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पड़ोसी लड़की ने जन्मदिन के तोहफे में लंड लिया(Padosi ladki ne janamdin ke tohfe mein lund liya)

nitinsharma

24 Jul 2017 को प्रकाशित

पड़ोसी लड़की ने जन्मदिन के तोहफे में लंड लिया(Padosi ladki ne janamdin ke tohfe mein lund liya)
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हैलो दोस्तों, मैं नितिन एक बार फिर हाज़िर हूं अपनी नई वास्तविक कहानी के साथ, जिसमें मैंने अपनी एक पड़ोस की लड़की जिसका नाम निधि है, को उसी के जन्मदिन पे चोदा।

दोस्तों हमारे अलीगढ़ वाले मकान के पड़ोस में एक अंकल आंटी रहते है। उनके परिवार में उन दोनों के अलावा उनका लड़का और एक लड़की है, जिसका नाम निधि है। दोस्तों निधि मेरी एक एक्स गर्लफ्रेंड की दोस्त भी है। बात तब की है जब निधि का 20वां जन्मदिन था।

दोस्तों जैसा मैं पहले कई बार अपनी कहानियों में बता चुका हूं कि मैं अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में पढ़ता था, तो अलीगढ़ वाले मकान पे अकेला ही रहता था। बाकी फैमिली दूर अलीगढ़ के ही एक कस्बे में रहती थी।

एक दिन हुआ ये कि मैं अपने घर में घुस ही रहा था कि पड़ोसन आंटी ने मुझे रोका और कहा कि, “सुनो नितिन बेटा, शाम को तुम्हें घर पे आना है 6 बजे, और खाना भी यहीं खाना है”। मैंने पूछा, “आंटी क्या प्रोग्राम है”? तो उन्होंने कहा, “कुछ नहीं है, बस तुम आ जाना”। मैंने कहा, “ठीक है आंटी, आ जाऊंगा”।

शाम को करीब 7 बजे मैं पहुंचा उनके घर तो मुझे पता चला कि उनकी लड़की निधि का जन्मदिन था, और केक काटने का प्रोग्राम तभी था। निधि ने केक काटा और सब ने उसको गिफ्ट भी दिए और खाना खाके घर आ गए। मैंने भी निधि को बर्थडे विश किया और कहा, “सॉरी मुझे पता नहीं था निधि तुम्हारा जन्मदिन है, तो मैं गिफ्ट नहीं लाया”। वो बोली, “कोई बात नहीं, इट्स ओके, कल दे देना”।

मैंने कहा, “हाँ ठीक है, कल पक्का दे दूंगा। बताओ तुम्हे क्या चाहिए”? वो बोली, “ये मैं कल ही सोच के बताती हूं तुम्हें”। मैंने भी कहा, “ठीक है, सुबह बता देना”। और फिर दोस्तों मैं भी खाना खा कर घर आ गया।

अगले दिन सुबह करीब 9 बजे मेरा दरवाज़ा बजा। मैं नहा के निकला ही था बाथरूम से तो तौलिया लपेटे हुए ही दरवाज़ा खोला। देखा तो सामने निधि उसकी कॉलेज की ड्रेस में खड़ी थी। मैंने कहा, “आओ निधि, बैठो। बताओ कैसे आना हुआ”?

वो अंदर आयी और बोली कि, “मैं कॉलेज जा रही थी, तो सोचा तुमसे अपना गिफ्ट ही लेती जाऊं”। मैंने कहा, “हाँ बताओ तुम्हें क्या चाहिए? मैं शाम तक ले आऊँगा”। तो वो मुझसे बोली, “पहले दरवाज़ा बन्द करके आओ”। मुझे थोड़ा अटपटा सा लगा दोस्तों, पर मैंने दरवाज़ा बन्द किया और कहा, “हाँ बताओ क्या चाहिए”? तो वो बोली, “कीर्ति तुम्हारी एक्स गर्लफ्रेंड है ना”?

मैंने कहा, “हाँ”।

तो उसने कहा, “वो मेरी फ्रेंड है। उसने बताया कि तुम्हारा वो बहुत बड़ा और मोटा है।

मुझे उसे देखना है”। मैंने कहा, “वो क्या”? तो वो बोली, “अरे तुम्हारा हथियार”।

मैंने कहा, “हथियार मतलब”?

