पोर्न सिस्टर सेक्स कहानी में मेरी मौसी की बेटी मेरी दोस्त थी. एक बार मैं उनके घर गया तो उसने मुझे लहंगा दिलवाने को कहा. फिर उसने अंडरगारमेंट्स भी लिए. तब मैं उससे खुल गया.
दोस्तो, मेरा नाम सुजीत है और मेरी उम्र 30 साल है.आज मैं आपको एक सच्ची सेक्स कहानी सुनाने जा रहा हूँ.
यह पोर्न सिस्टर सेक्स कहानी कुछ वर्ष पहले की है.मेरी मौसी की एक लड़की थी, जिसका नाम काजल था.
उस समय वह बी.ए. प्रथम वर्ष की छात्रा थी.मेरी अक्सर उससे बातचीत होती रहती थी.
एक बार की बात है, मैंने फोन पर काजल से कहा- मैं घर आने वाला हूँ. बताओ, तुम्हें क्या चाहिए?काजल ने जवाब प्रिया- मेरी सहेली के भाई की शादी है. इस बार आपको मुझे लहंगा दिलवाना पड़ेगा.
मैंने कहा- ठीक है. इस बार जब आऊंगा, तो तुम्हें लेकर मार्केट चलूंगा. तुम अपनी पसंद का खरीद लेना.वह खुश हो गई.
छुट्टियों में मैं मौसी के घर गया और शाम को काजल को लेकर कपड़े लेने चला गया.
काजल बोली- कपड़े आप दिलवा रहे हैं, तो आप अपनी पसंद का ही दिलवा दीजिए.मैंने कहा- ठीक है.
मैं एक लाल रंग का लहंगा पसंद किया.काजल को भी वह पसंद आ गया.
काजल ने चेक करने के बाद ओके कह प्रिया तो मैंने उसके लिए वह लहंगा खरीद लिया.
फिर हम दोनों अंडरगारमेंट्स की दुकान के सामने पहुंचे.
मैंने काजल से कहा- यह भी अपनी पसंद से ले लोगी या मेरी पसंद का ही पहनोगी?यह सुनकर वह शर्मा गई और नज़रें नीचे करके बोली- आप मेरा बहुत मज़ा ले रहे हैं.
मैंने कहा- मज़ा तो तुम्हारा कोई किस्मत वाला ही लेगा. खैर … अभी यह बताओ कि तुम्हारी साइज़ क्या है?वह बोली- जब आप अपनी पसंद का ले रहे हैं, तो साइज़ भी खुद ही सोच लीजिए. मैं नहीं बताऊंगी.मैं दुकान में गया और मैंने 34 नंबर की लाल रंग की ब्रा और पैंटी ले ली.
इसके बाद हम दोनों ने एक रेस्टोरेंट में खाना खाया और घर की तरफ चल दिए.तब तक अंधेरा हो चुका था और रास्ते में हल्की-हल्की बारिश होने लगी.
काजल ने कहा- भैया कोई जगह देखकर रुक जाइए, नहीं तो हम लोग भीग जाएंगे.मैंने रास्ते में एक दुकान के पास गाड़ी रोक दी.
वह दुकानदार दुकान बंद करके घर जा चुका था और बारिश अब तेज़ होने लगी थी.
बात शुरू करने के लिए मैंने काजल से कहा- मैंने 34 नंबर की ब्रा और पैंटी लाल रंग की ली है. यही तुम्हारी साइज़ है ना?वह बोली- आपको कैसे पता कि मेरी यही साइज़ है?
मैंने जवाब प्रिया- मेरी नज़र है. ऊपर से देखकर ही अन्दर का अंदाज़ा लगा लेती है.यह सुनकर वह हंस दी और बोली- तब तो आपसे बचकर रहना पड़ेगा.
मैंने कहा- पर बच नहीं पाओगी.वह मुझे देख कर मुस्कुराने लगी.
फिर मैंने पूछा- लहंगा पसंद तो है ना तुम्हें?काजल बोली- हां, बहुत पसंद आया. पर मेरा लहंगा आपको महंगा पड़ गया … है न!
