पुलिस सेक्स स्टोरी में मुझे और मेरी बहन दोनों को बीच पे अपने अपने शौहरों से नंगी चुदाई करते 2 पुलिस वालों ने पकड़ लिया. केस बनने से बचने के लिए हम दोनों बहनें उनसे चुदी.
मित्रो, मैं मानस आपको अपनी फैन अलीना और नगमा नाम की दो बहनों की पुलिस वालों से चुदने की सेक्स कहानी सुना रहा था.और यह सेक्स कहानी आप उन दोनों बहनों की कलम से ही सुन रहे थे.
आगे का रस भी आप नगमा और अलीना की जुबानी ही सुनें.
यारो, मैं अलीना और मेरी बहन नगमा हम दोनों एक साथ होटल के कमरे में दो पुलिस वालों के बिना कटे लौड़ों से चुदाई का सुख ले रही थीं.इसके पहले भागबीच पर चुदाई करती पकड़ी गयी पर्दानशीं बहनेंमें आपने अब तक पढ़ लिया था कि मोर मेरे साथ सेक्स की मस्ती में डूबा हुआ था.
अब आगे पुलिस सेक्स स्टोरी:
मोरे का सर भोसड़े पर दबाते हुए मैं बोली- चूस्ससओ मोरे साहब … उफ्फ्फ अहह हहह … और ज़ोर से काटो मेरा भोसड़ा मेरे मालिक आह.
बिना कुछ कहे वह मेरा मुँह चोदता रहा.एक हाथ से मेरे नंगे चूचे मसलते हुए घुंडियां भी मरोड़ दीं.
मेरा गोरा-चिट्टा पाकीज़ा बदन उस ज़ुल्म और हवस की निशानियों से लाल होने लगा.
एक-दूसरे के गुप्तांग चूस-चूसकर काफी गर्मा गए थे.मेरा भोसड़ा तो लौड़े की भीख मांगने लगा था.
तभी मैंने नगमा की चीख सुनी- आहह मार प्रिया भोसड़ी के!उसकी गूँज से कमरा थरथरा गया.मैंने मुड़कर देखा तो पाटिल का आधा लौड़ा नगमा के भोसड़े में घुस चुका था.
नगमा की टांगें उठाकर पाटिल ने फुद्दी को उस हैवानी लौड़े ने चीर फाड़ प्रिया था.
नगमा का गला दबाकर वह बोला- मां की लौड़ी, इतना क्यों चीख रही है? अभी तो बस आधा गया है, अब तो पूरा घुसाऊंगा रंडी!
नगमा के दर्द को नज़रअंदाज़ करते हुए पाटिल ने धक्कों की बरसात कर दी.हर धक्के से नगमा बिलख-बिलख कर रोने लगी.
उसके गीले भोसड़े में पूरा 8 इंच का लौड़ा अन्दर-बाहर होने लगा.नगमा की मदमस्त चूचियां चूसकर लाल-नीली हो चुकी थीं.
उसकी गोरी चमड़ी पर मर्द के पंजों के निशान साफ दिखने लगे.
उनकी चुदाई देख मोरे ने मुझे सोफे पर घोड़ी बना प्रिया और मेरा सर सोफे में धँसा प्रिया.सुबह-शाम बकरे का गोश्त खा-खाकर हम दोनों की गांड खरबूजों जैसी गदरा गई थी.
मेरे चिकने चूतड़ों पर ज़ोर का थप्पड़ मारकर मोरे ने गांड फैला दी और गांड का छल्ला थूक से गीला कर प्रिया.
वह अपने लंड का सुपाड़ा मेरी गांड के छल्ले पर रगड़ते बोला- जब से तुझे समंदर किनारे देखा था, तब से तेरी गांड मारने की सोच रहा हूँ रंडी … ले संभाल मेरा लौड़ा!
मेरी गदराई गांड की चर्बी मुट्ठी में भींचते हुए उसने पूरे जी-जान से लौड़ा घुसा प्रिया.बिना-कटा लौड़ा गांड के छेद के चिथड़े चिथड़े करते हुए अन्दर दाखिल हुआ.
गांड की चमड़ी फटने के दर्द से मैं चिल्लाने लगी … छटपटाने लगी.पर उस हैवान मोरे की चंगुल से निकलना इतना आसान नहीं था.
