कोई मिल गया

शादीशुदा भाभी से दोस्ती करके होटल में चोदा

लेखक: रोहित कुमार 44 दिनांक: 13-06-2020 पठन समय: 12 मिनट

पंजाबी भाभी सेक्स कहानी लुधियाना की एक प्यासी भाभी की है. उससे मेरी दोस्ती फेसबुक पर हुई थी. उसने बताया कि उसके पति का खड़ा नहीं होता. तो हम होटल में मिले.

दोस्तो, कैसे हो … मेरा नाम रोहित है, मैं रोहतक (हरियाणा) का रहने वाला हूँ.ये सेक्स कहानी मेरे और मेरी एक शादीशुदा भाभी की है जो मेरी सैटिंग बन गई थी.

पंजाबी भाभी सेक्स कहानी में आगे बढ़ने से पहले मैं आपको अपने बारे में बता देता हूँ.मैं ये तो नहीं कहूंगा कि मैं ज्यादा हैंडसम हूँ या बॉडी बिल्डर हूँ. बस ठीक ठाक एक साधारण युवा हूँ.

मेरी उम्र 22 साल की है. मेरी हाइट 5 फुट 8 इंच का है और मेरा लंड 7 इंच का है.

मेरी एक फ्रेंड है. जो इस कहानी की नायिका है. उसके बारे में भी बता देता हूँ. वह देखने में बहुत सुंदर है.जब वो मटक मटक कर चलती है तो ये तय मानिए कि किसी की भी नीयत उस पर खराब हो सकती है.

उससे मेरी दोस्ती फेसबुक से शुरू हुई थी. वो 4 साल पहले मुझे फेसबुक पर मिली थी.वो शादीशुदा थी. तब उसकी नई नई शादी हुई थी.

उसने फेसबुक पर मुझे बताया कि मैं ऐसे ही टाइम पास करने के लिए चैट कर रही हूँ.मैंने भी उससे कुछ नहीं कहा और उससे सभ्यता से बात करता रहा.

हमारी बहुत दिनों तक नॉर्मल बात होती रही.फिर थोड़ा ट्रस्ट होने पर नम्बर भी एक्सचेंज हो गए.अब हमारी कॉल पर बात होने लगी थी.

उसने मुझे बताया कि उसका पति उसे समय नहीं दे पाता है क्योंकि वो अपने बिजनेस में ही ज्यादा व्यस्त रहता है.

मैंने उससे पूछा कि क्या वो रात में भी तुम्हें वक्त नहीं देता है.वो पहले तो जरा हिचकिचाई, मगर मेरे जोर देने पर उसने बताया कि वो रात में दारू पीकर आता है और कुछ देर मेरे जिस्म के साथ खेल कर सो जाता है.

मैंने पूछा- क्या तुम्हारा पति तुम्हारे जिस्म से ऊपर ऊपर से ही खेलता है या अन्दर बाहर भी करता है.

वो मेरे इस सवाल पर एकदम से फट पड़ी- उस भैन के लौड़े का खड़ा ही नहीं होता है, तो साला अन्दर बाहर क्या करेगा.

भाभी की इस स्वीकारोक्ति के बाद मैं समझ गया कि इसकी चूत को लंड चाहिए.

मैंने उससे कहा- क्या मैं तुम्हारी जरूरत पूरी कर सकता हूँ?वो बोली- हां मेरा मन तो है मगर तुमको इधर आना पड़ेगा.

मैंने कहा- उसकी चिंता तुम मत करो … मैंने तुम्हें अपना दोस्त माना है तो मुझे आने में कोई दिक्कत नहीं है.वो बोली- चलो मैं बताऊंगी कि कब मिलना सही रहेगा.

अब हम दोनों सेक्स पर बात करने लगे थे.वो मुझसे वीडियो कॉल पर भी बात करने लगी थी.हम दोनों एक दूसरे को नंगा दिखा कर सेक्स करने लगे थे.

वो वाकयी बहुत ही मालदार आइटम थी.मैं उसकी खूब तारीफ़ करता था तो वो खुश हो जाती थी.

वो- यार एक तुम हो जो मेरे बदन की तारीफ़ करते हो और एक मेरा पति है … जो साला मेरी तरफ देखता तक नहीं है.मैंने कहा- वो इसलिए नहीं देखता क्योंकि उसका खड़ा नहीं होता है. डार्लिंग तुमको मेरे लंड की जरूरत है और मुझे तुम्हारी इस खूबसूरत जवानी का रस पीने की दिली तमन्ना है.

वो इस बात से बड़ी खुश थी कि मैं उसके जिस्म की तारीफ़ करते नहीं थकता हूँ.

एक दिन मैंने उससे मिलने के लिए बोला.पहले तो उसने मना कर दिया.मेरे दबाव देने पर वो मिलने के लिए मान गयी.