मैंने कहा- वह तो है, पर एक चुम्मा दे दोगी, तो कीमत वसूल हो जाएगी.
काजल बोली- अच्छा … तो आपको लहंगा के बदले चुम्मा चाहिए? हिम्मत है लेने की?मैंने कहा- हिम्मत तो बहुत कुछ लेने की है.
फिर मैंने उसे अपनी तरफ खींचा और उसके चेहरे को अपने हाथों में लेकर उसके होंठों को अपने होंठों से चूसने लगा.
जब मैंने उसे छोड़ा, तो वह बोली- घर चलिए. मैं मम्मी से आपकी शिकायत करूँगी.
मैंने पूछा- क्या कहोगी?वह बोली- यही कि आपने मेरा चुम्मा लिया है.
मैंने उसका हाथ पकड़ कर दोबारा पूछा- सच में कहोगी?वह बोली- पागल हैं क्या … ऐसी बात किसी से कही जाती है?
मैंने कहा- जानता हूँ, पर तुम्हारे लिए पागल हूँ. आई लव यू.काजल ने भी कहा- आई लव यू टू.
उसने मुझे बांहों में भरकर मेरे सीने पर अपना सिर रख प्रिया.
फिर मैंने उसके चेहरे को पकड़ कर दोबारा उसके होंठों को चूसना शुरू किया.इस बार वह भी मेरा साथ देने लगी.
कुछ देर बाद मैंने उसे पलटा कर पीछे से अपने सीने से लगाया और अपने दोनों हाथों से उसकी दोनों चूचियों को साड़ी के ऊपर से दबाते हुए कहा- आई लव यू एंड आई वांट टू गेट यू!
वह भी मेरी बात से सहमत थी और बार-बार ‘आई लव यू टू डिअर और मुझे भी आपका प्यार चाहिए … आई लव यू!’ बोलने लगी.
जब वह यह बोलने लगी तो मैं समझ गया कि इसकी चूत लंड के लिए भभक रही है.फिर वह बोली- भैया, बारिश बंद हो गई है और देर भी हो रही है. चलिए, घर चलते हैं.
मैंने कहा- ठीक है.मैं उसे लेकर घर आ गया.
रास्ते में मैंने काजल को समझा प्रिया था कि कल शादी में घर से कह कर निकलेंगे कि सुबह आएंगे, लेकिन जयमाल के बाद खाना खाकर चले आएंगे और किसी होटल में रुकेंगे. सुबह घर लौट आएंगे.काजल ने कहा- ठीक है, जैसी आपकी मर्ज़ी!
अगले दिन उसकी सहेली के भाई की शादी थी. शाम को काजल तैयार होकर मेरे सामने आई और पूछा- कैसी लग रही हूँ?मैंने कहा- बहुत खूबसूरत.
मैं उसे साथ लेकर शादी में चला गया, जो मैरिज हॉल में हो रही थी.
जयमाल के बाद खाना खाकर मैं काजल के साथ वहां से निकल आया और उसे लेकर एक होटल में चला गया जहां मैंने पहले से ही एक रूम बुक किया था.
काजल को कमरे के अन्दर लाकर मैंने दरवाज़ा अन्दर से बंद कर प्रिया.
फिर उसके हाथों को अपने हाथों में लेकर उसे अपने सीने से लगा लिया और उसके होंठों को अपने होंठों से चूसते हुए उसे बिस्तर की तरफ ले गया.
मैंने उसे बेड पर लिटा प्रिया और उसके ऊपर चढ़कर उसके नाज़ुक, गुलाब की पंखुड़ियों जैसे होंठों से उसकी जवानी का रस चूसने लगा.
थोड़ी देर बाद मैंने अपनी जीभ काजल के मुँह में डाल दी.काजल मेरी जीभ को चूसने लगी.
फिर काजल ने अपनी जीभ मेरे मुँह में डाल दी और मैं उसकी जीभ को चूसता रहा.