गालियां देते हुए मैं चिल्लाई- आह … मादरचोद ने फाड़ दी गांड … साले सुवर के चोदे रुक जा हरामी!
अपना पैर मेरे सर पर रखकर मेरा मुँह सोफे पर धँसाकर वह बोला- तेरे अम्मी की भोसड़ी … साली मादरचोद आज तो तेरा भोसड़ा भी फटेगा रंडी की औलाद!
उधर नगमा आपी का भोसड़ा चोदते हुए पाटिल बोला- शाबाश मेरे शेर, कल इनके शौहरों को पता चलना चाहिए कि ये दोनों रात भर रंडी जैसे चुदी हैं. फाड़ साली की गांड!मोरे दहाड़ता हुआ बोला- हा हा हा हा सही कहा, कल से इनके शौहर की लुल्ली कब अन्दर गई और कब बाहर आई, ये भी पता नहीं चलेगा इन रंडियों को!
मेरी गांड और नगमा का भोसड़ा पूरा फैला प्रिया था.मेरी गांड से तो खून निकल चुका था.मेरे चूचुकों को निचोड़ते हुए मोरे का लौड़ा मेरी गांड को बर्बाद करने पर तुला था.
हमारे पाकीज़ा बदन नोच-नोचकर उन लोगों ने हमें बाज़ारू रंडी बना प्रिया था.हमारी चुदाई की आवाज़ें कमरे के बाहर तक जा चुकी थीं.
नगमा की चुदाई रोककर पाटिल ने लौड़ा बाहर खींचा.भोसड़े का मुँह खुला का खुला रह गया.नगमा का भोसड़ा सबूत था कि वह 4-5 बार झड़ने का सुख ले चुकी है.
उसकी चूत रस से लौड़े पर सफेद लेप लगाकर उसे गोरा कर प्रिया.नगमा की लाल आंखों को देख उसकी हवस का अंदाज़ा लग रहा था.
पाटिल बोला- बस कर भोसड़ी के … कितनी गांड मारेगा इस रंडी की? अब तो मैं भी मज़ा लूँगा इस नूरानी गांड का!
दोस्ती का फर्ज़ निभाते हुए मोरे ने लौड़ा मेरी गांड से निकाल लिया और अचानक वह जोर-जोर से हंसने लगे.
उनकी हंसी देख मेरा ध्यान सामने लगे दर्पण पर गया.
मेरी लहूलुहान गांड का छेद खुला ही रह गया.
साले ने बंदर जैसी लाल गांड कर दी थी.नगमा मेरी बर्बाद गांड का छेद देखकर अपना भोसड़ा देखने लगी.
बिना देर किए पाटिल ने लौड़ा मेरी खुली गांड में घुसाया, मेरे बालों को मुट्ठी में भर खुले सांड की तरह चोदने लगा.कभी वह मेरी चर्बीदार गांड को थप्पड़ों से लाल करता तो कभी हवा में झूलती चूचियां निचोड़ता.
चूत रस से चिपचिपा लौड़ा गांड में फिसलने लगा.मैं भी मज़े ले-लेकर गांड उसके लौड़े पर पटकने लगी.
मेरा जोश देखकर पाटिल बोला- मोरे लगता है बड़ी आग लगी है इस कुतिया को. तू भी आजा, एक साथ चोदेंगे!
पाटिल ने बिना लौड़ा गांड से निकाले मुझे ऊपर उठाया और मेरा भोसड़ा मोरे के सामने पेश किया.रस भरी भोसड़ी देख मोरे ने झट से लौड़ा पेल प्रिया.
आगे से मोरे और पीछे से पाटिल … उछाल-उछाल कर वे दोनों मुझे उनके लौड़े पर पटक रहे थे.मेरे दोनों छेद उनके लौड़े पर ऐसे रगड़ने लगे कि मैं बेकाबू होने लगी.
जीवन में पहली बार मैं दो लौड़ों से एक साथ चुद रही थी.वह तो दारू और पुड़िया के न/शे का कमाल था कि मैं उन दोनों आठ आठ इंच के काले लौड़े झेल पा रही थी.
उन दोनों के लौड़े मेरी गांड और भोसड़ा ऐसे चोद रहे थे जैसे मैं सच में कोई बिकाऊ रंडी हूँ.उठा-पटक से मोरे का लौड़ा मेरे बच्चेदानी के अन्दर घुस चुका था.इस भयंकर चुदाई से मैं बार-बार झड़ रही थी.
