कोई मिल गया

बिजनेस के बहाने चुदाई का मजा- 4

लेखक: सनी वर्मा दिनांक: 26-09-2023 पठन समय: 14 मिनट

रिच लेडी सेक्स कहानी विवाहेत्तर संबंधों की है. जब गैर मर्द से सेक्स का मजा लेने की सोच ली तो पत्नी ने सोचा कि चूत मरवानी ही है तो इसका फ़ायदा क्यों ना उठाया जाए. उसने एक दूसरे मर्द पर भी डोरे डालने शुरू किये.

कहानी के तीसरे भागशादी के बाद गैर मर्द का आकर्षणमें आपने पढ़ा कि सेक्स में रोमाँच भरने के लिए अपनी बीवी के मन में गैर मर्द से सेक्स का विचार उसके ही पति ने भर प्रिया. पत्नी इसे अनुचित मानती थी पर वह भी वासना की धारा में बहने लगी थी.

अब आगे रिच लेडी सेक्स कहानी:

चिंकी ने अमन को बिठाते हुए कहा, “मैं एक मिनट में चेंज करके आई!”

चिंकी जींस उतारकर एक स्कर्ट डालकर आई।

उसकी गोरी टाँगें अमन के दिल को छलनी करने के लिए काफी थीं।कॉफी बनाते समय भी अमन चिंकी के आसपास ही मंडराता रहा।

पहला मौका था जब वो और चिंकी अकेले साथ-साथ थे।

कॉफी पीते समय भी अमन की निगाहें बार-बार चिंकी की चिकनी टाँगों पर से फिसल रही थीं।

चिंकी ने उससे कह प्रिया कि संजय को उससे कुछ फाइनेंशियल सपोर्ट चाहिए।अमन मुस्कुराते हुए बोला, “तुम्हारे लिए हर सपोर्ट दे दूँगा उसे, पर मुझे तुमसे दोस्ती चाहिए!”

चिंकी ने मुस्कुराते हुए कहा, “हम अच्छे दोस्त बन सकते हैं, बस इससे ज़्यादा और कुछ नहीं! वो तो बिल्कुल नहीं जो मिताषा ने मुझसे कहा था!”

अमन जोर से हँसा, बोला, “मिताषा इस अ बिच! उसे हर समय बस वही सब कुछ सूझता है! तुम मुझे बहुत पसंद हो। मुझे मालूम है तुम वैसी नहीं हो। अगर होतीं, तो मैं तुम्हारे पीछे नहीं, तुम मेरे पीछे घूमतीं! मेरा वादा है, हम दोनों अच्छे दोस्त बनेंगे! पर हाँ, मिताषा को इससे दूर ही रखना और मिताषा से संजय को बचाकर रखना!”

दोनों मुस्कुरा दिए।चिंकी ने अपना हाथ आगे किया.तो अमन ने गर्मजोशी से उससे हाथ मिला।

दोनों एक साथ बोले, “फ्रेंड्स!”

अमन चलने को खड़ा हुआ।

वो फ्लैट के डोर तक पहुँचा और चिंकी से बोला, “तुम नीचे मत आओ, यहीं रुको, मैं निकलता हूँ! और हाँ, हमारी दोस्ती हमारे तक ही सीमित रहे, तो अच्छा है। कोई ज़रूरत नहीं है मिताषा और संजय को कुछ ज़्यादा कहने की। तुम्हें जो कुछ मिताषा ने कहा, वो सिर्फ उसकी फंतासी है। हम किसी से स्वैपिंग नहीं करते। हाँ, मैं तुमसे नज़दीकी चाहता था, पर इसका मतलब केवल सेक्स नहीं था। मिताषा तो खाली है, हर समय पोर्न देख-देखकर उसके दिमाग में सिर्फ सेक्स भरा है। उसकी बातों में मत आया करो। मैं संजय की मदद करूँगा, पर सिर्फ इसलिए कि अब तुम मेरी अच्छी दोस्त हो। संजय को फोन कर दो कि वो मुझसे ऑफिस में मिल ले!”

