रियल ऑफिस गर्ल Xxx कहानी में पढ़ें कि बॉयफ्रेंड से चुदाई के बाद मेरा ब्रेकअप हो गया. मैंने जॉब कर ली. ऑफिस में एक लड़का मुझे पसंद आ गया. उसके साथ क्या हुआ?
आप सभी को मेरा प्यार भरा नमस्कार. यह मेरी द्वारा लिखी गई पहली और सच्ची सेक्स कहानी है.ये रियल ऑफिस गर्ल Xxx कहानी जिसकी है, मैं उसी के शब्दों में आपके सामने प्रस्तुत कर रहा हूँ.
यह कहानी सुनें.
हैलो, मेरा नाम शालू वर्मा है. मैं लखनऊ की रहने वाली हूँ. मेरा स्कूल टाइम में ही एक ब्वॉयफ्रेंड बन गया था.हम दोनों अपने फ्रेंड्स के साथ पार्टी करते और बहुत बार रात को एक दूसरे के घर भी रहते. मेरे माता-पिता ने मुझे कभी इन चीजों के लिए मना नहीं किया.
मेरे फ्रेंड्स ग्रुप में लड़के-लड़कियां सभी दारू पीते थे लेकिन मैंने कभी ट्राय नहीं किया था.मेरे ब्वॉयफ्रेंड के साथ मेरा शारिरिक संबंध भी हो चुका था. वह मुझसे अक्सर ही पैसे की मांग करता रहता तो मैं उसे दे भी देती थी.
एक बार पैसों को लेकर हमारा बहुत झगड़ा हुआ और हमारा ब्रेकअप हो गया.
कुछ समय बाद मैं एक मल्टीनेशनल कंपनी में जॉब के लिए दिल्ली आ गयी.वहीं मुझे एक लड़का भा गया. उसका नाम रोहित था. हम दोनों में बहुत अच्छी दोस्ती हो गयी.
रोहित मुझे एक दिन एक बार में ले गया और उधर उसने अपने लिए व्हिस्की मंगाई.मैं तो पीती नहीं थी, फिर भी उसके कहने पर मैंने बियर पी ली.
रोहित ने चार पैग पी लिए थे और उसे नशा हो गया था.वो बहुत भावुक हो गया और नशे में उसने मुझे बताया कि जिस लड़की से उसका रिलेशनशिप था, उसके मां-बाप ने उसकी शादी कहीं और कर दी थी.
मैंने रोहित को सांत्वना दी और उसके साथ ऐसे व्यवहार किया, जिससे उसे मुझमें अपनी प्रेमिका दिखाई देने लगी.मुझे भी रोहित पसंद था.
उस दिन के बाद से हम दोनों और भी खुल कर बात करने लगे.उसे मैंने बता प्रिया था कि मेरा ब्वॉयफ्रेंड भी था, उससे मेरा झगड़ा हो गया था, जिस वजह से मेरा उससे ब्रेकअप हो गया था.
उसने मुझसे पूछा- क्या तुमने अपने ब्वॉयफ्रेंड के साथ सेक्स किया था?मैंने उसे बताया कि हां किया है, लेकिन वो बस मुझे भोगना चाहता था. उसे मुझसे मुहब्बत थी ही नहीं. वो आकर सीधे मेरी सलवार खोल कर लग जाता था. मुझे उसके साथ सेक्स करने में कभी भी मज़ा नहीं आया.
उसने भी बताया कि मैंने भी अपनी गर्लफ्रेंड के साथ तीन बार सेक्स किया था, लेकिन फिर हम दोनों ने और सेक्स न करने के लिए तय कर लिया था. मैंने अपनी गर्ल फ्रेंड के कहने पर कि शादी के बाद ही अच्छे से सेक्स करेंगे, ये फैसला कर लिया था.
अब मेरे और रोहित के बीच जब ये सब बातें हुईं तो रोहित और मैं एक दूसरे से मुहब्बत करने लगे क्योंकि हम दोनों ही चोट खाए हुए थे.
