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Office Sex पठन समय: 9 मिनट पढ़ा गया: 692 बार

ऑफिस टूर पर काफ़ी मजा आया चुत चुदवा कर

पूजा गर्ग

11 Dec 2012 को प्रकाशित

ऑफिस टूर पर काफ़ी मजा आया चुत चुदवा कर
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वैसे मेरा प्यार सचिन नाम के लड़के से काफी दिनों से है, लगभग 10 सालों से और आज भी है। अभी मैं सरकारी नौकरी कर रही हूँ। मैं दिसम्बर 2013 में मेरे साथ जो हुआ.. उसके बारे में बता रही हूँ।

उस वक्त मैं एक प्राइवेट इंस्टिट्यूट में नौकरी कर रही थी। मैं आपको बताते चलूँ कि मैं अपने बॉयफ्रेंड से बहुत प्यार करती थी और हर 3 से 4 महीने में वो मुझसे मिलने आता था।

मैं ऑफिस के कामों से दूसरी ब्रांच में फ़ोन करती रहती थी.. तो एक नितिन नाम का लड़का फ़ोन उठाता था। उस वक्त उससे ऑफिस के बारे में ही बातें होती थीं।काफी दिनों तक बात होने से हम दोनों एक-दूसरे को जानने लगे। नितिन मुझे लाइक करने लगा था, वो मेरे मोबाइल पर भी मैसेज और कॉल करने लगा और फ़ोन पर ही हमारे बीच हंसी-मजाक होने लगा।

एक बार नितिन मुझसे मिलने मेरे ऑफिस भी आया.. तब वो मेरी उससे पहली मुलाकात थी। फिर ऐसे ही उससे बातचीत कुछ दिनों तक चलती रही।

इसके बाद ऑफिस में न्यू ईयर पर नैगीताल टूर का प्लान बना.. जिसमें दोनों ब्रांच के सभी लोगों को जाना था, लेकिन इस टूर में सभी लोग नहीं गए थे।

उस दिन 30 दिसम्बर को दोनों ब्रांच से 3 कारों से लगभग 11 लोग निकले, जिसमें मुझ समेत 2 लड़कियां ही थीं। मैं और पूजा मैडम सभी लोग शाम को 6 बजे कार से निकले।कार में पीछे वाली सीट पर नितिन मेरे बगल में बैठा था। रास्ते में हम दोनों ने खूब बातें कीं.. फिर रात को ढाबे पर खाना खा कर चल दिए।

क़ार में अन्दर की लाइट बन्द होने के कारण अँधेरा था, इस समय नितिन अपने पैर से मेरे पैर को टच कर रहा था, मैं बार बार अपने पैर को हटा रही थी.. पर वो नहीं मान रहा था।मैं कुछ बोल भी नहीं पा रही थी.. क्योंकि सर आगे बैठे थे।

नितिन फिर और आगे बढ़ने लगा, उसने मेरी जांघों पर हाथ रख प्रिया, मैं उसका हाथ हटाने लगी.. पर वो नहीं माना।

धीरे धीरे उसने मेरी जींस की ज़िप खोल दी और पेंटी के ऊपर से मेरी चुत को टच करने लगा। थोड़ी देर बाद मैंने उसका हाथ हटा प्रिया।कार में इतना ही हुआ था।

फिर हम सब 2 बजे रात को नैगीताल पहुँच गए। होटल में सर ने मेरे और पूजा मैम के रूम अलग-अलग बुक किए थे और बाकी सभी लोगों को एक रूम में दो-दो लोग के हिसाब से व्यवस्था की गई थी। मैं अपने रूम की चाभी लेकर रूम में गई और थकान होने के कारण जल्द ही सो गई।

सुबह 9 बजे नितिन ने दरवाजा पीटा, वो बोला- मैम उठो.. अभी गर्म पानी आ रहा है, फ्रेश हो जाओ।

मैं उठी.. दरवाजा खोल कर बाथरूम में पानी चैक करने लगी कि तभी पीछे से नितिन भी आ गया और उसने मुझे पकड़ लिया।मैं हड़बड़ा कर बोली- यह क्या कर रहे हो.. जाओ इधर से!

पर वो नहीं माना.. और मुझे किस करने लगा, मैं उससे किसी तरह छूट कर बाहर आकर बोली- जाओ.. नहीं तो सर आ जाएंगे।फिर वो चला गया।

कुछ देर बाद हम सब फ्रेश होकर घूमने निकले.. नितिन भी साथ में था। हम सभी ने साथ-साथ बोटिंग भी की.. और बातें भी हुईं।वो बोला- मैम रात को आपके रूम में आऊंगा।मैं बोली- किस लिए?वो बोला- कुछ बात करनी है।मैं बोली- क्या बात करनी है.. यहीं बोलो!वो बोला- नहीं.. रात को ही बताऊंगा।मैं बोली- ओके।

नितिन की हरकतों से मुझे अपनी चुत में कुछ कुछ महसूस होने लगा था, इसलिए रात को डिनर करके मैं अपने रूम में आकर होटल के फोन से ब्वॉयफ्रेंड से बात करने लगी.. तभी मेरे मोबाइल पर नितिन का मैसज आया ‘मैम दरवाजा खोलो.. आ रहा हूँ।’

मैं फोन कट करके दरवाजा खोल कर लेट गई, नितिन आया और दरवाजा बंद करके मेरे बाजू में लेट गया।हम दोनों में थोड़ी देर बातें हुईं.. फिर उसने मुझे अपने पास खींच लिया।मैं बोली- क्या कर रहे हो.. बात करने आए हो.. तो बात करो!वो बोला- प्लीज़ मैम समझा करो!