कुछ देर बाद मैं उठकर बैठ गया और काजल से कहा- मेरी जांघों पर आकर बैठो.काजल मेरी जांघों पर मेरी तरफ मुँह करके बैठ गई.
मैंने काजल को अपनी बांहों में कसकर भर लिया.काजल ने भी मुझे अपनी बांहों में कसकर भर लिया.उसकी नर्म चूचियां मेरे सीने को दबाने लगीं.
मैंने काजल के चेहरे को अपनी दोनों हथेलियों में भर लिया और उसकी आंखों में देखते हुए कहा- आई लव यू काजल. वह भी मुझे ‘आई लव यू टू’ बोलने लगी.
इसके बाद मैंने उसके चेहरे पर चुम्बनों की बौछार कर दी.वह भी मुझे चूमने लगी.
कुछ देर बाद जब मैंने उसे छोड़ा, तो उसकी आंखें एकदम नशीली हो गई थीं और उसकी सांसें तेज़ चलने लगी थीं.मैंने काजल से कहा- काजल, अब तुम्हारी बारी है.
तब काजल ने मेरे चेहरे को अपने दोनों हाथों में लेकर मेरे चेहरे पर अपने नर्म, नाज़ुक होंठों से चुम्बनों की बौछार कर दी.
मैं उसकी पीठ को अपने दोनों हाथों से सहलाते हुए बोल रहा था- काजल आज मैं तुम्हें पाना चाहता हूँ मेरी जान!
काजल भी राजी थी.
कुछ देर बाद काजल ने मेरे होंठों को अपने होंठों में लेकर चूसना शुरू कर प्रिया.मैंने भी काजल को कसकर अपनी बांहों में भर लिया और चुम्बन में उसका साथ देने लगा.
कुछ देर बाद जब हम अलग हुए, तो हम दोनों की सांसें बहुत तेज़ चल रही थीं.
काजल ने मुझसे कहा- कुछ हो रहा है जान!तब मैंने उसे अपने सीने से लगाते हुए कहा- जानता हूँ … मुझे भी हो रहा है. आज हमारी सुहागरात है ना?
तब काजल हंस कर बोली- सुहागरात तो है, पर आपने तो मुझे अभी अपनी दुल्हन बनाया नहीं. मेरी मांग तो अभी भी खाली है.
मैंने पास में पड़े काजल के पर्स से लाल रंग की लिपस्टिक निकाली और उसकी मांग में लगा दी.
फिर काजल से बोला- अब ठीक है ना? अब तो मेरी दुल्हन बन गई ना?काजल ने कहा- अब से मैं आपकी दुल्हन हूँ.
मैंने काजल से कहा- अब तो तुम्हें चोदने का लाइसेंस मिल गया है ना?वह ‘धत्त पागल’ कहती हुई मेरे सीने से लग गई.
मैंने काजल के सिर को अपने दोनों हाथों में लिया और उसके माथे पर एक चुम्बन लेते हुए कहा- आई लव यू, काजल.उसने भी मुझे ‘आई लव यू’ बोला.
उसके बाद मैंने उसकी चोली उतार दी.अब काजल मेरे सामने लाल रंग की प्रिंटेड पारदर्शी ब्रा में थी, जो मैंने कल खरीदी थी.
मैंने काजल की पीठ को सहलाते हुए उसकी ब्रा का हुक खोलकर उसे भी उतार प्रिया.
अब काजल की संतरे जैसी दोनों चूचियां बिल्कुल आज़ाद थीं.मैंने काजल को अपनी जान को बिस्तर पर पीठ के बल लिटा प्रिया.
इसके बाद मैंने भी अपना कुर्ता, बनियान और पैंट उतार दिए और अंडरवियर में आ गया.
मैं फिर से काजल के ऊपर लेट गया और उसकी बायीं चूची की निप्पल को अपने मुँह में लेकर चूसने लगा, साथ ही दाहिने हाथ से उसकी दाहिनी चूची की निप्पल को मसलने लगा.
वह धीरे-धीरे ‘आह मेरी जान …’ बोलने लगी.कुछ देर बाद मैंने उसकी दाहिनी चूची की निप्पल को मुँह में लिया और बायीं चूची को हाथ से मसलने लगा.