हमारे बीच प्रेम की बातें होने लगी थीं मगर अब तक हम दोनों ने एक दूसरे के साथ शारीरिक सम्बन्ध नहीं बनाए थे; हालांकि मैं उससे चुदने के लिए मन बना चुकी थी.
एक दिन हम दोनों को कंपनी के काम से दो दिन के लिए हैदराबाद जाना पड़ा.रोहित ने हम दोनों के लिए एक ही रूम बुक कर प्रिया, मुझे कोई आपत्ति नहीं थी.
दिन में सारा काम निपटा कर हम घूमने निकले.
वापस आते समय रोहित ने एक बोतल वोडका और सोडा की कुछ बोतलें ले लीं.उसने कहा- आज तुम बियर नहीं वोडका ही पी लेना.
मैंने कुछ नहीं कहा, बस उसकी बात से राजी हो गई.
हम दोनों होटल के अपने कमरे में आए और चिली चिकन आर्डर कर प्रिया.
आने के बाद मैं शॉवर लेने चली गई. मैंने नहा कर एक बेबीडॉल पहन ली थी और ये पारदर्शी नाइटी थी.
रोहित ने मुझे देखा और वो मेरी खूबसूरत जवानी की तारीफ़ करने लगा.मैंने उसे थैंक्स कहा और बोली- अब तुम नहा आओ, फिर ड्रिंक एन्जॉय करते हैं.
अब रोहित भी नहा लिया और वो सिर्फ एक बॉक्सर पहन कर बाहर आ गया.उसकी चौड़ी छाती देख कर मेरे दिल में हेनू हेनू होने लगा और चुत में चींटियां रेंगने लगी.
हम दोनों ने वोडका पीना शुरू कर दी.पीते पीते हमें 10 बज गए. चूंकि खाना हमने पहले ही आर्डर कर प्रिया था.जब तक खाना नहीं आ गया, हम दोनों पीते रहे.
तीन पैग पीने के बाद मुझे नशा होने लगा और मैं थोड़ा भावुक होने लगी.
उसने मेरे पहले ब्वॉयफ्रेंड के साथ बिताए पल की चर्चा छेड़ दी.मैंने भी उसे अपने ब्वॉयफ्रेंड के बारे में सब बताना शुरू किया और रोने भी लगी.
उसने मेरी बांह सहलाते हुए कहा- शालू, पिछली बातें सब भूल जाओ और आगे की लाइफ एन्जॉय करो.इतना कह कर उसने मुझे गले से लगा लिया और मुझे किस करने लगा.मैंने भी उसका साथ देना शुरू कर प्रिया.
उसने मुझसे और पीने को कहा लेकिन तीन पैग के बाद तो मुझसे खड़ा भी नहीं रहा जा रहा था.मैंने उसे मना किया तो वह मान गया.
अब मैं बिस्तर पर लेट चुकी थी और मुझे अलग सा ही अहसास हो रहा था.
उसने मेरे साथ लेट कर मुझे अपनी बांहों में भर लिया और धीरे धीरे मेरी बेबी डॉल उतारने लगा.मुझे अच्छा भी लग रहा था तो मैंने उसे इजाजत दे दी.
अब उसने मुझे अपनी तरफ घुमा कर मेरे होंठों को चूसना शुरू कर प्रिया.
मुझे पहले पहल तो उसके होंठों का स्वाद कुछ अजीब सा लगा मगर एक गर्म मर्द के होंठों से जब मेरे होंठों को चूसा गया, तो मुझे बहुत ही आनन्द आने लगा.मैं भी उसे पागलों की तरह चूमने लगी.
उसने मेरी ब्रा भी निकाल दी और मेरे स्तनों को चूसने लगा.मुझे बहुत ही अच्छा लग रहा था. मैंने दोनों हाथों से उसके सिर को पकड़ लिया और मादक सिसकारियां भरने लगी.