चिंकी मुस्कुराई और दोनों हाथ फैला दिए और बोली, “दोस्ती में हग तो बनता है!”अमन मुस्कुराया और बाहें फैला दीं।चिंकी उसके आगोश में समा गई।

चिंकी के मम्मों का दबाव अमन ने अच्छे से महसूस किया।अमन ने चिंकी के माथे को चूमा और चला गया।

चिंकी बहुत खुश थी।उसने संजय को फोन किया और उससे कहा कि वो अमन से मिल ले और अमन उसकी जो भी मदद करता है, उस पैसे पर ब्याज ज़रूर दे।

अब चिंकी थक गई थी, तो कपड़े उतारकर बिना कपड़ों के ही सो गई।उसे बिना कपड़ों के नींद बहुत अच्छी आती थी।

शाम को संजय के फोन से उसकी आँख खुली।संजय गेट पर था।

चिंकी ने एक हल्की-सी फ्रॉक डाली।

संजय ने अंदर आते ही उसे गोद में उठा लिया और ताबड़तोड़ चूमा, बोला, “तुमने तो कमाल कर प्रिया! अमन ने रमन को फोन करके कह प्रिया कि मैं संजय का साइलेंट पार्टनर हूँ। इसे हर संभव मदद करो! अमन ने अपने खाते से पाँच लाख रुपये तुम्हारे खाते में ट्रांसफर कर दिए और कह प्रिया कि आगे जब भी चाहिए हों, बता दूँ! अब उम्मीद है कि बैंक से लिमिट भी बन जाएगी!”

असल में संजय ने जो नई फर्म बनाई थी इस टेंडर के काम के लिए, उसकी प्रोप्राइटर चिंकी थी।

चिंकी मुस्कुराती हुई बोली, “क्यों न हम अमन को इस काम में अपना पार्टनर बना लें?”संजय बोला, “कोई बुराई नहीं है। इससे अमन का एहसान भी नहीं होगा और उसके जुड़ने से हमें पैसे की दिक्कत भी नहीं होगी!”

आज रात को संजय बहुत खुश था।उसने चिंकी को डिनर नहीं बनाने प्रिया।

वो और चिंकी बाइक पर लॉन्ग ड्राइव पर गए।बाइक पर चिंकी जितना चूमाचाटी कर सकती थी संजय से, उसने की।

एक जगह सुनसान-सी थी, वहाँ चिंकी बाइक पर आगे उलटी होकर बैठ गई और संजय से चिपट गई।संजय हल्के-हल्के बाइक चलाता रहा।दोनों के होठ मिले थे।

रात को बेड पर आज संजय ने चिंकी की घमासान चुदाई की।चुदाई करते समय उसने चिंकी से कह ही प्रिया कि अमन ने उसकी मदद सिर्फ चिंकी की वजह से की है।

संजय ने मिताषा की बात चिंकी को याद दिला दी, “अगर कभी इस एहसान के बदले मिताषा ने स्वैपिंग की बात की, तो?”

चिंकी ने उसके ऊपर चढ़कर उसकी घुड़सवारी करते हुए कहा, “अमन बहुत अच्छा आदमी है, वो ऐसा कभी नहीं सोचेगा! पर हाँ, अगर उन दोनों ने कहा और तुम्हें एतराज़ नहीं हुआ, तो कर लेंगे, क्या बुराई है! तुम भी मज़े लेना, मैं भी मज़े लूँगी!”

संजय के लंड पर और तनाव आ गया।उसने चिंकी को नीचे पलटा और चुदाई की स्पीड बढ़ाते हुए कहा, “अगर चिंकी को कोई ऐतराज़ नहीं, तो उसे भी नहीं है!”

अगली सुबह चिंकी ने संजय से राजेश और उसकी बीवी को रात को डिनर पर बुलाने को कहा।

संजय ने तभी राजेश महेश्वरी को फोन किया और एक नामी होटल में डिनर के लिए इनवाइट किया।

उसने राजेश को इशारा दे प्रिया कि वो बिजनेस में उसके साथ जुड़ना चाहता है।

दिन में चिंकी ब्यूटी पार्लर गई और फेशियल के साथ अपने बाल सेट करवाकर लाई।

आज चिंकी का दूसरा निशाना राजेश था।

रात को होटल मेरीडियन में चिंकी और संजय, राजेश महेश्वरी और उसकी बीवी सुलोचना का इंतज़ार कर रहे थे।

चिंकी ने झिलमिलाती काले रंग की मिडी पहनी थी।काले शूज़ और गहरे लाल रंग की लिपस्टिक और नेल पेंट में वो कोई मॉडल ही लग रही थी।

राजेश और सुलोचना आ गए।राजेश ज़रा दब्बू किस्म का व्यक्ति था और सुलोचना पढ़ी-लिखी, तेज़-तर्रार, साँवली पर सुंदर, ठेठ मारवाड़ी महिला थी।हाँ, उसने सोने के भारी जेवर ज़रूर पहने थे।