चिकनी चाची के साथ मस्ती- 2
काजल मादक आहें भरती हुई कह रही थी- आह खा जाओ मेरे दोनों कबूतर आह.
काजल की दोनों चूचियों को कुछ देर तक चूसने और मसलने के बाद मैं उसके पेट को चूमते हुए उसकी नाभि को चूमने और चाटने लगा.
काजल अपने दोनों हाथों से मेरे सिर को सहलाती हुई मुझे अपनी चूत की तरफ खींचने की कोशिश कर रही थी.
इसके बाद मैंने एक बार फिर काजल के चेहरे को कुछ देर तक चूमा और उसके बगल में पीठ के बल लेट गया.
मैंने कहा- जान अब तुम्हारी बारी.
काजल मेरे ऊपर आ गई और मेरे चेहरे को कुछ देर तक चूमा.
फिर मैंने उससे अपने निप्पल को चूसने को कहा.उसने मेरी बायीं चूची की निप्पल को अपने मुँह में लेकर चूसना शुरू किया.
थोड़ी देर बाद वह मेरी दाहिनी चूची की निप्पल को भी चूसने लगी.फिर उसने मेरे सीने और पेट पर चुम्बनों की बौछार कर दी.
इसके बाद मैंने काजल से मेरा अंडरवियर उतारने को कहा.उसने मेरे पैरों के पास आकर मेरा अंडरवियर उतार प्रिया.
मेरा लंड एकदम टाइट अवस्था में उसके सामने खड़ा था.मैंने काजल से उसे सहलाने को कहा तो उसने अपने दाहिने हाथ से मेरे लंड को धीरे-धीरे सहलाना शुरू किया.
फिर मैंने काजल से अपने लंड को चूसने के लिए कहा तो पहले उसने मना किया लेकिन जब मैंने उसे अपनी कसम दी तो वह तैयार हो गई.
मैंने अपने दाहिने हाथ से अपने लंड की चमड़ी को पीछे किया तो काजल ने मेरे सुपारे पर अपनी जीभ रखकर चाटना शुरू किया.
मैंने उससे लंड को मुँह में लेने को कहा.उसने मेरे लंड का अगला भाग अपने मुँह में लेकर चूसना शुरू कर प्रिया.
मैं काजल के सिर को अपने हाथों में लेकर सहला रहा था.कुछ देर तक काजल को अपना लंड चुसाने के बाद मैंने कहा- जान, ऊपर आओ.
तब काजल मेरे लंड को छोड़ कर मेरे ऊपर आ गई.मैंने उसे अपनी बांहों में भर लिया और उसके होंठों पर अपने होंठ रखकर चूसने लगा.
उसके होंठों को चूसते हुए मैंने करवट बदलकर उसे नीचे किया और खुद उसके ऊपर आ गया.मैं फिर से उसके पूरे चेहरे को चूमने लगा.इसके बाद उसके गले और कंधों को चूमते हुए उसकी दोनों चूचियों को बारी-बारी चूमा और नीचे की तरफ उसके पेट को चूमते हुए उसके लहंगे तक पहुंच गया.
मैंने काजल से कहा- जान तुम्हारा लहंगा उतार दूँ?उसने मेरी तरफ देखकर मुस्कुराते हुए हां में इशारा किया.
मैंने लहंगे की डोरी खोलकर दोनों हाथों से काजल का लहंगा उतारना शुरू किया तो उसने भी अपनी कमर उठा दी.मैंने लहंगा उतार प्रिया.
अब काजल मेरे सामने लाल रंग की प्रिंटेड पारदर्शी पैंटी में लेटी हुई थी.
मैंने अपने दाहिने हाथ को काजल की बुर के ऊपर पैंटी पर फिराया तो काजल ने आंखें बंद करके एक मादक आह भरी.
फिर मैंने काजल की पैंटी भी उतार कर उसे पूरी तरह नंगी कर प्रिया.
