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भाभी की चुदाई पठन समय: 13 मिनट पढ़ा गया: 684 बार

पड़ोसन आइटम भाभी को चोद कर मजा दिया

रॉकी सेक्सी

05 Sep 2024 को प्रकाशित

पड़ोसन आइटम भाभी को चोद कर मजा दिया
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मैं छुट्टियों में अपने घर आया तो हमारे घर पर एक बहुत ही सुन्दर माल किस्म आइटम बैठी हुई थी, जिसकी उम्र करीब 22 साल होगी. उसका रंग दूध सा सफ़ेद, पतली कमर थी. उसका फिगर 32-30-32 का ऐसा मदमस्त था कि जो भी एक बार देख ले, तो देखता ही रह जाए. उसके होंठ पतले और रसीले, आँखें नशे से भरी हुईं, जो भी देखे उसकी आँखों में खो जाए.

मैंने हैलो बोला और अपने रूम में चला गया.

मम्मी ने बताया कि ये पड़ोस में किराये पर रहने के लिए आई है. उनका नाम पूनम था.उसके बाद पूनम भाभी से मेरी मुलाकात होती रहती थी. वो मुझे देख कर हँस देती थीं, मैं भी भाभी को देख कर मुस्करा देता था. धीरे-धीरे हम दोनों में बातें होने लगीं. मैं भाभी के पास बैठ कर बातें करने लगा था. भाभी से बातें करते वक़्त कभी-कभी उनका हाथ मेरे हाथ से टच हो जाता तो मेरे शरीर में एक सिरहन सी उठ जाती.

एक दिन मेरे भाई का जन्मदिन था उसमें मम्मी ने भाभी को भी बुलाया था. उस दिन वो पिंक साड़ी पहन कर आई थीं, गजब का माल लग रही थीं. सच में साड़ी में भाभी कयामत ढा रही थीं. मैं तो उसे देखता ही रह गया, भाभी एकदम प्रियंका चोपड़ा लग रही थीं.

मैंने मजाक करते हुए कहा- भाभी, आज तो आपका किसी की जान लेने का इरादा लग रहा है.भाभी मुस्कुराते हुए बोलीं- क्या हुआ?मैं बोला- सच में भाभी जो आपको एक बार देख लेगा, वो मर ही जाएगा.भाभी बोलीं- ऐसी तो कोई बात नहीं है.

मैं मम्मी की आवाज पर उधर को चला गया. आज घर में सभी लोग काम कर रहे थे. अब मैं दूर से ही बार-बार भाभी को देखता, कई बार हमारी नजरें आपस में टकरा रही थीं. मुझे देख कर वो मुस्करा देतीं.मैंने सोचा कि किसी ने सच ही कहा है कि ‘हँसी तो फंसी..’ मैं भाभी को देखता हुआ ऊपर छत पर चला गया. थोड़ी देर बाद भाभी भी ऊपर आ गईं.

मैंने भाभी से बोला- भाभी क्या हुआ.. ऊपर कैसे आ गईं?भाभी बोलीं- क्यों क्या हम ऊपर नहीं आ सकते?मैं बोला- आ तो सकती हो.वो बोलीं- यार, आप मुझे भाभी मत बोला करो.तो मैं बोला- फिर क्या बोलूं?उन्होंने कहा- मेरा नाम लिया करो.. हम एक ही उम्र के तो हैं, इसलिए तुम मेरा नाम लिया करो.

हम दोनों बातें करने लगे. पूनम भाभी से बातें करते-करते मेरे बहुत पास आ गईं. उनके शरीर के भीनी-भीनी मादक महक मुझे मदहोश कर रही थी. तभी किसी ने मुझे नीचे से आवाज दी. मैं जैसे ही मुड़ा तो पास होने की वजह से मेरे होंठ पूनम भाभी के मुलायम-मुलायम गालों से लग गए. उनके स्पर्श मात्र से मेरा रोम-रोम सिहर उठा.मैंने भाभी से सॉरी बोला,वो बोलीं- कोई बात नहीं..भाभी भी उठीं और मुस्कराते हुए चली गईं.