चिंकी ने सुलोचना को एक गिफ्ट हैम्पर प्रिया।वो उसके लिए एक महँगा परफ्यूम लाई थी।

राजेश बार-बार उसे ही घूर रहा था।चिंकी ने भी डिनर में राजेश को अपनी अदाओं से खूब लुभाया।

सुलोचना भी बहुत बोलती थी और राजेश उससे दबता था।सुलोचना की अदाओं में सेक्सी रुझान था।

चलते समय संजय ने राजेश से हाथ मिलाते हुए कहा कि वो उसके ऑफर के लिए तैयार है. कल ऑफिस में बैठकर बाक़ी बात कर लेंगे.राजेश का चेहरा खिल उठा. दोनों ने हाथ मिलाये.सुलोचना ने भी मुस्कुराते हुए संजय को कान्ग्रेचुलेशंस कहा और हाथ मिलाया.चिंकी ने भी सुलोचना को गले लगाया और फिर मिलने की बात कही.

राजेश मुस्कुराते हुए बोला- हमें गले क्यों नहीं लगाया?सब हंस पड़े.

राजेश ने बताया कि उनकी कम्पनी के इस ऑफिस की सुलोचना सीईओ हैं. कम्पनी में सुलोचना के पिता की बड़ी हिस्सेदारी है.अब चिंकी और संजय समझे की राजेश क्यों सुलोचना से दब रहा है.

खैर चिंकी ने राजेश से मुस्कुराते हुए हाथ मिलाया.

सुलोचना गाडी में बैठ गयी.वो संजय से बहुत हंस कर बात कर रही थी.

चिंकी ने सुलोचना से उसका नम्बर ले लिया.

राजेश ने साफ़ बता प्रिया कि यहाँ के सारे निर्णय सुलोचना ही फाइनल करती हैं.

चिंकी के फोन में अमन की कई मिस्स्ड काल थीं.चिंकी ने उसे फोन कर ही लिया.

अमन ने बताया कि अचानक मिताषा की मम्मी की तबियत खराब हो गयी थी तो मिताषा एक हफ्ते के लिए शाम की फ्लाइट से दिल्ली चली गयी है.चिंकी ने उससे धीरे से कहा- सुबह बात करती हूँ.

रात को बेड पर संजय बहुत खुश था और उसने खुशी चिंकी की चूत का भोसड़ा बना कर पूरी की.आज तो उसने चिंकी के मम्मे मसल मसल कर उसे परेशान कर प्रिया.

सुबह अमन से पैसे लेकर संजय ने राजेश को फोन किया कि उसे डील क्लिक होने के कुछ सेक्युरिटी मनी देनी है, कहाँ दूं.राजेश बोला- मैं तो अभी की फ्लाइट से हेड ऑफिस जा रहा हूँ, कल आ जाऊंगा. तुम रूपये घर पर सुलोचना को दे दो.

राजेश ने हँसते हुए कहा- इस तरह के पेमेंट सुलोचना ही डील करती है.

संजय ने कल सुलोचना की निगाहों में मस्ती के डोरे देखे थे तो वो जाने से बचना चाह रहा था.उसने सोचा कि चिंकी को साथ लेकर जाता हूँ.

पर चिंकी ने जाने से मना कर प्रिया.रात को संजय ने उसे थका प्रिया था तो वो सोना चाहती थी.

खैर संजय एक बुके लेकर राजेश के घर पहुंचा.

राजेश ने सुलोचना को पहले ही बता प्रिया था.

घर पर सुलोचना ने ही गेट खोला.टाइट लोअर और टॉप में उसने खिलखिलाते हुए संजय का स्वागत किया.

कल और आज के पहनावे में जमीन आसमान का फर्क था.

संजय ने उसे बुके और पैकेट देकर वापिस जाना चाहा.पर सुलोचना ने जबरदस्ती उसे रोक लिया- मैंने कॉफ़ी बना रखी है, पीकर जाना.

कॉफ़ी पीते पीते सुलोचना संजय से काफी खुल गयी.उसने संजय को बेबाकी से कह प्रिया कि वो तो यहाँ बोर हो जाती है क्योंकि राजेश तो हमेशा काम में बिजी रहता है.

सुलोचना ने बेबाकी से संजय से पूछ लिया कि क्या वो उसे कभी कभी मार्किट जाने के लिए कंपनी दे सकता है.संजय ने हिचकते हुए हाँ तो कह दी.