उसका कहना था कि यार मेरी ससुराल में किसी को भनक लग गई तो मैं कहीं की नहीं रहूँगी.मैंने उसे भरोसा दिलाया- मैं तुम्हारी इज्जत पर आंच तक नहीं आने दूंगा. मैंने तुम्हें अपना दोस्त माना है तो तुम्हारी इज्जत की जिम्मेदारी मेरी है.

वो जैसे तैसे मान गई, क्योंकि उसका खुद का मन मेरे लंड से चुदाई करवाने का था.मेरे शहर से उसका शहर मेरे शहर से काफी दूर था तो मैं उससे मिलने के लिए रात 11 बजे ही ट्रेन में बैठ गया और सुबह 7 बजे में लुधियाना पहुंच गया.

मैंने उसको कॉल किया तो उसने बताया कि अभी उसका पति घर पर है, इसलिए उसे थोड़ा टाइम लगेगा. तुम मुझे पार्क के बाहर मिलना.

उसने मुझे एक पार्क की लोकेशन सेंड की और मैं वहीं पर उसका इंतजार करने लगा.

बारह बजे वो वहीं पर पहुंच गयी जिधर उसने मुझे इंतजार करने के लिए कहा था.मैं तो उसको सामने से देखते ही पागल हो गया.

सच में यार क्या गजब का माल थी वो … ओह्ह सॉरी, मैं आप लोगो को उसका नाम तो बताना भूल ही गया.

मेरी जान का नाम कोमल था. वो भी बिल्कुल नाम की तरह कोमल थी.

हम दोनों ने हाथ मिलाए और मुस्कुराती हुई आंखों से एक दूसरे को देखा, कुछ हल्की फुल्की बात हुई.

मैंने पूछा- आगे का क्या प्रोग्राम है?वो बोली- मूवी चलते हैं.

मैंने बोला- ठीक है.हमने वहीं से ऑटो ली और हॉल पर पहुंच गए.वहां मैंने जानबूझकर कॉर्नर वाली सीट ले ली.

फिर मूवी स्टार्ट हुई तो 5 मिनट बाद ही मैंने उसके कन्धे पर हाथ रख कर उसको प्रपोज किया.उसने एक्सेप्ट कर लिया.

मैं उसको किस करने लगा तो उसने इठला कर कहा- सिर्फ किस ही करोगे?

इससे मेरे अन्दर का शैतान जग चुका था. किस करते करते में उसके चुचों तक पहुंच गया.उसे भी अपने दूध मसलवाने में मज़ा आने लगा था.

मैं ऊपर से ही उसकी चूचियों को दबाए जा रहा था.वो गर्म होने लगी थी.

फिर मैंने एक हाथ से उसकी पैंट का हुक खोल दिया और अपना हाथ सीधा उसकी चूत पर ले गया.उसकी चूत पहले से गीली हो चुकी थी.

कुछ देर मैंने उसकी चुत में उंगली की तो उसकी आवाजें निकलने लगीं.मैं डर रहा था कि साला कोई दिक्कत न हो जाए.

मैंने उससे बोला- यहां सही नहीं है बाहर चलते हैं.वो मान गयी.उसका मन चुदाई का था.

उसने कहा- किधर चलोगे?मैंने कहा- होटल में चलते हैं.उसने पूछा- तुम कौन से होटल में रुके हो?

मैंने कहा- मैं अभी किसी होटल में नहीं रुका हूँ.

वो बोली- तो फिर शहर से बाहर के किसी होटल में चलना.मैंने हामी भर दी.

हम दोनों मूवी बीच में छोड़कर बाहर आ गए.

मैंने शहर से बाहर के एक होटल में एक कमरे की बात की, वो ओयो होटल था.मैंने उस होटल में एक रूम बुक किया और हम दोनों रूम में पहुंच गए.

कमरे का दरवाजा लॉक होते ही मैं उस पर टूट पड़ा और वो मुझ पर.हम दोनों 10 मिनट तक एक दूसरे को किस करते रहे.

फ़िर मैंने उसकी कुर्ती उतार दी और उसकी पैंट भी.अब वो मेरे सामने ब्रा और पैंटी में थी … क्या गजब माल लग रही थी.

मैं ब्रा के ऊपर से ही उसके एक दूध को पीने लगा.वो भी मुझे अपने मम्मे पर दबाने लगी.

फिर मैं उसकी ब्रा का हुक खोल दिया और उसके मम्मे पीने लगा.

कोमल के मम्मे चूसने में बड़ा मजा आ रहा था, उसके निप्पल काफी कड़क हो गए थे.

फिर मैंने उसकी पैंटी भी उतार दी.अब वो पूरी नंगी मेरे सामने थी.

मेरा लंड भी खड़ा था. मैंने उसे बेड पर लिटाया और उसकी चूत को चाटने लगा.उसने टांगें फैला दीं और चुत चुसाई का मजा लेने लगी.