मोरे सामने से मेरे दोनों निप्पल काट-काटकर चूस रहा था तो पाटिल मेरी गोरी पीठ पर काट रहा था.
पुलिस सेक्स के आनन्द से मैं लगातार रस झाड़ रही थी.अब तो मेरा मूत भी नीचे ज़मीन पर गिरने लगा.बेशक मेरी गांड और चूत की दीवारें घिस-घिसकर छिल चुकी थीं और जलने लगी थीं.
मुझे मूतता देख मोरे बोला- आ जा नगमा, देख तेरी बहन कैसे मूत रही है. पी ले इसका मूत साली हिजड़े की बेगम!
नगमा तो मोरे की गुलाम बन चुकी थी.हमारे नीचे आकर उसने मेरा टपकता मूत पीना चालू कर प्रिया.
बीच-बीच में पाटिल मेरी गांड से लौड़ा निकाल कर नगमा के मुँह में देता तो वह भोसड़ी की उसे भी चूस लेती.
मोरे और पाटिल के काले आंड बड़े चाव से मुँह में लेकर खाती नगमा उनकी गांड तक ज़ुबान घुमाती.
मैं हैरान थी.हमारे शौहर मुश्किल से 10 मिनट टिक पाते पर ये दोनों पिछले आधा घंटा से हमें पटक-पटक कर चोद रहे थे.
अब मुझे आपी की बात पर पूरा यकीन हो गया कि बिना कटे लौड़े सच में ज्यादा मज़ा देते हैं.
पुलिस वाले वैसे भी बड़े ताकतवर होते हैं.मैं तो पूरी चटनी के जैसे पिस सी चुकी थी दोनों में बीच में.
तभी पाटिल बोला- रुक मोरे, मेरा निकलने वाला है. आज इसकी नूरानी गांड में मूतूँगा!
मोरे ने लौड़ा बाहर निकाल कर मुझे पाटिल के हवाले किया.सोफे पर कुतिया बनाकर पाटिल पलंगतोड़ चुदाई करने लगा.
अचानक मेरे दोनों चूचे बुरी तरह भींचते हुए पाटिल मेरी गांड में झड़ने लगा.
मेरी ज़ख्मी गांड में उस गर्म वीर्य की बरसात के कामसुख ने मुझे फिर एक बार झड़ने के लिए मजबूर कर प्रिया.
झड़ने के बाद पाटिल ने अपना वीर्य से सना लौड़ा मेरे मुँह में घुसाकर कहा- ले हिजड़े की बेगम, चूसकर साफ कर लौड़ा!
मेरी गांड से निकला लौड़ा मैं ही चूसने लगी.नगमा ने भी मेरी मदद करते हुए लौड़ा और आंड जीभ से साफ कर दीं.
मेरे दोनों छेदों को बर्बाद करके वे दोनों अब नगमा पर झपट पड़े.शराब और पुड़िया के न/शे में बहकी नगमा पालतू सड़कछाप लावारिस कुतिया के जैसे उन दोनों के लौड़े चूसने लगी.
नगमा के मुँह पर थूकते हुए मोरे ने कहा- कितना चूसेगी हरामज़ादी? चल अब मुझे भी लेने दे तेरी गांड के मज़े!
पाटिल हंसते हुए बोला- ये तो पूरी रंडी बन चुकी है, चल इसको बेड पर लेकर चलते हैं, वहीं चोदेंगे साली को!नगमा को घसीटते हुए पाटिल बेड पर ले गया और उसे नर्म गद्दे पर पटक प्रिया.
नगमा को कुतिया बनाकर पाटिल ने लौड़ा उसके मुँह में ठूँस प्रिया.उसकी मांसल गदराई गांड पर थप्पड़ मारते हुए मोरे ने लौड़ा आपी के भोसड़े में आर-पार घुसेड़ प्रिया.
पाटिल का लौड़ा हलक तक घुसने से वह बेचारी चीख भी ना सकी.
नगमा का नूरानी बदन किसी खिलौने की तरह इस्तेमाल करते हुए दोनों आगे-पीछे से उसकी चुदाई करने लगे.
नगमा के 44 इंच बड़े चूतड़ों पर थप्पड़ मार-मार कर मोरे ने उनको लाल कर प्रिया.गोरी गांड पर पटकती जांघें थप-थप की आवाज़ें निकालने लगीं, चर्बीदार गांड पर सलवटें पड़ने लगीं.
