होम पर वापस जाएं
Meri Chudai • पठन समय: 7 मिनट • पढ़ा गया: 357 बार

पड़ोसियों के जमाई ने की मेरी चुदाई-1(Padosiyon Ke Jamayi Ne Ki Meri Chudai-1)

Author

22 Sep 2014 को प्रकाशित

पड़ोसियों के जमाई ने की मेरी चुदाई-1(Padosiyon Ke Jamayi Ne Ki Meri Chudai-1)
कहानी सुनें

ऑडियो प्लेयर (Play Audio)

स्वर: लोड हो रहा है...

0:00
0:00

मैं ज्योति आपके सामने अपनी चुदाई कहानी पेश करने जा रही है। मेरी उमर 45 साल है, और मैं शादी-शुदा हूं। मेरा एक बेटा है, जो कॉलेज जाता है। इसके बावजूद भी मुझे देख कर कोई नहीं कह सकता कि मैं उसकी मां हूं।

मैं थोड़े भारी शरीर की हूं, लेकिन मांस वहीं है जहां होना चाहिए। मेरा साइज 38-30-40 है। मैं मॉडर्न खयालों वाली हूं, और मेरे घर में कोई बड़ा बुजुर्ग भी नहीं है जो मुझे रोके-टोके। सिर्फ मेरे पति और बेटा है। इसलिए मैं जो चाहे वो पहनती हूं, और जैसे चाहे वैसा करती हूं।

मैं ज्यादातर जींस और टी-शर्ट ही पहनती हूं, और घर पर जींस की जगह लेगिंग्स पहनती हूं। अब आप खुद अंदाजा लगा लीजिए कि मेरा फिगर इस तरह के कपड़ों में कितना जबरदस्त लगता होगा।

मेरा रंग गोरा है, बस चेहरे पर थोड़े डार्क सर्कल्स दिखते है। लेकिन उससे मैं कम सेक्सी नहीं हो जाती। बहुत सारे लड़के मुझे सोच कर मुठ मारते है, ये मैं जानती हूं। क्योंकि जवान और उबलते खून वाले लड़कों को सिर्फ बॉडी से मतलब बोता है, शकल से नहीं। मुझे तो आज तक ये नहीं समझ आया, कि मेरा बेटा मुझे देख कर कैसे कंट्रोल करता होगा?

इतना सेक्सी माल होने के बाद भी मेरे पति का मुझमें इंटरेस्ट कम हो चुका है। वैसे एक वक्त के बाद बीवी कितनी भी खूबसूरत हो, पति का इंटरेस्ट कम हो ही जाता है। यहीं दुनिया का दस्तूर है। क्योंकि पति को पत्नी में कुछ नया नज़र नहीं आता। इसलिए पत्नियां सेक्स के लिए तड़पने लगती है।

इस वक्त एक औरत के पास दो ही रास्ते होते है। एक, या तो वो अपनी बिना सेक्स की जिंदगी को जीती रहे, और तड़पती रहे। दूसरा, जवान लड़कों को अपना जिस्म दिखा कर अपने पीछे लगाए, और उनके लंड से अपनी प्यास बुझाए। ये दूसरा रास्ता बहुत ही आसान है, क्योंकि भारत जैसे देश में लड़के औरत की क्लीवेज देख कर ही गरम हो जाते है, और उसके पीछे चल पड़ते है। तो मेरे जैसी गरम औरत की तो गुलामी भी उनको मंजूर होगी।

मैंने जिस लड़के को अपनी चूत शांत करने के लिए चुना, वो है हमारे पड़ोसियों का जमाई। उनकी बेटी की शादी कुछ देर पहले ही हुई थी, और जमाई उनका बहुत खूबसूरत नौजवान था। उसको देखते ही मुझे लगा कि ये खूबसूरत नौजवान अपनी नई बीवी को तो चोदेगा ही साथ में उसकी चाची (गली मोहल्ले में आंटियों को चाची बुलाते है। मुझे भी उसकी बीवी चाची बुलाती थी) को भी चोदेगा।

बस फिर क्या था, मैंने उस पर डोरे डालने शुरू कर दिए। शादी के बाद मोहल्ले में आस-पास वाले लोग नए जोड़े को खाने या चाय पर बुलाते है। हमने भी उनको खाने पर बुलाया। मैंने जान-बूझ कर उस दिन सेक्सी साड़ी पहन ली, जिसका ब्लाउज डीप गले वाला था, और उसमें से मेरी बहुत ज्यादा क्लीवेज नज़र आती थी। पीछे से मेरी गांड भी साड़ी में टाइट लगती है साड़ी में।

जमाई का नाम वरुण था। मुझे पहली बार जब उसने देखा, तो उसकी नज़र सीधे मेरी क्लीवेज पर पड़ी। अब उसको क्या पता था कि इसको मैं उसी के लिए दिखा रही थी। फिर खाने की टेबल पर मैं बार-बार झुक कर कभी अपने चूचे दिखाती, और कभी अपनी मोटी गांड। खाना खत्म होते तक उसने अच्छे से मुझे स्कैन कर लिया था। और मुझे यकीन था कि उस रात उसने बीवी की जम के चुदाई की होगी, लेकिन सोच मेरे बारे में रहा होगा।

