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जवान लड़की पठन समय: 5 मिनट पढ़ा गया: 994 बार

गर्लफ्रेंड की उसी के घर में चुदाई

प्रवेश राणा

11 Mar 2023 को प्रकाशित

गर्लफ्रेंड की उसी के घर में चुदाई
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हेलो दोस्तो, मेरा नाम प्रवेश है और मैं आज अपनी सच्ची कहानी ले कर आया हूँ जो मेरे कॉलेज के टाइम की है!मेरा पड़ोस में गुप्ता जी का परिवार रहता है जिनकी दो लड़कियाँ हैं, बड़ी का नाम कुसुम और छोटी का नाम पूजा है!

कुसुम मेरी ही उमर की थी और हम दोनों एक दूसरे को बहुत प्यार करते थे! कुसुम देखने में तो ज्यादा अच्छी नहीं थी, साधारण सा चेहरा, दबा दबा सा रंग… मगर उसका फ़ीगर कमाल का था बिल्कुल ऐश्वर्या राय जैसा! नम्बर तो मुझे पता नहीं लेकिन शायद 34-28-34 हो?

एक दिन उसका पूरा परिवार अपने रिश्तेदार के शादी में पूरे एक सप्ताह के लिए चला गया। घर पर सिर्फ़ उसके पापा और वो ही रह गई थी! क्योंकि उन दोनों को शादी वाले दिन ही जाना था और घर पर भी कोई चाहिए!

उस दिन उसके पापा ऑफिस गए हुए थे और वो घर मैं अकेली थी तो मैंने सोचा कि मौका अच्छा है और उसके घर पर भी कोई नहीं है इस कारण मैं उसके घर चला गया। पहले तो वो मुझे देख कर घबरा गई और फिर बाद में मुझे अपने कमरे में लेकर चली गई! मैंने झट से दरवाजा बंद कर प्रिया और उसे अपनी बाहों में ले लिया और सीने से लगा कर किस किया।

कुसुम तड़प रही थी मगर उसे भी मजा आ रहा था! उसके सारे बदन में आग लग रही थी। मैंने बना मौका गंवाए उसकी गुदाज चुचियों पर हाथ फ़ेर प्रिया जिस पर कुसुम ने विरोध नहीं किया! मैंने चुचियाँ दबाते हुए ही उसको उठा कर पलंग पर लेटा प्रिया! अब मैंने उसके कपड़े उतारने शुरु कर दिए और जल्द ही उसे पूरा नंगी कर प्रिया!

उस समय वो एक दम मस्त लग रही थी वो एक दम परी, जिसे आज मैं चोदने जा रहा था फिर मैंने अपने कपड़े भी उतार दिए और मैं भी पूरी तरह से नंगा हो गया।

अब हम दोनों 69 की अवस्था में आ गए थे वो मेरा लंड चूस रही थी और मैं उसकी चूत… इस बीच उसकी चूत एक बार पानी छोड़ चुकी थी और मैं भी अपना पानी उसके मुँह में छोड़ चुका था।अब मैंने ज्यादा समय बर्दाद न करते हुए उसकी मस्त चूत में अपना 8 इन्च का लंड लगा प्रिया! एक हल्की सी हरकत की और लंड का अगला भाग अंदर चला गया!कुसुम कराह उठी।फिर मैंने एक और झटका प्रिया, इस बार आधे से अधिक अन्दर चला गया। अन्दर का रास्ता अधिक तंग था, चूत की दीवार लंड से चिपक सी गई थी। लण्ड अभी आधा ही अंदर घुसा था।

लेकिन इतने में ही अन्दर की गर्मी सहन नहीं हो रही थी, जैसे अन्दर कोई ज्वालामुखी हो।इस बीच कुसुम तड़प रही थी, उसका पूरा बदन मचल गया, मैंने देखा कि उसके चेहरे पर दर्द था, वो चीखना चाहती थी मगर चीखी नही।तभी मैंने आखरी झटका मारा और लंड पूरा अन्दर चला गया।

इस पर कुसुम जोरदार मचली। उसके गले से दर्द भरी दबी दबी आवाज निकल रही थी, वो दर्द से कराहती हुई बोली- यह तुमने क्या किया? बहुत दर्द हो रहा है! इसे अभी निकाल लो मेरी जान निकल जायेगी। लगता है तुमने मेरी फाड़ दी है परवेश ओह… हा…!मुझे नहीं पता कि वो अभी तक किसी से चुदी थी या नहीं… लेकिन उसे दर्द तो बहुत हुआ था.

मैं उसकी बात सुन रहा था, लेकिन बोला नहीं। पूरा लंड अन्दर करके अब उस पर छा गया। उसकी मस्त चुचियों पर फिर से अपने हाथ रख दिए और उसकी हा हा! रोकने के लिए मैंने उसके होंटों पर अपने होंट रखे दिए और जोर से चूमने लग गया और धक्के लगाता रहा।

थोड़ी देर बाद वो भी मेरा पूरा साथ देने लगी और दोनों नशे में चुदाई करने लगे, उसका दर्द अब जा चुका था और वो भी मजा ले रही थी।

मैंने काफी देर तक उसकी चुदाई की और बाद में अपने लंड का वीर्य साफ़ कर के अपने घर चला गया! उसके बाद जब भी हमें मौका मिलता, हम चुदाई करके अपना टाइम पास कर लेते हैं।तो आप लोगों को मेरी कहानी कैसी लगी। मुझे मेल करके बताएं!support@mohakkisse.com

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पाठकों की राय

2 टिप्पणियां

देवराज 1

3 months ago

बहुत ही गजब का लिखा है लेखक भाई। आपका लिखने का स्टाइल बहुत बढ़िया है।

अनीता कुमारी

3 months ago

कहानियों का ये संग्रह बहुत ही अच्छा है। आपका फैन हो गया हूँ।

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