अब मैंने काजल की दोनों टांगों को हल्का-सा फैलाया और अपने होंठों को काजल की बुर के ऊपर रखकर एक चुम्मा लिया.काजल के मुँह से एक सीत्कार निकल गई.
इसके बाद मैंने अपनी जीभ को काजल की बुर के अन्दर डालकर चाटना शुरू किया.काजल मेरे सिर को पकड़ कर चूत पर दबाती हुई बोलने लगी- आह सक इट आह … आई लव यू जान!
कुछ देर तक उसकी बुर को चाटने के बाद मैं उसके दोनों टांगों के बीच में बैठ गया और लंड पर हल्का सा थूक लगाते हुए उससे बोला- मेरी जान मेरा लंड खाकर कली से फूल बनने के लिए तैयार हो न … मेरा लंड आज तुम्हें लड़की से औरत बनाना चाहता है. क्या बनने के लिए तैयार हो?काजल ने सिर हिलाकर इशारा किया और बोली- हां तैयार हूँ.
मैंने अपने लंड के सुपारे को काजल की बुर के छेद पर सैट कर हल्का सा धक्का लगाया.मेरे लंड का सुपारा काजल की बुर के छेद में फँस गया.
मैंने टीवी पर चल रहे गाने की आवाज़ को थोड़ा तेज़ किया और दोनों हाथों से काजल के दोनों कंधों को दबा प्रिया.फिर ‘आई लव यू’ बोलते हुए मैंने अपने लंड पर दबाव बनाया.
मेरा लंड काजल की बुर को चीरते हुए अन्दर तक धँस गया.
काजल के मुँह से एक चीख निकल गई और वह मेरे नीचे छटपटाने लगी, छूटने का प्रयास करने लगी.मैंने उसे कसकर अपने नीचे दबा लिया.
तब वह बोली- भइया, प्लीज़ बाहर निकालिए. बहुत दर्द हो रहा है, नहीं तो मैं मर जाऊंगी.मैंने उसे दबाए हुए ही कहा- थोड़ी देर दर्द सह लो मेरी जान. दर्द अपने आप खत्म हो जाएगा.
कुछ देर बाद जब काजल का दर्द कम हुआ तो उसने मुझे कसकर बांहों में भर लिया और नीचे से अपनी कमर हिलाने लगी.
ऊपर से मैं भी धीरे-धीरे अपना लंड उसकी बुर में अन्दर-बाहर करने लगा.
अब मैंने उससे पूछा- कैसा लग रहा है?इस पर वह कराहती हुई आवाज में बोली- अच्छा लग रहा है.
चूंकि मैं पहले भी कई लड़कियों को चोद चुका था इसलिए मैं आराम से काजल को चोद रहा था.वह मादक आहें भर रही थी.
कुछ देर बाद वह झड़ गई और मुझसे बोली- अब बस करो!
तब मैं तेज़ी से काजल को चोदने लगा.करीब तीस पैंतीस धक्के और लगाने के बाद और तेज़ी से चोदने के बाद मैंने अपना वीर्य काजल के अन्दर ही निकाल प्रिया.
झड़ने के बाद मैं काजल के बगल में लेट गया.काजल मेरे सीने पर अपना सिर रखकर लेट गई.
मैं उसके सिर को सहलाते हुए बोला- मेरी जान, आज तुम्हारी सील तोड़कर तुम्हें औरत बना प्रिया. बताओ, सुहागरात की पहली चुदाई कैसी लगी?काजल बोली- अच्छी लगी, पर दर्द भी हुआ.मैंने कहा- अब कभी दर्द नहीं होगा, मेरी जान.
थोड़ी देर बाद मैंने काजल से फिर से अपने लंड को चूसने के लिए कहा.
वह मेरे पैरों के पास आकर बैठ गई और अपने हाथ में मेरा सोया हुआ लंड पकड़कर चूसने लगी.
कुछ देर बाद मेरा लंड धीरे-धीरे खड़ा होने लगा और फिर से अपनी पूरी ताकत में खड़ा हो गया.