नगमा के थूक से चमकता पाटिल का लौड़ा तनकर पहले से ज्यादा खूँखार दिख रहा था.
गुलाम रंडी जैसी चुदवाती नगमा को देख मेरे भोसड़े में भी हलचल होने लगी.
कुर्सी पर नंगी बैठकर मैंने अपनी टांगें खोलीं और अपना भोसड़ा रगड़ने लगी.
दो साँडों की घमासान चुदाई से मेरी चूत सूज गई थी.अब भी भोसड़े का मुँह खुला ही था.
नगमा की थिरकती गांड देख मोरे बोला- मेरी रांड क्या खूब मज़े लेकर चुद रही है तू कुतिया, पाटिल … तू भी चोद इस हरामज़ादी की गांड!
भोसड़े से लौड़ा बाहर निकाल कर वह बिस्तर पर लेट गया- आ जा नामर्द सूअर की बेगम आज तुझे जन्नत की सैर करवाता हूँ!
मोरे की गुलाम रंडी नगमा झट से उसके जांघों पर बैठी.खुद अपने हाथों से उसने मोरे का लौड़ा अपने भोसड़े में घुसवा लिया.
लौड़े पर घुड़सवारी करती नगमा उछल-उछल कर चुदवाने लगी.मोरे उसकी हवा में लहराती चूचियां निचोड़ने लगा.
मुझे भोसड़ी सहलाते देखकर पाटिल मुस्कुराते आपी के पीछे चला गया.नगमा की गांड सहलाते वह बोला- रुक जा छिनाल, अब मेरा लौड़ा भी ले अपनी गांड में!
नगमा को मोरे पर झुकाकर उसने लौड़े की खाल पीछे की, थूक से चमकता सुपाड़ा गांड के छेद पर दबाया.
पाटिल ने हल्के से धक्का प्रिया तो बिना कोई दिक्कत सुपाड़ा गांड में पेवस्त हो गया.मुझे ये समझते देर नहीं लगी कि नगमा किसी और से भी अपनी गांड चुदवा चुकी है.
गांड को थपथपा कर पाटिल बोला- वाह रे छिनाल, लगता है तेरी मस्तानी गांड पहले ही चुद गई है. तेरे शौहर का तो काम नहीं लग रहा मुझे?
नगमा रंडी जैसे बोली- सही पहचाना साहब … गांड मरवाना हराम लगता है उसे. बस मिला था एक आपके जैसा चोदू .. तो उसी से फड़वा ली थी अपनी कुँवारी गांड मैंने!
ये सुनकर पाटिल ने अपने धक्के तगड़े कर दिए.उसका मर्दाना लौड़ा भकाभक गांड की धुनाई करने लगा.
नगमा की चूत और गांड एक साथ हलाल होने लगी.मेरी हवसखोर बहन गांड हिला-हिलाकर लौड़े निगलने लगी.
मोरे भी नगमा के होंठ और चूचियां काट-काटकर पीने लगा.
‘आअह उफ्फ आहह मर गई अम्मी.’मीठे दर्द से सिसकती हुई नगमा सुध-बुध खोकर चुदाई में शामिल हो गई.
उन दोनों ठुल्लों ने नगमा के भोसड़े और गांड का छेद पूरा फैला प्रिया था.
उनके चमड़ी वाले लौड़ों की ताकत देख मुझे तो नोमान के 6 इंच के लुल्ली से नफरत होने लगी.
आज तक सिर्फ दो उंगलियां खाने वाली मेरी भोसड़ी 4 उंगलियां भी आराम से निगल गई.
मुझे मस्ती में देख पाटिल बोला- ओये कुतिया, वह बोतल लेकर आ इधर!
एक गुलाम रंडी के जैसे मैं शराब की बोतल लेकर उसके पास गई.दो घूँट नीट दारू पीकर उसने बोतल मेरे मुँह में दबा दी.
न/शे का जोर इतना था कि मैंने भी ताव में आकर 4-5 घूँट चढ़ा लिए.मुझे लड़खड़ाती देख पाटिल ने मुझे पकड़ा और चूमते हुए मेरे मुँह पर थूक प्रिया.
मेरे बाल पकड़ कर मेरा मुँह अपनी गांड में दबाकर वह बोला- मेरी भी गांड चाट दे रंडी साली मादरचोद!
