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बाप बेटी की चुदाई पठन समय: 12 मिनट पढ़ा गया: 517 बार

पापा ने मुझे मां बनाया(Papa ne mujhe maa banaya)

mamtasingh

29 Mar 2009 को प्रकाशित

पापा ने मुझे मां बनाया(Papa ne mujhe maa banaya)
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हेलो दोस्तों, मैं दिया हूं। मेरी उम्र 28 साल है। मेरी शादी को 3 साल हो चुके हैं, और मेरी अभी कोई बच्चा नहीं हुआ है। मैं दिखने में गोरे रंग की 5 फिट 5। इंच हाइट की बहुत ही सुन्दर लड़की हूं। पति मुझसे खूब प्यार करते है। शादी के बाद 3 साल हो चुके हैं, पर अभी तक उन्होंने मुझे मायके नहीं जाने प्रिया था।

आज कई सालों बाद पापा खुद मुझे लेने आ रहे थे। मैं बहुत खुश थी घर जाने के लिए। पापा का नाम सर्वेश है। उनकी उम्र 50 साल है, और वह दिखने में अभी भी तगड़े मालूम पड़ते हैं। पापा घर आकर बैठे और मैं उन्हें नाश्ता-पानी दे दी। मेरी सासू मां उनसे बैठ कर बातें करने लगी, और तब तक मैं तैयार होने चली गई।

मैं ब्लू रंग की साड़ी और ब्लू रंग की ब्लाउज पहन कर बहुत ही सुंदर लगने लगी। शादी के बाद लड़कियों का बदन भर जाता है, और लड़कियां और ज्यादा खूबसूरत लगने लगती है। मैं भी पहले से ज्यादा खूबसूरत लगने लगी थी। मेरे चेहरे पर एक अलग ही चमक आ गई थी।

मैं रेडी हुई तब पापा ने सारे सामान को कार में रखवाया, और फिर मुझे अपने साथ आगे बैठा लिया, और हम दोनों चले गए। पूरे रास्ते पापा बहुत शांत थे। पापा पहले ऐसे नहीं थे। वह हमेशा मुझसे बहुत अच्छी तरीके से बातें करते थे। पर आज ना जाने क्यों वह इतने शांत थे। फिर पापा एक पेड़ के छांव में कर को रोक दिये, और वह मुझसे बोले-

पापा: मुझे माफ कर दो बेटी, मुझसे बहुत बड़ी भूल हो गई!

मैं: कौन सी भूल पापा?

पापा: मैं तुम्हारी शादी बहुत ही गलत घर में कर दी।

मैं: पर पापा मैं तो खुश हूं। मेरे पति बहुत ही अच्छे हैं।

पापा: हो सकता है बेटी कि तुम्हारे पति बहुत अच्छे हो। लेकिन तुम्हारी सास।

मैं: अरे पापा, अभी किन बातों को लेकर बैठ गए।

पापा: बेटा तुम्हारे सास ने मुझे आधे घंटे में तुम्हारे बच्चे ना होने पर इतना ताना प्रिया, कि मैं अभी तक उन बातों को सोच रहा हूं।

अगर आधे घंटे में मुझे इतना सुना दी, तो तुम तो 3 साल से इस घर में हो बेटी। तुम्हें तो जीवन नर्क लग रहा होगा?

मैं: ऐसा नहीं है पापा। पति मुझसे बहुत प्यार करते हैं, और मैं उन्हीं में खोई रहती हूं। सास के तानों पर मैं ध्यान नहीं देती।

पापा: हां बेटी, पर तुमने अभी तक कोई बच्चा क्यों नहीं किया? क्या तुम दोनों ने डॉक्टर से नहीं चेकअप कराए?

मैं: पापा मैं तो चेकअप करा आई थी। मेरा रिपोर्ट ठीक था। पर उनसे बोलती हूं तो वह मना कर देते हैं, और गुस्सा भी करने लगते हैं। तो मैं डर से उनसे कुछ नहीं कहती।

पापा: फिर तुम बच्चे के लिए ट्राई क्यों नहीं करती बेटी? कब तक तुम तानों को सहती रहोगी?

मैं: पापा मैं इनके अलावा किसी और पर भरोसा नहीं कर सकती।

पापा: बेटी तुम चाहो तो किसी जान पहचान मे ही रिश्ते बना लो।

मैं थोड़ी देर शांत रही। पापा कार स्टार्ट किये और घर की ओर चल दिए। घर पहुंच कर मैं मां से मिल कर बहुत खुश हुई। घर पर आज दिन भर बहुत चहल-पहल रही, और मुझे खूब अच्छा लग रहा था। मम्मी पापा की मैं, और मेरे भैया दो संतान है। भैया भाभी के साथ बाहर में रहते है, और मम्मी पापा अकेले गांव में रहते हैं। पापा खेतों में काम करते हैं और मम्मी उनका हाथ बटाती है।

शाम को पापा जब खेतों से लौटे तो वह बहुत थक चुके थे। मम्मी भी थकी हुई थी। हम सभी लोगों ने खाना खाया और मैं मम्मी को तेल लगाने लगी। पापा बाहर के कमरे में सो रहे थे।