अब मैंने काजल को डॉगी स्टाइल में कर प्रिया और पीछे से उसकी बुर में अपना लंड डालकर उसकी कमर पकड़ कर चोदने लगा.
कुछ देर तक डॉगी स्टाइल में चोदने के बाद मैंने अपना लंड उसकी बुर से बाहर निकाला और खुद पीठ के बल लेट गया.मैंने काजल को अपने ऊपर आने का इशारा किया.
काजल ने अपनी दोनों टांगों को मेरी कमर के दोनों तरफ़ किया और मेरा लंड अपनी बुर के छेद पर सैट कर धीरे-धीरे मेरे लंड पर बैठ गई. मेरा लंड उसकी बुर में समा गया.
अब काजल कमर हिलाकर मुझे चोद रही थी.मैं अपने दोनों हाथों से उसकी दोनों चूचियों को पकड़कर मसलते हुए चोद रहा था.
मैं उससे बोल रहा था- आह काजल और तेज चोदो मुझको … आह और चोदो.
कुछ देर तक इसी पोज़ीशन में चुदाई करने के बाद काजल मेरे ऊपर झुक गई और अपनी कमर हिलाकर चुदाई करती रही.
मैं दोनों हाथों से उसकी गांड सहलाते हुए नीचे से धक्के लगा रहा था.
तभी मेरे फोन पर मौसी का कॉल आ गया.काजल मेरे ऊपर आराम से लेट गई.
मैंने अपनी सांसें स्थिर कर ‘हैलो’ बोला.मौसी ने पूछा- क्या हो रहा है?
मैंने कहा- कुछ नहीं, मैं रूम में आकर आराम कर रहा हूँ. काजल अपनी सहेली के साथ है, हम लोग सुबह आएंगे.
मौसी बोली- ठीक है, आराम से आना.इसके बाद मौसी ने फोन कट कर प्रिया.
जब मैंने फोन रखा तो काजल बोली- मम्मी से झूठ बोल रहे थे न!मैंने उसकी गांड पर हल्की सी चपत लगाते हुए कहा- और नहीं तो क्या बोलूं? मौसी, आपकी बिटिया की चुदाई हो रही है और आपका भानजा उसे दुल्हन बनाकर चोद रहा है.
यह सुनकर काजल बोली- पागल, कुछ भी बोलते हो.मैंने कहा- मेरी जान, पागल तो तुम्हारी जवानी और तुम्हारा गदराया बदन मुझको बना रहा है.
मैंने काजल को इशारा किया.वह हल्का-सा ऊपर उठी.
मैं उसे अपनी गोद में लिए हुए ही बैठ गया.
अब काजल मेरी जांघों पर बैठी थी और मेरा लंड उसकी चूत में था.मैंने उसे अपने सीने से लगा लिया और उसके चेहरे को अपने हाथों में लेकर फिर से उसके होंठ चूसने लगा.
पोर्न सिस्टर सेक्स का मजा लेती हुई कमर हिलाकर उसी पोज़ीशन में चुदती रही.
फिर मैंने काजल को पीठ के बल लेटाकर उसके ऊपर जाकर फिर से चोदने लगा.
कुछ देर चोदने के बाद हम दोनों एक बार फिर साथ में स्खलित हो गए.उस रात मैंने काजल को तीन बार चोदा और अगले दिन सुबह उसे लेकर घर आ गया.
दोस्तो, काजल के साथ यह मेरी पहली चुदाई थी. उसके बाद तीन साल तक हमारा रिश्ता चला.हम दोनों जब भी मौका मिलता, चुदाई कर लेते थे.
फिर काजल की शादी हो गई और वह अपनी ससुराल चली गई.
आज उसकी शादी को लगभग दो साल हो गए हैं.इस बीच न उसने मुझे कभी फोन किया और न ही मैंने उससे संपर्क करने की कोशिश की.
उम्मीद है, यह पोर्न सिस्टर सेक्स कहानी आपको पसंद आई होगी.आप अपने विचार मुझे मेरे ईमेल आईडी पर अवश्य भेजेंsupport@mohakkisse.com