फिर वो नीचे की तरफ बढ़ा और मेरी नाभि में अपनी जीभ घुमा कर चाटने लगा.इससे मैं पागल होने लगी.
अब वो मेरी नाभि के छेद में अपनी जीभ की नोक से मुझे गर्म करने लगा था.मैंने भी अपनी कमर उठा कर उससे अपनी नाभि को चूसने दे दी.
नीचे मैं एक पैंटी में थी, जो मेरी चूत के रस से भीग चुकी थी.उसने मेरी पैंटी भी उतार दी और अपने होंठों को जैसे ही मेरी चूत पर रखा, मेरी आह निकल गयी.वो लपालप मेरी चूत चाट रहा था और मेरा हाल बुरा होता जा रहा था.
थोड़ी देर बाद मैंने उसे रोका और लेटने को बोला.
वो लेट गया तो मैंने एक ही बार में उसके बॉक्सर को उतार प्रिया.
उसे बिल्कुल नंगा करके मैं उसके निप्पलों को चूसने लगी.
मैं धीरे धीरे नीचे की ओर बढ़ी. फिर मैं बेड से नीचे उतर आई और घुटनों के बल बैठकर उसके लंड को हाथ में ले लिया.
वो कातिल आँखें
उसका लंड बहुत कड़क हो गया था. कुछ देर बाद मैं रोहित के लंड को मुँह से चूसने लगी. मैं उसके आंडों को भी चाटने लगी.वो भी मादक सिसकारियां भरने लगा.
फिर मैंने उसकी गांड के छेद में उंगली की और उसी के साथ आंड चाटने लगी.मैं रोहित का पूरा लंड हलक तक लेने लगी थी.
उसके जिस्म की अकड़न बता रही थी कि उसे लंड चुसवाने में बेहद मजा आ रहा था.
वो मेरे सर पर हाथ रख कर कह रहा था- आह आह शालू … यू आर अमेजिंग डार्लिंग … आह सक माय टूल!
मैंने हाथ में उसका लंड पकड़ा और उसे ऊपर करके उसकी गांड के छेद को चाटने लगी.
फिर उसने मुझे खींचा और अपने ऊपर लिटा लिया.कुछ ही पलों में हम दोनों 69 की अवस्था में आ गए. वो मेरी चूत चाट रहा था और मैं उसका लंड चूस रही थी.
उसने मेरी गांड के छेद पर अपनी जीभ रखी, तो मेरे रोंगटे खड़े हो गए.
यूं ही दस मिनट तक हमने एक दूसरे के लंड चुत को चूस चाट कर बेहद गर्म कर प्रिया था.
मैंने उससे कहा- अब तुम मुझे चोद दो रोहित मुझसे रहा नहीं जाता.
ये सुनकर उसने मुझे अपने नीचे लिटाया और लंड पर कंडोम चढ़ाकर धीरे धीरे मेरी चूत में लंड डालने लगा.मेरी चूत तो इतनी गीली हो चुकी थी कि लंड अपने आप ही फिसल कर अन्दर जा रहा था.
मैंने काफी दिनों से लंड नहीं लिया था, तो मुझे अपनी चुत में हल्की हल्की जलन हो रही थी.
लेकिन कुछ ही देर में उसका लंड मुझे मजा देने लगा.
अब उसने धीरे धीरे अपनी स्पीड बढ़ा दी और मेरी चुत चुदाई के साथ मेरे स्तनों को चूसने लगा.
कभी रोहित मेरे होंठों को चूसता, तो कभी मेरे स्तनों को चूसता. मुझे आज तक इतना मजा कभी नहीं आया था.
मैं आह आह करती रही.मेरी कामुक आवाजों से वो उत्साहित होकर मेरी चूत फाड़ता रहा.
थोड़ी देर बाद उसने मुझे घोड़ी बनने को कहा.मैं झट से चौपाया बन गई और अपनी गांड हिलाने लगी.