बेतहाशा न/शे में मैंने जीभ उसके पसीने की बदबू से महकती गांड पर लगा दी.दो कौड़ी की रंडी बन मैं उसकी काली गांड और आंड चाटने लगी.
नीचे से मैं देख रही थी कैसे उनके हैवानी लौड़े नगमा की गांड और चूत में घुसे थे.ऐसी चुदाई तो ना कभी मेरी हुई, ना कभी नगमा की.भयंकर चुदाई से वह चिल्ला-चिल्लाकर झड़ रही थी.
ना जाने कितनी बार उसकी चूत का झमझम मोरे के लौड़े पर बह चुका था.चुदाई की मौज में नगमा गांड उठा-उठाकर चुदवा रही थी.
मेरे और नगमा का भोसड़ा आज मोरे के लौड़े से चुदवाकर पूरा खुल गया था पर अब उसके धक्के कमज़ोर पड़ने लगे.
एक लंबी चुदाई के बाद वह चिल्लाया.नगमा के बच्चेदानी में सुपाड़ा दबाकर वह बोला- ले रंडी की औलाद आज तुझे मेरे बच्चे की अम्मी बना दूँगा मादरचोद!
नगमा के भोसड़े को लबालब भरकर बाहर आने लगा.उसके काले आंड और पेट पर जमा होता वीर्य देखकर मेरे मुँह में पानी आ गया.पाटिल ने अब नगमा को बिस्तर पर लिटाया और झट से मेरा लौड़ा नगमा के भोसड़े पर दबा प्रिया.
पाटिल गुस्से में बोला- ले अलीना, देख कैसे तेरी बहन का भोसड़ा चमक रहा है. तेरे नामर्द शौहर से भी ऐसे ही तेरे भोसड़े का साफ करवाऊंगा!
हवस और शराब के न/शे में आज पहली बार मैं अपनी बड़ी बहन का भोसड़ा चाट रही थी.
आश्चर्य की बात तो ये थी कि नगमा भी मेरा सर उसके भोसड़े में दबा रही थी और खुद मोरे का वीर्य से भीगा लौड़ा चूस रही थी.चुदाई के बाद मोरे सोफे पर बैठ दारू पीने लगा.
पाटिल ने मुझे धक्का देकर नगमा पर लिटा प्रिया.आज पहली बार हम दो बहनों के नंगे बदन आपस में चिपके हुए थे.
फिर पाटील ने बिना रहम किए लौड़ा घुसा प्रिया मेरे भोसड़े में.‘आअ ह्ह्ह्ह’ की आवाज़ से मैंने उसके लौड़े का स्वागत किया.
तभी मेरी और नगमा की नज़रें मिलीं.
मेरा मुँह नगमा के होंठों पर दबाते हुए बोला- चूसो रंडियो एक दूसरे के होंठ … और आज पूरा मज़ा लो!
नगमा हवस में अंधी होकर मेरे होंठ चूसने लगी.हमारे भरे हुए गुब्बारे एक-दूसरे पर पिस गए थे.
पाटिल के निर्दयी धक्कों से पूरा पलंग हिलने लगा था. हम बहनों के बदन एक-दूसरे पर घिसने लगे.
नगमा और मेरी चुत का दाना आपस में रगड़ने से अलग ही मज़ा आने लगा.
अचानक मेरे भोसड़े से लौड़ा निकाल कर उसने नगमा के भोसड़े में पेलकर कहा- तू भी ले मेरे लौड़े का स्वाद मां की लौड़ी!
नगमा के ऊपर झुकने से मेरी गांड का छेद उसके सामने था.गांड में अंगूठा घुसाकर वह नगमा की ताबड़तोड़ चुदाई करने लगा.
चुदाई का मज़ा लेती नगमा मेरे दोनों आम बारी-बारी चूसने लगी.
मैंने भी चूचुक उसके मुँह में दे दिए और उसका सर मेरे चूचियों पर दबा लिया.
हम बहनों की हवस देख मोरे बोला- देख ये मादरचोद बुरके वाली रंडियां कैसे बहन-बहन मिलकर चुद रही हैं छिनाल साली!पाटिल भी हंसते हुए बोला- अबे आज तो जुम्मा है. इनके गांडू शौहर अब सोमवार से पहले जेल से कहां छूटने वाले हैं?