अगले दिन किसी काम से मैं उनके घर गया तो उस वक्त भाभी घर पर अकेली थीं. उन्होंने गहरे गले का टॉप पहन रखा था, उसमें से उनके दोनों गोल-गोल दूध से सफ़ेद संतरे साफ दिख रहे थे.मैंने भाभी को ‘हैलो..’ बोला, वो चहक कर बोलीं- अरे वाह रॉकी.. आओ बैठो.

मैं सोफे पर बैठ गया. भाभी मेरे लिए पानी लेने गईं तो पीछे से मैं उनकी मटकती गांड को निहारने लगा. उनके चूतड़ लयबद्ध तरीके से हिलते हुए क्या गजब लग रहे थे. मेरा मन हुआ कि भाभी को अभी पकड़ लूँ. भाभी ने अन्दर से पानी लाकर झुकते हुए मुझे पानी दिया.

मैं बोला- कल के लिए सॉरी.वो बोलीं- इसमें सॉरी की क्या बात, वो तो गलती सो हो गया था वर्ना तुम कहाँ कुछ करने वाले थे. चलो इसी बहाने कुछ तो तुमने गलती से सही किया.मैं भाभी की यह बात सुन कर शॉक हो गया.वो बोलीं- क्या हुआ?मैंने कहा- आपने अभी क्या बोला?उसने कहा- क्यों सुना नहीं?मैंने बोला- सुन तो लिया था.

वो बोलीं- मैं तुम्हें अच्छी नहीं लगती क्या?मैं बोला- ऐसी बात नहीं है.. आप मुझे बहुत पसंद हो.‘कितनी?’मैंने सोचा सही मौका है पकड़ ले इसको, मैंने अपने होंठ भाभी के गुलाबी पतले होंठों पर रख दिए. भाभी ने भी मेरा स्वागत किया. हम एक-दूसरे को पागलों की तरह ऐसे किस करने लगे.. जैसे कितने दिनों के प्यासे आज दोनों मिले हों.

भाभी के रसीले होंठों को मैं चूसता ही जा रहा था. वो कामुक स्वर में बोलीं- आराम से जान.. मैं कहीं भागे थोड़े जा रही हूँ.फिर मैंने अपने होंठ उनकी गर्दन पर रख दिए, वो एकदम से कंप गईं. उन्होंने जोर से मुझे पकड़ लिया जैसे कोई बेल पेड़ से लिपट जाती है. मैं अपना एक हाथ उनके मम्मों पर फेरने लगा.. अह.. क्या मुलायम मुलायम मम्मे थे उनके.. ऐसे लग रहा था जैसे हाथों में रुई के गोले हों.

अगले ही पल मैंने भाभी के टॉप को ऊपर कर दिया. अन्दर उन्होंने रेड कलर की ब्रा पहन रखी थी. मैंने ब्रा के ऊपर से ही भाभी के एक मम्मे को अपने मुँह में ले लिया. साथ ही एक हाथ से भाभी की ब्रा को उतार दिया, अब उनके दोनों संतरे आजाद थे. मैं एक-एक करके उनका रस चूसने लगा.मैं भाभी के दोनों संतरों को बड़ी मस्ती से चूस रहा था, भाभी के मुँह से ‘स् स..’ की आवाजें निकल रही थीं.

फिर मैंने भाभी का टॉप उतार दिया. भाभी के क्या मस्त चुचे थे यार.. कोई भी देख कर ही पागल हो जाए. उनके चूचुक टाइट हो गए थे. भाभी एकदम अप्सरा सी लग रही थीं. उन्हें देखकर मेरी हालत ख़राब हो रही थी.भाभी ने कहा- तुम भी अपने कपड़े निकाल दो.मैं बोला- भाभी, तुम ही उतार दो ना!भाभी ने मेरे सारे कपड़े निकाल दिए, मैं अब सिर्फ अंडरवियर में था.

वो मेरी छाती पर किस करने लगीं. तभी उन्होंने मुझे घुंडी पर काट लिया. मैं भी भाभी के कान के पीछे से किस करने लगा. वो कान के पीछे चूमने से एकदम से सिहर उठीं. कान के पीछे किस करने से कोई भी लड़की हिल जाती है. भाभी मुझसे चिपक गईं.अब मैंने उन्हें बेड पर लिटा दिया, उनकी सलवार भी खींच कर अलग कर दिया. भाभी अब टू पीस में थीं. उनका रंग एकदम साफ था, पेट तो एकदम बेदाग़ और चिकना था.. जांघें मलाई सी चिकनी थीं और क़यामत ढा रही थीं. भाभी ऊपर से नीचे तक पूरी क़यामत थीं.

