शाम को समीर आया, वो नहाने गया तो सुमन भी नंगी होकर उसके साथ बाथरूम में घुस गई। जोरदार चूत चुदाई के बाद नहाकर दोनों नीचे आये, सुमन ने समीर को कपड़े नहीं पहनने दिए।
डिनर तैयार था, दोनों ने एक प्लेट में ही डिनर लिया और फिर कॉफ़ी…कॉफ़ी पीते पीते सुमन ने बीच में समीर का लंड भी चूस लिया था और अब वो चुदाई के लिए तैयार था।
दोनों बेडरूम में गए और बेड पर अंग से अंग मिला दिए।हर अंग अपने साथी से एक होने को बेताब था। जीभ मिल चुकी थी और लंड चूत के मुँह पर टक्कर मार रहा था, टांगें बार बार रगड़ रही थी।समीर की छाती ने सुमन के मजबूत मम्मे दबा रखे थे।
अचानक सुमन चढ़ गई समीर के ऊपर और जोर जोर से उम्म्ह… अहह… हय… याह… आवाजें करते हुए समीर की चुदाई करने लगी। समीर नीचे से धक्के लगा रहा था और फिर उसने सुमन को पागलपने की हद जैसा नीचे पलटा और लगा चोदने!वहशीपन सा छा रहा था दोनों को… बिना यह परवाह किये कि उन्हें चोट भी लग सकती है, बस चुदाई के नए आयाम कायम करने की ललक थी।
समीर ने सुमन की गांड के नीचे एक मोटा तकिया लगा प्रिया था, अब सुमन की चूत ऊपर उठ गई थी। अब चोदने में समीर और सुमन दोनों को मजा दोगुना आ रहा था।
न सुमन थक रही थी और न समीर छुटने को तैयार था।समीर ने खड़े होकर सुमन के पैर ऊपर खींचे और अपने कंधे पर टिकाये। अब सुमन का सर नीचे और पैर ऊपर थे, समीर ने अपना लंड सुमन की चूत में घुसा प्रिया और लगा धक्के देने!
चूत चुदाई का यह नया आसन था सुमन के लिए और उसे बहुत मजा आ रहा था। पर वो जल्दी थक गई तो उसने अपनी बाहें ऊपर उठाई और समीर ने उसे ऊपर उठा लिया, उसका लंड अभी भी सुमन की चूत में ही था।
सुमन ने अपने पैर समीर की कमर पर गोल बांध लिए, उसकी गर्दन पर झूल गई और लटक कर चुदवाने लगी।दोनों के होंठ मिले हुए थे।
अब समीर का लंड भी छुटने को तैयार था… समीर ने सुमन को नीचे लिटाया और उसकी टांग ऊपर अपने कंधे पर रखी और पूरा अंदर करके जोरदार धक्के लगाये और सारा माल सुमन की चूत और पेट पर छोड़ प्रिया।
उसने एक नया काम और किया कि सुमन के मुँह में अपना लंड दे प्रिया। सुमन ने इससे पहले कभी वीर्य से भीगे लंड को नहीं चूसा था… उसे खराब तो लगा पर समीर को वो मना नहीं कर पाई। एक बार मुँह में लेने पर उसे चूसना अच्छा लगा और उसने चूस कर पूरा लंड सफाचट कर प्रिया।
आज की यह चुदाई उन दोनों की जिंदगी की अनोखी चुदाई थी। बगल बगल लेट कर दोनों बातें करने लगे। उन्होंने यह तय किया कि सुनील को कुछ नहीं बताना इस बारे में… पर जब भी मौका मिलेगा दोनों मिला करेंगे।
समीर को दो दिन बाद अपनी बीवी को लेने जाना है, दिया के आने के बाद ये सब कैसे होगा, ये तभी सोचेंगे।
अगले दिन दोपहर तक सुनील आ गया, आकर सीधा ऑफिस गया और वहाँ से 6 बजे घर आ गया।
सुमन ने ढूंढ ढूंढ कर अपनी और समीर की मस्ती के निशान गायब किये, सुनील के पसंद के नाश्ते की तैयारी की, उसे मालूम था कि सुनील आते ही बढ़िया नाश्ता चाहेगा और नाश्ता लगाते लगाते वो उसके मम्मों और चूत को चूसना चाहेगा।
उसने ऊपर का जीना लॉक किया और चाभी उसी में लगी रहने दी, जिससे ऊपर से कुछ न दिखे।आज वो पूरी की पूरी सुनील की होकर रहना चाहती थी।
सुनील ने आते ही गेट पर उसे चूम लिया। वो उसके लिए बहुत सुंदर ड्रेसज लाया था, एक नाईट ड्रेस भी लाया था जिसे पहनो या न पहनो एक ही बात थी… सुमन ने जानबूझ कर फ्रॉक पहनी थी और उसके नीचे कुछ नहीं।