खुशी से झूमकर मोरे बोला- अरे हां बे ये तो मुझे याद नहीं रहा. सोमवार तक इनको ऐसे चोदेंगे कि उन नामर्दों की लुल्ली इनके किसी काम की नहीं बचेगी.
बात तो सही थी, पर अब हमें भी कोई फिक्र नहीं थी हमारे शौहरों की.पाटिल और मोरे के 8 इंच लंबे और 3 इंच मोटे लौड़ों से चुदवाने के बाद मैं तो अब सच में रंडी बनने को तैयार थी.नोमान तो अब मुझे कोई नामर्द लगने लगा और उसकी लुल्ली से घिन आने लगी.
पाटिल बारी-बारी से मेरा और नगमा का भोसड़ा अपनी हवस मिटाने के लिए इस्तेमाल करता था.हम दोनों बहनों की लाज-शर्म न/शे की हालत में हवा हो गई थी.एक-दूसरे के स्तन-चूचुक काट-काटकर चूसते हुए हमारे भोसड़े भलभलाकर मूत रहे थे.
मेरे स्तन मुट्ठी से भींचते हुए उसने हुंकार भरी- आआ ह्ह्ह मादरचोद अलीना आआ ले हिजड़े की पैदाइश अह .. ले!
मुझे कुछ पता चलने से पहले गर्मा-गर्म वीर्य से मेरी बच्चेदानी लबालब भर गई.पहले मेरी गांड को अपनी वीर्य से सींचने के बाद अब वे मेरे भोसड़े में भी अपना बीज बोने लगा.
उसके वातानुकूलित कमरे में भी हम तीनों का बदन पसीना-पसीना हो चुका था.
पूरा वीर्य भोसड़े में निकालने के बाद नगमा को नीचे घसीटा.नगमा का मुँह मेरी चूत पर आते ही उसने अपना लौड़ा बाहर निकाला.
पाटिल का वीर्य उसके मुँह पर टपकने लगा.मैंने जान-बूझ कर भोसड़ा नगमा के मुँह पर दबाया.मादरचोद रांड नगमा मेरे फटे भोसड़े में जीभ घुसाकर वीर्य खाने लगी.
पता नहीं कैसे मेरे मुँह से निकला- ले हरामन चूस के साफ कर अपनी छोटी बहन का भोसड़ा … आने दे तेरे नामर्द शौहर को, उसे भी मूत पिलाऊंगी बहनचोद!
मेरे भोसड़े को चाटती हुई नगमा बोली- हां री मेरी रांड बहना, अब तो उन दो नामर्दों को मिलकर मूत पिलाना पड़ेगा!
हमारी बातें सुनकर खुशी से पाटिल बोला- पता नहीं किस गंदे नाली की पैदाइश हैं दोनों … लगता है तुम्हारी अम्मी ने भी बहुत लौड़ों से चुदवाकर तुमको पैदा किया है!
खिलखिलाकर हंसते हुए मोरे बोला- अरे ये कुतिया अपने मामा के लड़के से चुद रही थीं. मुझे तो लगता है इनकी अम्मा सगे भाई का लौड़ा भी लेती होंगी!
वहशी दरिंदों से अपनी गांड और चूत का भोसड़ा बनवाने के बाद मैं पाटिल के और आपी मोरे की बांहों में वैसे ही नंगी सो गई.
सुबह उठकर मैंने अपना और नगमा का हुलिया देखा. पूरा बदन रगड़ने से लाल हो चुका था.
चुदाई की निशानियां देख मैं तो सच में अपने-आप को रंडी समझ बैठी.
सप्ताहांत होने से दो दिन तक कोर्ट बंद रहा और हमारे नामर्द शौहर भी जेल में कैद हो गए.हमारी हवस ऐसे बढ़ गई थी कि हमने अगली ही रात समंदर किनारे खुले में चुदवा लिया और पुलिस सेक्स का मजा लिया.
अगले दो दिन और दो रातें हम पाटिल और मोरे की रखैल बनकर चुदीं.शराब और न/शे में हमारी भरी जवानी लुटती रही.
जैसे-तैसे छूटकर हम वापस मुंबई आ गईं तो पता चला कि दोनों बहनें पेट से हैं.हमारे शौहर तो खुशी से झूम रहे थे.पर आपी और मैं इस सोच में थे कि होने वाले बच्चे का बाप पाटिल है या मोरे?
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