मैं बीच बीच में उसकी चुत के दाने को दांतों से पकड़ कर हल्के से उसको काट भी देता था जिससे वो चिहुंक जाती थी.

कुछ ही देर में वो पंजाबी भाभी सेक्स के लिए गर्म हो चुकी थी.फिर हम दोनों 69 की पोजीशन में आ गए.वो मेरे लंड को लॉलीपॉप की तरह चूस रही थी.मुझे बहुत मज़ा आ रहा था.

इतने में उसकी चूत ने पानी छोड़ दिया मैं सारा पानी पी गया और उसकी चूत को चाट कर साफ कर दिया.वो मेरे लंड को चूस रही थी.मैं तो मानो जन्नत में पहुंच गया था.

फिर मैंने उसके कमर के नीचे तकिया लगा दिया और लंड को उसकी चूत की दरार पर घिसने लगा.

मैंने पहली बार लंड चुत के अन्दर डालने की कोशिश की तो मेरा लंड फिसल गया.दूसरी बार उसने खुद हाथ से पकड़ कर मेरे लंड को सैट किया.

मैंने हल्का सा धक्का मारा, तो लंड का टोपा अन्दर चला गया.उसकी हल्की सी सिसकारी निकली.

मैंने एक और झटका मारा, तो आधा लंड उसकी चूत में चला गया.

अब वह दर्द से कराहने लगी.मैंने उसके होंठों पर अपने होंठ रख दिए और किस करने लगा.जब उसका दर्द कम हुआ तो मैंने एक जोरदार झटका मार दिया.

मेरा पूरा लंड उसकी चूत में समा गया. उसकी आंखों से आंसू बहने लगे.मैं कुछ देर तक ऐसे ही रुका रहा.

जब उसका दर्द कम हुआ तो मैं उसको चोदने लगा.इसी बीच उसकी चुत ने पानी छोड़ दिया और मेरे लंड को अपने पानी में भिगो दिया.

बहुत गर्म माहौल हो गया था, पूरे कमरे में फच फच फच फच की आवाज़ आ रही थी.

मैं दस मिनट तक ऐसे ही उसकी चुत चोदता रहा और उसके मुँह से आह आह आह आह की सिसकारियां निकलती रहीं.

तभी मेरा भी निकलने वाला था तो मैंने उससे पूछा- रबड़ी कहां निकालूं?तो उसने चूत में ही पानी निकालने के लिए कहा.

अब मैंने भी कुछ जोरदार झटकों के साथ उसकी चूत में पिचकारी मार दी.उसकी चूत मेरे वीर्य से भर गयी और मैं उसके ऊपर ही लेट गया.

दस मिनट बाद वो फिर से मेरे लंड को मुँह में लेकर चूसने लगी.मेरा लंड फिर से खड़ा हो गया.

मैं बोला- अबकी बार गांड की बारी.तो वो मना करने लगी.मगर मेरे जोर देने पर वो मान गयी और मेरे सामने घोड़ी बन गयी.

मैं उसके पीछे आया और लंड का सुपारा उसकी गांड पर घिसने लगा.छेद ने जगह दी तो मैंने एक जोरदार झटका लगा दिया.

अभी आधा लंड ही अन्दर गया था, उसकीगांड फट गईऔर वो रोने लगी.

मैंने एक और झटके में पूरा लंड उसकी गांड में घुसा दिया.

वो लगातार बोल रही थी- निकालो बहुत दर्द हो रहा है.पर मैं कहां मानने वाला था. पांच मिनट तक ऐसे ही रहा.

जब उसका दर्द कम हुआ, तो मैं लंड को आगे पीछे करने लगा और अबकी बार काफी देर तक उसकी गांड मारी.मैं उसकी गांड में ही झड़ गया और उसके ऊपर निढाल होकर गिर गया.

हम दोनों को थकान महसूस हो रही थी. हम बेड पर ऐसे ही पड़े रहे.

अब काफी देर हो गई थी, मेरी ट्रेन का भी टाइम हो रहा था.

हम दोनों जल्दी से नहाए. उसने मुझे नहलाया और मैंने उसको.

फिर वो पंजाबी भाभी मुझे स्टेशन तक छोड़कर चली गयी. जाते टाइम उसने दुबारा मिलने का वादा किया.

तब से हम दोनों बहुत बार मिल चुके हैं कोई ऐसा पोज़ बाकी नहीं रहा, जिसमें हमने सेक्स न किया हो.अभी कुछ दिन पहले उसने एक बेटे को जन्म दिया है, वो मेरा ही है.

तो दोस्तो, ये थी मेरी ओर मेरी शादीशुदा भाभी की चुदाई की कहानी.आपको कैसी लगी यह पंजाबी भाभी सेक्स कहानी! मेल और कमेंट में जरूर बतानाsupport@mohakkisse.com