मैं अपने नसीब पर खुश हो रहा था कि क्या माल चोदने को मिला. मैं भाभी के पेट पर गहरी नाभि पर किस करने लगा. वो नाभि पर मेरे होंठों के स्पर्श होते ही एक हाथ ऊपर उठ गईं.मैंने भाभी को फिर से लिटाते हुए अपनी जीभ उनकी नाभि में घुसा दी. मैं उनके पेट से किस करते हुए उनके मम्मों पर आ गया. भाभी के कबूतर आजादी से उछल रहे थे. मैंने एक चूची को मुँह में ले लिया और दूसरे को हाथ से दबाने लगा.

भाभी ने मम्मे को मेरे मुँह में भरते हुए कहा- आह.. चूस लो मेरी जान.. इनका सारा रस पी लो.

उन्होंने मेरा पूरा सर अपने मम्मे पर दबा दिया. मैं जोर-जोर से उनके मम्मों को चूसने लगा और उन्हें चूस-चूस कर लाल कर दिया. मैंने भाभी के मम्मों को कई जगह काट भी दिया था. अब उनके होंठों को भी मैंने अपने होंठों में दबा लिया. हाय.. क्या रसीले होंठ थे.. मुलायम इतने जैसे एकदम गुलाब की पंखुड़ी हों.

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हम दोनों इसी तरह एक-दूसरे की चुम्मी लेते रहे. नीचे मेरा लंड रॉड की तरह टाइट हो रहा था.. और भाभी की चूत से टकरा रहा था.तभी भाभी ने मेरी चड्डी नीचे कर दी तो मेरा लंड उनकी चुत के सामने था. भाभी ने लंड को पकड़ा और चुदास का अहसास होते ही लंड देख कर बोलीं- वाह मेरी जान, क्या लंड है.

मेरा लंड एकदम गोरा है, उसका लाल सुपारा एकदम चिकना है. लंड भी 6.5 इंच लम्बा और किसी खीरा की तरह मोटा है. जो लड़की भी लंड को देखे उसे बिना हिचक के मुँह में लाकर खाने को हो जाए.मैं बोला- क्या हुआ जान.. पहले लंड नहीं देखा क्या?वो बोलीं- देखा तो है, पर ऐसा लंड नहीं देखा.मैं बोला- क्यों भईया का कैसा है?भाभी बोलीं- भैया का तो काला और छोटा सा है.

भाभी हाथ से मेरे लंड के टोपा को ऊपर-नीचे करने लगीं. मैं बोला- मैडम अभी क्या हुआ.. अभी तो तुझे इसी लंड पर बैठा कर जन्नत की सैर कराता हूँ.

मैंने उनकी टांगों को चौड़ा कर दिया. मैं उनकी जांघों पर किस करने लगा. उनकी जांघें स्पंज की तरह मुलायम थीं. मेरा मन कर रहा था कि इन्हें मुँह से खा जाँऊ. फिर मैं अपनी जीभ उनकी चूत के पास लेकर गया और जीभ को चूत के ऊपर फेरने लगा. भाभी ऐसा करने से सिहर उठीं. मैं अपनी जीभ को नुकीला करके भाभी की चूत में थोड़ा अन्दर-बाहर करते हुए फेरने लगा. भाभी के मुँह से सेक्सी आवाजें आने लगीं. साथ ही भाभी ने पैर खोल कर चुत पसार दी.

मैंने जीभ को चूत में काफी अन्दर घुसा दिया वो गांड उठाते हुए बुरी तरह से कंप गईं. मैं जीभ को भाभी की चुत में अन्दर इधर-उधर घुमाने लगा. उनकी सीत्कारें और तेज हो गईं.. और उन्होंने मेरा सर पकड़ कर चुत पर दबा लिया.मैं और तेज-तेज जीभ को चुत में अन्दर-बाहर करने लगा, वो इठने लगीं और उन्होंने चुत से नमकीन पानी टपका दिया. कुछ देर तक चुत रस झड़ता रहा और मैं रस पीता गया.