मम्मी मुझसे बोली: बेटी मैं थक गई हूं, तो तुम मुझे तेल लगाने के बाद अपने पापा को भी तेल लगा देना।

मैं थोड़ी सी हिचकिचाई, पर फिर सोची कि पापा भी थके हुए होंगे। मम्मी तेल लगवाते हुए सो गई। उसके बाद मैं उठ कर पापा के कमरे में चली गई। पापा कमरे में केवल लुंगी पहन कर लेटे हुए थे। मैं उनके पास गई और बैठ कर उनके पैरों में तेल लगाने लगी। तेल लगाते हुए मेरी साड़ी का पल्लू सरक जाता, और मेरी दोनों चूचियां पापा को दिखने लगती। पापा बड़े ही गौर से मेरी चूचियों को देखते। मैं शर्म से गड़ी जा रही थी।

मैं पापा के दोनों पैर में तेल लगाने के बाद उठ कर निकलने को हुई, तभी मेरे पैर लड़खड़ा गए, और मैं बेड पर गिर गई। मेरे हाथ पापा के लंड पर चले गए। मेरे हाथ में पापा का लंड मोटा और लंबा महसूस होने लगा। वह अपने लंड को केवल लूंगी से छुपाए हुए थे। मैं शर्म के मारे वहां से भाग गई। दूसरे दिन पापा मुझे अजीब नज़रों से देख रहे थे। मुझे बहुत शर्म आ रही थी। परंतु अब पापा से कार में हुई बातें मुझे याद आने लगी‌ (पापा: बेटी तुम किसी जान पहचान के व्यक्ति से संबंध बना लो)।

अब मुझे समझ आने लगा कि पापा खुद से ही संबंध बनाने को बोल रहे थे। मुझे पहले तो बड़ा अजीब लगा, पर धीरे-धीरे पापा जिस तरह मेरे करीब आते गए, मैं भी सब भूलने लगी और पापा को अपना मानने लगी।

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पापा अब रोज ही मुझे तेल लगवाने को बोलने लगे। मैं उनके कमरे में जाती और वह मेरे चूचियों के दर्शन करते हुए तेल लगवाते, और अब तो वह लुंगी तो केवल नाम के पहनते थे। उनका लंड मुझे दिख ही जाता था।

एक दिन मैं उनकी जांघों में तेल लगा रही थी, तो पापा बोले थोड़ा और ऊपर तक तेल लगाओ बेटी। मेरा हाथ उनके लंड से ना लगे यह ध्यान में रखते हुए मैं तेल लगा रही थी। लेकिन पापा ने मेरे भीतर के वासनाओं को भड़का प्रिया था। अब मेरे हाथ कांप रहे थे, और मेरी छातियां धक-धक कर रही थी। ना चाहते हुए भी मेरे हाथ उनके लंड को टच हो गया, और पापा के मुंह से आह निकल गई।

मैं उठ कर अपने कमरे में जाने को हुई तो पापा ने मेरे हाथ पकड़ कर अपने ऊपर खींच लिया। मेरी दोनों चूचियां पापा के सीने में धस गई, और पापा मेरे बालों से खेलने लगे।

पापा: बेटी अगर तुम चाहो तो मैं तुम्हें मां बना दूंगा।

मैं कोई जवाब नहीं दी तो पापा ने मेरी हां समझ लिया और वह मेरे गालों को चूमने लगी। उनके कड़क होंठ और मूंछ जैसे ही मेरे गाल को छुए, मेरे रोम-रोम में आग लगने लगी। मेरी चूत से रस टपकने लगा।कुछ देर बाद पापा ने धीरे से एक पैर मेरे ऊपर रखा और कहा: बेटी, क्या ख्याल है?

मैंने कहा: पापा क्या ख्याल होगा? मैं मना करूंगी, तो कौन सा आप कुछ नहीं करोगे। अब अपने बच्चे की मां बना दो आप।

पापा हंसने लग गए और कहा: मेरी बेटी तो समझदार है।

यह कहते हुए पापा ने मेरे चूचे दबा दिए। मैंने एक छोटी सी आह्ह्ह भरी। मैंने उस दिन ब्लैक रंग की साड़ी पहन रखी थी। पापा मेरी साड़ी ऊपर करके कच्छी के ऊपर से ही मेरी चूत सहलाने लग गए। मुझमें मदहोशी छाने लग गयी। मैं गर्म होने लगी।

गर्म होने के बाद मैं पापा के ऊपर चढ़ गई, और उनके होंठ चूसने में लग गयी। जैसे ही मैं पापा के होंठ चूस रही थी, वैसे मैंने देखा कि मेरे पेट पर कुछ महसूस हो रहा है। पापा का लंड खड़ा हो गया था। फिर मैं पापा को किस्स करने लगी। मैं कभी उनके गले पर, तो कभी सीने पर चुम्मी करके उनके पेट से होते हुए नीचे आ गयी। मैंने पापा के लंड को उनके कच्छे से बाहर निकाला। उनका लंड मैंने नापा तो नहीं, पर 7 इंच का तो होगा ही, और मोटा भी खूब है।