अब अगला कदम था उसके साथ सीधे बात करने का कोई रास्ता ढूंढना। अब इसमें भी कोई मुश्किल नहीं है, क्योंकि फेसबुक जैसी चीजें है हमारे पास। उसकी बीवी मेरी फ्रेंड लिस्ट में थी ही, तो मैंने वरुण की आइडी खोज करके उसको रिक्वेस्ट भेज दी। मेरा काम बस रिक्वेस्ट भेजना ही था, उसके बाद उसकी बारी थी। अगर वो मेरे में इंटरेस्टेड होगा, तो मैसेज जरूर करेगा। या ऐसा कुछ पक्का करेगा, जिससे मेरा ध्यान उसकी तरफ जाए।

जैसा मैंने सोचा था वैसा ही हुआ। उसने मैसेज तो नहीं किया, लेकिन मेरी फोटोज को लाइक करने लगा। अब जमाई जी फोटोज लाइक करेंगे तो हमारा भी फर्ज बनता है उनकी फोटो पर लाइक और कमेंट करने का। तो हमने वैसा ही किया।

बस ऐसे ही हमारी बात शुरू हुई, और धीरे-धीरे गुड मॉर्निंग और गुड नाइट का सिलसिला शुरू हो गया। फिर एक रात वरुण का मैसेज आया-

वरुण: आंटी आपकी कुछ फोटोज तो बहुत खूबसूरत है।

मैं: कौन सी वाली?

वरुण: ये वाली (और उसने फोटो मुझे भेजी)।

उस फोटो में मैंने शॉर्ट्स और टी-शर्ट पहनी हुई थी, और मेरी जांघें नंगी दिख रही थी।

फिर मैंने कहा: थैंक यू तारीफ करने के लिए।

यह भी पढ़ें (Recommended)

Dost Ne Paiso Ke Badle Randi Bana Diya

वरुण: वैसे आप लगते ही नहीं हो कि आपका इतना बड़ा बेटा है।

मैं: हां तभी तो आंटी बुलाते हो मुझे।

वरुण: ओह सॉरी, वो क्या है ना मधु (उसकी बीवी) आपको आंटी बुलाती है, तो मुझे भी वहीं आदत लग गई। आज से मैं आपको ज्योति बुलाया करूंगा। ठीक है ना ज्योति?

मैं: हां ठीक है।

अब लड़का जाल में फंस रहा था। अब बात था मेरे उसको दाना डालने का। फिर कुछ दिन बाद मैंने उसको मैसेज किया-

मैं: ये देखो मैंने आज उस फोटो वाले ही कपड़े पहने है। कैसी लग रही हूं मैं।

वो कपड़े 2 साल पहले के थे, और अब थोड़े टाइट हो चुके थे। मैंने शॉर्ट्स थोड़ी और ऊपर कर ली, ताकि मेरी जांघों का ज्यादा हिस्सा दिखे। मेरे चूचे भी टी-शर्ट फाड़ कर बाहर आने को हो रहे थे।

वरुण ने मेरी फोटो को लाइक तो कर दिया, लेकिन कुछ बोला नहीं उसके बारे में। फिर मैंने उससे दोबारा पूछा-

मैं: क्या बात है, फोटो अच्छी नहीं लगी?

वरुण: फोटो तो बहुत अच्छी है। इसको देख कर तो कुछ-कुछ होने लगा है।

मैं: क्या होने लगा है।

वरुण: वो नहीं बता सकता।

मैं: अरे! क्यों नहीं बता सकते। चलो बताओ।

वरुण: बताया तो आप नाराज़ हो जाओगी।

मैं: नहीं होती, चलो बताओ।

मैं जानती थी, अब वरुण क्या कहने वाला था। लेकिन उसने ये कहा या नहीं, वो आपको अगले पार्ट में पता चलेगा। यहां तक की हिंदी सेक्स कहानी आपको कैसी लगी support@mohakkisse.com पर बताएं।

कहानी पर अपनी प्रतिक्रिया दें (React to Story)

इसी श्रेणी से अन्य कहानियाँ

Dost Ne Paiso Ke Badle Randi Bana Diya
Meri Chudai

Dost Ne Paiso Ke Badle Randi Bana Diya

I’m Roshini Kapoor from delhi,mai delhi mai caunaught place se hu pass hi mene flat liya hua hai gol markat ke samne. free hindi sex story meri chudai

12 मिनट 1,171
Pyaar se lekar chudai tak ka safar-37
Meri Chudai

Pyaar se lekar chudai tak ka safar-37

Sasur ji ki awaaz par Mai neeche aayi, to Mai Anwar ko waha dekh kar chonk gayi. Tab maine bas ek top aur shorts pehna tha. Sasur ji meri taraf hi dekh rahe the. Fir Mai daud kar andar gayi aur lower pehan kar aayi. Tab Sasur ji ne bataya-

8 मिनट 424
Masaak Kali – Part I
Meri Chudai

Masaak Kali – Part I

Dosto maine bhi bahut duniya dekhi hai per ek baat maine mahsus kiya hai kuch log sacchai ko mante hai aur kuch log jab dusre ki kismet se jalte hai to .Bass ek hi jabab hota hai .Jhooth hai kahani hai wagarah wagarah.Khair mujhe koi fark nai part...

35 मिनट 958

पाठकों की राय

0 टिप्पणियां
इस कहानी पर अभी तक कोई टिप्पणी नहीं है। पहली टिप्पणी करें!
🔒 सुरक्षा कारणों से कॉपी करने की अनुमति नहीं है।