इसके बाद मैं अब भाभी के ऊपर आ गया. वो मुझसे चिपक गईं. मेरा लंड लोहे की रॉड की तरह टाइट हो रहा था. मैं बोला- लंड को किस नहीं करोगी?वो बोलीं- जब तुम कर सकते हो तो मैं क्यों नहीं कर सकती.. मैं तो कब से लंड चूसना चाह रही थी.

उन्होंने अपने पतले-पतले गुलाबी होंठ मेरे लंड के सुपारे पर रख दिए. मैं जन्नत में पहुँच गया. यार जब कोई लड़की लंड को मुंह में लेती है तो कितना मज़ा आता है, ये तो वो ही जान सकता है, जिसने अपना लंड किसी लड़की से चुसवाया हो.

मेरी हालत ख़राब हो गई, मैंने उन्हें चित्त लिटा दिया. फिर उन्हें बेड के किनारे पर खींच कर अपने लंड को उनकी चूत पर फेरने लगा.वो गांड उचका कर बोलीं- जान और मत तड़पाओ.. अपने लंड को जल्दी से अन्दर घुसा दो.. मेरी चुत में बहुत तड़पन हो रही है.

मैंने लंड चूत पर रख कर एक झटका दिया, लंड का टोपा अन्दर चला गया. एक और झटके में आधा लंड चूत में समा गया. भाभी की आह निकल गई थी.

मैंने एक और हल्का सा झटका दिया तो भाभी चिल्लाने लगीं. मैंने अपने होंठ उनके होंठों पर रख दिए और एक जोरदार झटका लगा दिया. मेरा पूरा लंड भाभी की चूत में जड़ तक समा गया, उनकी आँखों में आंसू आ गए. शायद भाभी के पति का लंड छोटा होने की वजह से उनकी चुत पूरी तरह नहीं खुल पाई थी. चुत से खून की लकीर बह निकली थी.

मैं बिना हिले उन्हें किस करने लगा. थोड़ी देर में भाभी नार्मल हो गईं, मैं अब लंड को अन्दर-बाहर करने में लग गया. बिस्तर के किनारे पर होने की वजह से लंड पूरा अन्दर जा रहा था.

चूत चुदाई के समय पोजीशन भी मायने रखती है. मैं अब जोर-जोर से झटके मारने लगा था. भाभी सेक्सी आवाजें निकाल रही थीं. मैं लंड को इतना बाहर निकाल लेता कि बस मेरा टोपा चुत के अन्दर रह जाता. फिर एक झटके में पूरा लंड भाभी की चुत में अन्दर तक चला जाता.

भाभी भी गांड हिला कर मज़े ले रही थीं. मैं जोर-जोर से झटके मारने लगा. तभी भाभी एकदम से अकड़ने लगीं. उन्होंने मेरी कमर पर अपने नाख़ून गड़ा दिए. मैं समझ गया कि ये झड़ने वाली हैं.

मैंने झटके और तेज कर दिए. पूरे कमरे में से ‘फच फच..’ की आवाजें आ रही थीं. भाभी झड़ गईं उसके बाद मैंने भी उनकी चूत में अपना माल छोड़ दिया. वो मुझ से चिपक गईं.

हम इसी तरह एक-दूसरे से चिपक कर पड़े रहे. वो मेरा सर सहला रही थीं. वो एकदम खुश थीं मैंने उन्हें बांहों में ले लिया.मैंने पूछा- मजा आया?वो बोलीं- इतना मज़ा कभी नहीं आया.. आज मालूम पड़ा कि चुदाई किसे कहते हैं.

हम दोनों किस करने लगे.

आगे भी हम दोनों ने खूब चुदाई की.

आपको मेरी पड़ोसन भाभी की चुत चुदाई की कहानी कैसी लगी, मुझे जरूर मेल करके बताएं.आपका रॉकीsupport@mohakkisse.com

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Hello dosto main Ravi aaj fir se aap ke liye apni mast kahani le kar aaya hoon. Jise padh kar aap jarur muth margen. Mujhe umeed hai aap ko meri pehle wali kahaniyo ki tarah ye kahani bhi bahot pasand aaygi.

8 मिनट 409

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