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Office Sex पठन समय: 9 मिनट पढ़ा गया: 748 बार

मेरी सहकर्मी पल्लवी

सुपर हीरो

28 Jul 2012 को प्रकाशित

मेरी सहकर्मी पल्लवी
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मेरा नाम राज है, मैं एक 26 साल का लड़का हूँ, पेशे से इंजिनियर हूँ, एक बहुराष्ट्रीय कम्पनी के ऑफिस में काम करता हूँ। वैसे तो मेरे साथ बहुत सी लड़कियाँ काम करती है पर एक लड़की पर मेरा दिल आ गया था। कुछ ही महीनो पहले एक नई लड़की ने हमारी कंपनी ज्वाइन की थी जिसका नाम पल्लवी है। वो देखने में बहुत खूबसूरत है, उसके मम्मे उतने बड़े नहीं, पर वो देखने में बहुत गौरी है, उसकी आवाज भी बहुत मीठी है। वो अगर सामने आ जाये तो नजर नहीं हटती। वो कभी सलवार पहन कर आती तो कभी जींस।

मैं देखने में उतना खूबसूरत तो नहीं हूँ पर प्यार किया तो डरना क्या !

एक दिन मैं ऑफिस जल्दी पहुँच गया था, उस वक़्त कोई भी वहाँ नहीं था। थोड़ी देर में वो भी आ गई, उस वक़्त ऑफिस में सिर्फ हम दोनों थे। मैं भी अपने काम में लगा हुआ था, तभी एक मीठी सी आवाज से उस लड़की ने मुझे पीछे से पुकारा। उसने अपना हाथ हैन्डशेक करने के लिए बढ़ाया और अपना परिचय दिया। मेरे तो मुँह से आवाज नहीं निकल रही थी, मैं उसकी तरफ एक टक देखे जा रहा था। वो भी मुझे इस तरह देखते झेंप गई और मेरा ध्यान भंग करते हुए मुझसे अपना परिचय देने को कहा।

मैंने झट से अपना परिचय दे दिया। बस फिर क्या था, मैं भी उससे बात करने के लिए उसके बारे में पूछने लगा- वो पहले कहाँ काम करती थी ? उसके दोस्त कैसे थे वगैरह-वगैरह !

बातों ही बातों में मैंने उसे कॉफ़ी के लिए पूछ लिया। वो भी जल्दी से तैयार हो गई। फिर हम दोनों ने कैंटीन में जा कर काफ़ी पीते पीते बहुत सी बातें की।

यह सिलसिला काफी दिनों तक चला। एक दिन हम लोगों ने बाहर जा कर खाना खाने की सोची। वो एक बार बोलते ही तैयार हो गई थी। मैं उसे एक मंहगे होटल में ले गया था, वो होटल मेरे घर के काफी नजदीक था। हमने खाना आर्डर किया और खाना का इन्तजार करने लगे। खाना आने में बहुत समय लग रहा था तो मैंने उसको समय बिताने के लिए कोई चुटकला सुनाने को बोला। वो थोड़े नखरे करने के बाद एक चुटकला सुनाने को तैयार हो गई। उसने एक बकवास सा बच्चों वाला चुटकला सुना दिया। उसे खुश करने के लिए मैं बहुत हँसा।

अब मेरी बारी थी, मैंने उसे एक दोहरे मतलब वाला व्यस्क चुटकला सुना दिया, जिसे सुन कर वो शरमा गई और मुस्कुराने लगी। मैंने मौका देख कर एक और वैसा ही चुटकला सुना दिया। इस बार उसने मुझे ‘शरारती’ कहते हुए मेरे हाथ पर हल्के से चपत लगा दी। हम दोनों एक दूसरे की तरफ देख कर मुस्कुरा रहे थे। इतनी देर में खाना भी आ गया था। हम खाना खाते खाते अपनी रुचियों के बारे में बात करने लगे।

बातों बातों में हम एक दूसरे का हाथ छू लिया करते थे, वो बिलकुल भी ऐतराज नहीं करती थी। मेरा भी साहस बढ़ रहा था।

एक दिन हम नई मूवी के बारे में बात कर रहे थे, उसने मुझसे कोई एक मूवी लाने को कहा। अगले दिन मैंने उसे मूवी के साथ एक और इंग्लिश मूवी भी दी जिसमे कुछ सीन भी थे। दूसरे दिन जब उसने मुझे मेरी सीडी वापस की तो कहा कि वो इंग्लिश वाली मूवी उसे बहुत अच्छी लगी। मैं भी समझ गया कि यह तो खुल्लम खुल्ला लाइन दे रही है। मैंने मौका का फायदा उठाते हुए उससे शॉपिंग में मेरी मदद करने को कहा। वो झट से मान गई।

अगले दिन हम जब शॉपिंग के लिए गए तब मैं अक्सर साथ चलते चलते उससे टकरा जाता, ट्रैफिक क्रॉस करते हुए उसका हाथ पकड़ लेता। वो ऐतराज नहीं करती थी।

मैं जानबूझ कर उसकी चूचियों से टकरा जाता, वो भी मेरे काफी नजदीक आ गई थी, वो अक्सर मेरी कमर में हाथ डाल कर मुझे दुकानों में खींच लेती थी। मुझे भी बहुत मजा आता था और एक अजीब से सनसनी पूरे शरीर में दौड़ पड़ती। देखते देखते मेरी भी झिझक कम हो गई थी, मैंने भी उसके गले में हाथ डालना शुरू कर दिया था, फिर मैं अक्सर उसके बालों को सहलाने लगता, उसके गालों को आहिस्ता आहिस्ता अपनी उंगलियों से छू लेता था।