वो मेरे पास आई और मुझसे चिपक के खड़ी हो गयी, और मेरी टॉवल खींच के निकाल दी। और बोली, “ये”।

दोस्तों जैसे ही उसने तौलिया खींचा, मेरा 7 इंच लंबा और 3 इंच मोटा लंड फड़फड़ाता हुआ एक-दम तन के खड़ा हो गया। निधि ने मेरे लंड को हाथ में लिया, और उसका साइज महसूस होते ही उसकी आँखें काफी बड़ी-बड़ी खुल गयी।

तभी उसने नीचे की तरफ देखा और बोली, “वाह! यार ये तो सच में बहुत बड़ा है, कीर्ति तभी इसकी इतनी तारीफ करती है”।

फिर वह मुझसे बोली, “मुझे गिफ्ट में यही चाहिए।

मुझे अपनी पहली चुदाई इससे करवानी है”।

तो मैंने कहा, “अब हाथ में ही लोगी या लेने वाली जगह भी लोगी”? वो मेरी तरफ मुस्कुराई और मेरे लंड को पकड़े हुए मुझे बेड की तरफ ले गयी। और फिर वो बेड पे बैठ गयी और झट से मेरे लंड को मुँह में लेके चूसने लगी।

क्या चूस रही थी वो। उसकी जीभ मेरे लंड पर चारों तरफ लपर-लपर चल रही थी। लंड मुंह में लेकर जीभ से चाटने की वजह से लंड चुसवाने में दो गुना मजा आ रहा था मुझे।

मैं उसके सर को पकड़ के पूरा अंदर तक लंड उसके मुँह में अंदर-बाहर कर रहा था।

थोड़ी देर बाद मुँह से लंड निकाल के उसने अपने भी खुद ही सारे कपड़े निकाल दिए। क्या माल थी वो। एक-दम गोरा रंग, शरीर पे कोई भी दाग नहीं, 32″ के चूचे, और 34″ की गांड

मैंने भी देर ना करते हुए उसे अपने पास खींचा, और उसको चेहरे पे किस करने लगा। फिर मैंने उसे उसकी गर्दन पे किस किया तो वो पागल सी होने लगी। साथ ही मैं उसके बूब्स भी दबा रहा था। उसके निप्पल एक-दम सख्त और खड़े हो चुके थे।

फिर थोड़ा सा नीचे आके मैं उसके बूब्स को दबाने लगा, और उसके गुलाबी निप्पलों को जीभ से चाटने लगा। मैंने उसके निप्पलों को चाटना शुरू किया तो वो तेजी से आआआआहहहहह आआहह करके सिसकियां भरने लगी। और मेरा सर अपने बूब्स में दबाते हुए बोली, “सही सुना था मैंने, तुम चाटते भी बहुत अच्छा हो। यार कितने नसीब वाली थी कीर्ति सच में”।

मैं बोला, “आजा मेरी जान, तुझे भी नसीब वाली बनाता हूं”। और मैंने उसे वही बिस्तर पे लिटा लिया। मैं बिस्तर के पास खड़ा था। उसने भी अपनी एक टाँग मेरे कंधे पर रख ली। इतनी गोरी टाँग, बिल्कुल सफेद रंग की। दोस्तों मैंने उसकी टाँग को किस करना शुरू किया, और किस करते हुए उसकी चूत की तरफ बढ़ा। एक-दम चिकनी बिना बालों की चूत। आज ही साफ करके आयी थी वो बाल। चिकनी गोरी चूत और उसपे एक सुंदर सी क्लिटोरिस।

मैंने उसकी चूत को जीभ से चाटना शुरू किया, और अंदर तक चूत में जीभ डाल के चाटा। वो भी पागल होने लगी और आह आह चिल्लाने लगी। तभी वो बोली, “रुको जन्मदिन मेरा है, तोहफा मुझे मिलना है, तो तुम्हारा लंड मुझे चूसने दो”।

फिर मैं बिस्तर पे लेट गया, और वो मेरे ऊपर 69 पोजीशन में आ गयी, और मेरे लंड को चाट-चाट के चूसने लगी।

मैं भी उसकी चूत को जीभ से चाट रहा था। फिर मैंने उसकी चूत में 2 उंगलियां डाली और जीभ से उसकी क्लिटोरिस को चाटने लगा। वो भी मेरे लंड को तेजी से चूसने लगी। आधा घंटा हम 69 में ही रहे। उसकी चूत कई बार पानी छोड़ चुकी थी। मैं उसकी चूत को तेजी से चाट रहा था।