सुलोचना ने उसके नजदीक सरकते हुए उससे धीरे से कहा कि उसका काम वो ही देखेगी और राजेश से करवा देगी, बस संजय को उसका ख्याल रखना होगा.

संजय नहीं समझ पाया कि वो उससे क्या चाहती है.राजेश जाने को खडा हुआ तो सुलोचना ने उसका हाथ अपने हाथ में लेते हुए कहा- अब कब मिलेंगे?संजय हिचकिचाते हुए बोला- जब आप कहें.

सुलोचना बोली- तुम्हारा वर्क आर्डर ये समझ लो मैं ही साईन करुँगी.संजय मुस्कुरा प्रिया.

सुलोचना बोली- मुझे अलग से पार्टी चाहिएगी. और तुम राजेश को पैसे देने की चिंता मत करना, वो सारे पैसे मेरे ऊपर खर्च करना.संजय हंस कर बोला- आप जब चाहें तब पार्टी ले लें.

सुलोचना बोली- तो फिर अभी कर लें पार्टी.संजय बोला- मैं समझा नहीं?

सुलोचना उससे लिपट गयी और बोली- यार तुम बहुत भोले हो. कल से लाइन मार रही हूँ और तुम समझ ही नहीं रहे.संजय अजीब पशोपश में आ गया.

सुलोचना ने उसे होठों पर चूमते हुए कहा- ज्यादा सोचते नहीं. मुझे प्यार करो. राजेश किसी काम का नहीं.

सुलोचना संजय को बेड रूम में ले गयी.

रिच लेडी सेक्स में एक भूखी बिल्ली की तरह बिहेव कर रही थी.निश्चित रूप से उसका जिस्म और अदाएं सेक्सी थीं.

संजय अभी अपने को नहीं रोक पाया.अब दोनों बेड पर थे.कपड़े तो कब के उतर चुके थे.

सुलोचना संजय के जिस्म को चूम चाट कर मानो खा ही जाना चाहती थी.

कुल मिलाकर सुलोचना का जिस्म एक धधकती आग का गोला था.उसके भरे हुए मम्मे और चिकनी काया उसे ब्लैक ब्यूटी का खिताब दे रही थीं.

सुलोचना ने संजय का लंड पकड़ कर मुख में ले लिया था.

वो ऐसे चूस रही थी कि संजय को लगा कि वो उसके मुंह में ही छूट जाएगा.उसने दम लगा कर अपने को छुड़ाया और सुलोचना से फुसफुसाते हुए कहा- आपने तो मुझे पागल बना प्रिया है.

ये सुनकर सुलोचना उसके ऊपर चढ़ गयी और अपने हाथ से उसका लंड अपनी चूत में कर लिया और लगी उछलने!

संजय को लगा कि अब इस भूखी बिल्ली को काबू करना ही होगा.उसने उसे कस के पकड़ा और नीचे पलट प्रिया और उसकी टांगें ऊपर करके चौड़ायीं और पूरे दम से अपना मूसल पेल प्रिया उसकी चूत में!

सुलोचना की चीख निकल गयी.वो बोली- फाड़ दोगे तुम तो मेरी चूत को!

संजय ने उसकी एक न सुनी और पेलमपेल शुरू कर दी.

सुलोचना अब उसका पूरा साथ दे रही थी.वो उसे उकसा रही थी और जोर से चुदाई करने को!

संजय ने भी पूरा दम लगा प्रिया.वो हैरान था सुलोचना की कामाग्नि से … पता नहीं कबसे भूखी थी वो!

खुद सुलोचना हांफते हुए कह रही थी कि शादी के बाद पहली बार कोई मर्द मिला है चोदने को.

संजय का होने को था.

उसने सुलोचना से कहा- मेरा होने को है, कहाँ निकलूं?सुलोचना ने उसे कस के पकड़ते हुए कहा- अंदर ही निकलना. मैं गोली ले लूंगी. उस चूतिये राजेश का तो ढंग से अंदर भी नहीं जाता.

अब संजय को सारी कहानी समझ में आई.

सुलोचना से विदा लेकर संजय सीधा घर आया.

रिच लेडी सेक्स कहानी के हर भाग पर अपनी राय कमेंट्स और मेल में बताते रहें.धन्यवादsupport@mohakkisse.com

रिच लेडी सेक्स कहानी का अगला भाग:बिजनेस के बहाने चुदाई का मजा- 5