यह बोल कर वो मुझे लिप किस करने लगा। मैंने थोड़ी देर तक मना किया, फिर मैं भी उस किस करने लगी।

थोड़ी देर बाद वो मेरा टॉप निकालने लगा.. तो मैं उसे मना करने लगी।वो बोला- तुम ऐसे नहीं मानोगी!

फिर मुझे अपने ऊपर लेकर मेरे दोनों हाथ जबरन ऊपर करके मेरा टॉप निकाल प्रिया। टॉप उतरते ही मैं केवल ब्रा में हो गई। फिर वो ब्रा के ऊपर से ही मेरी चूचियों को दबाने लगा.. तो मैं भी गर्म होने लगी।

अब उसने मुझे लिटा प्रिया और मेरे पूरे शरीर को किस करने लगा, कुछ देर बाद उसने मेरी ब्रा को भी निकाल प्रिया।अब मैं ऊपर से नंगी थी.. वो मेरी चूचियों से खेलने लगा उसने बहुत देर तक मेरे मम्मों पर किस भी किया और मेरे निप्पलों को चूसा भी।

मुझे भी अब अच्छा लगने लगा था। मेरा विरोध न पाकर वो मेरी जींस निकलने लगा.. तो मैंने मना कर प्रिया, मैं बोली- बस बहुत हो गया.. अब कुछ नहीं.. नीचे कुछ नहीं करने दूँगी।

मैंने उसे बहुत बार मना किया।वो बोला- प्लीज मैम.. कुछ नहीं करूंगा.. केवल देखूंगा।उसके कहने पर मैं भी मान गई क्योंकि चुदास तो मेरी भी भड़की हुई थी।

मैंने पैर सीधे कर दिए.. और उसने एक ही झटके में मेरी जींस और पेंटी दोनों साथ में ही निकाल दिए। अब मैं पूरी नंगी हो गई थी, मेरी चुत भी पूरी नंगी थी, फिर वो भी नंगा हो गया और मुझे पूरे शरीर में किस करने लगा। उसने मेरी चुत के बगल में भी किस किया और उंगली से चुत को टच करने लगा।

उसकी मंशा मुझे चोदने की थी, मुझे लगा कि अब वो लंड डालेगा.. पर मैं सेक्स नहीं करना चाहती थी, मैंने उससे बोल प्रिया- मैं आगे कुछ नहीं करने दूंगी.. तुम चाहो तो पीछे डाल लो।

यह सुनकर उसने मुझे पेट के बल लिटा प्रिया। अब उसने मेरे बैग से कोल्ड क्रीम निकाल कर मेरी गांड के छेद में लगाई.. फिर अपना लंड मेरी गांड में डालने लगा। जैसे ही थोड़ा सा लंड मेरी गांड में गया.. मुझे बहुत तेज़ दर्द हुआ।

इस बार उसने मुझे मना लिया और अपना लंड मेरी चुत में लगा प्रिया। अभी मैं कुछ समझ पाती कि उसने एक ही ठोकर में लंड पेल प्रिया।एक बार तो मेरी चीख निकल गई.. उम्म्ह… अहह… हय… याह… पर उसने मुझे नहीं छोड़ा और मेरी चुत में धक्के देता रहा।चूंकि मैं पहले से ही अपने ब्वॉयफ्रेंड से चुद चुकी हूँ.. तो मुझे कोई खास दिक्कत नहीं हो रही थी।

कुछ देर बाद वो मेरे पैरों को ऊपर करके मुझे हचक कर चोदने लगा। कुछ देर की चुदाई में मुझे मजा आने लगा तो उसने मुझे अपने ऊपर ले लिया।वो बोला- अब तुम करो।मैंने मना कर प्रिया और मैं बोली- ये सब मुझसे नहीं होगा।

फिर उसने मुझे लिटा कर देर तक चोदा.. मैं झड़ गई उसके कुछ देर बाद ही उसका पानी भी मेरे पेट के ऊपर निकल गया।वो मेरे बाजू में लेट गया और बोला- मैडम, आप बहुत सेक्सी हो।

एक बार चुदने के बाद मैं उसके साथ खुल गई थी। कुछ देर चूमा-चाटी के बाद हम दोनों फिर से गर्म हो गए, अबकी बार मैं उसके ऊपर आ गई.. और उसके शरीर को चूमने लगी.. उसके लंड से खेलने लगी।

मैंने उसके कहने पर उसके लंड को किस किया.. और उसके जोर देने पर मैं उसके लंड को चूसने भी लगी। उसने मेरे मुँह को ही चुत समझ कर चोदना शुरू कर प्रिया था.. कुछ ही देर में मैंने उसके लंड को चूस कर पानी निकाल प्रिया।मैं उससे बोली- हो गए संतुष्ट?वो बोला- अभी नहीं.. एक बार और लूँगा।मैं बोली- अब नहीं.. अब जाओ।

उसने अपने कपड़े पहने और चला गया।मैं दरवाजा बंद करके यूं ही नंगी सो गई।

ऐसे ही नितिन ने मुझे गर्म करके चोद ही प्रिया, मुझे भी काफ़ी मजा आया अपनी चुत चुदवा कर!

आपको मेरी सेक्स कहानी कैसी लगी, अगर पसंद आई हो तो मुझे मेल करो।support@mohakkisse.com

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पाठकों की राय

1 टिप्पणी

सुलक्ष्णा

3 months ago

बहुत ही गजब का लिखा है लेखक भाई। आपका लिखने का स्टाइल बहुत बढ़िया है।

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