रोहित पीछे से मेरी चूत और गांड को चाटने लगा.उसके बाद लंड को चूत पर सैट करके रोहित ने एक जोरदार झटका दे मारा और एक बार में ही अपना पूरा लंड चुत के अन्दर ठांस प्रिया.मेरी तो चीख ही निकल गयी.
फिर तो रोहित के हर एक झटके पर मेरी चीख और आह निकलती रही और वो बेदर्दी से मुझे चोदता रहा.
इतनी देर में मैं दो बार झड़ चुकी थी.
करीब आधे घण्टे बाद उसने एक जोर की आह भरी और मेरी चुत में ही झड़ गया. उसके वीर्य से कंडोम भर गया था.
फिर रोहित ने कंडोम निकाल कर डस्टबिन में फेंक प्रिया और हम दोनों नंगे ही लिपट कर लेट गए.
करीब बीस मिनट बाद उसने मुझसे कहा- शालू, एक बार और मजा दोगी?मैंने कहा- मुझे खुद भी इच्छा हो रही है.
अब वो उठ कर बैठ गया और उसने एक पैग बना लिया, तो मैंने कहा- मेरे लिए भी बना दो.वो बोला- एक में ही हम दोनों मजा लेंगे.
मैंने मुस्कुरा कर हां कर दी.
उसने घूंट भरा और मेरे होंठों को अपने होंठों से लगा लिया.
मैंने भी उसकी चाह समझ ली और अपने मुँह में उसके मुँह में भरा घूंट पी लिया.फिर उसने मुझे इशारा किया तो मैंने घूंट भर कर उसी तरह से रोहित को अपने मुँह से शराब पिला दी.
इस तरह से हम दोनों को ही मजा आने लगा था.एक पैग के बाद दूसरा पैग भी इसी तरह से चला और अब उसने बोतल उठाई और मेरे मम्मों पर वोडका गिरा कर पीना शुरू कर प्रिया.
मैंने उसके हाथ से बोतल ले ली और उसे अपने दूध पर वोडका टपकाते हुए पिलाना शुरू कर दी.
फिर ऐसा ही उसने मेरी चुत के साथ किया.मैं अपनी चुत पर वोडका टपकाती गई और वो मेरी चुत को चूसता गया.
अब मेरी बारी आ गई थी.
उसने मुझे घुटनों के बल बैठने के लिए कहा और अपने खड़े लौड़े पर वोडका टपकाई और मैंने रोहित का नशीला लंड चूस कर वोडका का मजा लिया.
कुछ देर बाद मैंने रोहित को धक्का देकर बिस्तर पर गिरा प्रिया और उसके ऊपर से चढ़ गई.उसने मेरी कमर पकड़ ली और मैं रोहित के लंड को पकड़ कर अपनी चुत में सैट करने लगी.
कुछ ही पलों बाद रोहित का पूरा लंड मेरी चुत में घुस गया था. उसने मेरी चूचियां पकड़ लीं और नीचे से गांड उठा कर मुझे चोदना शुरू कर प्रिया.
मैं दस मिनट तक लौड़े की सवारी करती रही … फिर मैं झड़ गई, तो उसने मुझे अपने नीचे ले लिया और मेरी चुत को चोदते हुए आह आह की आवाजें निकालने लगा.
कुछ ही क्षण बाद उसके लंड का लावा मेरी चुत में निकल गया.
जब हम दोनों की सांसें थमी, तो मुझे होश आया कि दारू के नशे में रोहित ने बिना कंडोम लगाए ही मुझे चोद प्रिया था.
रोहित को भी अपनी गलती का अहसास हुआ.
मगर मैंने उसे अपनी बांहों में भर लिया और उससे दवा लेने की कह कर, उसके साथ ही गहरी नींद में सो गई.
दूसरे दिन से हम दोनों ने अपने इस टूर को हर दिन बिना कंडोम के चुदाई करके सेलिब्रेट किया.