थी.उसकी चुदास बढ़ रही थी.

सुमन ने सतीश से अपने ऊपर आने को कहा और फिर टांगें सीधी कर लीं.सतीश ने अपना लंड बाहर तो नहीं निकाला पर वो सीधा हो गया.

अब उसका चहरा सुमन के ऊपर था तो जाहिर सी बात है उनकी जीभ आपस में टकराने लगीं.

सुमन के मम्मे सतीश की छाती से रगड़ रहे थे.और सतीश अपना लंड सुमन की चूत में घुसाए मछली सा तैरने लगा.

सुमन ने अपनी टांगों का घेरा बना कर सतीश की टांगों को जकड़ लिया.अब उछलकूद तो नहीं हो रही थी पर लंड पूरी गहराई तक चूत के अंदर था.

सुमन को बहुत मजा आ रहा था.

पहला सेशन ख़त्म करने की गरज से सुमन ने दम लगाकर सतीश को नीचे किया और फिर उसके ऊपर चढ़ कर उसके लंड की सवारी करते हुए उछलने लगी.

अब दोनों थक चुके थे पर किसी का भी होने का नाम नहीं ले रहा था.सतीश ने सुमन से कहा- मैं ऊपर आकर तेरे ताले में अपनी चाभी का तेल डालता हूँ, तभी ताला खुलेगा.

सतीश ने ऊपर आकर आखिरी ओवर मानकर धुंधार धक्के लगाए.

सुमन का हो चुका था, वो हांफ रही थी.सतीश का छूटने को तैयार था.

सुमन ने उससे कहा- मुझे तुम्हारा पीना है!तो सतीश ने अपना लंड बाहर निकाला और जब तक वो आगे बढ़ता उसके लंड से एक मोटी फुहार छूटी जो सुमन के मम्मों और चेहरे पर जा पड़ी.

सुमन ने सतीश का लावा उगलता लंड चाटना शुरू कर प्रिया.सीमा कभी वीर्य नहीं पीती थी पर सुमन को अच्छा लगता था.

तूफ़ान थम गया था.सुमन मुस्कुराती हुई बोली- मेरी आग अभी बुझी नहीं है. चलो नहाते हैं, उसके बाद एक राउंड और लगायेंगे.

नहाते समय चिपटे हुए दोनों पर ऊपर से पड़ती फुहार और आग लगा रही थी.

सतीश ने पूछा- यार तेरे अंदर इतनी चुदास भरी है, कमल तो थक जाता होगा?सुमन हंसी और बोली- यार एक फंतासी है कि मेरी चुदाई दो लोग करें. कुछ ऐसा प्रोग्राम बनाओ कि कल रात मेरी चुदाई दो लोग करें.

सतीश बोला- दो क्यों … तीनों कर देते हैं.सुमन बोली- नहीं कमल के साथ नहीं. मैं ये सब उसके साथ नहीं करना चाहूंगी. और ये हम तीनों लड़कियों ने तय कर लिया है कि कल के बाद घर पहुंचकर वहां ऐसा कभी कुछ नहीं होगा ताकि हम लोगों का आपस में विश्वास न टूटे.

सतीश ने सुमन को नीचे झुकाते हुए उसकी गांड में लंड पलना चाहा तो सुमन बोली- यहाँ नहीं.सतीश बोला- क्यों, तुम तो गांड मरवा लेती हो.सुमन बोली- आज नहीं, कभी दर्द हो गया तो कल की रात बेकार हो जायेगी.

अगली सुबह सभी जोड़े हंसते हुए इकट्ठे हुए.सभी कल रात से रोमांचित थे.

रचना ने आगे आकर सबसे कहा- मेरी राय है कि सभी जोड़े अपने पार्टनर से कल रात के उसके पार्टनर और अनुभव न पूछें. इससे रोमांच बढ़ेगा. आज दिन भर घूमेंगे और 3 बजे तक वापिस आ जायेंगे और फिर 2-3 घंटे अच्छे से सोयेंगे. डिनर आज होटल में ही लेंगे और तब तक हम लड़कियां रात का प्रोग्राम सेट करके सबको बता देंगी.

सभी जोड़े वापिस अपने अपने कमरों में चले गए.

नाश्ता करने के बाद तैयार होकर 11 बजे तक सब लोग बाहर घूमने आ गये.

आज घूमने में छेड़ाखानी कुछ ज्यादा ही थी.लड़कियां बहुत रोमांचित थीं.

सभी ने जिन्दगी में पहली बार अपने पार्टनर की जानकारी में किसी और के साथ सेक्स किया था और किसी को किसी से शिकायत नहीं थी.

दोपहर था घूमघाम कर और लंच लेकर सब लोग वापिस होटल आ गए.और जैसा तय था, एक अच्छी नींद लेने अपने अपने कमरे में जाने लगे.

रचना ने लड़कियों से कह प्रिया- अभी अच्छे से सो लेना, चुदाई में मत लग जाना, वरना रात को मजे नहीं ले पाओगी.

सब हंसते हुए अपने अपने पार्टनर के साथ कमरों में चले गए.

शाम को छह बजे सब रचना के रूम में बाहर घूमने के हिसाब से तैयार होकर इकटठ हुए.वहां पर चाय नाश्ते का इंतजाम था. सभी आपस में मजाक कर रहे थे.

सिवाय सीमा के किसी को नहीं मालूम था कि आज रात को किस का कौन जोड़ीदार होगा.

चाय निबटा कर सभी बाहर आ गये.बाहर चारों ओर सेलानी थे.रोमांटिक माहौल था.किसी को किसी की परवाह नहीं थी.

जवान जोड़े एक दूसरे से इसे लिपट कर चल रहे थे मानो हाथ छोड़ प्रिया तो दूसरा गिर जाएगा.

खैर, इन तीनों जोड़ियों को तो रात की उत्सुकता थी.ज्यादा भूख तो थी नहीं, फिर भी हल्का फुल्का डिनर करके रात 8 बजे तक सब वापिस होटल आ गए और फिर सीमा ने कहा- सभी लोग कल की तरह नाईट सूट में रचना के रूम में इकट्ठे हो जाएँ. सभी अपने साथ एक एक हैण्ड टॉवेल जरूर ले आयें.

आज की रात तीनों लड़कियों ने कल से अलग दूसरी सेक्सी नाईट ड्रेस पहनी, ऊपर से गाउन.लड़के तो टी शर्ट और शॉर्ट्स में ही आये.

दोस्तों, अब न्यूड वाइफ फक स्टोरी अपने आखिरी पड़ाव पर है, मुझे आशा है कि आपको कहानी अच्छी लग रही होगी.

न्यूड वाइफ फक स्टोरी का अगला भाग:मिशन चुदाई- 8