पल्लवी अब मुझ से काफी घुल मिल गई थी। एक बार हम दोनों पिज्जा खा रहे थे, और थोड़ा सा सॉस उसके नाक पर लग गया, मैंने अपनी ऊँगली से उसकी नाक पर से सॉस को पौंछ दिया, उसने भी झट से मेरा हाथ पकड़ कर मेरी ऊँगली से सॉस को चूस कर साफ़ कर दिया। उसे ऊँगली चुसवाने से मुझे जो मजा आया वो मैं बयान नहीं कर सकता। मेरा रोम रोम खड़ा हो गया था, लौड़े से तो मानो एक बार पिचकारी छूट ही गई थी।

मैं इतना ज्यादा रोमांचित हो गया कि मैंने अपनी आँखें बंद कर ली थी। मैंने तुंरत उसी ऊँगली को सॉस में डूबा कर कहा- एक बार और करो ना !

यह सुन कर वो शरमा गई और दोबारा मेरी उंगलियों को चूसना शुरू कर दिया। इस बार उसने पूरे 15 सेकंड तक मेरी ऊँगली को चूसा होगा। बस फिर क्या था, मुझे तो ग्रीन सिग्नल मिल गया था, मैंने भी खाना आधा छोड़ कर पेमेंट किया और उसके साथ जल्दी से होटल के बाहर आ गया।

हमने एक ऑटो किया और उसे समुन्दर के किनारे ले जाने को कहा। समुन्दर काफी दूर था, अब बस मैं और वो ऑटो की पीछे की सीट में बैठे बैठे पागलों की तरह एक दूसरे को चूमने लगे, मैं उसको पूरी ताकत से अपनी बाहों में कसने लगा और उसके गले के पीछे और उसके होठों को चूमने लगा।

एक लड़की को किस करने का आनंद मैं लिख कर बयान नहीं कर सकता। मेरे लौड़ा पूरी तरह खड़ा हो गया था, वो भी पूरी तरह गर्म हो गई थी।

मैंने ऑटो वाले को ऑटो अपने घर के तरफ मोड़ने को कहा।

घर में घुसते ही हम दोनों पागलों के जैसे एक दूसरे के कपड़े उतारने लगे। हम कोई भी बात नहीं कर रहे थे, बस एक दूसरे को चूम-चाट रहे थे। मैंने अपने दोनों हाथों से उसके चूतड़ पकड़ कर दबाने शुरू कर दिए, वो मुझे और जोर से किस करने लगी थी।

फिर उसने मुझे कहा- अब बस और देर मत करो और जल्दी से बिस्तर पर चलो !

हम दोनों पूरी तरह नंगे हो गए थे और दोनों की सांसें काफी जोर जोर से चल रही थी।

वो जाकर बेड पर लेट गई, उसकी चूत पर बहुत से रेशमी बाल थे जिसमें से उसकी चूत दिख नहीं रही थी। में भी उसके ऊपर लेट गया और अपने लौड़े को उसकी चूत पर रख दिया। उसने मुझे तुंरत रोक दिया और कहा- कंडोम है या नहीं ?

मैंने तुंरत दराज से एक कंडोम निकला और पहन लिया। इतनी देर में मेरा लौड़ा थोड़ा मुरझा गया था, वो भी समझ रही थी। मुझे उसे बोलना अच्छा नहीं लग रहा था कि मेरा लौड़ा चूसे। सो मैंने उसकी चूत में ऊँगली करनी शुरू कर दी और दूसरे हाथ से उसके मम्मे दबाने लगा और अपने मुँह से दूसरे मम्मे को चूसने लगा।वो अजीब अजीब सी आवाजें निकालने लगी, जैसे उसे बहुत मजा आ रहा था। थोड़ी ही देर में वो झड़ने लगी। झड़ने के बाद मैंने उसे अपना लौड़ा दिखाते हुए कहा- तुम मेरे लौड़े को चूसो ना !

वो थोड़े नखरे करने के बाद मान गई। उसने जैसे ही मेरा लण्ड मुँह में लिया, मुझे अलौकिक आननद की अनुभूति होने लगी। थोड़ी देर में जब मुझे लगा कि मैं झड़ने वाला हूँ, मैंने उसके मुँह से लौड़े को निकाल लिया और उसकी चूत पर रख दिया और जोर जोर से धकेलने लगा। मेरा लौड़ा पूरी तरह उसकी चूत के अन्दर घुस गया था, मैंने आनंद में अपनी आँखें बंद कर ली, धीरे धीरे चोदना शुरू कर दिया। कुछ ही पलों में हम दोनों फिर से झड़ने लगे।

मैं काफी देर तक उसके साथ लेटा रहा, थोड़ी देर में हम दोनों तैयार हो कर चल पड़े।

हम अब अक्सर मिला करते थे। धीरे धीरे मैंने उसे गांड मरवाने के लिए भी राजी कर लिया था।

मेरी कहानी अगर आपको पसंद आई तो जरूर कमेन्ट करना… मैं आगे भी ऐसे ही कहानी लिखता रहूँगा।

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पाठकों की राय

3 टिप्पणियां

विपुल कुमार, उत्तर प्रदेश

1 week ago

अगला भाग जल्दी से अपलोड कर दो भाई, अब और इंतज़ार नहीं होता।

विराट द रैपर

2 weeks ago

बहुत ही गजब का लिखा है लेखक भाई। आपका लिखने का स्टाइल बहुत बढ़िया है।

आयुषी सौरभ

1 month ago

सच में बहुत ही हॉट और उत्तेजक कहानी है भाई। मजा आ गया पढ़कर।

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