सुमन को चिपटाते ही सुनील समझ गया कि उसने नीचे कुछ नहीं पहना है और मामला गर्म है।सुमन किचन में गई चाय चढ़ाने… पकौड़े तो उसने सेक ही लिए थे। सुनील सीधा रसोई में आया और उसकी फ़्रॉक उठा कर नीचे बैठ कर उसकी गांड और चूत चूसने लगा।सुमन हंसी, बोली- ऐसे तो बन गई चाय…
सुनील नहीं माना और उसने अपना लंड निकाल कर सुमन की चूत में डाल ही प्रिया।किचन के स्लैब पर झुककर उनकी फ़ास्ट ट्रैक चुदाई पूरी हुई।सुमन ने पेपर नैपकिन से अपनी चूत को पौंछा और चाय लेकर ड्राइंग रूम में आ गई।
दिन में उसने समीर को बोल प्रिया था कि वो आज डिनर बाहर कर ले और सुनील को कोई बहाना बना दे इसलिए समीर के आने की कोई टेंशन नहीं थी।
चाय पीकर सुनील नहाने चला गया और सुमन ने डिनर तैयार कर लिया।उसने सुनील से पूछा कि समीर कब तक आएगा?तब सुनील बोला- बॉस तो आज बाहर डिनर करेंगे और रात को लेट आयेंगे।
सुमन के भी नीचे चिपचिपा हो रहा था तो वो भी नहाने चली गई और नहाकर उसने एक शार्ट नाइटी पहन ली।डिनर लेकर दोनों सोफे पे बैठ गए।
सुमन ने कॉफ़ी पहले ही फेंट कर रखी थी तो वो फटाफट बना लाई… पोर्न मूवी लगा दी उसने, जिसमें एक लड़की को दो आदमी चोद रहे थे। सुनील को बड़ा मजा आया मूवी में और उसका लंड फिर खड़ा हो गया था… उसने सुमन को अपनी गोद में बिठाया और नीचे से अपना लंड उसकी चूत में सरका प्रिया। वो उसके मम्मे भी चूस रहा था।
10 बजे करीब ऊपर आहट हुई, समीर आ गया था… पर न तो सुनील ने उसे बुलाने को कहा न ही वो खुद आया।
मन भर कर चूत चुदाई के बाद दोनों पति पत्नी लिपट कर नंगे सो गए… सुनील तो बहुत जल्दी खर्राटे लेने लगा।
पर सुमन को नींद नहीं आ रही थी… तभी उसके मोबाइल पर आधी रिंग आई, उसने देखा तो समीर का था, वो फोन लेकर बाथरूम में गई।समीर उसे बुला रहा था… जाना तो वो भी चाह रही थी पर सुनील… सुमन ने फ्रॉक डाली और दबे पांव जीना खोला… पीछे समीर खड़ा था… उसने चिपटा लिया सुमन को…दोनों पागलों की तरह चूमने लगे एक दूसरे को… समीर लुंगी में था, सुमन की फ्रॉक का तो पहनना और ना पहनना बराबर हो गया था इस समय!
समीर ने पूरी फ्रॉक उठा कर नीचे बैठ कर उसकी चूत चूसनी शुरू की… वो तो सुमन पहले ही वाशरूम से धोकर आई थी… दोनों से बर्दाश्त नहीं हो रहा था तो समीर उसे उठा कर बेड पर ले गया और एक फ़ास्ट सेक्स दोनों ने किया, क्योंकि सुमन को सुनील के जगने का डर था।
फ़टाफ़ट चूत चुदाई के बाद वो तुरन्त जीना लॉक कर के नीचे आई।सुनील कुनमुना रहा था- कहाँ चली गई थी?
सुमन बोली- किचन में सब फ़ैला पड़ा था, ठीक करके आई हूँ।
और वाशरूम में जाकर साफ़ करके आई… फेस भी धोया क्योंकि समीर ने चूमा चाटी में सब गन्दा कर प्रिया था।
बेड पर लेटते ही उसने सुनील का लंड पकड़ा जो तम्बू हुआ पड़ा था, लोलीपॉप बना कर चूस लिया।सुनील उसकी फ्रॉक उतार कर उसके मम्मों पर पिल गया और फिर चढ़ गया उसके ऊपर!
सुमन की चूत समीर के वीर्य से चिकनी तो हो ही रही थी, सुनील ने स्पीड से चूत चुदाई शुरु कर दी और पांच मिनट के बाद ही सारा माल सुमन की चूत में डाल प्रिया और उसके ऊपर ही लेट गया, उसने अपना लंड भी बहार नहीं निकाला।
सुमन को भी थकान हो रही थी, सुनील साइड में होकर लेट गया, सुमन भी ऐसे ही सो गई।
सुबह उठी तो देखा कि सारी बेड शीट गन्दी हो गई थी, हंसते हुए उसने सुनील का लंड दबाया और बोली- अब इससे ही धुलवाऊँगी बेड शीट!
नाश्ता करके सुनील और समीर ऑफिस चले गए।समीर कह कर गया था कि वो आज दिया को लेने जाएगा और परसों लौटेगा।
एक घंटे बाद ही समीर का फोन आया कि उसने किचन का कुछ सामान भेजा है तो सुमन उसे उसकी किचन में रखवा दे।
कहानी जारी रहेगी।support@mohakkisse.com