फिर थोड़ी देर बाद एक साथ मैंने भी अपना माल उसके मुँह में ही छोड़ दिया। उसका मुँह मेरे लंड के माल से भर गया। कुछ तो वो पी गयी, और बचे हुए को जीभ से उसने मेरे लंड पर ही लगा दिया।

फिर मैंने उसे उठाया और बिस्तर पे लिटा लिया, और उसकी चूत पे लंड रगड़ना शुरू किया। उसकी चूत कुंवारी थी। मैंने एक साथ झटके से पूरा लंड उसकी गीली चूत में घुसा दिया। वो बहुत तेज चिल्लाई और‌ चूत से खून निकलने लगा। वो बोली, “इसे निकालो प्लीज़, मुझे बहुत दर्द हो रहा है। मेरा दम निकल जायेगा, निकालो प्लीज़”।

मैं बोला, “बस 2 मिनट रुक मेरी जान, ये दर्द मजे में बदल जायेगा”।

फिर मैंने धीरे से लंड बाहर निकाला, और उसे धीरे-धीरे अंदर-बाहर करने लगा। थोड़ी ही देर में निधि मजे से सिसकारियां भरने लगी, और मेरे लंड के साथ अपनी चूत को भी आगे-पीछे करने लगी। थोड़ी देर चोदने के बाद मैंने उसे खड़ा करके चोदा, और फिर उसे घोड़ी बना लिया।

जैसे ही घोड़ी बना के उसकी चूत में लंड डाला, उसे और ज्यादा मजा आने लगा, और मजे में और तेजी से चिल्लाने लगी। “आह आह ऊह क्या लंड है, मर गयी, कम ऑन चोदो मुझे आह”।

मैंने तभी अपना लंड निकाला, और उसकी गांड पे फिराया।

वो बोली, “नहीं प्लीज़, गांड में नहीं, बहुत बड़ा है, फट जाएगी यार”। मैं बोला, “बाबू जन्मदिन का गिफ्ट है, मुँह में लिया, चूत में लिया, तो गांड में भी लो”। वो बोली, “अच्छा ठीक है, कंडोम लगा लो। कंडोम की चिकनाई से आसानी से चला जायेगा”।

दोस्तों मैंने एक कंडोम लिया चॉक्लेट फ्लेवर और निधि को दिया। उसने मेरे लंड पे वो कंडोम चढ़ाया, और उसे चूसने लगी। थोडी देर चूसने के बाद बोली, “कंडोम से चूसने में कम अच्छा लग रहा है, इसे तो सीधे चूसने में ज्यादा मजा है”। मैंने उसे खड़ा किया और पीछे घुमा लिया, और उसके चूतड़ों पर 2 हाथ लगाये कस के।

फिर वही उसको घोड़ी बना दिया, और उसकी गांड में लंड घुसाया। लंड का टोपा ही घुस पाया था, कि वो दर्द से उछल गयी। मैंने उसे कस के पकड़ा, और लंड एक साथ आधा घुसा दिया। वो झटपटाई पर मैंने उसे छोड़ा नहीं, और कस कस के जोर से झटके लगाए।

काफी देर निधि की गांड बजाने के बाद मुझे लगा मैं झड़ने वाला था, तो मैंने अपना लंड उसकी गांड से पूरा निकाल लिया। उसकी गांड का छेद चौड़ा हो चुका था। मैंने फटाफट कंडोम निकाल दिया, और सीधे उसकी गांड में लंड पेल दिया, और फिर तेजी से जल्दी-जल्दी के झटके लगाए। मैंने उसकी गांड को अपने लंड के माल से भर दिया।

इस सब में हमें बहुत देर हो चुकी थी। उस दिन निधि कॉलेज नहीं गयी, और हमने 2 बार और कस के चुदाई की।

दोस्तों ये थी मेरी सच्ची घटना, कमेंट करके जरूर बताना कैसी लगी।

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Hi mera naam sam hai. Plz ye kahani aakhir tak pade aapko bahit maza aayega .. Apko mere baare mai pata hoga agar nhi pata to please meri pichli hindi sex story padhiye aur like bhi kariye…

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