अब मैं पापा का लंड बड़े मजे से चूस रही थी। पापा मस्ती में अपनी आंखें बंद करके कहे जा रहे थे: आह दिया बेटा और चूस। आह अपने पापा का लंड निचोड़ ले। आह मजा आ रहा है बेटा। बस ऐसे ही चूसती रह।

मैं भी पूरी शिद्दत से अपने पापा का लंड चूसती रही। कुछ ही देर में हम दोनों पूरी तरह से गर्म हो चुके थे। फिर पापा ने मुझे नीचे गिराया, और मेरी साड़ी ऊपर करके मेरी कच्छी को नीचे कर प्रिया। मैं साड़ी ऊपर ब्लाउज पहन रखी थी। पापा ने एक-एक करके उसके बटन खोले और ब्लाउज को उतार दी। चूचियों को ब्रा के ऊपर से मसलते हुए, मेरी नाभि चूमने लगे। फिर एक-एक कर सारे कपड़े निकाल दिए।

पापा मेरी गांड सहलाते हुए कहने लगे: मेरी बेटी की गोरी-गोरी जांघें कितनी चिकनी हैं। गोल-गोल नुकीले चूचे।

ये कहते हुए पापा ने मेरे निप्पल मसल दिए। मैंने बस ‘आह्ह्ह्ह’ भर दी। अब पापा मेरी चूत चाटने में लग गए। मैंने टांगें हवा में उठा दी। पापा मेरी बुर चाटे जा रहे थे, और मैं गांड उठा कर पापा को अपनी चूत में घुसेड़ लेना चाहती थी। मुझे इतनी अधिक उत्तेजना बढ़ गई थी, कि मैं कुछ ही पलों में झड़ गयी। पापा ने मेरी चूत का सारा गर्म गर्म रस पी लिया।

आह्ह, सच में अपने पापा से अपनी चूत चुसवाने में कितना मजा आया था। पापा ने मेरी बुर का गर्म रस चाटने के बाद भी मेरी चूत को चुसना नहीं छोड़ा। इससे हुआ ये कि मेरी जवान चूत जल्दी ही फिर से चुदासी हो गई।

मैंने पापा का लंड हाथ में लेकर अपनी चूत के मुंह पर लगा प्रिया, और पापा ने एक झटके में लंड अन्दर धकेल प्रिया, उउउउउउफ्फ्फफ्फ्फ़ पापा। मुझे पापा का लंड लेते ही चूत में दर्द होने लगा। जल्द ही पापा ने अपना पूरा लंड मेरी चूत की जड़ तक पेल प्रिया, और अब वो धीरे-धीरे धक्के मारने लगे थे।

पापा अब मुझे पूरी ताकत और जोर से चोदने लगे थे। मैं भी चरम रीमा पर आ गई थी। मैं झड़ने वाली थी। इतने में पापा ने अपने लंड का गर्म-गर्म वीर्य मेरी चूत के अन्दर ही छोड़ प्रिया। उसके बाद पापा ने लंड बाहर निकाला और मैंने मुंह से पापा का लंड चूस कर साफ़ कर प्रिया। अब रोज पापा को तेल लगाने के बहाने चुदवा लेती थी।

अगले हफ्ते तक मैं प्रेग्नेंट हो गई। तब पापा ने मुझे बिना किसी को बताएं ससुराल ले जाकर छोड़ प्रिया। पति मुझसे बहुत खुश थे। वह मुझे खूब प्यार करते। 1 महीने बाद जब उन्हें बताई कि मैं प्रेग्नेंट हूं, तो वह बहुत खुश हुए वह बोलने लगे कि-

पति: देख ली ना दिया, मैं ना कहता था किसी डॉक्टर की जरूरत नहीं है। तुम खाहमखा मुझ पर शक कर रही थी। आखिर तुम प्रेग्नेंट हो ही गई।

मैं उनकी खुशी देख कर उनसे कुछ ना कहीं और उनके गले लग गई। उन्हें लग रहा था कि यह बच्चा उन्होंने किया था। लेकिन यह बच्चा तो मेरे और मेरे पापा की निशानी थी।

1 साल बाद मुझे खूब सुंदर एक बेटी हुई। घर में सभी लोग बहुत खुश थे। पापा खुद मेरे पास आए थे, और मैं अपनी बेटी को प्यार कर रहे थे। 1 महीने बाद पापा, मुझे और मेरी बेटी को अपने साथ घर ले गए, और उसके बाद पापा फिर से मेरी चुदाई शुरू कर दिए।

इस बार पापा बोल रहे थे कि फिर से तुम्हें प्रेग्नेंट करके ही भेजूंगा।

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Hello dosto mein Sunita hajir hu. Ye family sex story mere aur mere sasur ji ke bich najayaj rishte ke baare me hai. Recent part padhne ke baad hi aage padhiye..

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